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Ayodhya Verdict: सुन्नी वक्फ बोर्ड सुप्रीम कोर्ट को देगा चुनौती, जाने फैसले की 10 बड़ी बातें

Ayodhya Verdict: सुन्नी वक्फ बोर्ड सुप्रीम कोर्ट को देगा चुनौती, जाने फैसले की 10 बड़ी बातें

नई दिल्ली: अयोध्या राम मंदिर और बाबरी मस्जिद विवाद पर आज सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला आ गया है. कोर्ट ने इस फैसले में विवादित जमीन रामजन्मभूमि न्यास को देने का फैसला किया है यानी विवादित जमीन राम मंदिर के लिए दे दी गई है. जबकि मुस्लिम पक्ष को 5 एकड़ की वैकल्पिक ज़मीन जगह देने का आदेश दिया है. सुप्रीम कोर्ट के फैसले में ये 10 बड़ी बाते सामने आई है...

1. फैसले में विवादित जमीन रामजन्मभूमि न्यास को देने का फैसला किया है यानी विवादित जमीन राम मंदिर के लिए दे दी गई है.  जबकि मुस्लिम पक्ष को अलग स्थान पर जगह देने के लिए कहा गया है. 

2. सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 142 के तहत मिली विशेष शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए मुस्लिम पक्ष को ज़मीन देने का फैसला सुनाया.

3. कोर्ट ने फैसले में कहा कि मुस्लिम पक्ष जमीन पर दावा साबित करने में नाकाम रहा है.

4. कोर्ट ने कहा है कि सिर्फ विवादित ढांचे के नीचे एक पुरानी रचना से हिंदू दावा माना नहीं जा सकता. मुसलमान दावा करते हैं कि मस्ज़िद बनने से साल 1949 तक लगातार नमाज पढ़ते थे, लेकिन 1856-57 तक ऐसा होने का कोई सबूत नहीं है.

5. कोर्ट ने निर्मोही अखाड़े का दावा खारिज कर दिया है. निर्मोही अखाड़ा सेवादार भी नहीं है. रामलला को कोर्ट ने मुख्य पक्षकार माना है. यानी दो में से एक हिंदू पक्ष का दावा खारिज कर दिया है.

6. कोर्ट ने कहा है कि ASI यह नहीं बता पाए कि मंदिर तोड़कर विवादित ढांचा बना था या नहीं. 12वीं सदी से 16वीं सदी पर वहां क्या हो रहा था, साबित नहीं.

7. कोर्ट ने फैसले में कहा कि आस्था के आधार पर जमीन का मालिकाना हक नहीं दिया जा सकता.

8. सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि केंद्र सरकार तीन महीने में स्कीम लाए और ट्रस्ट बनाए. यह ट्रस्ट राम मंदिर का निर्माण करेगा.

9. सुन्नी वक्फ बोर्ड सुप्रीम कोर्ट के फैसले को चुनौती देगा. मुस्लिम पक्ष के वकील जिलानी ने कहा है कि हम कोर्ट के फैसले से संतुष्ट नहीं हैं.

10. विश्व हिंदू परिषद ने कहा इतने बड़े फ़ैसले के बाद भी राम जन्मभूमि न्यास की कार्यशाला परिसर में कोई जश्न नहीं हो रहा है. इसका सीधा मतलब है कि सभी लोग शांति चाहते हैं. 

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कानपुर: कानपुर शूटआउट के मोस्टवॉन्टेड विकास दुबे ने उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर की पर्ची कटाई और इसके बाद खुद ही सरेंडर कर दिया. फिलहाल, स्थानीय पुलिस ने उसे कस्टडी में ले लिया है. यूपी पुलिस ने विकास दुबे की गिरफ्तारी की पुष्टि की है. यूपी पुलिस उसे सात दिन से खोज रही थी. मध्यप्रदेश से गिरफ्तार विकास दुबे का यहां से जबरदस्त कनेक्शन रहा है. 

