जम्मू-कश्मीर में दिल्ली जैसी होगी विधानसभा, BSP ने किया समर्थन

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/08/05 12:19

नई दिल्ली: गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने का प्रस्ताव पेश किया है. इसके साथ ही उन्होंने राज्य का पुनर्गठन का प्रस्ताव रखा है. जिसे राष्ट्रपति ने मंजूरी दे दी है. जम्मू-कश्मीर अब केंद्र शासित प्रदेश बन गया है. ऐसे में यहां पर दिल्ली जैसी विधानसभा होगी. साथ ही साथ लद्दाख को जम्मू-कश्मीर से अलग किया गया है. लद्दाख को बिना विधानसभा केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया है. 

महबूबा ने बताया लोकतंत्र का काला दिन:  
राज्यसभा में मायावती की पार्टी के सांसद सतीश चंद्र मिश्र ने जम्मू कश्मीर पर सरकार के प्रस्ताव का समर्थन किया. उन्होंने कहा- हमारी पार्टी इसका पूरी तरह से समर्थन करती है और हम चाहते हैं कि ये जल्द से जल्द पास होना चाहिए. मोदी सरकार के फैसले के बाद जम्मू कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती का बयान सामने आया है. महबूबा मुफ्ती ने इसे भारतयी लोकतंत्र का काला दिन करार दिया है.

अनुच्छेद 370 को एक सेकंड भी रहने का हक नहीं: 
गृहमंत्री अमित शाह ने सदन में नेता विपक्ष गुलामनबी आज़ाद को दी चुनौती, संविधान की जिस धारा के तहत चाहें बहस कर लें. लेकिन अनुच्छेद 370 को एक सेकंड भी रहने का हक नहीं. 370 अस्थाई है और इसने हमेशा जम्मू-कश्मीर को भारत का हिस्सा बनने से रोका.  

लोगों की लंबे समय से मांग: 
अमित शाह की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि लद्दाख के लोगों की लंबे समय से मांग रही है कि लद्दाख को केंद्र शासित राज्य का दर्ज दिया जाए, ताकि यहां रहने वाले लोग अपने लक्ष्यों को हासिल कर सकें. रिपोर्ट के मुताबिक जम्मू-कश्मीर को अलग से केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया है. जम्मू-कश्मीर राज्य में विधानसभा होगी.

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