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नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म का प्रयास, पुलिस ने मामला दर्ज कर कराया मेडिकल

नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म का प्रयास, पुलिस ने मामला दर्ज कर कराया मेडिकल

भरतपुर: कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से देश ही नहीं पूरा विश्व परेशान है, लेकिन मानवता को शर्मसार करने वालें लोग इस महामारी में भी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे जिसके चलते कामां क्षेत्र के गांव बांदीपुर में घर में सो रही नाबालिग बालिका को गांव की ही कुछ दबंग लोग रात्रि को जबरन उठाकर ले गए जिसके बाद बालिका के साथ मारपीट कर दुष्कर्म करने का प्रयास किया वहीं बालिका के परिजन पहुंच गए इसे देखकर वह बालिक को मौके पर ही छोड़कर वहां से फरार हो गए. जिसके बाद परिजनों ने जुरहरा थाने में मामला दर्ज कराया है. पुलिस मामला दर्ज कर नाबालिग बालिका का मेडिकल मुआयना राजकीय अस्पताल जुरहरा में कराया गया है.

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अचेत अवस्था में मिली बालिका:
जुरहरा थाना अधिकारी कमलेश मीणा ने बताया कि जिला थाना क्षेत्र के गांव बांदीपुर में एक नाबालिग बालिका को गांव के ही कुछ लोग देर रात्रि में घर से उठाकर एक सुनसान जगह पर ले गए जहां उसके साथ जबरन दुष्कर्म करने का प्रयास किया, वहीं बालिका के परिवारजन भी बालिक की तलाश में निकल गए दुष्कर्म करने वाले लोगों ने जब देखा कि बालिका के परिवार जन उसे तलाश करते हुए उनकी तरफ आ रहे हैं तो वह बालिका को मौके पर ही अचेत अवस्था में पड़ा छोड़कर भाग गए.

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जांच में जुटी पुलिस:
जिसके बाद परिजनों ने बालिक को देखा तो बालिक अचेत अवस्था में पड़ी हुई थी और उसके कपड़े भी फटे हुए थे जिसके बाद परिजनों ने जुरहरा थाना पुलिस को सूचना दी पुलिस ने मामला दर्ज कर नाबालिग बालिका का राजकीय अस्पताल जुरहरा में चिकित्सकों से मेडिकल मुआयना कराया गया है. मेडिकल मुआयना कराए जाने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है.

एसपी ने दिए डीएसपी को निर्देश शीघ्र करें कार्रवाई:
नाबालिग बालिका के साथ हुई घटना को लेकर भरतपुर पुलिस अधीक्षक हैदर अली जैदी बेहद गंभीर नजर आ रहे हैं जिसके चलते उन्होंने कामां डीएसपी देवेंद्र सिंह राजावत को मामले का शीघ्र खुलासा करने और आरोपियों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए हैं डीएसपी देवेंद्र सिंह राजावत ने मामले को लेकर गंभीरता दिखाई है और तुरंत प्रभाव से मामले में कार्यवाही करने के लिए जुरहरा थाना अधिकारी कमलेश मीणा को निर्देश दिए हैं वहीं डीएसपी देवेंद्र सिंह राजावत के सुपरविजन में मामले की जांच की जा रही है.

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प्रसूता की लेबर रूम में डिलीवरी के दौरान मौत, गुस्साए परिजनों ने बरपाया हंगामा

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बयाना(भरतपुर): कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्थित मातृ एवं शिशु कल्याण केंद्र में गुरुवार देर रात प्रसव के दौरान प्रसूता की लेबर टेबल पर ही मौत हो गई. प्रसूता की मौत से गुस्साए परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया. गुस्साए परिजनों को देख ड्यूटी पर मौजूद डाक्टर व नर्सिंग स्टाफ शव को छोड़कर नदारद हो गया. सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची. परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने भी उनके साथ मारपीट की. 

