RSS के क्षेत्रीय प्रचारक निंबाराम पर केस दर्ज करने के मामले में BJP हुई हमलावार, प्रेस वार्ता में बोले नेता, अफसर कानून के दायरे में रहकर करे काम

RSS के क्षेत्रीय प्रचारक निंबाराम पर केस दर्ज करने के मामले में BJP हुई हमलावार, प्रेस वार्ता में बोले नेता, अफसर कानून के दायरे में रहकर करे काम

RSS के क्षेत्रीय प्रचारक निंबाराम पर केस दर्ज करने के मामले में BJP हुई हमलावार, प्रेस वार्ता में बोले नेता, अफसर कानून के दायरे में रहकर करे काम

जयपुर: ​RSS के क्षेत्रीय प्रचारक निंबाराम पर केस दर्ज मामले में प्रदेश में BJP हमलावर हो गई है. BJP के नेताओं ने अफसरों को कानून के दायरे में रहकर काम करने की नसीहत दी है. साथ ही कहा है कि ये सौदा महंगा पडेगा. BJP मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि अफसर कानून के दायरे में रहकर काम करें. अफसर ध्यान रखें समय का चक्र घूमेगा, जो कानून के दायरे से बाहर जाकर काम करेंगे तो परिणाम भुगतने होंगें. इस सरकार ने लोकसेवकों का बेजा इस्तेमाल किया है. लोकसेवकों का इस्तेमाल करना गलत काम है.

राजनीतिक आकाओं को खुश करने के लिए कानून के दायो से बाहर नहीं जाए अफसर: चतुर्वेदी
प्रेस वार्ता में पूर्व मंत्री अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि सत्ताएं आती जाती रहती हैं. चाल बदलने वाले अफसरों को भी जवाब देना होगा. अफसरों से यह अपेक्षा की जाती है कि वे अपने राजनीतिक आकाओं को खुश करने के लिए कानून के दायरे से बाहर जाकर काम नहीं करें. अगर अफसर आज अपने पॉलिटिकल बोसेज को खुश करने के लिए कानून के दायरे से बाहर जाकर काम करेंगे तो उन्हें जवाब देना पड़ेगा. राजेंद्र राठौड़ और अरुण चतुर्वेदी ने ACB अफसरों की तरफ इशारा करते हुए चेतावनी दी है. आगे अगर BJP की सरकार बनी तो ऐसे अफसरों के सामने मुश्किल आ सकती है.

प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया पूर्व में अफसरों को कह चुके है दायरे में रहकर कार्य करने की बात:
BJP प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया और उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ पहले भी कई मामलों में अफसरों को चेतावनी दे चुके हैं. पूनिया और राठौड़ ने सरकार के इशारे पर कार्यकर्ताओं को परेशान करने और गलत तरीके से काम करने वाले अफसरों को चेताया था. विपक्ष में रहते हुए अफसरों पर सरकार के इशारे पर गलत तरीके से विपक्ष के नेताओं को फंसाने के आरोप नए नहीं हैं. भाजपा राज के दौरान साल 2017 की शुरुआत में अशोक गहलोत के नजदीकी कांग्रेस नेता दिवंगत जुगल काबरा को गिरफ्तार किया था. 

ACB हिरासत में ही जुगल काबरा से मिलने उस वक्त गहलोत दिल्ली से आकर मिले थे. गहलोत ने उस वक्त भाजपा पर राजनीतिक प्रतिशोध लेने के लिए गलत तरीके से कांग्रेस नेताओं को फंसाने के आरोप लगाए थे. इसके बाद एकल पट्टा प्रकरण में शांति धारीवाल और अन्य अफसरों पर जब एसीबी ने मुकदमा किया तब भी गहलोत ने चेतावनी दी थी कि गलत तरीके से सरकार के इशारे पर लोगों को परेशान करने वाले अफसर बख्शे नहीं जाएंगे.

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