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Arun Jaitley passes away : देश के कई सबसे बड़े और चर्चित केसों के वकील रहे अरुण जेटली

Arun Jaitley passes away : देश के कई सबसे बड़े और चर्चित केसों के वकील रहे अरुण जेटली

नई दिल्ली: देश पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली का आज 66 साल की उम्र में निधन हो गया है. अरुण जेटली की हालत काफी लंबे समय से नाजुक बनी हुई थी और आज दोपहर करीब 12:07 बजे दिल्ली के एम्स में अंतिम सांस ली. उन्हें 9 अगस्त को एम्स में भर्ती कराया गया और वरिष्ठ डॉक्टर उनका इलाज कर रहे थे. वहीं उनके करियर की बात करें तो अरुण जेटली की गिनती देश के बेहतरीन वकीलों के तौर पर होती है. 

लड़े कई महत्वपूर्ण केस:
दरअसल 80 के दशक में ही जेटली ने सुप्रीम कोर्ट और देश के कई हाई कोर्ट में महत्वपूर्ण केस लड़े. 1990 में उन्हें दिल्ली हाई कोर्ट ने सीनियर वकील का दर्जा दिया. वी.पी. सिंह की सरकार में उन्हें अडिशनल सलिसिटर जनरल का पद मिला. पेप्सीको बनाम कोका कोला केस में जेटली ने पेप्सी की तरफ से केस लड़ा था. बोफोर्स घोटाला जिसमें पूर्व पीएम राजीव गांधी का भी नाम था उन्होंने 1989 में उस केस से संबंधित पेपरवर्क किया था. 

सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस में किया वकीलों का मार्गदर्शन:
इसके अलावा बीजेपी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि अरुण जेटली ने ही सोहराबुद्दीन एनकाउंटर में अमित शाह के केस और 2002 गुजरात दंगों में नरेंद्र मोदी की तरफ से केस लड़ रहे वकीलों का मार्गदर्शन किया था. हालांकि 2009 में उन्होंने वकालत का पेशा छोड़ दिया.  

RIP Arun Jaitley : एक विजेता योद्धा की तरह रहा पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली का जीवन
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हाथरस(यूपी): उत्तर प्रदेश के हाथरस में सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता की मौत के बाद उसका जबरन अंतिम संस्कार करने पर राजनीतिक दलों ने यूपी सरकार को निशाने पर लिया है. इस घमासान के बीच आज पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी आज हाथरस जाएंगी. यहां दोनों नेता पीड़ित परिवार से मुलाकात करेंगे.

प्रियंका ने यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ का इस्तीफा मांगा:
इससे पहले जब पीड़िता की मौत हुई थी, तो प्रियंका ने पीड़िता के परिवार से फोन पर बात की थी. इस मामले के सामने आने के बाद प्रियंका ने यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ का इस्तीफा मांगा है. हाथरस जाने से पहले कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने योगी सरकार पर जमकर हमला बोला है. 

यूपी में फैले जंगलराज की हद नहीं:
उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि हाथरस जैसी वीभत्स घटना बलरामपुर में घटी, लड़की का बलात्कार कर पैर और कमर तोड़ दी गई. आजमगढ़, बागपत, बुलंदशहर में बच्चियों से दरिंदगी हुई. यूपी में फैले जंगलराज की हद नहीं. मार्केटिंग, भाषणों से कानून व्यवस्था नहीं चलती, ये मुख्यमंत्री की जवाबदेही का वक्त है जनता को जवाब चाहिए.

जिले में धारा 144 लागू:
हाथरस बॉर्डर को सील कर दिया गया है. जिले में धारा 144 लागू कर दी गई है. पांच लोगों के जुटने पर पाबंदी लगाई गई है. राहुल गांधी और प्रियंका गांधी आज पीड़ित परिवार से मुलाकात करेंगे.

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मीडिया को गांव में जाने की इजाजत नहीं:
मीडिया को गांव में जाने की इजाजत नहीं है. उत्तर प्रदेश पुलिस ने कोरोना का हवाला देते हुए यह फैसला किया है. पुलिस ने कहा कि मीडिया एसआईटी जांच में बाधा डाल रही है.

हाथरस मामले में SIT ने जांच शुरू: 
बता दें कि हाथरस मामले में SIT ने जांच शुरू कर दी है. एसआईटी ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की है. इस मामले में एसाआईटी को 7 दिन में जांच रिपोर्ट में सौंपनी है. 