अस्पताल परिसर में ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई: 
हंगामे के दौरान मृतका प्रसूता के परिजनों ने अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ कर दी.  घटना की सूचना मिलने पर शुक्रवार सुबह अस्पताल परिसर में ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई. मृतका के परिजनों के अनुसार थान क्षेत्र के गांव लहचोरा खुर्द निवासी 20 वर्षीय चंचल पत्नी केशव जाटव को परिजनों ने गुरुवार सुबह डिलीवरी के लिए राजकीय अस्पताल के जनाना वार्ड में भर्ती कराया था. चंचल की यह पहली डिलीवरी थी. परिजनों का आरोप है कि जच्चा वार्ड में ड्यूटी पर तैनात डाक्टर व नर्सिंग स्टाफ ने उपचार में लापरवाही बरती. जिससे गुरुवार देर रात करीब 11 बजे चंचल की लेबर रूम में डिलीवरी टेबल पर ही मौत हो गई. परिजनों ने आरोप लगाया है कि तैनात नर्सिंग स्टाफ ने चंचल को कई तरह के इंजेक्शन लगाए जिससे उसके शरीर पर फफोले पड़ गए और शरीर नीला व काला पड़ता चला गया. 

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दिन भर स्टाफ नॉर्मल डिलीवरी होने की बात कहते हुए उपचार करता रहा:
मृतका चंचल के पति केशव ने बताया कि उसकी 2 साल पहले शादी हुई. चंचल को अस्पताल के बच्चा वार्ड में भर्ती कराया था. दिन भर स्टाफ नॉर्मल डिलीवरी होने की बात कहते हुए उपचार करता रहा. लेकिन देर रात लेबर रूम में ले जाने के बाद चंचल की मौत हो गई थी. आरोप है कि चंचल की मौत होने के बाद स्टाफ ने उन्हें भरतपुर जाने की सलाह दी जबकि चंचल की पहले ही मौत हो गई थी. 

VIDEO: भरतपुर के नदबई में निकली अनोखी-अटपटी शवयात्रा

भरतपुर: जिले के नदबई में गुरुवार को एक अनोखी-अटपटी शवयात्रा देखने को मिली. शवयात्रा में परिजन डीजे की धुन पर नाचते गाते नजर आ रहे थे. दरअसर, आपको बता दें कि नदबई के वार्ड नंबर 9 के किसान दुर्ग सिंह का 115 वर्ष की आयु में निधन हो गया था. इसी के चलते परिजनों ने खुशी पूर्वक अंतिम यात्रा निकाली. 

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किसान दुर्ग सिंह के नवासे चंद्रहास चौधरी ने बताया कि अंतिम यात्रा में अमूमन महिलाएं शामिल नहीं होती है. लेकिन यहां शव यात्रा में महिलाएं भी जमकर डांस कर रही थी. वहीं नदबई-हलेना रोड़ स्थित मोक्षधाम में दुर्ग सिंह का अंतिम संस्कार धूमधाम से हुआ. 


 

भरतपुर में अत्यधिक शराब के सेवन से दो दिन में पांच लोगों की मौत

भरतपुर में अत्यधिक शराब के सेवन से दो दिन में पांच लोगों की मौत

जयपुर: भरतपुर के कामां इलाके में बीते दो दिनों में कथित तौर पर अत्यधिक शराब के सेवन से पांच लोगों की मौत का मामला सामने आया है. पुलिस का कहना है कि इन लोगों को बीमार होने पर अलग अलग अस्पतालों में दाखिल करवाया गया था जहां उनकी मौत हो गयी.

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एक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मिलेगी जानकारीः
कामां पुलिस थाने के प्रभारी सुमीत मेहरड़ा ने शनिवार को बताया कि चार लोगों का तो पोस्टमार्टम नहीं हुआ और परिवार वालों ने अंतिम संस्कार कर दिया, इसलिए मौत का असली कारण अज्ञात है. पांचवें व्यक्ति की मौत मथुरा उत्तर प्रदेश के अस्पताल में हुई और उसकी मौत की वजह की जानकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने के बाद मिलेगी. 

पांच लोगों को अलग-अलग अस्पतालों मे कराय गया भर्तीः
प्रभारी सुमीत मेहरड़ा ने कहा कि बीते दो दिनों में अत्यधिक शराब के सेवन के बाद बीमार हुए पांच लोगों को अलग-अलग अस्पतालों में दाखिल करवाया गया है. उन्होंने हालांकि, इससे इनकार किया कि यह अवैध शराब से जुड़ा कोई मामला है.
सोर्स भाषा

भरतपुर: शव ले जा रही एम्बुलेंस और ट्रोले में भिड़ंत, 3 लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत, तीन घायल

भरतपुर: शव ले जा रही एम्बुलेंस और ट्रोले में भिड़ंत, 3 लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत, तीन घायल

भरतपुर: जिले के नेशनल हाईवे स्थित सेवर थाना क्षेत्र के बांसी गांव के पास आज तड़के एक दर्दनाक हादसा हो गया. हादसे में 3 लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई तो वहीं तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए. सभी घायलों को उपचार के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. 

