प्रश्न कर्ता की भूमिका में नजर आए विधानसभा अध्यक्ष, भाजपा विधायकों की तरफ से पूछे सवाल

प्रश्न कर्ता की भूमिका में नजर आए विधानसभा अध्यक्ष, भाजपा विधायकों की तरफ से पूछे सवाल

प्रश्न कर्ता की भूमिका में नजर आए विधानसभा अध्यक्ष, भाजपा विधायकों की तरफ से पूछे सवाल

जयपुर: विधानसभा अध्यक्ष डॉ सीपी जोशी आज खुद ही प्रश्न कर्ता की भूमिका में नजर आए. भाजपा विधायकों द्वारा प्रश्नकाल का बायकॉट करने के बाद विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने ही 6 विधायकों की तरफ से मंत्रियों से प्रश्न पूछ डाले. सीपी जोशी ने न केवल मूल प्रश्न पूछे बल्कि पूरक प्रश्नों के माध्यम से भी मंत्रियों से जवाब मांगे. इतना ही नहीं उन्होंने कई विधायकों को पूरक प्रश्न पूछने की भी छूट दे दी. 

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आज प्रश्नकाल शुरू होते ही हंगामा: 
विधानसभा में आज प्रश्नकाल शुरू होते ही हंगामा हो गया जब फिल्म छपाक को लेकर विधायक शंकर सिंह रावत को स्पीकर ने पूरक प्रश्न पूछने से रोक दिया. स्पीकर का कहना था कि विधायक विषय से हटकर प्रश्न नहीं पूछ सकते. इसके विरोध में भाजपा विधायकों ने पूरे प्रश्नकाल का बाय काट कर दिया. जब भाजपा विधायक सदन से उठकर चले गए तो विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर सीपी जोशी की भूमिका में नजर आए उन्होंने सदन में गैर मौजूद रहने वाले विधायकों की तरफ से मंत्रियों से प्रश्न पूछ लिए. विधानसभा अध्यक्ष ने कुल 6 प्रश्न पूछे.

विधायकों की तरफ से पूछे प्रश्न:
उन्होंने मीना कंवर, किरण माहेश्वरी, गुलाबचंद कटारिया, रामलाल शर्मा ज्ञानचंद पारख व फूल सिंह मीणा की तरफ से विभिन्न मंत्रियों से प्रश्न पूछे. शेरगढ़ विधायक मीना कंवर सदन में मौजूद नहीं थी लेकिन स्पीकर सीपी जोशी ने शिक्षा राज्य मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा से उनका सवाल पूछा और चार अन्य विधायकों को भी पूरक प्रश्न करने की इजाजत दे डाली. इसके अलावा स्पीकर ने राजसमंद जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के आवेदन सत्यापन को लेकर उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट से कई सवाल किए. स्पीकर  ने किरण माहेश्वरी की तरफ से प्रश्न पूछा.

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सीपी जोशी ने भाजपा विधायकों की तरफ से सवाल पूछे:
वहीं जलदाय मंन्त्री बीडी कल्ला से उन्होंने गुलाबचंद कटारिया की तरफ से सवाल दागे. विधानसभा अध्यक्ष ने प्रश्नकाल के दौरान उनका विशेषाधिकार है कि वह प्रश्न पूछ सकते हैं. दरअसल भाजपा विधायक सदन से चले गए थे, तो ऐसे में उनके सवाल स्थगित हो जाते. इस स्थिति में प्रश्नकाल को समय से पहले खत्म करना पड़ता है. ऐसे में पूरे 1 घंटे का प्रश्नकाल चलाने के लिए विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने भाजपा विधायकों की तरफ से मंत्रियों से किये. विधानसभा अध्यक्ष का नया रूप देखकर मंत्री भी आश्चर्यचकित थे तो सत्ताधारी विधायक भी. सदन के बाहर कुछ विधायको में चर्चा थी कि स्पीकर सदन के अंदर विधायकों को तो प्रश्न पूछने से रोकते है और खुद अपने अधिकार बताकर प्रश्न पूछते हैं.

 

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