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अरुण जेटली का हाल जानने एम्स पहुंचे वेंकैया नायडू, गहन चिकित्सा इकाई में इलाज जारी 

अरुण जेटली का हाल जानने एम्स पहुंचे वेंकैया नायडू, गहन चिकित्सा इकाई में इलाज जारी 

नई दिल्ली: नरेंद्र मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में वित्त मंत्री रहे अरुण जेटली की पिछले काफी समय से तबीयत नासाज चल रही है. उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही है, जिसके चलते कल सुबह उन्हें दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया. वहीं एम्स में कल देर रात तक पीएम मोदी समेत कई नेता उनसे मिलने पहुंचे. वहीं आज सुबह उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू जेटली का हाल जानने के लिए एम्स पहुंचे.

देर रात कई दिग्गज पहुंचे एम्स:
दरअसल एम्स द्वारा देर रात जारी हेल्थ बुलेटिन में बताया गया कि उनकी हालत स्थिर बनी हुई है और उनका अभी गहन चिकित्सा इकाई में इलाज चल रहा है. देर रात जेटली का हाल जानने के लिए गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी एम्स पहुंचे. इसके बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद, राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद के अलावा राज्यवर्धन सिंह राठौर और जेपी नड्डा भी एम्स पहुंचे. अरुण जेटली का ट्रीटमेंट एम्स के एंडोक्रिनोलोजिस्ट नेफ्रोलॉजिस्ट और कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टरों की देखरेख में चल रहा है. 

सॉफ्ट टिशू कैंसर से पीड़ित:
गौरतलब है कि अरुण जेटली ने तबियत की वजह से दूसरी मोदी सरकार की कैबिनेट में शामिल होने से इनकार कर दिया था. पिछले साल मई में अरुण जेटली का किडनी प्रत्यारोपण हुआ था. इसके बाद जेटली के बायें पैर में सॉफ्ट टिशू कैंसर हो गया है, जिसकी सर्जरी के लिए वह इसी साल जनवरी में अमेरिका भी गए थे. फिलहाल वह कीमो के दौर से बाहर आने की कोशिश कर रहे हैं. इसके कारण जेटली बेहद कमजोर हो गए हैं. 

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नई दिल्ली: दुनियाभर के साथ देश में भी कोरोना वायरस के मामलों में जबरदस्त उछाल आया है. केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में 9,304 नए मामले सामने आए हैं और 260 लोगों की मौत हुई है. वहीं, पिछले 24 घंटे में 3 हजार 804 लोग ठीक हुए हैं.

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देशभर में कोरोना पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 2,16,919: 
इसके बाद देशभर में कोरोना पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 2,16,919 हो गई है, जिनमें से 1,06,737 सक्रिय मामले हैं, राहत की बात है कि करीब 50 फीसदी यानी 1 लाख 4 हजार 107 मरीज कोरोना से जंग जीत चुके हैं और अब तक 6,075 लोगों की मौत हो चुकी है. पिछले कुछ दिनों में मरीजों के ठीक होने का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है.

कोरोना से सबसे अधिक महाराष्ट्र प्रभावित: 
कोरोना से सबसे अधिक महाराष्ट्र प्रभावित है. यहां कुल मरीजों का आंकड़ा करीब 75 हजार है. अब तक 2 हजार 587 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि 32 हजार से अधिक लोग ठीक हो चुके हैं. अभी करीब 40 हजार एक्टिव केस हैं. दूसरे नंबर पर तमिलनाडु है, यहां अब तक करीब 26 हजार केस सामने आए हैं, जिसमें 208 लोगों की मौत हो चुकी है.

राजस्थान में कुल मरीजों की संख्या 9652: 
वहीं, राजस्थान में कुल मरीजों की संख्या 9652 है, जिसमें 209 लोगों की मौत हो चुकी है. मध्य प्रदेश में कुल मरीजों की संख्या 8588 है, जिसमें 371 की मौत हो चुकी है.

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अब तक कुल 42,42,718 नमूनों का परीक्षण:
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने बताया कि अब तक कुल 42,42,718 नमूनों का परीक्षण किया गया है, जिनमें से पिछले 24 घंटे में 1,39,485 नमूनों का परीक्षण किया गया है. 