एंबुलेंस चालक को झपकी आने से खोया संतुलन: 
सेवर एसएचओ राजेश खटाना ने बताया कि भरतपुर निवासी दिलीप कुमार सैनी नामक व्यक्ति की जयपुर में बीमारी के चलते मौत हो गई थी मृतक के शव को लेकर उसके परिजन और दोस्त एक एंबुलेंस के जरिए भरतपुर ला रहे थे कि सुबह के समय एंबुलेंस चालक को झपकी आ गई और इसी दौरान वह अपना संतुलन खो बैठा और उनकी एंबुलेंस एक ट्रोले से जा टकराई. 

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हादसा इतना भीषण था कि एंबुलेंस के परखच्चे उड़ गए:
हादसा इतना भीषण था कि एंबुलेंस के परखच्चे उड़ गए. हादसे में एंबुलेंस में सवार तीन लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई साथ ही दिलीप की पत्नी और पुत्र सहित एंबुलेंस चालक गंभीर रूप से घायल हो गया. इन सभी घायलों को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. दीपावली से 1 दिन पूर्व हुए इस हादसे पर सभी गहरा दुख जता रहे हैं और मृतकों के परिवारों में हाहाकार मचा हुआ है. 

हादसे में दिलीप के 1 पुत्र, ड्राइवर व पुत्र के दोस्त की मौत:
मृतक दिलीप सैनी केवलादेव घना नेशनल पार्क में सीनियर गाइड था और बीती रात अचानक तबीयत खराब होने पर जयपुर के लिए रेफर किया था. गाइड दिलीप के परिजन जब उसे जयपुर लेकर जा रहे थे तब रास्ते में उसकी मौत हो गई और वापस भरतपुर लौटते समय हुए दर्दनाक हादसे में दिलीप के 1 पुत्र, ड्राइवर व पुत्र के दोस्त की मौत हो गई है. जबकि मृतक दिलीप की पत्नी व छोटा बेटा गम्भीर रूप से घायल हुआ है. 

भरतपुर: हार्टअटैक से SHO की मौत, उच्चैन थाना में तैनात थे SHO होशियार सिंह राजपूत 

भरतपुर:  हार्टअटैक से SHO की मौत, उच्चैन थाना में तैनात थे SHO होशियार सिंह राजपूत 

भरतपुर: भरतपुर जिले के उच्चैन पुलिस थाने के इंचार्ज होशियार सिंह का गुरुवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया. थाना प्रभारी होशियार सिंह के पुत्र कि अगले दिनों मैं शादी होने वाली थी और वह शादी की तैयारियों में भी जुटे हुए थे, लेकिन बेटे की शादी देखने से पहले ही आज अचानक हृदयाघात होने से उनकी मृत्यु हो गई. थाना प्रभारी की अचानक मौत की खबर जैसे ही पुलिस महकमे में फैली तो शोक का माहौल छा गया.

बताया गया कि आगामी 16 नवंबर को थाना प्रभारी होशियार सिंह के बेटे की सगाई टीके की रस्म का कार्यक्रम होना था और 25 नवंबर को बेटे की शादी भी थी. टोंक जिले के उनियारा तहसील के रहने वाले होशियार सिंह की बेहद कर्तव्यनिष्ठ और व्यवहार कुशल अधिकारियों में गिनती होती थी. थाना प्रभारी होशियार सिंह की तबीयत बिगड़ने पर तुरंत अस्पताल भर्ती कराया था लेकिन उन्होंने दम तोड़ दिया.

