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भाजपा के कद्दावर नेता ने सीएम गहलोत से की मुलाकात, सियासत में उठा पठक के संकेत

भाजपा के कद्दावर नेता ने सीएम गहलोत से की मुलाकात, सियासत में उठा पठक के संकेत

जोधपुर। राजनीति में रहते हुए आमतौर पर खुलेआम राजनीतिक पार्टियों के वरिष्ठ नेता एक दूसरे की तारीफ नही किया करते,खासतौर पर मीडिया के सामने तो कभी नही और अगर तारीफ करते है तो उसके पीछे कोई राज और रहस्य जरूर होता है। अशोक गहलोत के मुख्यमंत्री बनने के बाद भाजपा का कोई कद्दावर नेता उनके निवास पर जाकर बधाई देने गया हो या नही मगर पूर्व सांसद जसवंत सिंह विश्नोई ने निवास पर जाकर बधाई देने के साथ खुलकर गहलोत की तारीफ करते हुए कुछ संकेत भी दिए है। जिनके राजनीतिक हलको में कई अर्थ निकाले जा रहे है।

विधानसभा चुनाव से पूर्व जोधपुर के सर्किट हाउस में अशोक गहलोत के वीआईपी कक्ष के बाहर पोन घंटे से अधिक समय तक इंतजार करने वाले पूर्व सांसद जसवंत विश्नोई के पुत्र का फोटो और वीडियो उस वक्त सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था और उसके आस-पास ही पूर्व सांसद जसवंत सिंह विश्नोई द्वारा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को पत्र लिखकर पूरे देश में विश्नोई बाहुल्य सीटो का आंकडा देना और समाज के प्रतिनिधित्व की मांग करना चर्चाओं में रहा और तभी उन्हे रातो रात खाद्यीग्रामोउद्योग बोर्ड का चेयरमैन बनाया गया।

विधानसभा चुनाव में लूणी से उन्होने टिकट मांगा मगर नही मिला। मगर अब उन्होंने लोकसभा जोधपुर सीट से टिकट मांग लिया है। मिलना नही मिलना अभी दूर की बात है इसी बीच उन्होने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के जयपुर निवास पर जाकर बधाई देने के साथ खुलकर गहलोत की कार्यशैली और साधगी की तारीफ की है और उन्होने यह कहा भी है कि जोधपुर के विकास में अशोक गहलोत की अहम भूमिका रही है। यही नही विश्नोई ने तो यहा तक कह दिया कि प्रारंभिक वक्त में जोधपुर से 9-9 कांग्रेस के मंत्री हुआ करते थे। जोधपुर कांग्रेस का गढ रहा है। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह कांग्रेस में जा रहे है तब उन्होने इतना ही कहा कि इसके बारे में कुछ कह नही सकते और अभी ऐसी बात नही है। यानि विश्नोई ने अपनी जबान से कुछ संकेत तो दिए है और यह भी हो सकता है कि लोकसभा टिकट पाने के लिए यह भी कोई राजनीतिक पैतरा हो।

गौरतलब है कि राजनीतिक महत्वकांक्षा और राजनीति में सक्रिय रहने के लिए राजनीति से जुडे नेताओं में पार्टिया बदलने का दौर पिछले कुछ सालों से तेजी से शुरू हो गया है। पहले अनुशासन,सिद्धांत और पार्टियों के प्रति समपर्ण का अपना महत्व था। मगर अब वह समय बदल चुका है। विधानसभा चुनाव से पूर्व कई भाजपा और कांग्रेसी पार्टिया बदलने नजर आए थे तो अब लोकसभा चुनाव से पूर्व मारवाड में ऐसा ही कुछ नजारा नजर आ सकता है। पूर्व सांसद जसवंत सिंह विश्नोई ने जिस तरह के संकेत दिए है और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की तारीफ की है उससे कुछ ना कुछ दाल में काला जरूर नजर आ रहा है।
राजीव गौड फर्स्ट इंडिया न्यूज जोधपुर

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जैसलमेर: सरहदी जैसलमेर जिले में बुधवार को चुंधी गांव से शादी के बाद दुल्हन को लेकर लौट रही कार बोआ गांव के समीप टायर फटने से पलटी खा गई. इस हादसे में तीन युवकों की मौत हो गई, जबकि दूल्हा-दुल्हन गंभीर रूप से घायल हो गए. उन्हें इलाज के लिए जोधपुर रैफर किया गया. जोधपुर में देर रात इलाज के दौरान दुल्हन सुशीला की मौत हो गई. जबकि दूल्हे की स्थिति गंभीर बनी हुई है. 