 

दाल आयातकों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, देश के विभिन्न हाईकोर्ट में दर्ज याचिकाओं की सुनवाई पर लगायी रोक

दाल आयातकों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, देश के विभिन्न हाईकोर्ट में दर्ज याचिकाओं की सुनवाई पर लगायी रोक

जयपुर: देश के अलग अलग बंदरगाहों पर रखी करीब ढाई लाख मीट्रिक टन दालों को देश में वितरण की अनुमति देने से जुड़ी राजस्थान हाईकोर्ट में दर्ज 81 याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई पर रोक लगा दी है. दालों को रिलीज करने को लेकर दायर इन याचिकाओं पर बुधवार को सुबह 11 बजे राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई होनी थी लेकिन मुख्य न्यायाधीश इन्द्रजीत महांति की खण्डपीठ के नॉन सिटिंग के चलते इन सभी याचिकाओं पर सुनवाई टल गयी थी. इन याचिकाओं पर हाईकोर्ट में गुरूवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाना था. इसी बीच केन्द्र सरकार और डीजीएफटी द्वारा दायर 106 ट्रांसफर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई हुई. जस्टिस ए एम खानविलकर, जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और जस्टिस संजीव खन्ना की बैंच ने सुप्रीम कोट में ट्रांसफर पीटीशन में 6 मार्च 2020 को नोटिस जारी होने के बाद भी 15 मई को आदेश जारी होने पर आश्चर्य जताया. 

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देशभर के विभिन्न हाईकोर्ट में दर्ज है 106 याचिकाए:
सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट के साथ ही देश के अलग अलग हाईकोर्ट में दर्ज कुल 106 याचिकाओं पर अग्रिम कार्यवाही या यो कहे तो सुनवाई पर रोक लगायी है. केन्द्र सरकार ने इन सभी अलग अलग याचिकाओं के खिलाफ मार्च के प्रथम सप्ताह में सुप्रीम कोर्ट में 106 ट्रांसफर पीटीशन दायर कि थी. जिस पर 6 मार्च को सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सभी याचिकाओं में नोटिस जारी किये थे. आज एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट ने 6 मार्च को जारी किये नोटिस को दुबारा सभी 106 याचिकाओं के पक्षकारों को जारी किये है. सुप्रीम कोर्ट ने रजिस्ट्री को निर्देश दिये है कि वो टांसफर पीटीशन में अप्रार्थी पक्षकारों केा जारी किये जाने वाले प्रस्तावित नोटिस का प्रारूप याचिकाकर्ता केन्द्र सरकार केा मेल करे. जिसे केन्द्र सरकार एक सप्ताह के अंदर स्थानीय दो समाचार पत्रों में प्रकाशित करेगी. तीन सदस्य बैंच ने मामले की अगली सुनवाई 17 जून केा तय की है. 

15 मई के आदेश से केन्द्र सरकार हुई सतर्क:
देश के 5 हाईकोर्ट में दाल आयातकों द्वारा दायर कि गयी याचिकाओं के खिलाफ केन्द्र सरकार ने डीजीएफटी के जरिए ट्रांफसर पीटीशन दायर की. मार्च के प्रथम सप्ताह में दायर कि गयी इन ट्रांसफर पीटीशन पर सुप्रीम कोर्ट में 6 मार्च को सुनवाई करते हुए सभी तीन दर्जन आयातकों को नोटिस जारी किये गये. नोटिस जारी होने से पूर्व ही एएसजी आर डी रस्तोगी द्वारा ट्रांसफर पीटीशन पेश किये जाने की सूचना के आधार पर जस्थान हाईकोर्ट में दर्ज याचिकाओं पर सुनवाई 11 मई तक टाल दी गयी. इस आदेश को निखिल पल्सेज ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौति दे दी. 11 मई को राजस्थान हाईकोर्ट ने एक बार फिर सुनवाई को 2 सप्ताह के लिए टाल दिया. इसी बीच निखिल पल्सेज की ओर से सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर कर फाइनल सुनवाई के लिए गुहार लगायी गयी. 15 मई को सुप्रीम कोर्ट की दूसरी बैंच ने एसएलपी को खारिज करते हुए राजस्थान हाईकोर्ट को कहा कि वो एक माह में इस मामले अंतिम रूप से तय करे. लेकिन उस सुनवाई के दौरान कोर्ट को नही बताया गया कि ट्रांसफर पीटीशन दायर कि जा चुकी है. निखिल पल्सेज ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को राजस्थान हाईकोर्ट में पेश कर तुरंत सुनवाई की मांग की. जिस पर हाईकोर्ट में 26 मई को केस सूचीबद्ध किया गया. एएसजी आर डी रस्तोगी ने हाईकोर्ट को सुप्रीम कोर्ट में 15 मई के आदेश के खिलाफ रिकॉल पीटीशन की सूचना दी. लेकिन कोर्ट ने फाइनल सुनवाई के लिए 3 जून की तारीख तय कर दी. 