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सूचना मिलते ही कई पुलिस अधिकारी वाह मृतक थाना प्रभारी होशियार सिंह के परिजन भरतपुर पहुंच गए और शव को साथ लेकर गांव के लिए रवाना हो गए. जानकारी यह भी मिल रही है की थाना प्रभारी छुट्टी नहीं मिलने से परेशान बताए जा रहे थे लेकिन परिजनों व पुलिस अधिकारियों ने इस तरह की बात से साफ इनकार किया है. आईजी संजीव नर्जरी ने भी थाना प्रभारी होशियार सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया है.

...फर्स्ट इंडिया के लिए दीपक लवानिया की रिपोर्ट

Gujjar Reservation: अशोक चांदना और गुर्जर समाज के नेताओं के बीच बातचीत बेनतीजा, आंदोलन जारी

Gujjar Reservation: अशोक चांदना और गुर्जर समाज के नेताओं के बीच बातचीत बेनतीजा, आंदोलन जारी

जयपुर: गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के आह्वान पर गुर्जरों का आंदोलन सोमवार को नौंवें दिन भी जारी रहा क्योंकि समिति के संयोजक कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला और सरकार के बीच हुई बातचीत का कोई सार्थक परिणाम नहीं निकल सका.

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दो अलग-अलग जगहों पर हुई बातचीतः
बैंसला के आग्रह पर खेल और युवा मंत्री अशोक चांदना ने सोमवार को दो अलग-अलग जगहों पर उनसे बातचीत की. चांदना हिंडौन शहर में बैंसला के निवास पर बातचीत के लिए पहुंचे और करौली जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक मृदुल कछावा की मौजूदगी में उनसे बातचीत की. उसके बाद मंत्री चांदना और बैंसला समाज के अन्य नेताओं के साथ दूसरे दौर की बातचीत के लिये सौरठ पुलिस थाने पहुंचे जहां ढाई घंटे तक चली बैठक भी विफल रही. गुर्जर नेताओं द्वारा उनकी मांगें पूरी नहीं होन पर असंतुष्ट रहे.

चांदना ने कहा-बैठक में सकारात्मक बातचीतः
चांदना ने बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि बातचीत सकारात्मक रही. आंदोलन से पहले राज्य सरकार ने जयपुर आए 41 सदस्यों के प्रतिनिधिमंडल की सभी मांगे मान ली थी. 

विजय बैंसला ने कहा- सरकार मांगें पूरी करने में विफल, आंदोलन को जारी रखने का लिया निर्णयः
वहीं दूसरी ओर गुर्जर नेता विजय बैंसला ने कहा कि सरकार हमारी मांगें पूरी करने में विफल रही है उसके बाद हमने आंदोलन को जारी रखने का निर्णय किया है. संवाददाताओं से बातचीत में बैंसला ने कहा कि हम दीपावली रेलवे ट्रैक पर ही मानएंगे. हमारी मांगें नई नहीं हैं. हम पिछले एक साल से अधिक समय से इन्हें पूरा करने की मांग कर रहे हैं. आरक्षण सहित अन्य मांगों को लेकर आंदोलनकारियों के बयाना के पीलूपुरा के पास दिल्ली मुंबई रेल मार्ग पर पटरी में बैठे हैं. गुर्जर अपनी छह मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. इनकी मांगों में समझौते और चुनाव घोषणा पत्र के अनुसार बैकलॉग रिक्तियों को अधिसूचित करना, सभी प्रक्रियाधीन भर्तियों में पांच प्रतिशत आरक्षण व आरक्षण को संविधान की नौंवीं अनुसूची में शामिल करवाना शामिल है.
सोर्स भाषा

राजस्थान 8 दिन से गुर्जर आरक्षण आंदोलन की जद में, एक बार फिर पीलूपुरा की पटरियां बनीं आंदोलन की गवाह, जानिए पूरा मामला

राजस्थान 8 दिन से गुर्जर आरक्षण आंदोलन की जद में, एक बार फिर पीलूपुरा की पटरियां बनीं आंदोलन की गवाह, जानिए पूरा मामला