मध्यप्रदेश: उज्जैन से गैंगस्टर विकास दुबे गिरफ्तार 

राजू खुल्लर की बहन रिचा को विकास दुबे पंसद करने लगा: 
विकास दुबे की दोस्ती शास्त्री नगर के मशहूर अपराधी राजू खुल्लर से हुई थी. विकास का राजू खुल्लर के घर आना जाना शुरू हो गया था. यहीं से विकास की लव स्टोरी की शुरूआत होती है. राजू खुल्लर की बहन रिचा को विकास दुबे पंसद करने लगा. रिचा और विकास दुबे दोनों एक दूसरे का पंसद करने लगे. बहन के प्रेम संबंधों की भनक रिचा के भाई राजू खुल्लर को लगी तो विकास दुबे उसकी आंखों में खटकने लगा. 

विकास ने गन पॉइंट पर रिचा से शादी की थी: 
विकास दुबे ने मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के बुढ़ार कस्बे की रिचा निगम उर्फ सोनू से करीब 20 साल पहले कानपुर में लव मैरिज की थी. इस शादी से रिचा के घरवाले घिलाफ थे. उनके विरोध करने पर विकास ने गन पॉइंट पर रिचा से शादी की थी. इन दिनों विकास के काम रिचा खुद देख रही थी. विकास दुबे और राजू खुल्लर ने मिलकर कई बड़े अपराधों को अंजाम दिया था.

फिल्म अर्जुन पंडित ने विकास को सबसे ज्याद प्रभावित किया:
सन् 1999 में रिलीज हुई फिल्म अर्जुन पंडित ने विकास को सबसे ज्याद प्रभावित किया था. अर्जुन पंडित मूवी देखने के बाद विकास दुबे की जिद थी कि अब वो रिचा से शादी कर के रहेगा. विकास दुबे की धमकी से राजू खल्लर डर गया और रिचा और विकास से दूरी बना ली थी. इसके बाद विकास ने रिचा से शादी कर ली थी. अर्जुन पंडित फिल्म देखने के बाद विकास दुबे का सर नेम बदल गया और विकास पंडित बन गया. अर्जुन पंडित मूवी में सनी देओल ने गैंगस्टर का रोल किया था. 

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दुबे की सारी सत्ता काफी हद तक सोनू के पास रही: 
वर्ष 2000 में ताराचंद्र इंटर कालेज के सेवानिवृत्त प्रिंसिपल सिद्धेश्वर पांडेय और वर्ष 2001 में दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री की हत्या के बाद विकास कभी जेल में रहा तो कभी फरार रहा. अगले पांच वर्ष इसी लुकाछिपी में बीते. इस दौरान विकास दुबे की सारी सत्ता काफी हद तक राजू खुल्लर और उसकी बहन सोनू के पास रही.  


 

विकास दुबे के दो और साथियों का एनकाउंटर, कानपुर में प्रभात तो इटावा में रणबीर ढेर

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कानपुर: फरीदाबाद में विकास दुबे की मदद करने वाले अपराधी प्रभात मिश्रा और रणबीर शुक्ला को पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया है. इससे पहले पुलिस ने प्रभात मिश्रा को फरीदाबाद के एक होटल से गिरफ्तार किया था. बताया जा रहा है कि प्रभात मिश्रा पुलिस कस्टडी से भागने का प्रयास कर रहा था. ऐसे में प्रभात को एनकाउंटर को मार दिया. 

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रणबीर शुक्ला को मार गिराया:  
वहीं विकास दुबे के एक दूसरे करीबी रणबीर शुक्ला को मार गिराया गया है. पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार रणबीर शुक्ला ने देर रात महेवा के पास हाईवे पर स्विफ्ट डिजायर कार को लूटा था. उसके बाद पुलिस को जैसे ही लूट की जानकारी मिली तो उसे सिविल लाइन थाने के काचुरा रोड पर घेर लिया. 