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जब सॉलिस्टर जनरल तुषार मेहता ने संभाला मोर्चा:
सुप्रीम कोर्ट की दूसरी बैंच के 15 मई के आदेश के बाद केन्द्र सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुरे मामले केा सॉलिस्टर जनरल तुषार मेहता को सौंप दिया. तुषार मेहता ने राजस्थान के एएजसी आर डी रस्तोगी सहित केस से जुड़े अन्य अधिवक्ताओं से तथ्य जुटाकर सुप्रीम कोर्ट के ओदश के खिलाफ रिकॉल के लिए पीटीशन दायर की. 3 जून को राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई से एक दिन पूर्व ही सॉलिस्टर जनरल ने सुप्रीम कोर्ट मे अर्जेंट मेंशनिंग कर मामले की सुनवाई की गुहार लगायी. केन्द्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में मामले की शीघ्र सुनवाई के लिए अर्जेंट मेंशनिंग की. राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई के लिए बुधवार को सभी 81 याचिकाए सुचीबद्ध थी लेकिन मुख्य न्यायाधीश की खण्डपीठ की नॉन सिटिंग के चलते मामले की सुनवाई टल गयी. वहीं दूसरी तरफ सॉलिस्टर जनरल द्वारा किये गसये मेंशनिग पर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई हुई. जस्टिस खानविलकर की तीन सदस्य बैंच ने अर्जेंट सुनवाई करते हुए इन सभी याचिकाओं में हाईकोर्ट द्वारार अग्रिम सुनवाई पर रोक लगा दी गयी. जिसके बाद गुरूवार को इन याचिकाओं पर राजस्थान हाईकोर्ट में अब सुनवाई नहीं हो सकती. सुप्रीम कोर्ट में अब तक इस मामले में केन्द्र सरकार की ओर से पेश होने वाले एएसजी अमन लेखी को केस से अलग कर दिया गया है. केन्द्र सरकार की ओर से दायर की गयी रिकॉल पीटीशन पर अब सुप्रीम कोर्ट 5 जून को सुनवाई करेगी. 

Cyclone Nisarga: कमजोर पड़ा तूफान निसर्ग, बड़ा खतरा टला

Cyclone Nisarga: कमजोर पड़ा तूफान निसर्ग, बड़ा खतरा टला

मुंबई: चक्रवाती तूफान 'निसर्ग' महाराष्ट्र के तटीय इलाकों से गुजरने के बाद कमजोर पड़ गया है. तूफान अब उत्तर महाराष्ट्र तथा गुजरात की ओर बढ़ गया है. मौसम विभाग के अनुसार इस समय तूफान की तीव्रता भी कुछ कम हुई है. ऐसे में तूफान का मुंबई के लिए खतरा लगभग खत्म हो चुका है. वहीं मुंबई के ज्यादातर इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश जारी रहेगी. इस दौरान निसर्ग के चलते मुंबई, रत्नागिरी, रायगड, नवी मुंबई में जमकर तेज हवाएं चलीं और जोरदार बारिश हुई. सड़कों पर जगह-जगह पेड़ों के गिरने के दृश्य नजर आ रहे हैं. 