हाथरस के बाद अब यूपी के बलरामपुर में छात्रा से गैंगरेप, आरोपियों ने कमर और पैर तोड़े, पीड़िता की मौत

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बलरामपुर: उत्तर प्रदेश में हाथरस के बाद अब बलरामपुर जिले में एक 22 साल की छात्रा के साथ गैंगरेप का मामला सामने आया है. 2 आरोपियों ने छात्रा को किडनैप कर इंजेक्शन लगाकर बेहोश कर दिया और फिर दुष्कर्म किया. इस दौरान लड़की हालत इतनी बिगड़ गई कि उसकी मौत हो गई. उसके बाद बलरामपुर गैंगरेप पीड़िता का भी देर रात भारी सुरक्षाबलों की तैनाती के बीच अंतिम संस्कार कर दिया गया.  पुलिस ने साहिल और साजिद नाम के आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. मामला गैंसड़ी इलाके का है. 

पीड़िता कॉलेज में एडमिशन फीस जमा करने के बाद घर लौट रही थी: 
मिली जानकारी के अनुसार पीड़िता कॉलेज में एडमिशन फीस जमा करने के बाद घर लौट रही थी. इसी दौरान उसका किडनैप कर गैंगरेप की घटना हुई. पीड़िता की मां के मुताबिक, दरिदों ने उनकी बेटी की कमर और पैर तोड़ दिए थे और वह खड़ी नहीं हो पा रही थी.

बेहोशी की हालत में रिक्शे पर घर पहुंची:
पीड़िता की मां के अनुसार उनकी बेटी मंगलवार को कॉलेज में एडमिशन के लिए गई थी. तभी कुछ लड़कों ने उसका अपहरण कर उसके साथ गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया. जब वह देर शाम तक घर नहीं आई तो उसके पास फोन करना शुरू किया तो उसका फोन बंद आ रहा था. लड़की को एक रिक्शा वाला एक नाबालिग बच्चे के साथ बेहोशी की हालत में तकरीबन 7:00 बजे लेकर आता है. लड़की की हालत बेहद खराब थी और वो कुछ भी नहीं बोल पा रही थी. 

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हॉस्पिटल पहुंचने से पहले रास्ते में उसकी मौत हो गयी:
उसके हाथ पर ग्लूकोज चढ़ाने वालार ड्रिप लगा हुआ था. परिजन उसे लेकर स्थानीय डॉक्टर के पास ले गए लेकिन गम्भीर हालात देखते हुए उसने लखनऊ ले जाने को कहा. परिजनों के मुताबिक जिले के तुलसीपुर हॉस्पिटल पहुंचने से पहले रास्ते में उसकी मौत हो गयी.

पेट में बहुत तेज जलन हो रही है:
लड़की की मां का कहना है कि आरोपियों ने बेटी की कमर और पैर भी तोड़ दिए, इसलिए न तो वह खड़ी हो पा रही थी और न ही बोल पा रही थी. बस इतना ही कह पाई कि पेट में बहुत तेज जलन हो रही है, हम मर जाएंगे. 

अखिलेश यादव बोले- भाजपा सरकार अब लीपापोती न करे:
यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा है कि हाथरस के बाद अब बलरामपुर में भी एक बेटी के साथ सामूहिक बलात्कार और उत्पीड़न का घृणित अपराध हुआ है. भाजपा सरकार बलरामपुर में हाथरस जैसी लापरवाही और लीपापोती न करे, बल्कि अपराधियों पर तुरंत कार्रवाई करें. 

यूपी पुलिस निशाने पर:
बता दें कि हाथरस गैंगरेप पीड़िता की मौत के बाद जबरन उसका अंतिम संस्कार किए जाने के बाद यूपी पुलिस सवालों के घेरे में है. इस बीच एक एक बार फिर बलरामपुर में गैंगेरप की ऐसी ही एक घटना सामने आने से पुलिस निशाने पर आ गई है. 

बाबरी विध्वंस पर फैसले का शिवसेना ने किया स्वागत, कांग्रेस ने बताया संविधान की परिपाटी से परे

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नई दिल्ली: बाबरी विध्वंस मामले में लखनऊ स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने आज फैसला सुनाते हुए सभी 32 आरोपियों को बरी कर दिया. जज एसके यादव ने कहा है कि विवादित ढांचा गिराने की घटना पूर्व नियोजित नहीं थी और ये घटना अचानक हुई थी. 

