Assembly Election Results 2021: बंगाल में TMC की हैट्रिक, लेकिन खुद ममता नंदीग्राम से पिछड़ रहीं, राज्य में 49 साल में दूसरी बार ऐसे नतीजे

Assembly Election Results 2021: बंगाल में TMC की हैट्रिक, लेकिन खुद ममता नंदीग्राम से पिछड़ रहीं, राज्य में 49 साल में दूसरी बार ऐसे नतीजे

Assembly Election Results 2021: बंगाल में TMC की हैट्रिक, लेकिन खुद ममता नंदीग्राम से पिछड़ रहीं, राज्य में 49 साल में दूसरी बार ऐसे नतीजे

नई दिल्ली/कोलकता: बंगाल में किसका चलने वाला है जादू? खेला होबे का बजेगा डंका या दीदी की विदाई? बंगाल में होगा पोरिबोर्तन या तीसरी बार ममता सरकार, असम में बीजेपी फिर सत्ता में आएगी या राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और बदरुद्दीन अजमल (Badrudeen Ajmal) की जोड़ी करने जा रही कमाल. तमिलनाडु में AIDMK को फिर सत्ता या पहली बार स्टालिन राज, केरल में लेफ्ट या कांग्रेस किसका चलेगा सिक्का. पुडुचेरी में कांग्रेस बचाएगी गढ़ या पहली बार खिलेगा कमल. आ गई फैसले की घड़ी. राज्य की सीएम ममता बनर्जी इस बार नंदीग्राम में अपने पूर्व सहयोगी और बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी  (Shubendu Adhikari) के खिलाफ चुनाव लड़ रही हैं. एग्जिट पोल के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में मुख्य मुकाबला बीजेपी और ममता बनर्जी की पार्टी TMC के बीच बताया जा रहा है. तमिलनाडु में डीएमके की जीत का अनुमान लगाया गया है, तो केरल में लेफ्ट पार्टी की अगुआई वाला एलडीएफ नतीजों से चौंका सकता है. यहां पाइए 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव के वोटों की गिनती के सबसे सटीक और तेज अपडेट.

तीन राज्यों में बदलाव नहीं दिख रहा:
कोरोना के रिकॉर्ड मामलों के बीच 62 दिन चली चुनाव प्रक्रिया के बाद आज बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी के चुनाव नतीजे आ रहे हैं. तीन राज्य बंगाल, केरल और असम में बदलाव नहीं दिख रहा है. यानी बंगाल में तृणमूल, केरल में LDF और असम में भाजपा ही सरकार बनाती दिख रही है, जो पहले से थी. हां, तमिलनाडु में जरूर बदलाव होता दिख रहा है. वहां द्रमुक सरकार (Dramuk Government) बनाने के करीब है. चुनाव में कांग्रेस उसके साथ है. पुड्‌डुचेरी में मामला जरूर फंसा दिख रहा है.

बंगाल के शुरूआती नतीजों में TMC 148 सीटों के बहुमत को किया पार:
बंगाल में शुरुआती तीन घंटे में ही तृणमूल कांग्रेस 148 सीटों के बहुमत के आंकड़े को पार कर (292 सीटों के हिसाब से 147) 190 से अधिक सीटों पर पहुंच गई. हालांकि, यह आंकड़ा 2016 में तृणमूल की जीती 211 सीटों से कम है. उधर, शुरुआती रुझानों में ममता बनर्जी नंदीग्राम (Nandigram) में भाजपा के शुभेंदु अधिकारी से 7 हजार से ज्यादा वोटों से पिछड़ती दिखीं.

बीते 49 साल में बंगाल में ये 11वां चुनाव:
यहां एक जानकारी की बात...1972 से अब तक बीते 49 साल में बंगाल में यह 11वां चुनाव है. दूसरी बार ऐसा हो रहा है कि जो पार्टी जीत रही है, वह 200 सीटों के आंकड़े से पीछे है. तृणमूल ने 2016 में 211 और 2011 में 228 सीटें जीती थीं. उससे पहले 7 बार लगातार लेफ्ट (Left) ने चुनाव जीता. सिर्फ एक बार 2001 में लेफ्ट को 196 सीटें मिलीं. बाकी चुनावों में वह हमेशा 200 सीटों से ऊपर रही.


