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VIDEO: पाकिस्तान में हिंदुओं के साथ अत्याचार जारी, 87 परिवारों का धर्म परिवर्तन करवाने का वीडियो हो रहा वायरल

जोधपुर: पाकिस्तान में हिंदुओं के साथ धर्म परिवर्तन के नाम पर होने वाले अत्याचार के चलते जहां धार्मिक वीजा पर पाक हिंदू भारत पहुंच रहे है तो वहीं आज भी लगातार धर्म परिवर्तन का खेल पाकिस्तान में जारी है. सिंध पाकिस्तान के जिला ठठा का एक वीडियो फर्स्ट इंडिया न्यूज के हाथ लगा है जो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है जिसमें एक मौलवी द्वारा 87 परिवार जिनमें लगभग 5 हजार से अधिक सदस्य है जिनका धर्मपरिवर्तन करने की बात कही जा रही है.

पाकिस्तान में यह आम बात:  
इस बारे में सीमांत लोक संगठन के वॉलिंटियर प्रेमचंद ने कहा कि पाकिस्तान में यह आम बात है. वहां आए दिन बहु बेटियों के साथ गलत व्यवहार और धर्मपरिवर्तन करना आम बात है. इन 87 परिवारों के साथ भी बंदूक की नौक पर उनका धर्मपरिवर्तन किया जा रहा है जो बिल्कुल गलत है. कल ही एक विवाहिता कविता नामक लडकी का सिंध से अपहरण हुआ था जिसका धर्मपरवर्तन करके किसी मुस्लिम लड़के से उसका विवाह कर दिया गया.

 

हिंदुओं के साथ वहां काफी गलत व्यवहार होता है:
उन्होंने कहा कि हिंदुओं के साथ वहां काफी गलत व्यवहार होता है. हिंदुओं का कत्ल तक कर दिया जाता है मगर कोई कानूनी कार्यवाही तक नहीं होती. ऐसे में मेरी सरकार से गुहार है कि पाकिस्तान की सरकार पर प्रेशर बनाया जाए ताकि इस तरह हिंदुओं पर अत्याचार बंद हो सके.

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ऑटो-डम्पर की टक्कर में, पिता-पुत्र की मौत

ऑटो-डम्पर की टक्कर में,  पिता-पुत्र की मौत

एटा: उत्तर प्रदेश के एटा जिले के देहात कोतवाली क्षेत्र के एटा अलीगंज मार्ग पर मुंडन कराकर लौट रहे लोगों से भरे आटोरिक्शा के डम्पर की चपेट में आ जाने से उस पर सवार पिता-पुत्र की मौत हो गई है. बताया जा रहा है कि परिवार किसी धार्मिक कार्य से निवृत होकर लौट रहे थे और ये हादसा हो गया. 

पुलिस सूत्रों ने बुधवार को बताया कि जिले के बागवाला थाना क्षेत्र के बरथरी गांव का निवासी भानु प्रताप (27) अपने परिवार के लोगों के साथ बेलौन वाली मईया के यहां से अपने बेटे कृष्णा (तीन) का मुंडन कराकर मंगलवार देर रात घर लौट रहा था.  रास्ते में कोतवाली देहात क्षेत्र के एटा-अलीगंज मार्ग पर पवांस गांव के पास वह किसी काम से रुका था, तभी एक तेज रफ्तार डम्पर ने आटोरिक्शा को कुचल दिया.

उन्होंने बताया कि इस हादसे में आटोरिक्शा सवार भानु प्रताप और उसके पुत्र कृष्णा की मौत हो गई है. इस घटना में भानु की 60 वर्षीय मां कमला देवी भी गंभीर रूप से घायल हो गई है. उन्हें जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, जहां से गंभीर हालत के चलते उन्हें आगरा भेज दिया गया है. मगर घर के दोनों चिरागों की मौत की खबर से घर में कौबराम मच गया है. 

