नई दिल्ली Ayodhya Verdict: सुन्नी वक्फ बोर्ड सुप्रीम कोर्ट को देगा चुनौती, जाने फैसले की 10 बड़ी बातें

Ayodhya Verdict: सुन्नी वक्फ बोर्ड सुप्रीम कोर्ट को देगा चुनौती, जाने फैसले की 10 बड़ी बातें

Ayodhya Verdict: सुन्नी वक्फ बोर्ड सुप्रीम कोर्ट को देगा चुनौती, जाने फैसले की 10 बड़ी बातें

नई दिल्ली: अयोध्या राम मंदिर और बाबरी मस्जिद विवाद पर आज सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला आ गया है. कोर्ट ने इस फैसले में विवादित जमीन रामजन्मभूमि न्यास को देने का फैसला किया है यानी विवादित जमीन राम मंदिर के लिए दे दी गई है. जबकि मुस्लिम पक्ष को 5 एकड़ की वैकल्पिक ज़मीन जगह देने का आदेश दिया है. सुप्रीम कोर्ट के फैसले में ये 10 बड़ी बाते सामने आई है...

1. फैसले में विवादित जमीन रामजन्मभूमि न्यास को देने का फैसला किया है यानी विवादित जमीन राम मंदिर के लिए दे दी गई है.  जबकि मुस्लिम पक्ष को अलग स्थान पर जगह देने के लिए कहा गया है. 

2. सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 142 के तहत मिली विशेष शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए मुस्लिम पक्ष को ज़मीन देने का फैसला सुनाया.

3. कोर्ट ने फैसले में कहा कि मुस्लिम पक्ष जमीन पर दावा साबित करने में नाकाम रहा है.

4. कोर्ट ने कहा है कि सिर्फ विवादित ढांचे के नीचे एक पुरानी रचना से हिंदू दावा माना नहीं जा सकता. मुसलमान दावा करते हैं कि मस्ज़िद बनने से साल 1949 तक लगातार नमाज पढ़ते थे, लेकिन 1856-57 तक ऐसा होने का कोई सबूत नहीं है.

5. कोर्ट ने निर्मोही अखाड़े का दावा खारिज कर दिया है. निर्मोही अखाड़ा सेवादार भी नहीं है. रामलला को कोर्ट ने मुख्य पक्षकार माना है. यानी दो में से एक हिंदू पक्ष का दावा खारिज कर दिया है.

6. कोर्ट ने कहा है कि ASI यह नहीं बता पाए कि मंदिर तोड़कर विवादित ढांचा बना था या नहीं. 12वीं सदी से 16वीं सदी पर वहां क्या हो रहा था, साबित नहीं.

7. कोर्ट ने फैसले में कहा कि आस्था के आधार पर जमीन का मालिकाना हक नहीं दिया जा सकता.

8. सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि केंद्र सरकार तीन महीने में स्कीम लाए और ट्रस्ट बनाए. यह ट्रस्ट राम मंदिर का निर्माण करेगा.

9. सुन्नी वक्फ बोर्ड सुप्रीम कोर्ट के फैसले को चुनौती देगा. मुस्लिम पक्ष के वकील जिलानी ने कहा है कि हम कोर्ट के फैसले से संतुष्ट नहीं हैं.

10. विश्व हिंदू परिषद ने कहा इतने बड़े फ़ैसले के बाद भी राम जन्मभूमि न्यास की कार्यशाला परिसर में कोई जश्न नहीं हो रहा है. इसका सीधा मतलब है कि सभी लोग शांति चाहते हैं. 

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