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मुंबई में जनजीवन अस्तव्यस्त: 
तूफान निसर्ग की वजह से मुंबई में जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है. तूफान का सबसे ज्यादा असर रायगड में देखा जा रहा है और यहां भारी तबाही हुई है. बारिश के साथ तूफानी हवाओं ने पूरे शहर में जगह-जगह पेड़ों को गिरा दिया. वहीं रत्नागिरी में तूफानी हवाओं की चपेट में आकर एक छोटा जहाज रास्ता भटक गया, हालांकि बाद में इसे रेस्क्यू कर लिया गया.

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एनडीआरएफ की 20 टीमें तैनात की गईं:
चक्रवात से निपटने के लिए एनडीआरएफ की 20 टीमें तैनात की गईं. इसमें मुंबई में 8 टीमें, रायगढ़ में 5 टीमें, पालघर में 2 टीमें, थाने में 2 टीमें, रत्नागिरी में 2 टीमें और सिंधूदुर्ग में 1 टीम की तैनाती है. वहीं, कुछ टीमों को स्टैंडबाई पर रखा गया था. बता दें कि दो हफ्ते में देश को दूसरे समुद्री तूफान का सामना करना पड़ रहा है. पहले अम्फान ने पश्चिम बंगाल और ओडिशा में तबाही मचाई थी.

चीन में हड़कंप मचाने वाले Remove China Apps और Mitron app को गूगल प्‍लेस्‍टोर ने हटाया

चीन में हड़कंप मचाने वाले Remove China Apps और Mitron app को गूगल प्‍लेस्‍टोर ने हटाया

नई दिल्ली: पिछले कुछ दिनों से काफी पॉप्युलर हो रहे Remove China Apps और Mitron app को गूगल प्ले स्टोर ने हटा दिया है. चीनी एप को हटाने के लिए विकसित किए गए 'रिमूव चाइना एप' को व्‍यापक समर्थन मिला और रिकॉर्ड 50 लाख से ज्यादा लोगों ने डाउनलोड किया. इस ऐप के जरिए आप अपने स्मार्टफोन में मौजूद सभी चीनी ऐप्स को डिलीट कर पाते थे. 

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यह एक दिन में दूसरा पॉप्युलर ऐप: 
जिन यूजर्स के फोन में यह ऐप पहले से डाउनलोडेड है, उनके फोन में यह काम करता रहेगा. यह एक दिन में दूसरा पॉप्युलर ऐप है जिसे गूगल ने रिमूव किया. इससे पहले मंगलवार को ही प्ले स्टोर से टिकटॉक की तरह ही काम करने वाले Mitron ऐप को भी हटाया गया है. मिट्रोन ऐप चीनी ऐप टिक टोके का विकल्प था. दोनों ऐप भारत में हाल ही में बहुत लोकप्रिय हो रहे थे.

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जयपुर की कंपनी OneTouchAppLabs ने डिवेलप किया:
रिमूव चाइना ऐप को जयपुर की कंपनी OneTouchAppLabs ने डिवेलप किया था. गूगल के रिमूव करने पर कंपनी 'वन टच एपलैब' ने ट्वीट कर कहा है कि एप को प्‍लेस्‍टोर से हटा दिया गया है. हालांकि ऐसा क्‍यों किया गया है कंपनी ने भी कुछ नहीं बताया है. हालांकि गूगल प्‍ले स्‍टोर की ओर से अभी इस बात की पुष्टि नहीं की गई है कि इस एप को क्‍यों हटाया गया है या यह भविष्‍य में गूगल प्‍ले स्‍टोर पर उपलब्‍ध होगा या नहीं. 


 

Cyclone Nisarga: महाराष्ट्र से टकराया चक्रवाती तूफान निसर्ग, 129 साल बाद इतना भयानक तूफान

Cyclone Nisarga: महाराष्ट्र से टकराया चक्रवाती तूफान निसर्ग, 129 साल बाद इतना भयानक तूफान

मुंबई: चक्रवाती तूफान ‘निसर्ग’ महाराष्ट्र से टकरा गया है. लैंडफाल की प्रक्रिया शुरू हो गई है जो अगले तीन घंटे तक चलेगी.  मुंबई के ब्राद्रा-वर्ली सी लिंक वाले इलाके में भारी बारिश शुरू हो गई है. इसी के चलते सी लिंक पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है. कई जगह पेड़ गिरने के साथ मकानों की खतें उड़ गई हैं. 100 से 110 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के चलते परेशानी बढ़ना शुरू हो गई है. मौसम विभाग की माने तो ये तूफान करीब 3 घंटे महाराष्ट्र में रहेगा. 