सूत्रों ने बताया कि आटोरिक्शा में आठ लोग सवार थे. बाकी सभी यात्री सुरक्षित हैं. पुलिस ने मामला दर्ज कर शव पोस्ट मार्टम के लिए भेजे हैं. डम्पर चालक की तलाश की जा रही है, फिलहाल वह फरार है. मामले की जांच जारी है. (सोर्स-भाषा)

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 अनियंत्रित बस खाई में गिरी, 5 की मौत 34 घायल

 अनियंत्रित बस खाई में गिरी, 5 की मौत 34 घायल

मुंबई: महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले में बुधवार को तड़के एक बस के खाई में गिर जाने की घटना में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गयी है जबकि 34 अन्य घायल हो गये है.  पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने घटना की जानकारी दी है. पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह दुर्घटना जिले के कोंडईबारी घाट में तड़के सवा तीन बजे उस समय हुयी जब यह बस मलकापुर से सूरत जा रही थी. 

प्रारंभिक खबरों के अनुसार चालक ने बस पर से नियंत्रण खो दिया जिसके बाद यह 30 फुट गहरी खाई में गिर गयी . घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस एवं स्थानीय लोग बचाव के लिए मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन चालू कर दिया. अधिकारी ने बताया कि इस दुर्घटना में पांच लागों की मौत हो गयी जबकि 34 अन्य घायल हो गये हैं. घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. (सोर्स-भाषा)

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बिहार: लोजपा और कांग्रेस ने जारी किए घोषणा पत्र, कांग्रेस ने किया किसानों से मुफ्त बिजली और कर्ज माफ करने का वादा

बिहार: लोजपा और कांग्रेस ने जारी किए घोषणा पत्र, कांग्रेस ने किया किसानों से मुफ्त बिजली और कर्ज माफ करने का वादा

पटना: बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान होने के बाद सभी पार्टियां मतदाताओं को लुभाने में जुट गई है. इस कड़ी में आज लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) और कांग्रेस ने पटना में अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है. 

किसानों से मुफ्त बिजली और कर्ज माफ करने का वादा:  
सत्ता में आने पर कांग्रेस ने बिहार के किसानों से मुफ्त बिजली और कर्ज माफ करने का वादा किया है. पार्टी ने इसे बिहार बदलाव पत्र नाम दिया है.  इसके अलावा किसानों को फसल का सही मूल्य दिलाने का भी वादा किया. कांग्रेस नेता शक्ति सिंह गोहिल ने कहा कि पंजाब की तर्ज पर केंद्र के कानून को खारिज किया जाएगा. किसान अगर ट्रैक्टर खरीदते हैं तो उसका रजिस्ट्रेशन मुफ्त किया जाएगा.

बेरोजगारों को हर महीने 1500 रुपये: 
वहीं कांग्रेस नेता राजबब्बर ने कहा कि सत्ता में आने पर हमारी सरकार नौकरी मिलने तक बेरोजगारों को हर महीने 1500 रुपये देगी. उन्होंने कहा कि नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में 10 लाख नौकरी देने का फैसला लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि सरकार ने युवाओं के साथ छल किया है और युवा उसका जवाब देंगे. 

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विधवा महिलाओं को ₹1000 का पेंशन दिया जाएगा:
कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि विधवा महिलाओं को ₹1000 का पेंशन दिया जाएगा. राज्य सरकार लड़कियों को पीजी से केजी तक शिक्षा मुफ्त मिलेगी. अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में मेडल लाने वाले को सीधे नौकरी की जाएगी. 

लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) ने भी घोषणा पत्र जारी किया: 
दूसरी ओर लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) ने भी बुधवार को पटना में अपना घोषणा पत्र जारी किया. घोषणापत्र जारी करते हुए लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा कि मौजूदा सीएम को देखकर मुझे आश्चर्य होता है कि आप किस तरह से जातीयता को बढ़ावा देते हैं. जो व्यक्ति खुद सांप्रदायिकता को बढ़ावा देता हो, उसके नेतृत्व में बिहार के विकास की कल्पना करना उचित नहीं है. 