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आठ किलोमीटर पहले कार का अगला टायर फट गया:   
बोआ गांव निवासी ओमप्रकाश की बारात चुंधी गांव गई थी. वहां सुशीला के साथ शादी संपन्न होने पर दूल्हा-दुल्हन सहित तीन अन्य एक कार से वापस अपने गांव बोआ लौट रहे थे. आठ किलोमीटर पहले कार का अगला टायर फट गया. तेज रफ्तार के कारण कार बेकाबू हो गई और कई पलटी खा गई. दूल्हा-दुल्हन सहित उसमें सवार पांच जने अंदर फंस गए. बारात के साथ लौट रहे अन्य वाहनों से उतरे लोगों ने बड़ी मुश्किल से अंदर फंसे पांचों को बाहर निकाला. तब तक चंपाराम व तोगाराम की मौत हो चुकी थी. तीनों घायलों को अस्पताल ले जाया गया. 

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दुल्हन सुशीला को भी नहीं बचाया जा सका:
जैसलमेर में इलाज के दौरान गोविन्दराम की भी मौत हो गई. जैसलमेर में प्राथमिक उपचार के पश्चात दूल्हा ओमप्रकाश व दुल्हन सुशीला को इलाज के लिए जोधपुर लाया गया. जोधपुर में देर रात इलाज के गंभीर रूप से घायल सुशीला को भी नहीं बचाया जा सका. जिससे पुरे गांव में जहा शादी की खुशी छाई हुई थी वहा मातम छा गया. 

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जयपुर: राजधानी में जयपुर पुलिस कमिश्ननेट को गुरूवार को नई सौगात मिली है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सीएमआर में जयपुर पुलिस की नए चेतक वाहनों और सिग्मा बाइकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस मौके पर डीजीपी भूपेंद्र सिंह यादव, जयपुर पुलिस कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव सहित आलाधिकारी मौजूद रहे. 

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जयपुर पुलिस कमिश्नरेट बेड़ा और मजबूत हो गया:  
जयपुर पुलिस कमिश्नरेट बेड़ा और मजबूत हो गया है. जयपुर पुलिस कमिश्नरेट बेड़े में 197 नए वाहन शामिल हो गए है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सीएमआर में जयपुर पुलिस की नई पीसीआर वैनों और सिग्मा बाइकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.  मुख्यमंत्री ने 70 नई पीसीआर वैन और 127 नई सिग्मा बाइक की सौगात जयपुर पुलिस को दी. इस मौके पर मुख्य सचेतक महेश जोशी, परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास और डीजीपी भूपेंद्र सिंह यादव, जयपुर पुलिस कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव सहित आलाधिकारी मौजूद रहे. 

सरकार ने 70 करोड़ रुपए का बजट पुलिस विभाग को दिया था:
सालों से खटारा वाहनों को ढोह रही पुलिस के बेड़े में अब नए वाहन शामिल होने लगे हैं. राज्य सरकार ने नए वाहनों के लिए दिसंबर में 70 करोड़ रुपए का बजट पुलिस विभाग को दिया था. इस बजट से प्रदेशभर में पुलिस की नई यूनिट, नए सर्किल और थानों के लिए 1682 वाहन खरीदे जा रहे हैं. इसमें लो, मिडियम, हैवी क्वालिटी के व्हीकल और बाइक भी शामिल है. जयपुर पुलिस कमिश्नरेट की नई पीसीआर वैन अत्याधुनिक तकनीक से लैस है. इसमें जीपीएस , पीटी जेड कैमरा , एलसीडी स्क्रीन , पब्लिक एड्रेस सिस्टम ,बार लाइट वायरलैस सिस्टम , मोबाइल डाटा टर्मिनल सरीखी सुविधाएं मौजूद है. नई पीसीआर वैन मिलने के बाद अब जयपुर पुलिस का रेस्पॉस टाइम 6 मिनट 37 सैंकड से घटकर 5 मिनट से भी कम होगा. 

