जयपुर VIDEO: खान विभाग से संबंधित मुख्यमंत्री गहलोत की बजट घोषणाओं को वित्तीय मंजूरी का इंतजार, देखिए ये खास रिपोर्ट

VIDEO: खान विभाग से संबंधित मुख्यमंत्री गहलोत की बजट घोषणाओं को वित्तीय मंजूरी का इंतजार, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: खान विभाग से संबंधित मुख्यमंत्री द्वारा की गई बजट घोषणाओं को वित्त विभाग से मंजूरी का इंतजार है.वित्त वर्ष की पहली तिमाही बीतने के बाद भी खान विभाग से संबंधित सभी सात बजट घोषणाओं पर काम शुरू नहीं हो पाया है. ऐसे में विभाग का राजस्व अर्जन भी प्रभावित हो रहा है और खनन व्यवसायियों को भी अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है. इन सभी घोषणाओं को लेकर खान विभाग ने 30 जून की डेडलाइन निर्धारित की थी.

खनन गतिविधियों को गति देने और खनन व्यवसाय से जुड़े लोगों को लाभ देने के लिए नियमों के सरलीकरण की योजना को वित्त विभाग की नजरे इनायत का इंतजार है. दरअसल मुख्यमंत्री ने बजट में खान विभाग से संबंधित सात घोषणाएं की थी. माइनर मिनरल के जिन खनन पट्टे या क्वारी लाइसेंस की अवधि 31 मार्च 2025 को समाप्त हो रही है उन्हें निश्चित प्रीमियम के भुगतान पर 31 मार्च 2040 तक बढ़ाए जाने की घोषणा की थी. लेकिन वित्त की मंजूरी के बिना यह घोषणा अभी तक अटकी पड़ी है. इसी तरह वैज्ञानिक और सुरक्षित खनन को बढ़ावा देने के लिए खातेदारी भूमि में माइनर मिनरल खनन पट्टा देने की 4 हैक्टेयर की अधिकतम सीमा को हटाने की भी अहम घोषणा की थी. लेकिन अभी तक एमएमसीआर के संशोधित प्रारूप को मंजूरी नहीं मिली है. 

माइनर मिनरल के खनन पट्टों के समीप स्थित भूमि में से एक निश्चित क्षेत्रफल तक प्रीमियम भुगतान पर पट्टा धारक को आवंटन की घोषणा को भी मंजूरी का इंतजार है. खनन पट्टों के संविदा निष्पादन बिना पर्यावरण अनुमति के किए जाने लेकिन खनन कार्य ईसी मिलने के बाद शुरू करने का प्रावधान किया था लेकिन इसके लिए आवश्यक संशोधन को प्रारूप को अभी तक अनुमति नहीं मिली है. इसी तरह मुख्यमंत्री ने माइनर मिनरल के पट्टों के हस्तांतरण पर लिए जाने वाले प्रीमियम के संबंध में डैड रेंट या लाइसेंस फीस के 10 गुना व अधिकतम 10 लाख रुपए के प्रीमियम के स्थान पर 5 गुना व 5 लाख रुपए लि जाने की घोषणा के लिए संशोधित अधिसूचना का प्रारूप मंजूरी के इंतजार में पड़ा है. 

खनन पट्टों के मासिक ऑनलाइन रिटर्न की जगह तिमाही रिटर्न की घोषणा पर भी काम शुरू नहीं हो सका. इसी तरह एमनेस्टी स्कीम और इसके बाद बजरी के मंशा पत्रों में जारी अस्थाई कार्यानुमति अवधि के दौरान विभागीय बकाया व अन्य बकाया को एमनेस्टी स्कीम में शामिल करने की घोषणा भी अधूरी ही है. खान विभाग से संबंधित जन घोषणाओं की प्रगति की बात करें तो कुल 5 घोषणाएं की गई थी. इनमें से 4 पूरी कर ली गई हैं जबकि एक पर कार्य जारी है. सूत्रों की माने तो खान विभाग ने 30 जून का लक्ष्य बजट घोषणाओं को पूर्ण करने के लिए रखा था लेकिन सभी सात घोषणाओं को पूरा करने के लिए अधिसूचना का प्ररूप वित्त की मंजूरी के अभाव में अटका हुआ है. उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही वित्त से मंजूरी के बाद आरएमएमसीआर में संशोधन की अधिसूचना जारी होंगी और खनन राजस्व में वृद्धि होगी और खनन व्यवसायियों को भी नियमों के सरलीकरण का लाभ मिलेगा.

और पढ़ें