'बिहार फर्स्ट बिहारी फर्स्ट' के दृष्टिकोण को सामने रखा:
उन्होंने कहा कि आज बिहार विधानसभा चुनाव के लिए हमारी पार्टी के घोषणा पत्र को जारी करने के साथ मैंने 'बिहार फर्स्ट बिहारी फर्स्ट' के अपने दृष्टिकोण को सामने रखा, जो विभिन्न समस्याओं का समाधान करेगा जो बिहार के लोग सामना कर रहे हैं. चिराग ने कहा कि अगर गलती से मौजूदा मुख्यमंत्री पुन: इस चुनाव में जीत जाते हैं तो हमारा प्रदेश हार जाएगा. हमारा प्रदेश पुन: बर्बादी की कगार पर जाकर खड़ा हो जाएगा.

आर्थिक तंगी से पति ने खाया जहर, 5 दिन बाद नवविवाहित पत्नी ने भी की जीवन लीला समाप्त

 आर्थिक तंगी से पति ने खाया जहर, 5 दिन बाद नवविवाहित पत्नी ने भी की जीवन लीला समाप्त

फतेहपुर: उत्तर प्रदेश में आर्थिक तंगी के चलते एक परिवार खाक हो गया है. प्रदेश के फतेहपुर जिले के हथगाम क्षेत्र में कथित आर्थिक तंगी से परेशान होकर पांच दिन पहले एक युवक के जहर खाकर आत्महत्या करने के बाद उसकी पत्नी ने सदमे की वजह से फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली है. जिसके बाद हर कोई सदमें में है. बताया जा रहा है कि अभी शादी को कुछ ही महीने हुए थे और कोरोना के कारण युवक की नौकरी चली गयी जिसके चलते वह डिप्रेशन में आ गया और अपनी जीवनलीला खत्म कर बैठा और फिर  उसकी पत्नी ने भी वही मृत्युकांड दौहरा दिया. 

हथगाम थाना के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) आदित्य सिंह ने बुधवार को बताया कि क्षेत्र के कसरांव गांव के मजरे हुलासी के पुरवा में मोनी देवी (20) नामक नवविवाहिता ने मंगलवार को अपने मायके में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. इससे पहले, 15 अक्टूबर को त्योंजा गांव में उसके पति हरिमोहन (24) ने जहर खाकर खुदकुशी की थी. उन्होंने बताया कि दोनों की शादी को करीब चार महीने ही हुए थे. सिंह ने दंपति के परिजन के हवाले से बताया कि हरिमोहन मुंबई में एक निजी कंपनी में काम करता था, लॉकडाउन में कंपनी बंद होने पर वह घर लौट आया. इसी दौरान 30 जून को मोनी देवी से उसकी शादी हुई थी.

उन्होंने बताया कि आर्थिक तंगी से परेशान होकर हरिमोहन काम की तलाश में हाल ही में दिल्ली गया था, लेकिन काम न मिलने पर वापस लौट आया और 15 अक्टूबर को जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी. दूसरी ओर मोनी की मां अनारकली ने पुलिस को बताया कि दामाद के आत्महत्या करने के बाद वह बेटी को अपने साथ घर ले आयी थी. बेटी ने सदमे की वजह से खाना-पानी बंद कर दिया था और मंगलवार को उसने सूने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली.

पुलिस ने बताया कि पोस्टमॉर्टम कराने के बाद मृतका का शव उसकी मां को सौंप दिया गया है. गौरतलब है कि कोरोना महामारी ना जाने ऐसी कितनी ही जिंदगीयों को काल का ग्रास बना चुकी है और आगे भी शायद इसी तरह की घटनाएं घटित होती रहेंगी क्योंकि ये बीमारी देश-दुनिया की कमर तोड़ चुकी है जिससे मध्यमवर्ग और निचले तबके बुरी तरह से प्रभावित हुए है. बीमारी के प्रभावों से निपटने का आत्महत्या कोई हल नहीं है इससे बेहतर है परिस्थिती का दिलेरी से सामना किया जाए.  (सोर्स-भाषा)

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आबूरोड: एक ट्रक चालक ने दूसरे ट्रक चालक के पैर पर चढ़ाया ट्रक, साइड व ओवर टेक को लेकर हुआ था विवाद