अलवर: 8 दिन से प्रदेश गुर्जर आरक्षण आंदोलन की जद में है और पीलूपुरा की पटरियां फिर एक बार आंदोलन की गवाह बन रही हैं. अधिकारियों को सरकार की ओर से आमने सामने न होने के भी साफ निर्देश हैं और मुद्दा ये नहीं है कि भीड़ कितनी जुटी है बल्कि ये है कि मांगे कितनी है और कैसे पूरा किया जा सकता है. सरकार ने वार्ता के रास्ते भी खोले हैं. आइए जानते हैं अब तक आंदोलन मे क्या हुआ और किसको क्या चाहिए. 17 अक्टूबर को बयाना के अड्डा गांव में नहरा क्षेत्र के 80 गांवों की ओर से गुर्जर महापंचायत जुड़ी और खुद कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने अपने समर्थकों से बातचीत के बाद सरकार को 15 दिन का वक़्त दिया. यानी 31 अक्टूबर तक उसके बाद 1 नवम्बर को राजस्थान बन्द का आह्वान किया गया. जो मांगें रखी गई वो ये थी...
1.प्रक्रियाधीन भर्ती और बैकलॉग
2. 3 शहीदों को मुआवजा व नॉकरी
3. मलारना आंदोलन समझौते की पालना
4. मुकदमे वापसी
5. 1252 का नियमितीकरण
6. देवनारायण योजना

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1 नवम्बर को पीलूपुरा गुर्जर शहीद स्थल पर हुई बैठक:
चूंकि ये महापंचायत और मांग नहरा क्षेत्र के 80 गांवों की ओर से थी इसलिए 31 अक्टूबर तक सरकार के साथ बयाना के 80 गांवों के प्रतिनिधियों की वार्ता हुई, जिसमें 14 बिंदुओं पर सहमति बन गई. लेकिन इस वार्ता में कर्नल किरोड़ी बैंसला के हमेशा ही विरोध में रहे हिम्मत सिंह गुर्जर भी शामिल हुए. 31 अक्टूबर को ही देर शाम फर्स्ट इंडिया से बातचीत में विजय बैंसला ओर समर्थकों ने इस सहमति पत्र को मानने से इनकार कर दिया और 1 नवम्बर को पीलूपुरा गुर्जर शहीद स्थल पर बैठक का आह्वान किया.

नीरज के पवन ने सुनी समस्याएं:
1 नवम्बर को बैठक के दौरान मंत्री अशोक चांदना से बात की, कर्नल ने  उन्हें मौके पर बुलाया और 3 घण्टे का वक़्त मांगा गया. मंत्री हिंडौन पहुंचे भी लेकिन इससे पहले विजय बैंसला के समर्थकों ने पीलूपुरा ट्रैक पर कब्जा जमा लिया, कर्नल ने तबियत नासाज होने के चलते मिलने से मना कर दिया और जब मंत्री रात्रि में पीलूपुरा के लिए रवाना हुए तो सूरौठ में पुलिस ने आगे जाने से मना कर दिया कि स्थितियां अच्छी नहीं हैं. मंत्री को वापस लौटना पड़ा. फिर आईएएस नीरज के पवन पटरी पर आये और युवाओं से बात की, भर्ती सम्बन्धी समस्याएं सुनी और निस्तारण का आश्वासन देकर जयपुर लौट गए.

विजय बैंसला को आंदोलन की कमान देने की घोषणा:
फिर आरएएस रामलाल गुर्जर ने वार्ता जारी रखी, लेकिन बात नहीं बनी, कर्नल माने तो विजय बैंसला नहीं माने, आखिर कर्नल ने ट्रैक पर अपने संक्षिप्त भाषण में विजय बैंसला को आंदोलन की कमान देने की घोषणा कर दी और कहा कि विजय समाज को निराश नहीं करेगा. यानी अब कर्नल की सहमति के साथ विजय बैंसला की सहमति भी चाहिए और विजय बैंसला क्या चाहते हैं वो देखिये... 
-3  गुर्जर मृतकों के परिवारों को 5-5 लाख और नॉकरी की मांग जो सरकार तुरन्त पूरा कर रही है.
-1252 के वेतन को लेकर भी सरकार आदेश दे रही है.
लेकिन विजय बैंसला उनके एरियर का कम्प्यूटेशन और क्रेडिट चाहते हैं
-पेंडिंग केसेज का निस्तारण तुरन्त चाहते हैं लेकिन सरकार समिति बना रही है.
-प्रक्रिया धीन भर्तियों की नोकरियां जिनके लिए सरकार डीओपी, वित्त और लॉ सचिव की एक समिति बना रही है, लेकिन विजय बैंसला चाहते हैं कि जिन भर्तियों में एक भी पद खाली हो उन्हें प्रक्रियाधीन माना जाए और एमबीसी के पद क्रिएट कर कॉल लेटर जारी किए जाएं
- अगली मांग बैकलॉग की है जिसमें राज्य में ओबीसी को बैक लोग देने का प्रावधान नहीं है और विजय बैंसला केंद्र के पर्सनल विभाग का 15 जुलाई 2008 का ऑर्डर दिखा रहे हैं, जिसमें एससी एसटी की तरह ओबीसी को बैकलॉग देने का दावा है , विजय चाहते हैं कि राज्य में इसी तर्ज पर ओबीसी को बैक लोग दें ताकि एमबीसी को भी बैक लोग मिल सके. साथ ही कांग्रेस का घोषणा पत्र जो अब लीगल पत्र बन चुका है उसमें भी बिंदु संख्या 23.4 पर बैकलॉग देने की बात कही है. 