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महाराष्ट्र में 129 साल बाद इतना भयानक तूफान आया: 
मौसम विभाग के अनुसार महाराष्ट्र में 129 साल बाद इतना भयानक तूफान आया है. मुंबई के नवी मुंबई इलाके में तेज हवाओं ने काफी नुकसान पहुंचाया है. निसर्ग का सबसे ज्यादा असर रत्नागिरी और अलीबाग में देखने को मिल रहा है. हवाओं के चलते ऐसे लग रहा है कि जैसे पेड़ उखड़ कर उड़ जाएंगे. सुरक्षा एजेंसिया अलर्ट मोड पर हैं. 

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लोगों के लिए 35 स्कूलों में रहने की व्यवस्था: 
भयानक तूफान के चलते महाराष्ट्र सरकार ने तटीय इलाकों के रहने वाले लोगों के लिए 35 स्कूलों में रहने की व्यवस्था की है. एनडीआरएफ समेत तमाम सुरक्षा एजंसियां अलर्ट मोड पर हैं. एनडीआरएफ समेत तमाम सुरक्षा एजंसियां एलक्ट मोड पर हैं. हेलीकॉप्टर सर्विस को भी तैयार रहने के लिए बोला गया है.
 

Cyclone Nisarga: तेजी से विकराल रूप ले रहा चक्रवात निसर्ग, राजस्थान में भी 3 दिन भारी बारिश की चेतावनी

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नई दिल्ली: चक्रवाती तूफान निसर्ग के चलते महाराष्ट्र के लिए आज का दिन बेहद भारी है. मौसम विभाग के मुताबिक निसर्ग चक्रवाती तूफान अभी मुंबई से करीब 150 किलोमीटर दूर है. आज यह महाराष्ट्र और दक्षिण गुजरात के तट को पार कर जाएगा. लेकिन इस तूफान के आने से पहले लगातार बारिश हो रही है. समंदर में तूफान के समय 6 फीट ऊंची लहरें उठ सकती हैं. 

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हवा की गति 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी: 
चक्रवाती तूफान उत्तरी महाराष्ट्र और हरिहरेश्वर और दमन के बीच अलीबाग के पास दक्षिण गुजरात के तट को आज दोपहर बाद पार करेगा और हवा की गति 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी. हालांकि मुंबई निसर्ग की मुसीबत से निपटने के लिए तैयार है. 80 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.

NDRF ने 40 टीमों को तैनात किया:
चक्रवाती तूफान निसर्ग से निपटने के लिए NDRF ने राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों में 40 टीमों को तैनात किया है और अतिरिक्त टीमों को भी एयरलिफ्ट किया गया है. साइक्लोन निसर्ग की वजह से महाराष्ट्र में एनडीआरएफ की 20 टीमों को तैनात किया गया. मुंबई में आठ टीमें, रायगढ़ में पांच टीमें, पालघर में दो, ठाणे में दो, रत्नागिरी में दो और सिंधुदुर्ग में एक टीम को तैनात किया गया है.

राहत टीमों को स्टैंडबाय पर रखा गया:
नौसेना और वायु सेना के जहाजों और विमानों के साथ सेना और नौसेना की बचाव और राहत टीमों को स्टैंडबाय पर रखा गया है. तटरक्षक बल के जहाज पहले से ही समुद्र में मछुआरों को बचाने में लगे हुए हैं. मुंबई पुलिस ने चक्रवात के मद्देनजर लोगों को तटों पर जाने से रोकने के लिये शहर में धारा 144 लगा दी है.

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राजस्थान में भी दिखाई देगा असर: 
मौसम विभाग के अनुसार तूफान निसर्ग का असर राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी दिखाई देगा. जिसके चलते 3 जून से 5 जून के बीच दक्षिण-पश्चिमी मध्य प्रदेश और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश होने की आशंका है. इस दौरान तेज हवाएं चलने की संभावना जताई जा रही है. वहीं, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के चलते बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है. 