तीन साथी भागने में कामयाब रहे:
इस दौरान रणबीर शुक्ला और पुलिस के बीच फायरिंग शुरू हो गई. इस फायरिंग में पुलिस ने रणबीर शुक्ला को ढेर कर दिया. हालांकि इस दौरान उसके तीन साथी भागने में कामयाब रहे. पुलिस ने रणबीर शुक्ला पर 50 हजार का इनाम घोषित कर रखा था. वह भी कानपुर शूटआउट का एक आरोपी था. 

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प्रभात ने पुलिस का हथियार छीनकर भागने का प्रयास किया:
वहीं प्रभात मिश्रा एनकाउंटर के बारे में पुलिस के एक अधिकारी ने बताते हुए कहा कि पुलिस की टीम प्रभात को लेकर फरीदाबाद से आ रही थी. रास्ते में गाड़ी पंचर हो गई, और इस दौरान प्रभात ने पुलिस का हथियार छीनकर भागने का प्रयास किया. इसके बाद हुए एनकाउंटर में प्रभात मारा गया है. कुछ सिपाही भी घायल हुए हैं. इससे पहले पुलिस ने विकास दुबे के दाहिने हाथ अमर दुबे को एनकाउंटर में ढेर कर दिया था. उस पर भी 50 हजार रुपये का इनाम था. वहीं पुलिस लगातार विकास दुबे की तलाश कर रही है. 
 

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कानपुर: कानपुर शूटआउट कांड में फरार मुख्य कुख्यात आरोपी विकास दुबे पर एक बार फिर इनाम की राशि बढ़ाई गई है. अब विकास दुबे के बारे में जानकारी देने वाले को 5 लाख रुपए का इनाम मिलेगा. चौबेपुर में हुई आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले में लगातार विकास और उसके साथियों की धर पकड़ जारी है. 

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दोनों को सिर पर 25 हजार का इनाम था: 
इससे पहले बुधवार को हमीर पुर में विकास के करीबी अमर को मुठभेड़ में मारने के बाद विकास के एक और साथी श्यामू बाजपेयी को कानपुर में पुलिस ने दबोचा है. इन दोनों को सिर पर 25 हजार का इनाम था. अमर बदमाशों द्वारा घात लगाकर आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले में शामिल था. 

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विकास की तलाश में पुलिस की अनेक टीमें लगी हुई: 
गौरतलब है कि 2 जुलाई की रात को बिकारू गांव में आठ पुलिसकर्मियों की निर्मम हत्या के बाद से ही गैंगस्टर विकास दुबे फरार है. उसकी तलाश में छापेमारी जारी है. फरीदाबाद एक होटल में विकास दुबे के छिपे होने की खबर मिली थी, जिसके बाद पुलिस ने छापेमारी की. यहां विकास दुबे नहीं मिला, लेकिन उसका गुर्गा प्रभात मिला. विकास की तलाश में पुलिस की अनेक टीमें लगी हुई हैं. विकास दुबे के रिश्तेदार प्रभात समेत तीन लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है.


 

Kanpur Encounter: अभी पुलिस गिरफ्त से दूर कुख्यात अपराधी विकास दुबे, साथी दयाशंकर चढ़ा पुलिस के हत्थे, किए कई खुलासे

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नई दिल्ली: कानपुर देहात में 8 पुलिस वालों की हत्या को अंजाम देने वाला कुख्यात अपराधी विकास दुबे अभी पुलिस गिरफ़्त से दूर है. दुबे की गिरफ्तारी के लिए उत्तर प्रदेश एसटीएफ की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं. इस बीच यूपी पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने मुठभेड़ में विकास दुबे के सहयोगी दयाशंकर अग्निहोत्री को गिरफ्तार कर लिया है. 

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दयाशंकर पर था 25 हजार का इनाम:
कानपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र में पुलिस से मुठभेड़ के दौरान उसके पैर में गोली लग गई. घायल दयाशंकर पर भी 25 हजार का इनाम घोषित है. मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक दयाशंकर कुख्यात अपराधी विकास के साथ घर पर ही रहता था. पुलिस पूछताछ में दयाशंकर ने कई खुलासे किए हैं.मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक दयाशंकर ने पूछताछ में बताया कि विकास दुबे को पुलिस स्टेशन से एक फोन आया था. जिसके बाद उसने लगभग 25-30 लोगों को बुलाया.उसने पुलिस कर्मियों पर गोलियां चलाईं. एनकाउंटर के समय मैं घर के अंदर बंद था, इसलिए मैंने कुछ भी नहीं देखा. 