साल                                              पार्टी/मोर्चा                                          सीटें
2016                                              TMC                                              211
2011                                      TMC+CONGRESS                                228
2006                                               लेफ्ट फ्रंट                                        233
2001                                               लेफ्ट फ्रंट                                        196
1996                                               लेफ्ट फ्रंट                                         203
1991                                               लेफ्ट फ्रंट                                         245
1987                                               लेफ्ट फ्रंट                                         251
1982                                               लेफ्ट फ्रंट                                         238
1977                                               लेफ्ट फ्रंट                                         231


बाकी राज्यों का हाल:
अब बाकी राज्यों के हाल जानते हैं. बंगाल के बाद असम के नतीजों पर सबकी नजर है. यहां शुरुआती 2 घंटों के रुझानों में भाजपा+ बहुमत का आंकड़ा पार कर 68 सीटों पर पहुंच गई. उधर, केरल में सत्ताधारी लेफ्ट (Ruling Left) को आसानी से बहुमत मिलता दिख रहा है. वहीं, तमिलनाडु में अनुमान सही साबित होते दिख रहे हैं. यहां द्रमुक+ शुरुआती दो घंटों के रुझानों में ही बहुमत के 118 सीटों के आंकड़े को पार कर गया. पुडुचेरी में भाजपा+ और कांग्रेस+ में शुरुआत में कांटे का दिखा, लेकिन बाद में भाजपा+ आगे निकल गई.

1. बंगाल:
कुल सीटें: 294 (वोटिंग 292 सीटों पर हुई)
बहुमत: 148 (292 सीटों के लिहाज से 147)
पिछली बार कौन जीता: तृणमूल कांग्रेस

इस बार GJM तृणमूल के साथ:
राज्य में 294 में से 292 सीटों पर मतदान हुआ है. BJP ने यहां पहली बार 291 सीटों पर उम्मीदवार उतारे, जबकि एक सीट उसने सुदेश महतो की ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन पार्टी को दी है. पिछली बार यहां गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (Gorkha Janmukti Morcha) ने BJP के साथ चुनाव लड़ा था. इस बार GJM तृणमूल के साथ है. चुनाव से पहले भाजपा ने TMC के कई बड़े नेताओं को तोड़ लिया था, इनमें ममता बनर्जी के करीबी शुभेंदु अधिकारी भी शामिल हैं.

TMC को बहुमत हासिल होता दिख रहा:
29 अप्रैल को आए एग्जिट पोल्स में बंगाल को लेकर एक राय नहीं दिखी. 9 एग्जिट पोल्स में से 5 में ममता बनर्जी (Mamta Benarji) की TMC को बहुमत हासिल होता दिख रहा है, या फिर वह बहुमत के काफी करीब है. वहीं 3 पोल्स में भाजपा आगे दिख रही है. हालांकि, सभी पोल्स में तृणमूल को सीटों का नुकसान साफ दिखाई दे रहा है और आसार हंग असेंबली के भी बन सकते हैं.

बंगाल में वोटिंग 1.5% कम हुई, यह TMC के लिए चिंता की बात:
जब 2019 के लोकसभा चुनाव हुए थे, तब भाजपा ने बंगाल की 128 विधानसभा सीटों पर बढ़त हासिल की थी, जबकि तृणमूल की बढ़त घटकर सिर्फ 158 सीटों पर रह गई थी. इस बार कम वोटिंग ने तृणमूल की चिंता बढ़ा दी है. इस बार 8 चरणों में औसत 81.59% वोटिंग हुई, जबकि 2016 के विधानसभा चुनाव में यह आंकड़ा 83.02% था. यानी इस बार वोटिंग करीब 1.5% कम हुई है. 1.5% का फर्क काफी सीटों का अंतर पैदा कर सकता है.