कर्नल बैंसला की चेतावनी, 9 नवंबर को होगा आंदोलन तेज: 
कर्नल ने 9 नवम्बर यानी कल प्रदेश में आंदोलन तेज करने की बात कही है और कर्नल बैंसला अशोक चांदना को लाडला बता चुके हैं और अशोक चांदना कर्नल बैंसला को अपने पितातुल्य, बातचीत को लेकर विनय बैंसला ने भी अपने तेवर कम किये हैं और संवादहीनता नहीं रखना चाहते है. बीते दिन ही कर्नल बैंसला के बयान के बाद अशोक चांदना ने उन्हें हिंडौन या बयाना में वार्ता का न्योता दिया है. अब उम्मीद है कि दोनों पक्ष एक एक कदम बढ़ेंगे और प्रदेश को आरक्षण की आग में जाने से रोकने का रास्ता निकालेंगे.

...फर्स्ट इंडिया के लिए अश्वीनी यादव की रिपोर्ट

Gujjar Reservation: 80 गांव नहरा क्षेत्र के प्रतिनिधिमण्डल का बयान, कर्नल बैंसला की जगह विजय बैंसला नहीं है स्वीकार

Gujjar Reservation: 80 गांव नहरा क्षेत्र के प्रतिनिधिमण्डल का बयान, कर्नल बैंसला की जगह विजय बैंसला नहीं है स्वीकार

बयाना (भरतपुर): गुर्जर आरक्षण आन्दोलन के मामले ने एक नया मोड ले लिया है. आन्दोलन शुरू होने से पहले सरकार से वार्ता कर 14 मांगों को मनवाने का दावा कर रहे नहरा क्षेत्र के 80 गांवों के प्रतिनिधिमण्डल ने आज एक बयान जारी कर विजय सिंह बैंसला को आरक्षण संघर्ष समिति का नेता मानने से इनकार कर दिया. गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के पूर्व सदस्य श्रीराम बैंसला, यादराम पूर्व सरपंच, विजयराम पूर्व सरपंच, हरिकिशन थानेदार, दयाराम आदि लोगों ने प्रेस से बातचीत में कर्नल बैंसला पर गुर्जर समाज को जबरन आन्दोलन की आग में धकेलने का आरोप लगाया.

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मांगें पूरी करने पर सरकार का जताया आभार:
फर्स्ट इंडिया से खास बातचीत में कहा कि गुर्जर समाज का जो भी उधार राज्य सरकार पर था उसे 80 गांव नहरा क्षेत्र के प्रतिनिधिमण्डल से बातचीत के बाद चुकता कर दिया गया है. छायापदों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी लम्बित है, उसमें सरकार ने मजबूत पैरवी किए जाने की बात कही है.

अपने बेटे को कमान सौंपने की कर दी घोषणा:
ऐसे में आन्दोलन का कोई औचित्य नहीं रह जाता है. पूरे आन्दोलन की रूपरेखा विजय बैंसला को नेता बनाने को लेकर रची गई है. अब जब विजय बैंसला को नेता घोषित कर दिया गया तब तो आन्दोलन समाप्त कर रेल की पटरी खाली कर दी जानी चाहिए. 

...फर्स्ट इंडिया के लिए मुकुट भारद्वाज की रिपोर्ट