एशिया का सबसे बड़ा कच्चा मोरेल बांध ओवरफ्लो के करीब, 21 साल बाद दोबारा झलकने को बेताब

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/08/17 09:31

लालसोट(दौसा): जिले के लालसोट क्षेत्र में एशिया का सबसे बड़ा कच्चा मोरेल बांध अब ओवर फ्लो के करीब जा पहुंचा है. बांध का जलस्तर आज सुबह 30 फीट 3 इंच पहुंच चुका है और जिले का सबसे बड़ा मोरेल बांध 21 साल बाद एक बार दोबारा झलकने को बेताब है. बांध कुल 30  फीट 5  इंच भराव क्षमता है और मोरेल नदी में अब भी करीब ढाई फीट से अधिक पानी की आवक बनी होने से बांध का जल स्तर लगातार बढ रहा है, जिससे बांध में पानी की आवक भी बनी है. बांध के आज दोपहर तक ओवर फ्लो होने का अनुमान लगाया जा रहा है. 

21 साल पहले सन 1998  में बांध पर चादर चली थी: 
गौरतलब है कि इससे पूर्व 21 साल पहले सन 1998  में बांध पर चादर चली थी, इसके बाद सन 2014 में बांध का जल स्तर 27 फीट  पहुंचा था. बांध में पानी की आवक को देखते हुए उपखण्ड प्रशासन ने बांध की ओवर फ्लो से सटे गांवों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है. उपखण्ड प्रशासन व जल संसाधन विभाग के अधिकारी भी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है. उपखण्ड अधिकारी सुनील आर्य, जल संसाधन विभाग के एक्सईन एच.एल.मीना, सहायक अभियंता एम.एल. मीना, श्रीकिशन मीना, शिवदान सिंह मीना एवं कनिष्ठ अभियंता विजेन्द्र सैनी बांध पर मौजूद रह कर पूरी तरह हालात पर नजर बनाए रख रहे है.

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