पूर्व आईएएस अशोक सिंघवी की जमानत पर फैसला सुरक्षित

पुलिस महकमा भी हाईटेक होता नजर आ रहा:
बदलते समय के साथ अब पुलिस महकमा भी हाईटेक होता नजर आ रहा है. नई पीसीआर वाहनों की सौगात मिलने के बाद अब अपराधों की रोकथाम और कानून व्यवस्था को लेकर जयपुर पुलिस और चुस्त, दुरूस्त नजर आएगी. माना जा रहा है आने वाले समय में खटारा हो चुके पुलिस महकमे के तमाम वाहन भी बदले हुए नजर आएंगे. 

...सत्यनारायण शर्मा, फर्स्ट इंडिया न्यूज, जयपुर

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श्रीगंगानगर: जिले के चूनावढ़ थाना क्षेत्र के गांव 21ML में देर रात हुए ट्रिपल मर्डर से सनसनी मच गई. दरअसल, श्रीगंगानगर के चूनावढ़ थाना क्षेत्र के गांव 21ML में अल सुबह ग्रामीणों ने जब घर के आंगन  में महिला सहित दो बच्चों के लहूलुहान हालत में शव देखे तो गांव में हड़कंप मच गया. ग्रामीणों की सूचना पर चूनावढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची तो एक महिला सहित दो बच्चों के कुल्हाड़ी से कटे हुए लहूलुहान हालत में शव मिले.

पूर्व आईएएस अशोक सिंघवी की जमानत पर फैसला सुरक्षित

मृतक महिला का पति जसवीर सिंह गायब मिला: 
चुनावढ़ पुलिस के मौका मुआयना करने पर मृतक महिला का पति जसवीर सिंह गायब मिला. जिससे पुलिस को शक है कि पति जसवीर सिंह ने ही इस ट्रिपल मर्डर की जघन्य वारदात को अंजाम दिया है. फिलहाल श्रीगंगानगर जिला मुख्यालय से FSL और MOB टीम मौके पर पहुंच गई है और घटनास्थल का मौका मुआयना करने में जुटी हुई है. वहीं ग्रामीणों से भी पुलिस मामले की जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है.

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पुलिस ट्रिपल मर्डर के पीछे असल वजह जानने में जुटी: 
बताया जा रहा है कि यह परिवार करीब 20 दिन पहले ही गांव के ही किसी जमींदार के यहां खेत में काम करने के मकसद से गांव में रह रहा था. यह परिवार श्रीगंगानगर जिले के पदमपुर क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है. चूंकि यह परिवार गांव में अभी कुछ दिन पहले ही आया था इसलिए ग्रामीणों को पारिवारिक सदस्यों के बीच चल रहे मनमुटाव या किसी अन्य विवाद की कोई जानकारी नहीं है. फिलहाल पुलिस इस ट्रिपल मर्डर के पीछे असल वजह जानने में जुटी हुई है. वहीं फरार चल रहे पति जसवीर सिंह की भी तलाश में जुटी हुई है. 

3 साल तक राज्यसेवा की शर्त पर हाईकोर्ट ने पीजी करने की दी इजाजत

3 साल तक राज्यसेवा की शर्त पर हाईकोर्ट ने पीजी करने की दी इजाजत

जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट ने हाल ही में चिकित्सा अधिकारी के पद पर नियुक्त तीन अभ्यर्थियों को पीजी पूर्ण होने के बाद तीन साल तक राज्य सरकार के तहत सेवा देने की शर्त पर पीजी में शामिल की अनुमति देने के आदेश दिये है. हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिये है वो पीजी कोर्ट के लिए याचिकाकर्ता को उसके आरिजनल दस्तावेज प्रदान करे. साथ ही हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को याचिकाकर्ता से 5 लाख का बॉण्ड लेने और पीजी पूर्ण करने के पश्चात 3 साल तक सरकारी सेवा करने के आदेश दिये है. यह आदेश जस्टिस सतीश कुमार शर्मा ने डॉ अजय कुमार सैनी व दो अन्य चिकित्सा अधिकारियों की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दिये है.