आबूरोड: एक ट्रक चालक ने दूसरे ट्रक चालक के पैर पर चढ़ाया ट्रक, साइड व ओवर टेक को लेकर हुआ था विवाद

आबूरोड(सिरोही): फोरलेन हाईवे 27 पर मावल के समीप दो ट्रक चालकों में साइड को लेकर विवाद हो गया. दोनों ट्रक चालक मावल से सटी अमीरगढ़ सरहद के पास पहुंचे. जहां दोनों चालकों में फिर विवाद हो गया. इस पर एक ट्रक चालक ने दूसरे ट्रक चालक पर ट्रक चढ़ा दिया. नतीजतन, ट्रक चालक के दोनों पैर बुरी तरह से जख्मी हो गए. वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ट्रक चालक वाहन को वहीं छोडक़र फरार हो गया. घटना की जानकारी मिलने पर अमीरगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची. घायल को पालनपुर चिकित्सालय ले जाया गया. जहां उसकी हालत चिंताजनक होने पर उसे उपचार के लिए अहमदाबाद रेफर कर दिया गया.

ओवरटेक के चलते दोनों वाहनों के चालकों के बीच विवाद हो गया: 
राजस्थान से गुजरात की जा रहे लोहे के एंगल से भरे ट्रक आरजे 01 जीबी 5619 व दूसरा ट्रक जीजे 02 एक्स एक्स 5412  आबूरोड पहुंचा. मावल के समीप नवदीप होटल के पास ओवरटेक के चलते दोनों वाहनों के चालकों के बीच विवाद हो गया. दोनों वाहन मावल सरहद से सटी अमीरगढ़ बॉर्डर पर पहुंचे. अमीरगढ़ बॉर्डर के पास दोनों ट्रक चालकों में फिर विवाद हो गया. दोनों आपस में बुरी तरह से उलझ गए. इसी दौरान ट्रक चालक ने लोहे के एंगल से भरे ट्रक चालक पर ट्रक चढ़ा दिया. जिससे राजस्थान के राजसमंद जिले के भीम तहसील के मंडावत निवासी गोविंद सिंह (46) पुत्र माखन सिंह राजपूत के दोनों पैर बुरी तरह से जख्मी हो गए. चीख-पुकार सुनकर अमीरगढ़ पुलिस के जवान मौके पर पहुंचे. लेकिन, तब तक वारदात को अंजाम देकर आरोपी ट्रक चालक वाहन छोडक़र फरार हो गया. 

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फरार आरोपी ट्रक चालक के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज:
बुरी तरह से जख्मी गोविंद सिंह को उपचार के लिए पालनपुर चिकित्सालय भेजा गया. लेकिन, उसकी हालत चिंताजनक होने पर उसे उपचार के लिए अहमदाबाद रेफर कर दिया गया. अमीरगढ़ पुलिस ने घटना को अंजाम देने वाले फरार आरोपी ट्रक चालक के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

दुनिया का हर छठा बच्चा घोर गरीबी में, Covid-19 से यह संख्या बढ़ने की आशंका : UNICEF

दुनिया का हर छठा बच्चा घोर गरीबी में,  Covid-19 से यह संख्या बढ़ने की आशंका : UNICEF

संयुक्त राष्ट्र: कोविड-19 महामारी शुरू होने से पहले दुनिया का हर छठा बच्चा (करीब 35.6 करोड़) घोर गरीबी में जीवनयापन कर रहा था और यह स्थिति और खराब होने की आशंका है. यह आकलन विश्व बैंक और संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनीसेफ) की नवीनतम विश्लेषण रिपोर्ट में किया गया है. ‘ग्लोबल एस्टीमेट ऑफ चिल्ड्रेन इन मॉनिटरी पॉवर्टी ऐन अपडेट’ नाम से जारी रिपोर्ट में रेखांकित किया गया है कि उप सहारा क्षेत्र जहां पर सीमित समाजिक सुरक्षा ढांचा है , वहां दो तिहाई बच्चे ऐसे परिवारों में रहते हैं जो रोजाना 1.90 डॉलर या इससे कम राशि पर जीवनयापन करते हैं, जो विश्व मानकों के तहत घोर या अत्याधिक गरीबी की श्रेणी में आता है. वहीं दक्षिण एशिया में घोर गरीबी में रहने वाले बच्चों का पांचवां हिस्सा (करीब 20 प्रतिशत) निवास करता है. 