अदालत का निर्णय सुप्रीम कोर्ट के निर्णय व संविधान की परिपाटी से परे: 
अब इस फैसले पर एक बाद एक प्रतिक्रिया सामने आ रही है. इसी के चलते कांग्रेस पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में सभी दोषियों को बरी करने का विशेष अदालत का निर्णय सुप्रीम कोर्ट के निर्णय व संविधान की परिपाटी से परे हैं. उच्चतम न्यायालय की पांच न्यायाधीशों की खंडपीठ के 9 नवंबर, 2019 के निर्णय के मुताबिक बाबरी मस्जिद को गिराया जाना एक गैरकानूनी अपराध था. पर विशेष अदालत ने सभी दोषियों को बरी कर दिया. विशेष अदालत का निर्णय साफ तौर से उच्चतम न्यायालय के निर्णय के भी प्रतिकूल है.

#BabriMasjidDemolitionCase मामले में सभी दोषियों को बरी करने का विशेष अदालत का निर्णय सुप्रीम कोर्ट के निर्णय व संविधान की परिपाटी से परे है।

सुप्रीम कोर्ट की 5 न्यायाधीशों की खंडपीठ के 9 नवंबर 2019 के निर्णय के मुताबिक बाबरी मस्जिद को गिराया जाना एक गैरकानूनी अपराध था।

बयान-: pic.twitter.com/pHDP0BEkdt

— Randeep Singh Surjewala (@rssurjewala) September 30, 2020

शिवसेना ने किया फैसले का स्वागत:
वहीं दूसरी ओर शिवसेना नेता और राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि फैसले में कहा गया कि विध्वंस एक साजिश और परिस्थितियों का परिणाम नहीं था, यह अपेक्षित निर्णय था. हमें उस एपिसोड को भूलना चाहिए. अगर बाबरी मस्जिद को ध्वस्त नहीं किया गया होता तो हमने राम मंदिर के लिए कोई भूमि पूजन नहीं देखा होता. राउत ने कहा, 'मैं और मेरी पार्टी शिवसेना, फैसले का स्वागत करते हैं और आडवाणी जी, मुरली मनोहर जी, उमा भारती जी और मामले में बरी हुए अन्य लोगों को बधाई देते हैं. 

I and my party Shiv Sena, welcome the judgment and congratulate Advani ji, Murli Manohar ji, Uma Bharti ji & the people who have been acquitted in the case: Sanjay Raut, Shiv Sena, on the #BabriMasjidDemolitionVerdict https://t.co/WOQAtoYkXQ

— ANI (@ANI) September 30, 2020

ओवैसी ने एक दुखद दिन बताया:
उधर असदुद्दीन ओवैसी ने, 'आज का दिन भारतीय न्यायपालिका के इतिहास में एक दुखद दिन बताया है. अब, अदालत का कहना है कि कोई साजिश नहीं थी. कृपया मुझे बताएं, किसी कार्रवाई को सहज होने के लिए कितने दिनों और महीनों की तैयारी की आवश्यकता होती है?' उन्होंने कहा कि सीबीआई अदालत द्वारा निर्णय भारतीय न्यायपालिका के लिए एक काला दिन है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही इस विवाद को लेकर कहा था कि ये विवाद 'कानून का अहंकारी उल्लंघन' और 'पूजा के सार्वजनिक स्थान को नष्ट करने करने का मामला' है. 

वही क़ातिल वही मुंसिफ़ अदालत उस की वो शाहिद
बहुत से फ़ैसलों में अब तरफ़-दारी भी होती है

— Asaduddin Owaisi (@asadowaisi) September 30, 2020


 

अमिताभ बच्चन ने 77 साल की उम्र में की एक नेक काम की पहल, तारीफ करते नहीं थक रहे फैन्स

अमिताभ बच्चन ने 77 साल की उम्र में की एक नेक काम की पहल, तारीफ करते नहीं थक रहे फैन्स

नई दिल्ली: बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने 77 साल की उम्र में एक नेक पहल करते हुए अंगदान करने की घोषणा की है. इसकी जानकारी उन्होंने मंगलवार देर रात अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट करके दी. 