पूर्व आईएएस अशोक सिंघवी की जमानत पर फैसला सुरक्षित 

याचिकाकर्ता का चयन चिकित्सा अधिकारी के रूप में हुआ: 
याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी करते हुए अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता का चयन चिकित्सा अधिकारी के रूप में हुआ जिसके बाद सरकार ने उन्हे अलग अलग जगह नियुक्ति दी. इसी दरम्यान उसका चयन नीट पीजी में प्रवेश के लिए भी हो गया. याचिकाकर्ता ने पीजी में प्रवेश के लिए राज्य सरकार से अपने मूल दस्तावेज प्राप्त करने चाहे लेकिन सरकार ने ये कहते हुए इंकार कर दिया कि चिकित्सा अधिकारी के पद पर नियुक्त होने वाले अभ्यर्थि नियुक्ति के 1 साल तक पीजी नहीं कर सकते. वहीं राज्य सरकार की ओर कहा गया कि नियुक्ति आदेश के साथ ही ये शर्त रखी गयी थी कि चिकित्सा अधिकारी की नियुक्ति के एक वर्ष तक वो पीजी में नहीं जा सकते. इसलिए याचिका को स्वीकार नहीं किया जाये. 

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पूर्व आईएएस अशोक सिंघवी की जमानत पर फैसला सुरक्षित

पूर्व आईएएस अशोक सिंघवी की जमानत पर फैसला सुरक्षित

जयपुर: खानमहाघूसकाण्ड के मुख्य आरोपी और पूर्व आईएएस अशोक सिंघवी की जमानत याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है. सिंघवी की ओर से पेश जमानत पर दो घण्टे तक चली मैराथन सुनवाई के बाद जस्टिस सतीशकुमार शर्मा ने फैसला सुरक्षित रखने के आदेश दिये हैं. मामले के दूसरे आरोपी मोहम्मद राशीद शेख की जमानत याचिका पर सभी पक्षों की बहस के बाद फैसला सुरक्षित रखा है. 

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मनी लॉन्ड्रिग विशेष अदालत ने जमानत देने से इंकार कर दिया था: 
बहुचर्चित खान महाघूसकाण्ड के मुख्य आरोपी और पूर्व आईएएस अशोक सिंघवी को जयपुर की मनी लॉन्ड्रिग विशेष अदालत ने जमानत देने से इंकार कर दिया था. सिंघवी की ओर से मनी लॉन्ड्रिंग अदालत के इस फैसले को राजस्थान हाईकोर्ट में चुनौति देते हुए जमानत याचिका दायर कि गयी है. जमानत याचिका पेश कर सिंघवी की ओर से एडवोकेट दीपक चौहान ने सिंघवी के खिलाफ केस झुठा और मनगढ़ंत बताते हुए कहा कि सिंघवी के खिलाफ इस मामले में कोई केस नहीं बनता है. इस केस के अन्य आरोपियों को पूर्व में ही जमानत मिल चुकी है समानता के आधार पर जमानत देनी चाहिए. 

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सिंघवी के फोन रिकॉर्डिंग के अहम सबूत मौजूद:
वहीं ईडी की ओर से एएसजी आर डी रस्तोगी ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए अदालत को बताया कि ये संपूर्ण घोटाला सिंघवी की देखरेख और मॉनिटरिंग में किया गया है. इस केस में सिंघवी की शह पर ही भ्रष्टाचार किया गया है. सिंघवी खान विभाग के मुखिया थे और वे पहले माईंस को बंद करते थे और फिर फिर शुरू करने के लिए पैसे की डिमांड करते थे. एएसजी ने कहा कि हमारे पास सिंघवी के फोन रिकॉर्डिंग के अहम सबूत मौजूद है. इसलिए सिर्फ समानता के आधार पर मुख्य आरोपी को जमानत नहीं दी जानी चाहिए. दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद जस्टिस सतीश कुमार शर्मा की एकलपीठ ने जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा है. इसके साथ मामले के दूसरे आरोपी मोहम्मद राशीद शेख की जमानत याचिका पर भी फैसला सुरक्षित रखा है. 
 