रिपोर्ट में किए गए विश्लेषण के मुताबिक वर्ष 2013 से 2017 के बीच घोर गरीबी में जीवनयापन करने वाले बच्चों की संख्या में 2.9 करोड़ की कमी आई है हालांकि, यूनीसेफ और विश्व बैंक समूह ने चेतावनी दी है कि हाल के वर्षों में की गई प्रगति की गति मंद है और असमान वितरण वाली अर्थव्यवस्था और महामारी की वजह से पड़ने वाले असर की वजह से खतरे में है. यूनीसेफ के कार्यक्रम निदेशक संजय विजेसेकरा ने कहा कि हर छह में से एक बच्चा गंभीर गरीबी में जीवनयापन कर रहा है और हर छह बच्चों में से एक बच्चा जीने के लिए संघर्ष कर रहा है. उन्होंने कहा कि यह संख्या ही किसी को भी हिला सकती है और महामारी की वजह से जो वित्तीय संकट आया है उससे यह संख्या और विभिषीका और विकराल रूप ही लेगी.

सरकारों को तुरंत बच्चों को इस संकट से उबारने की योजना बनाने की जरूरत है ताकि असंख्य बच्चों और उनके परिवारों को घोर गरीबी में जाने से रोका जा सके. विजेसेकरा ने कहा कि दुनिया की कुल आबादी में बच्चों की हिस्सेदारी एक तिहाई है लेकिन दुनिया में घोर गरीबी में जीवनयापन करने वालों में 50 प्रतिशत की हिस्सेदारी बच्चों की है.  इसके साथ ही वयस्क के मुकाबले उनके घोर गरीबी में जाने की आशंका दोगुनी है.रिपोर्ट के मुताबिक सबसे कम उम्र के बच्चे सबसे अधिक प्रभावित हैं और विकासशील देशों में पांच साल से कम उम्र के करीब 20 प्रतिशत बच्चे घोर गरीबी में जीवनयापन कर रहे हैं.विश्व बैंक में वैश्विक गरीबी और समानता मामलों की निदेशक कैरोलिना सैनचेज परामो ने कहा कि यह तथ्य है कि छह में से एक बच्चा घोर गरीबी में रह रहा है और दुनिया में अत्याधिक गरीबों में बच्चों की संख्या 50 प्रतिशत है.

कोविड-19 महामारी शुरू होने से पहले भी यह हमारे लिए गंभीर चिंता का विषय रहा है. उल्लेखनीय है कि उप सहारा क्षेत्र को छोड़कर दुनिया के विभिन्न हिस्सों में वर्ष 2013 से 2017 के बीच बच्चों में अत्याधिक गरीबी में कमी देखने को मिली थी. उप सहारा क्षेत्र में घोर गरीबी में रहने वाले बच्चों की संख्या में 6.4 करोड़ की वृद्धि हुई और यह वर्ष 2013 के 17 करोड़ के मुकाबले वर्ष 2017 में 23.4 करोड़ हो गया है. अस्थिर और संघर्षरत देशों में घोर गरीबी में रहने वाले बच्चों की संख्या ज्यादा है जहां 40 प्रतिशत से अधिक बच्चे घोर गरीबी में जीवनयापन कर रहे हैं जबकि अन्य देशों में यह संख्या 15 प्रतिशत के करीब है. (सोर्स-भाषा)

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तालाब में डूबे एक ही परिवार के चार बच्चें, मौत

तालाब में डूबे एक ही परिवार के चार बच्चें, मौत

ललितपुर/लखनऊ: उत्तर प्रदेश से ह्रदयविदारक घटना सामने आई है. प्रदेश के ललितपुर जिले के पूराकलां क्षेत्र में खेत में बने तालाब में डूबने से एक ही परिवार के चार बच्चों की मौत हो गयी है.  परिजनों ने  परिवार के ही एक व्यक्ति से जमीन संबंधी विवाद चलने की बात बताई है और दावा किया है कि ये उसी शख्स का काम है. ऐसे में हत्या की आशंका भी जताई जा रही है. घटना के बाद राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर दुख प्रकट किया है.