क्या कांग्रेस-लेफ्ट बनेंगे किंग-मेकर?
बंगाल का पूरा चुनाव मोदी बनाम दीदी पर केंद्रित रहा है, लेकिन ग्राउंड रिपोर्ट्स (Ground Report) और एग्जिट पोल्स यह भी इशारा कर रहे हैं कि हो सकता है कि कांटे की लड़ाई में TMC और भाजपा दोनों बहुमत के आंकड़े से पीछे रह जाएं. ऐसे में बंगाल में सबसे कमजोर माना जा रहा लेफ्ट-कांग्रेस गठबंधन किंगमेकर (King Maker) की भूमिका में आ सकता है. इसमें पेंच यह है कि लेफ्ट-कांग्रेस कभी भाजपा के साथ नहीं जाएंगे. वहीं, कांग्रेस एक बार तृणमूल के साथ जा सकती है, लेकिन तृणमूल और लेफ्ट एक-दूसरे से धुर विरोधी हैं.

2. असम:
कुल सीटें: 126
बहुमत: 64
पिछली बार कौन जीता: भाजपा+

पिछली बार असम में NDA को पहली बार सत्ता हासिल हुई थी, लेकिन 12 सीटें जीतकर BJP को सत्ता दिलाने में मदद करने वाले बोडोलैंड  पीपुल्स फ्रंट (Bodoland Peoples Front) ने इस बार कांग्रेस और लेफ्ट से हाथ मिलाया था. BJP के साथ असम गण परिषद बना हुआ है. BJP ने UPLL के साथ भी गठबंधन किया. यहां NRC यानी नेशनल रजिस्टर (National Registar) ऑफ सिटिजन्स का मुद्दा हावी रहा है. BJP जीती तो CM सर्बानंद सोनोवाल दोबारा CM बनेंगे. अगर BJP को हार मिली तो इसे NRC इफेक्ट माना जाएगा. असम में सभी 6 एग्जिट पोल्स में भाजपा गठबंधन को बहुमत मिलता दिखा.

3. तमिलनाडु:

कुल सीटें: 234
बहुमत: 118
पिछली बार कौन जीता: अन्नाद्रमुक

यहां पहली बार जयललिता (Jaylalita) और करुणानिधि (Karuna Nidhi) के बगैर विधानसभा चुनाव हुए. जयललिता की गैरमौजूदगी में अन्नाद्रमुक के पास सिर्फ सीएम पलानीस्वामी के तौर पर एक चेहरा था. वहीं, द्रमुक का चेहरा करुणानिधि के बेटे स्टालिन हैं. इसी वजह से सभी एग्जिट पोल्स में इस बार द्रमुक की जीत का अनुमान जताया गया था. अन्नाद्रमुक ने इस बार BJP के साथ चुनाव लड़ा, जबकि द्रमुक ने कांग्रेस के साथ गठबंधन किया.

4. केरल:
कुल सीटें: 140
बहुमत: 71
पिछली बार कौन जीता: LDF

दिलचस्प यह है कि बंगाल में कांग्रेस और लेफ्ट मिलकर चुनाव लड़ते हैं, जबकि केरल में वे एक-दूसरे के विरोध में रहते हैं. पिछली बार यहां लेफ्ट की अगुआई वाला LDF जीता था. कांग्रेस (Congress) इसका हिस्सा नहीं है. कांग्रेस की अगुआई वाला UDF यहां विपक्षी गठबंधन है. BJP ने इस बार 140 में से 113 सीटों पर उम्मीदवार उतारे. उधर, BJP ने पिछली बार केरल में 1 सीट जीती थी.

5. पुडुचेरी:
कुल सीटें: 30
बहुमत: 16
पिछली बार कौन जीता: कांग्रेस+द्रमुक

पुडुचेरी विधानसभा वाला केंद्र शासित प्रदेश है. यहां बीते फरवरी में कांग्रेस की अगुआई वाली सरकार गिर गई थी. वी. नारायणसामी बहुमत साबित नहीं कर सके थे. दो मंत्रियों के भाजपा में शामिल होने और कुछ विधायकों के इस्तीफे के बाद सत्ता उनके हाथ से फिसल गई थी. इस बार 3 एग्जिट पोल्स में BJP और AINRC और बाकी 3 पोल्स में कांग्रेस+द्रमुक को बहुमत मिलने के आसार बताए गए है.

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