VIDEO: जयपुर के विधायकों ने की मुख्यमंत्री से मुलाकात, रखी ये मांगें

जयपुर: मुख्यमंत्री आवस से बड़ी खबर निकल कर आई है. जयपुर के विधायकों ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात की है. इस दौरान विधायकों ने बिजली के बिल माफ करने की मांग की. मंत्री प्रताप सिंह, मुख्य सचेतक महेश जोशी, रफीक खान, गंगादेवी, वेद सोलंकी व लक्ष्मण मीणा ने मुख्यमंत्री से मांग करते हुए कहा कि सरकार गरीबों व मध्यम वर्ग को राहत दें. 

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स्कूल-कॉलेजों की परीक्षा नहीं कराने की भी बात रखीं:  
विधायकों ने अब तक के बकाया बिल को दो-तीन किश्त में एडजस्ट कराने की मांग की. इसके साथ ही विधायकों ने स्कूल-कॉलेजों की परीक्षा नहीं कराने की भी बात रखीं. उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगातार कोरोना फैल रहा है. ऐसे में बिना परीक्षा अगली क्लास में प्रमोट किया जाएग. इसके साथ ही स्कूल फीस में भी रियायत देने के प्रयास करने की मांग की. 

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मध्य प्रदेश में हुआ शिवराज मंत्रिमंडल का विस्तार, सिंधिया समर्थकों को मिला मौका

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भोपाल: मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार के मंत्रिमंडल का आज विस्तार हो गया है. मध्य प्रदेश की राज्यपाल (अतिरिक्त प्रभार) आनंदी बेन पटेल ने राजभवन में मंत्रियों को शपथ दिलाई. कुल 28 नए मंत्रियों ने शपथ ली, जिनमें 20 कैबिनेट मंत्री और आठ राज्यमंत्री हैं. कांग्रेस की कमलनाथ सरकार गिरने के बाद जब शिवराज सिंह चौहान ने 23 मार्च को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, तब कुछ ही मंत्रियों को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था.

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इन नेताओं ने ली शपथ: 
मंत्रिमंडल में आज गोपाल भार्गव, यशोधरा राजे सिंधिया, जगदीश देवड़ा, बिसाहूलाल सिंह, विश्वास सारंग, महेंद्र सिंह सिसोदिया, प्रभुराम चौधरी, प्रद्युम्न सिंह तोमर, प्रेमसिंह पटेल ओमप्रकाश सकलेचा, उषा ठाकुर, अरविंद भदौरिया, मोहन यादव, हरदीप सिंह डंग, राज्यवर्धन सिंह दत्तीगांव, भारत सिंह कुशवाहा, रामकिशोर कांवरे, इंदर सिंह परमार, रामखेलावन पटेल, रामकिशोर कांवरे, बृजेंद्र सिंह यादव, रामकिशोर कांवरे, बृजेंद्र सिंह यादव, गिरिराज दंडोतिया, सुरेश राठखेड़ा, ओपीएस भदौरिया, विजय शाह और एंदल सिंह कसाना ने शपथ ली. 

ये पहले से ही हैं मंत्री:
नरोत्तम मिश्रा, तुलसीराम सिलावट, कमल पटेल, गोविंद सिंह राजपूत और मीना सिंह 23 मार्च को ही शपथ ले चुके. 

ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थकों की छाप देखने को मिली:
मंत्रिमंडल विस्तार में ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थकों की छाप देखने को मिली. शपथ ग्रहण में खुद ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मौजूद रहे. कैबिनेट विस्तार से पहले शिवराज ने दिल्ली आकर शीर्ष नेतृत्व के साथ मंथन किया था. 

शिवराज चौहान ने 23 मार्च को ली थी शपथ:
दरअसल, पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक छह मंत्रियों समेत 22 विधायकों के कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद 20 मार्च को कमलनाथ को इस्तीफा देना पड़ा था और 15 महीने पुरानी कांग्रेस सरकार गिर गई थी. शिवराज चौहान ने इस साल 23 मार्च को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. 