उन्होंने अपनी एक तस्वीर पोस्ट की:  
उन्होंने अपनी एक तस्वीर पोस्ट की है जिसमें उनके कोट पर एक छोटा सा ग्रीन कलर का रिबन भी है. इसके कैप्शन में उन्होंने लिखा, 'मैं अंगदान करने का संकल्प ले चुका हूं. मैंने इसकी पवित्रता के लिए हरे रंग का ये रिबन पहना है.'

इस ट्वीट पर फैन्स उनकी तारीफ करते थक नहीं रहे: 
बिग बी के इस ट्वीट पर फैन्स उनकी तारीफ करते थक नहीं रहे हैं. वे कमेंट करते हुए कह रहे हैं हमें आप पर गर्व है. आपने अंगदान करने का कदम उठाकर बहुत नेक काम किया है. इसके साथ ही ढेरों लोगों ने डोनेशन के बाद मिले अपने खुद के सर्टिफिकेट शेयर किए हैं और बताया है कि किस तरह वे भी अपने ऑर्गन्स डोनेट कर चुके हैं. वहीं कुछ ऐसे हैं जिन्होंने अमिताभ से प्रभावित होकर अपने ऑर्गन्स डोनेट करने की बात कही है. 

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अमिताभ ने हाल ही में छोटे पर्दे पर एक बार फिर से वापसी की:
बता दें कि अमिताभ ने हाल ही में छोटे पर्दे पर एक बार फिर से वापसी की है. इन दिनों बच्चन पॉप्युलर शो कौन बनेगा करोड़पति के 12वें सीजन को होस्ट कर रहे हैं.  इस शो को हमेशा की तरह बहुत पसंद किया जा रहा है. 


 

बाबरी विध्वंस: जज एसके यादव ने कहा- पूर्व नियोजित नहीं थी विवादित ढांचा गिराने की घटना, आरोपी तो भीड़ को रोक रहे थे

बाबरी विध्वंस: जज एसके यादव ने कहा- पूर्व नियोजित नहीं थी विवादित ढांचा गिराने की घटना, आरोपी तो भीड़ को रोक रहे थे

लखनऊ: बाबरी विध्वंस केस में सीबीआई कोर्ट ने सभी 32 आरोपियों को 28 साल बाद बरी करार दिया है. जज एसके यादव ने कहा है कि विवादित ढांचा गिराने की घटना पूर्व नियोजित नहीं थी. ये घटना अचानक हुई थी. इसके साथ ही कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि सिर्फ तस्वीरों से कुछ साबित नहीं होता है. इस मामले में सबूतों के साथ छेड़छाड़ की गई, फोटो, वीडियो, फोटोकॉपी को जिस तरह से साबित किया गया वह साक्ष्य में ग्राह्य नहीं है.

कोर्ट ने कहा कि घटना पूर्व नियोजित नहीं थी:
कोर्ट ने कहा कि घटना पूर्व नियोजित नहीं थी, संगठन के द्वारा कई बार रोकने का प्रयास किया गया. ये घटना अचानक ही हुई थी, भीड़ ने ढांचे को गिरा दिया. कोर्ट ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद के प्रमुख रहे अशोक सिंघल के खिलाफ भी कोई सबूत नहीं हैं.

सिर्फ तस्वीरों के आधार पर ही किसी को दोषी नहीं बना सकते:
अदालत ने कहा कि भीड़ वहां पर अचानक से आई और भीड़ ने ही ढांचे को गिरा दिया. जिन 32 लोगों का नाम शामिल किया गया, उन्होंने भीड़ को काबू करने की कोशिश की. सिर्फ तस्वीरों के आधार पर ही किसी को दोषी नहीं बना सकते हैं. ये घटना अचानक ही हुई थी, भीड़ ने ढांचे को गिरा दिया. 

2 सितंबर से फैसला लिखने का काम शुरू हो गया था:
6 दिसंबर 1992 के बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले पर आज कोर्ट का फैसला आया है.  मामले में लाल कृष्ण आडवाणी , मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, नृत्य गोपाल दास, कल्याण सिंह समेत 49 आरोपी बनाए गए थे, जिसमें 17 लोगों की मौत हो चुकी है. सीबीआई की अदालत ने 1 सितंबर तक मामले की सुनवाई पूरी कर ली थी और 2 सितंबर से फैसला लिखने का काम शुरू हो गया था. देश की सियासत में बेहद अहम रहे इस मामले पर 28 सालों बाद फैसला सुनाया. 