विकाश दुबे की तलाश के लिए छापेमारी:
8 पुलिसकर्मियों की हत्या करने वाला कुख्यात अपराधी विकास दुबे अब तक फरार है. विकास दुबे और उसके सहयोगियों को पकड़ने के लिये पुलिस की 25 टीमें लगाई गई हैं जो प्रदेश के विभिन्न जिलों के अलावा कुछ दूसरे प्रदेशों में भी छापेमारी कर रही हैं. गौरतलब है कि कानपुर के चौबेपुर थाना इलाके में पुलिस ने बिकरू गांव में दबिश दी थी. पुलिस यहां हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को पकड़ने गई थी. दबिश के दौरान बदमाशों ने पुलिस को घेरकर फायरिंग कर दी जिसमें 8 पुलिसकर्मी शहीद हो गए.

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कानपुर: विकास दुबे पर 50 हजार का इनाम, UP पुलिस की 100 टीमें कर रही तलाश

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कानपुरः कानपुर मुठभेड़ में 8 पुलिसकर्मियों की जान लेने वाले हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे की जानकारी देने पर पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम रखा है. घटना के बाद अभी तक पुलिस को उसके बारे में कोई सुराग नहीं लग पाया है. उसकी तलाशी के लिए बनाई गई स्पेशल टास्क फोर्स कई जगहों पर छापेमारी कर रही है. 

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विकास दुबे का ठिकाना बताने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा: 
शुक्रवार को कानपुर के आईजी मोहित अग्रवाल ने इस इनाम की घोषणा करते हुए कहा कि विकास दुबे का ठिकाना बताने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा. फिलहाल, बदमाश विकास दुबे के बारे में जानकारी लगाने के लिए कई लोगों से गहन पूछताछ की जा रही है. हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे ने थाना क्षेत्र में 8 पुलिस कर्मियों की हत्या को अंजाम दिया है, उसी थाने में उसके के खिलाफ 60 केस दर्ज हैं. ऐसे में विकास दुबे अब यूपी पुलिस का मोस्ट वॉन्टेड बन गया है. 

मां ने की सरेंडर करने की सलाह:
हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे की मां सरला देवी ने अपने बेटे को सलाह दी कि वो सरेंडर कर दे वरना पुलिस उसे मार देगी. उन्होंने कहा कि मैं कहती हूं कि अगर पुलिस उसे पकड़ लेती है तो उसे मार भी दे क्योंकि उसने बहुत गलत काम किया है. विकास के खिलाफ दर्जनों संगीन मामले चल रहे हैं. हत्या और हत्या की कोशिश के कई केस भी इसमें शामिल हैं.

यूपी पुलिस की करीब 100 टीमों ने तलाशी अभियान चलाया: 
मिली जानकारी के अनुसार  विकास की तलाशी के लिए पूरे राज्य में एसटीएफ समेत यूपी पुलिस की करीब 100 टीमों ने तलाशी अभियान चलाया है, लेकिन अभी तक इस गैंगस्टर का कुछ पता नहीं चल पाया है. पुलिस ने उसके गांव वाले घर में भी छापा मारा और मोबाइल फोन बरामद किए, जिनकी जांच की जा रही है.

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8 पुलिसकर्मी शहीद हो गए:
बता दें कि कानपुर के चौबेपुर थाना इलाके में पुलिस ने बिकरू गांव में दबिश दी थी. पुलिस यहां हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को पकड़ने गई थी. दबिश के दौरान बदमाशों ने पुलिस को घेरकर फायरिंग कर दी जिसमें 8 पुलिसकर्मी शहीद हो गए.
 