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मध्य प्रदेश विधानसभा में कुल 230 सदस्य:
बता दें कि मध्य प्रदेश विधानसभा में कुल 230 सदस्य हैं. इस लिहाज से अधिकतम 35 विधायक मंत्री बनाए जा सकते हैं. जब शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, तब कैबिनेट में सिर्फ 6 मंत्री ही शामिल हुए थे.

हाईकोर्ट ने दी बड़ी राहत, सहायक रेडियोग्राफर भर्ती में बैठ पाएंगे अंतिम वर्ष के स्टूडेंट्स

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जयपुर: राजस्थान सरकार द्वारा 12 जून 2020 को जारी कि गयी सहायक रेडियोग्राफर के 1257 पदों कि भर्ती में डिप्लोमा इन रेडिएशन टेक्नोलॉजी के फाइनल ईयर के स्टूडेंट भी शामिल हों सकेंगे. राजस्थान हाईकोर्ट ने अंतिम वर्ष के स्टूडेंट को बड़ी राहत देते हुए इन स्टूडेंट को परीक्षा में शामिल करने के आदेश दिये हैं. जस्टिस अभय चतुर्वेदी की एकलपीठ ने राज्य सरकार को इन स्टूडेंट के आफलाईन आवेदन स्वीकार करने के साथ बिना कोर्ट की अनुमति के परीक्षा परिणाम जारी नहीं करने के भी आदेश दिये है. एकलपीठ ने राजेन्द्र प्रसाद कुड़ी सहित 13 अन्य स्टूडेंट की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए ये आदेश दिये हैं. इसके साथ ही राज्य के प्रमुख सचिव चिकित्सा, निदेशक चिकित्सा, चैयरमेन कर्मचारी चयन बोर्ड को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है. 

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सहायक रेडियोग्राफर के 1257 पदों पर भर्ती निकाली: 
राजस्थान अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड ने हाल ही में सहायक रेडियोग्राफर के 1257 पदों पर भर्ती निकाली है. लेकिन मौजूदा स्थिति में वर्ष 2016 की भर्ती के बाद राजस्थान पैरामेडिकल काउंसिल में मात्र 642 ही डिप्लोमाधारी पंजीकृत हैं. इसमें आरयूएचएस के 417, टेक्नीकल बोर्ड एज्यूकेशन जोधपुर के 65 व वर्ष 2000 से पहले 9 माह के डिप्लोमा वाले 160 अभ्यर्थी शामिल हैं. सत्र 2016-17 में पैरामेडिकल कोर्सेज में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की परीक्षा टाइम टेबल अब जारी कर दिया गया है. परीक्षा 9 जुलाई से आयोजित होगी. ऐसे में 14 स्टूडेंट ने याचिका दायर कर परीक्षा में शामिल करने की गुहार लगायी थी. 

स्टूडेंट को नुकसान नहीं होने देने की गुहार लगायी थी:
याचिकाकर्ताओं की ओर से एडवोकेट रघुनंदन शर्मा ने पैरवी करते हुए राजस्थान पैरामेडिकल काउंसिल की लेटलतिफी के लिए स्टूडेंट को नुकसान नहीं होने देने की गुहार लगायी थी. जिसे अदालत ने मंजूर करते हुए याचिकाकर्ता स्टूडेंट को परीक्षा में शामिल करने की अनुमति दी है. 

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लेटतलीफी के चलते आवेदन करने से वंचित होना पड़ रहा: 
गौरतलब है कि डिप्लोमा इन रेडिएशन टेक्नोलॉजी के 400 से ज्यादा विद्यार्थियों को राजस्थान पैरामेडिकल काउंसिल की लेटतलीफी के चलते सहायक रेडियोग्राफर भर्ती में आवेदन करने से वंचित होना पड़ रहा है. सत्र 2015-16 में इन विद्यार्थियों ने दो साल के इस डिप्लोमा में प्रवेश लिया था. लेकिन तीन साल बीत जाने के बाद भी अभी तक डिप्लोमा कोर्स पूरा नहीं होने से सहायक रेडियोग्राफर के 1257 पदों पर निकली भर्ती के लिए वे आवेदन तक नहीं कर सकते. अभी तक इनकी प्रथम वर्ष की परीक्षा ही हुई है. सैकंड ईयर की परीक्षा बाकी है. 

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