 

हाथरस मामला: परिजनों के विरोध के बाद भी आधी रात में हुआ पीड़िता का अंतिम संस्कार, प्रियंका और मायावती ने साधा निशाना

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हाथरस(यूपी): हैवानियत की शिकार हाथरस की दलित बिटिया का शव भारी सुरक्षा के बीच रात करीब पौने एक बजे गांव लाया गया. प्रशासनिक अधिकारियों की मंशा थी कि सुबह होने से पहले शव का अंतिम संस्कार करा दिया जाए, जबकि परिवार वालों का कहना था कि वह सुबह होने पर अंतिम संस्कार करेंगे. लेकिन पहले से ही आरोपों में घिरी पुलिस को ये कतई मंजूर नहीं हुआ.

पुलिस ने अंतिम संस्कार घरवालों की मर्जी के बगैर खुद ही कर दिया: 
यूपी की हाथरस पुलिस पर आरोप लगा है कि उसने गैंगरेप पीड़ित लड़की का अंतिम संस्कार घरवालों की मर्जी के बगैर खुद ही कर दिया. अब उसका सबूत भी सामने आया है, लड़की की चिता सजाते और चिता को आग लगाते पुलिसवाले कैमरे में कैद हुए हैं. ऐसे में यूपी पुलिस ने ऐसा बर्ताव कर दिया जो अपार पीड़ा झेल रहे घरवालों के जख्मों पर नमक लगा गया. 

पुलिस प्रशासन ने बलपूर्वक एंबुलेंस के सामने लेटी महिलाओं को हटाया:
महिलाएं एंबुलेंस के सामने लेट गईं. रात करीब सवा दो बजे तक मान-मनौव्वल का दौर चलता रहा. बाद में पुलिस प्रशासन ने बलपूर्वक एंबुलेंस के सामने लेटी महिलाओं को हटाया. इस दौरान धक्कामुक्की और खींचतान भी हुई. वहां पर चीख-पुकार मचने लगी. इसके बाद शव को श्मशान ले जाया गया और करीब ढाई बजे बिटिया के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया.

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प्रियंका गांधी ने योगी आदित्यनाथ से इस्तीफे की मांग की: 
वहीं अब इस पूरे मामले पर सियासी बयानबाजी का दौर भी तेज हो गया है. हाथरस गैंगरेप मामले को लेकर प्रियंका गांधी ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस्तीफे की मांग की है. उन्होंने कहा है कि योगी शासन में जनता को न्याय नहीं मिल रहा है. 

बसपा सुप्रीमो मायावती ने कड़ी निंदा की: 
हाथरस गैंगरेप पीड़िता का पुलिस द्वारा आनन-फानन में अंतिम संस्कार करने पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने कड़ी निंदा की है. उन्होंने कहा है कि पीड़िता का रात को अंतिम संस्कार कर देना लोगों में काफी संदेह व आक्रोश पैदा करता है.

घटना पर जांच हेतु तीन सदस्यीय SIT गठित:
दूसरी ओर सीएम योगी द्वारा हाथरस की घटना पर जांच हेतु तीन सदस्यीय SIT गठित की गई है जिसमें अध्यक्ष सचिव गृह भगवान स्वरूप एवं चंद्रप्रकाश, पुलिस उपमहानिरीक्षक व श्रीमती पूनम, सेनानायक पीएसी आगरा सदस्य होंगे. SIT अपनी रिपोर्ट 7 दिन में प्रस्तुत करेगी. इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने हाथरस की घटना के लिए दोषी व्यक्तियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाने और प्रभावी पैरवी करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं.
 

हाथरस गैंगरेप पर राहुल गांधी ने कहा - UP के ‘वर्ग-विशेष’ जंगलराज ने एक और युवती को मार डाला

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नई दिल्ली: 15 दिन तक जिंदगी की जंग लड़ने के बाद उत्तर प्रदेश के हाथरस की रेप पीड़िता ने दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया. योगी सरकार ने पीड़िता के परिजनों के लिए 10 लाख रुपये के मुआवजे का ऐलान कर दिया. 

कांग्रेस पूरे घटनाक्रम को लेकर काफी आक्रामक: 
वहीं कांग्रेस इस पूरे घटनाक्रम को लेकर काफी आक्रामक है. महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में प्रदर्शन किया तो वहीं यूपी की प्रभारी महासचिव प्रियंका गांधी ने पीड़िता के परिजनों से बात की. अब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी ट्वीट करके योगी सरकार पर जमकर हमला बोला है. 