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कानपुर: देर रात कानपुर में एक हिस्ट्रीशीटर को पकड़ने गई पुलिस टीम पर बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. इसमें एक सीओ समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए. हमले में सात पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. घायल पुलिसकर्मियों में से एक की हालत बेदह गंभीर बनी हुई है, उनके पेट में गोली लगी है. ये मुठभेड़ कानपुर के शिवराजपुर इलाके में रात 1 बजे हुई. कानपुर के चौबेपुर थाना इलाके में पुलिस ने बिकरू गांव में दबिश दी थी.पुलिस यहां हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को पकड़ने गई थी.

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पुलिस ने तीन अपराधियों को मार गिराया: 
जानकारी के अनुसार कानपुर में एनकाउंटर वाली जगह से कुछ दूर एक और एनकाउंटर हुआ है जहां पुलिस ने तीन अपराधियों को मार गिराया है. पुलिस सूत्रों का कहना है कि ये तीनों वही अपराधी हैं जो विकास दुबे के साथ थे. जबकि विकास अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है.

घर के अंदर और छतों से गोलियां चलाई गईं:
बता दें कि गुरुवार रात करीब साढ़े 12 बजे बिठूर और चौबेपुर पुलिस ने मिलकर विकास दुबे के गांव बिकरू में उसके घर पर दबिश दी. इस पर विकास और उसके 8-10 साथियों ने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. घर के अंदर और छतों से गोलियां चलाई गईं. इसमें आठ पुलिसवाले शहीद हो गए. उनमें सीओ देवेंद्र कुमार मिश्रा, एसओ महेश यादव, चौकी इंचार्ज अनूप कुमार, सब-इंस्पेक्टर नेबुलाल, कांस्टेबल सुल्तान सिंह, राहुल, जितेंद्र और बबलू शामिल हैं. 

संतोष शुक्ला की थाने में घुसकर हत्या की थी:
विकास दुबे वही अपराधी है, जिसने 2001 में राजनाथ सिंह सरकार में मंत्री का दर्जा पाए संतोष शुक्ला की थाने में घुसकर हत्या की थी. 25000 के इनामी विकास दुबे पूर्व प्रधान व जिला पंचायत सदस्य भी रह चुका है. इसके खिलाफ 60 में से करीब 53 हत्या के प्रयास के मुकदमे चल रहे हैं. हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे का जघन्य आपराधिक इतिहास रहा है.

योगी ने घटना की रिपोर्ट तलब की: 
मुख्यमंत्री योगी ने कानपुर की इस घटना में मारे गए पुलिसकर्मियों के प्रति शोक और उनके परिजनों से संवेदना प्रकट की है. योगी ने घटना की रिपोर्ट तलब की है और साथ ही डीजीपी एचसी अवस्थी से अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया है. 

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60 में से करीब 53 हत्या के प्रयास के मुकदमे:
25000 के इनामी विकास दुबे पूर्व प्रधान व जिला पंचायत सदस्य भी रह चुका है. इसके खिलाफ 60 में से करीब 53 हत्या के प्रयास के मुकदमे चल रहे हैं. हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे का जघन्य आपराधिक इतिहास रहा है.

बंगला खाली करने के नोटिस के बाद लखनऊ शिफ्ट होंगी प्रियंका गांधी, हो चुकी व्यवस्था !

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लखनऊ: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के दिल्ली में लोधी एस्टेट स्थित बंगला खाली करने के नोटिस के बाद अब वे दिल्ली के बजाए लखनऊ का रुख करने के मूड में हैं. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उनके लिए यहां एक शानदार बंगले की व्यवस्था भी हो चुकी है. प्रियंका लखनऊ में कौल हाउस में शिफ्ट होने की तैयारी में है. कौल हाउस इंदिरा गांधी की मामी शीला कौल का है.

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बेहद सधी हुई रणनीति का हिस्सा माना जा रहा ये कदम: 
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि प्रयंका गांधी वाड्रा अब यूपी की राजधानी लखनऊ में अपना बेस बनाने की तैयारी में हैं. प्रियंका पार्टी की महासचिव होने के साथ साथ यूपी की इंचार्ज भी हैं. लिहाजा उनका ये कदम बेहद सधी हुई रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. ऐसे में लखनऊ शिफ्ट होना राजनीतिक दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. महासचिव बनाए जाने के बाद से प्रियंका लगातार यूपी में ज्यादा सक्रिय रही हैं. 

