जयपुर 20 जिलों में जिला प्रमुख की तस्वीर साफ, BJP के 12, कांग्रेस के 5 और 3 जिलों में निर्दलीयों ने मारी बाजी

20 जिलों में जिला प्रमुख की तस्वीर साफ, BJP के 12, कांग्रेस के 5 और 3 जिलों में निर्दलीयों ने मारी बाजी

20 जिलों में जिला प्रमुख की तस्वीर साफ, BJP के 12, कांग्रेस के 5 और 3 जिलों में निर्दलीयों ने मारी बाजी

जयपुरः जिला परिषद व पंचायत समिति चुनाव में जनता ने तो अपना फैसला दो दिन पहले सुना दिया, लेकिन जब बाजी सरकार व नेताओं के हाथ में आई तो कई जगह पलट दी गई. जनता के दिए गए फैसलों के अनुसार 21 में से 15 जिलों में भाजपा का प्रमुख बनना था और पांच जगह कांग्रेस का. एक जगह बीटीपी का प्रमुख बनने की संभावना थी, लेकिन भाजपा के 12 और कांग्रेस के पांच प्रमुख बने. तीन जगह निर्दलीयों ने बाजी मारी. झालावाड़ का परिणाम शुक्रवार को आएगा. वहां भाजपा का प्रमुख बनना तय है.

कांग्रेस के महेंद्र चौधरी 21 वाटों से चुनाव जीते:

भाजपा को बूंदी, अजमेर, और बाड़मेर में तगड़ा झटका लगा. बूंदी में बहुमत के बावजूद भाजपा से बागी हुई उम्मीदवार चंद्रकला कंवर कांग्रेस के समर्थन से जिला प्रमुख बन गई. बाद में उन्होंने खेल मंत्री अशोक चांदना की मौजूदगी में कांग्रेस भी जॉइन कर ली. बाड़मेर में कांग्रेस और भाजपा के 18-18 उम्मीदवार जीते थे, लेकिन कांग्रेस के महेंद्र चौधरी 21 वोट लेकर चुनाव जीत गए. अजमेर में भी भाजपा को बड़ा झटका लगा. पूर्व विधायक सुशीला कंवर पलाड़ा ने बगावत की और कांग्रेस के समर्थन से निर्दलीय जिला प्रमुख बन गई. उधर जैसलमेर में बहुमत के बावजूद कांग्रेस प्रमुख नहीं बना पाई और 4 वोट क्रोस होने से भाजपा का जिला प्रमुख बन गया.

भाजपा के भागीरथ चौधरी बने जिला प्रमुख:

नागौर में भाजपा और कांग्रेस के वोट 19-19 बराबर होने के बाद लॉटरी से भाजपा के भागीरथ चौधरी जिला प्रमुख बने. यहां पर आरएलपी ने भाजपा को समर्थन देने की बजाय अपना उम्मीदवार खड़ा किया था जिसको 9 के 9 वोट मिल गए. डूंगरपुर में 27 में से बीटीपी के 13 जिला परिषद सदस्य जीते थे, यानी बहुमत से एक कम फिर भी वह प्रमुख बनने में कामयाब नहीं हुई. यहां बीटीपी को हराने के लिए भाजपा व कांग्रेस ने ही गठबंधन कर लिया. गुरुवार को दोपहर बाद जिला परिषद सदस्यों ने जिला प्रमुख चुनने के लिए मतदान किया. 21 जिलों में जिला परिषद की 636 सीटों में से भाजपा ने 353 और कांग्रेस ने 252 सीटें जीती थीं. इसके अलावा, पंचायत समिति में भाजपा ने 1989 व कांग्रेस ने 1852 सीटें जीती थीं. वहीं पंचायत समितियों की बात करें, तो 222 में से खबर लिखे जाने तक 206 के परिणाम आ गए थे. इनमें से 92 कांग्रेस, 91 भाजपा ने जीती। 21 जगह निर्दलीय विजयी रहे। दो जगह त्स्च् के प्रधान बने, तो एक जगह सीपीआईएम   ने बाजी मारी.

- सबसे ज्यादा पढ़े लिखे प्रधान चित्तौडगढ़ के सुरेश है, जिन्होंने पीएचडी की है. वे निर्विरोध प्रमुख चुने गए.
- पाली से भाजपा की रश्मि सिंह सबसे ज्यादा अंतर से चुनाव जीती। रश्मि को 33 में से 30 वोट पड़े, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी को 2 वोट मिले. रश्मि 28 वोटों से जीती.
- सबसे कम अंतराल से डूंगरपुर में एक वोट से जीतीं.

नंबर

  जिला परिषद    जिला प्रमुख का नाम

   पार्टी

1.

 बूंदी  चंद्र कला कंवर

 निर्दलीय (जीत के बाद कांग्रेस ज्वॉइन की)

2.

 भीलवाड़ा  बरजी देवी भील

 भाजपा

3.

 झुंझुनूं  हर्षिनी कुलहरी

  भाजपा

4.

सीकर  गायत्री कंवर

 भाजपा

5.

 अजमेर  सुशील कंवर

 निर्दलीय

6.

 नागौर  भागीरथ राम

 भाजपा

7.

 बीकानेर  मोडा राम

 कांग्रेस

8.

 जैसलमेर  प्रतापसिंह

 भाजपा

9.

 चूरू  वंदना

 भाजपा

10.

 हनुमानगढ़  कविता मेघवाल

 कांग्रेस

11.

 राजसमंद  रतनी देवी

 भाजपा

12.

 बांसवाड़ा  रेशम मालवीय

 कांग्रेस

13.

 बाड़मेर  महेंद्र चौधरी

 कांग्रेस

14.

 चित्तौड़गढ़  सुरेश धाकड़

 भाजपा

15.

 डूंगरपुर  सूर्या देवी

 निर्दलीय

16.

 जालौर  राजेश भील

 भाजपा

17.

 प्रतापगढ़  इंद्रा मीणा

 कांग्रेस

18.

 टोंक  सरोज बंसल

 भाजपा

19.

 उदयपुर  ममता कंवर

 भाजपा

20.

 पाली  रश्मि सिंह

 भाजपा





 

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