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UP के ‘वर्ग-विशेष’ जंगलराज ने एक और युवती को मार डाला: 
राहुल गांधी ने ट्वीट करते हुए कहा कि UP के ‘वर्ग-विशेष’ जंगलराज ने एक और युवती को मार डाला. उन्होंने अपने ट्वीट में आगे कहा कि सरकार ने कहा कि ये फ़ेक न्यूज़ है और पीड़िता को मरने के लिए छोड़ दिया. उन्होंने यूपी सरकार की आलोचना करते हुए लिखा कि ना तो ये दुर्भाग्यपूर्ण घटना फ़ेक थी, ना ही पीड़िता की मौत और ना ही सरकार की बेरहमी. 

हाथरस पुलिस ने किया खबर का खंडन:  
कतिपय सोशल मीडिया के माध्यम से यह असत्य खबर सार्वजनिक रुप से फैलायी जा रही है कि “थाना चन्दपा क्षेत्रान्तर्गत दुर्भाग्यपूर्ण घटित घटना में मृतिका की जीभ काटी गयी, आँख फोडी गयी तथा रीढ की हड्डी तोड दी गयी थी. हाथरस पुलिस इस असत्य एवं भ्रामक खबर का खंडन करती है. 

12 राज्यों की 57 सीटों पर उपचुनाव का ऐलान, केरल और बंगाल की 7 सीटों पर नहीं होगा मतदान

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नई दिल्ली: भारत निर्वाचन आयोग ने आज देश के कई प्रदेशों की 56 विधानसभा सीटों और 1 लोकसभा सीट पर उपचुनाव की तारीख का ऐलान कर दिया है. इन सीटों पर 3 नवंबर को वोट डाले जाएंगे और 10 नवंबर को गिनती की जाएगी. हालांकि, चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल और केरल के सीटों पर होने वाले उपचुनाव की तारीख का ऐलान नहीं किया है. इसके अलावा उत्तर प्रदेश की स्वार सीट पर भी उपचुनाव को लेकर फिलहाल कोई घोषणा नहीं की गई.

मतगणना बिहार चुनाव के साथ 10 नवंबर को हो होगी:
आयोग के अनुसार बिहार के 1 संसदीय क्षेत्र और मणिपुर की 2 विधानसभा सीटों पर उप-चुनाव 7 नवंबर को होंगे, जबकि छत्तीसगढ़, गुजरात, झारखंड, कर्नाटक, एमपी, नागालैंड, ओडिशा, तेलंगाना, यूपी के 53 विधानसभा क्षेत्रों के उप-चुनाव 3 नवंबर को होंगे. इन सभी सीटों पर होने वाले मतदान की मतगणना बिहार चुनाव के साथ 10 नवंबर को हो होगी.

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इन सीटों पर नहीं होंगे उपचुनाव:
जिन सीटों पर चुनाव नहीं होंगे उनमें असम की रंगपारा, सिबसागर, केरल की कुट्टनाद और चवारा, तमिलनाडु की तिरुवोटियूर, गुडियाट्टम (एससी) और बंगाल की फलकट (एससी) सीटें हैं. आयोग ने कहा है कि इन राज्यों से ऐसे इनपुट मिले थे जिसमें चुनाव कराए जाने में मुश्किलों का सामना किए जाने की बात कही गई. असम, केरल, तमिलनाडु और बंगाल में विधानसभा का कार्यकाल क्रमश: 31.05.2021, 24.05.2021 और 30.05.2021 तक है. 

इन सीटों पर होंगे उपचुनाव:
बता दें कि छत्तीसगढ़ की एक, हरियाणा की एक, झारखंड की दो, कर्नाटक की दो, मणिपुर की दो, नागालैंड की दो, ओडिशा की दो, तेलंगाना की एक, गुजरात की आठ, मध्य प्रदेश की 28 और उत्तर प्रदेश की सात विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना है.

नामांकन भरने करने की आखिरी तारीख 16 अक्टूबर:
बता दें कि  उपचुनाव के लिए नामांकन भरने करने की आखिरी तारीख 16 अक्टूबर है. वहीं, 19 अक्टूबर तक नामांकन वापस लिए जा सकते हैं.