कोरोना संकट के बीच असम में भूस्खलन, 20 लोगों की मौत की खबर

कोरोना संकट के बीच असम में भूस्खलन, 20 लोगों की मौत की खबर

नई दिल्ली: कोरोना संकट के बीच असम राज्य के कई इलाकों में भूस्खलन हुआ है. इन घटनाओं में कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई है. ज्यादातर मृतक दक्षिणी असम के तीन अलग-अलग जिलों में तीन अलग-अलग परिवारों से हैं. घटनाएं दक्षिणी असम के बराक घाटी क्षेत्र में हुईं.

बारिश की वजह से होते हैं भूस्खलन:
इस क्षेत्र में गत कुछ दिनों से तेज बारिश हो रही हैं. कछार जिले में सात, हैलाकांडी जिले में सात और करीमगंज जिले में 6 लोगों की मौत हुई है. हालांकि कई अन्य घायल हैं. फिलहाल बचाव दलों को घटनास्थल वाली जगहों पर भेज दिया गया है. आपको बता दें कि इन इलाकों में बारिश के कारण हर साल भूस्खलन की घटनाएं होती रही है. 

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Cyclone Nisarga: कोरोना संकट के साथ लगातार प्रकृति का प्रकोप भी जारी, विकराल रूप ले सकता है निसर्ग चक्रवात

Cyclone Nisarga: कोरोना संकट के साथ लगातार प्रकृति का प्रकोप भी जारी,  विकराल रूप ले सकता है निसर्ग चक्रवात

नई दिल्ली: कोरोना संकट के साथ लगातार प्रकृति का प्रकोप भी जारी है. बंगाल और उड़ीसा में अम्फान के कहर के बाद अब पश्चिमी तटीय इलाकों में चक्रवात निसर्ग दस्तक दे सकता है. चक्रवाती तूफान 'निसर्ग' गुजरात के तट पर 3 जून को दस्तक दे सकता है. इसके मद्देनजर महाराष्ट्र, गुजरात, गोवा, दमन-दीव और दादरा नगर हवेली में अलर्ट जारी किया गया है. साथ ही आधा दर्जन से अधिक जिलों में नेशनल डिजास्टर रेस्पॉन्स फोर्स (NDRF) की 10 टीमें तैनात की गई हैं. निसर्ग के खतरे से निपटने के लिए कुल NDRF 23 टीमों को तैनात किया गया है.

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बुधवार तक तटीय इलाकों में दस्तक देने का अनुमान: 
अभी चक्रवाती हवाएं मुंबई के तटीय इलाकों से 550 किमी और गुजरात के सूरत के दक्षिण-पश्चिमी दक्षिण इलाकों से 800 किमी दूर है. इन हवाओं के बुधवार तक तटीय इलाकों में दस्तक देने का अनुमान है. तीन जून तक महाराष्ट्र के उत्तरी इलाके और गुजरात के दक्षिण इलाकों में दस्तक देने का अनुमान है. 

हवा की गति 105 से 115 किमी प्रति घंटा होने का अनुमान:
चक्रवात निसर्ग के गंभीर चक्रवाती तूफान का रूप लेने के बाद हवा की गति 105 से 115 किमी प्रति घंटा हो सकती है. वहीं, कल यानी 3 जून को हवा की रफ्तार 125 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. मौसम विभाग के मुताबिक, 'इससे दक्षिणी गुजरात क्षेत्र में 3 और 4 जून को भारी बारिश होगी.

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अम्फान के मुकाबले थोड़ा कमजोर: 
हालांकि चक्रवात निसर्ग, चक्रवात अम्फान के मुकाबले थोड़ा कमजोर हो सकता है. अरब सागर में चल रही तेज हवाएं चार किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से उत्तर की ओर चल रही हैं और मुंबई से 550 किमी दूर है. चक्रवात निसर्ग से महाराष्ट्र के रायगढ़ में हरिहरेश्वर और दमन में तीन जून को भूस्खलन हो सकता है. 


 

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