ललितपुर जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) कैप्टन मिर्ज़ा मंजर बेग ने बुधवार को बताया कि जिले के मजरे मातेरा गांव में मंगलवार की शाम मुकुंदीलाल के बेटे रवींद्र (11), बृजेन्द्र (सात) और उसके सगे भाई सन्तोष के बेटे अरविंद (आठ) तथा नरेंद्र (सात) के शव खेत में मत्स्य पालन के लिए खोदे गए तालाब में पाए गए है.

उन्होंने बताया कि शाम करीब साढ़े चार बजे चारों बच्चे खेतों से मवेशी भगाने गए थे. प्रथम दृष्टया प्रतीत होता है कि चारों बच्चे एक-दूसरे को बचाने की कोशिश करने के दौरान गहरे पानी में डूब गए है.  शवों का  पोस्टमॉर्टम करवाके परिजनों के सुपुर्द कर दिया जाएगा.

बहरहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है. इस बीच, राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस घटना में एक ही परिवार के चार बच्चों की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया है. उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों को पीड़ित परिवार को अनुमन्य आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने के निर्देश दिए हैं. फिलहाल मामले की जांच की जा रही है. (सोर्स-भाषा)

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जोधपुर: नाबालिक बच्ची के साथ छेड़छाड़ के मामले में 11 महीने से न्याय नहीं मिलने से आहत पूरा परिवार 10 दिन से बैठा धरने पर

जोधपुर: नाबालिक बच्ची के साथ छेड़छाड़ के मामले में 11 महीने से न्याय नहीं मिलने से आहत पूरा परिवार 10 दिन से बैठा धरने पर

फलोदी(जोधपुर): एक तरफ तो सरकार बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ को लिए नारा दे रही है वहीं दूसरी ओर फलोदी के चाखु थाना क्षेत्र के हनुमान सागर गांव में स्थित राजकीय विद्यालय में पढ़ाई करने वाली छात्रा से उसी विद्यालय के शिक्षक द्वारा छेड़खानी करने का मामला दर्ज होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने से पीड़ित परिवार का धरना मंगलवार को दसवें दिन भी जारी रहा. घटना आज से 11 महीने पहले की बताई जा रही है. आपको बता दें की पीड़ित परिवार ने कई बार उच्च अधिकारियों के चक्कर भी काटे लेकिन अभी तक न्याय नहीं मिल पाया है. 

पीड़ित परिवार उच्चाधिकारियों के पास चक्कर काटता रहा:  
वही पीड़ित परिवार ने जिला कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक फलोदी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक व उप पुलिस अधीक्षक फलोदी उच्चाधिकारियों के पास चक्कर काटता रहा लेकिन न्याय नही मिला. वहीं पीड़ित के पिता बुधाराम ने बताया कि एक तरफ सरकार बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ का नारा लगा रही वही दूसरी ओर बेटी पर शिक्षक द्वारा अत्याचार करने बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही है.

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11 माह बीतने के बावजूद न्याय नही मिल रहा:
बताया जा रहा है कि आरोपी शिक्षक का भाई थानाधिकारी पद पर कार्यरत होने की वजह से इस मामले में बेटी को 11 माह बीतने के बावजूद न्याय नही मिल रहा है. वहीं पीड़ित का पूरा परिवार आज दसवें दिन भी अनशन व भूख हड़ताल पर है. जिसमे उसके छोटे बच्चे भी शामिल है. पीड़ित के पिता ने कहा कि चाहे मेरे पूरे परिवार की जान भी चली जाए जब तक आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार नही किया जाएगा तब तक अनशन व भूख हड़ताल जारी रहेगी.