प्रियंका यूपी में और ज्यादा नजर आएंगी:
जानकारी के अनुसार, प्रियंका गांधी वाड्रा का दिल्ली से लखनऊ शिफ्ट होना चुनावी तैयारी के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है. इस तरह आने वाले दिनों में प्रियंका यूपी में और ज्यादा नजर आएंगी. अपनी शादी के बाद, इंदिरा गांधी भी अपने पति फ़िरोज़ के साथ लखनऊ आ गईं थी. वे चारबाग रेलवे स्टेशन के पास एपी सेन रोड के एक बंगले में रहती थीं.

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बंगला एक अगस्त तक खाली करना होगा:
मोदी सरकार ने कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी को लोधी एस्टेट स्थित बंगला खाली करने को कहा है. प्रियंका को ये बंगला एक अगस्त तक खाली करना है. SPG सुरक्षा हटने के चलते बंगला खाली करना होगा. इस बाबत मिनिस्ट्री ऑफ हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स की ओर से नोटिस जारी किया गया है. प्रियंका गांधी लगभग दो दशक से फैमिली के साथ इसी बंगले में रहती है. 


 

पाकिस्तान में रह रहे मामा की बेटी का प्यार पाने के लिए आईएसआई एजेंट बन गया राशिद अहमद

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लखनऊ: पांच महीने पहले जासूसी करने के आरोप में दबोचा गया राशिद अहमद पाकिस्तानी प्रेमिका से मिलने की चाहत में आईएसआई एजेंट बन गया था. जनवरी में गिरफ्तार राशिद पाकिस्तान में रह रहे अपने मामा की लड़की से प्यार करता था. लेकिन घर वालों को यह रिश्ता मंजूर नहीं था. इस बात की जानकारी जब पाक खुपिया एजेंसी को लगी तब आईएसआई व पाकिस्तानी डिफेंस के एक अधिकारी ने उसकी प्रेमिका से शादी कराने का वादा कर भारत से गोपनीय सूचनाएं मंगाने लगे. 

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मामा की बेटी से करने लगा था प्यार: 
इसी बीच राशित वर्ष 2017 और 2018 में दो बार पाकिस्तान के कराची में रह रही अपनी मौसी के पास गया था. वहीं राशिद के मामा नजीर भी रहते थे, जिनकी बेटी वह प्यार करने लगा. लेकिन राशिद के मामा को यह रिश्ता मंजूर नहीं था. राशिद का मौसेरा भाई आईएसआई और पाकिस्तान डिफेंस के संपर्क में था. 

प्रेमिका से शादी कराने का वादा किया:
ऐसे में उसने यह पूरी कहानी आईएसआई व पाकिस्तान डिफेंस को बताई और राशिद से उनकी मुलाकात करवाई. ऐसे में उन्होंने उसकी प्रेमिका से शादी कराने का वादा किया और भारत के महत्वपूर्ण व संवेदनशील स्थानों की फोटो, नक्शे और सेना के मूवमेंट की जानकारी मांगी. इसके बदले में राशिद के पैसे भी देने का वादा किया गया. 

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भारत के नंबर पर पाकिस्तान में व्हाट्सएप चल रहा था:
उसके बाद राशिद भारत लौट आया और पाकिस्तान के लिए काम करने लगा. इसने दो फोन नंबरो को एक्टिवेट कराकर पाकिस्तान में व्हॉट्सएप चलाने के लिए ऑटिपी बताया. यानी भारत के नंबर पर पाकिस्तान में व्हाट्सएप चल रहा था. राशिद नहीं व्हाट्सएप नंबरों पर संवेदनशील स्थानों की तस्वीरें भेजरा रहता था. इसके बदले राशिद को रुपये भी भेजे गए थे. 
 

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