बिहार में सर्पदंश के मुआवजे पर आपस में भिड़े भाजपाई मंत्री: वन एवं पर्यावरण ने आपदा मंत्रालय पर डाला मामला

बिहार में सर्पदंश के मुआवजे पर आपस में भिड़े भाजपाई मंत्री: वन एवं पर्यावरण ने आपदा मंत्रालय पर डाला मामला

बिहार में सर्पदंश के मुआवजे पर आपस में भिड़े भाजपाई मंत्री: वन एवं पर्यावरण ने आपदा मंत्रालय पर डाला मामला

पटना: बिहार सदन में यह बार-बार दिख रहा है. मंगलवार को फिर किरकिरी हुई. भाजपाई विधायक-मंत्री, मंत्री-मंत्री, मंत्री-पूर्व मंत्री आपस में ही भिड़ते दिखे. इसमें डिप्टी CM भी शामिल हैं. सवाल आम आदमी से जुड़ा था. लेकिन अफसरों की ओर से मिला जवाब भटकाने वाला था.  मामला था किसी को सर्पदंश से मौत पर मुआवजा नहीं मिलने का. इसी को लेकर मंगलवार को सदन में मंत्री ही आपस में उलझ गए.

मंत्री डालते रहे एक दूसरे पर डालते रहे बात:
MLA पवन जायसवाल ने सर्पदंश से मौत पर मुआवजा नहीं मिलने का सवाल उठाया. जवाब में वन एवं पर्यावरण मंत्री नीरज सिंह ने कहा कि यह मेरे विभाग का मामला नहीं है. आपदा विभाग ही इसे देखेगा. इस पर आपदा प्रबंधन मंत्री रेणु देवी ने कहा कि यह वन विभाग का मामला नहीं है. इसके बाद विधायक पवन जायसवाल ने कहा कि पूर्व वन एवं पर्यावरण मंत्री सुशील मोदी ने सर्पदंश पर मुआवजे में 5 लाख देने की बात कही थी. इस पर नंदकिशोर यादव ने कहा कि यह मामला वन एवं पर्यावरण विभाग का ही है, जानकारी ले लेनी चाहिए. 

मंत्रियों को किया जा रहा गुमराह
भाजपा विधायक संजय सरावगी ने बताया कि दो साल पहले भी यह सवाल पूछा गया था, लेकिन अधिकारीगण मंत्री को गुमराह कर रहे हैं. इसकी जांच कराई जाए. सदन में पूर्व मंत्री सुशील मोदी ने भी कहा था कि जो आवेदन करेगा. उसे 5 लाख मुआवजा दिया जाएगा. इस पर विपक्ष ने भी सत्तापक्ष पर निशाना साधा. इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि आपदा विभाग और वन विभाग मिलकर इस मामले को सुलझाए.

3 मार्च 2020 को सरकार ने लिया था फैसला:
सर्पदंश से मौत पर मुआवजे को लेकर 3 मार्च 2020 को बिहार विधानसभा की कार्यवाही के दौरान उपमुख्‍यमंत्री सुशील मोदी ने सरकार के फैसले की जानकारी दी थी. उन्होंने बताया था कि किसी भी मौसम में सांप काटने से होने वाली मौत पर मृतक के परिजनों को 5 लाख का मुआवजा देने का प्रावधान है.

ऐसे मिलेगा मृतक के परिजनों को मुआवजा:
सर्पदंश से मौत के बाद स्थानीय थाने में दर्ज FIR की कॉपी
पोस्टमार्टम रिपोर्ट की कॉपी
पहचान पत्र से जुडे़ डॉक्यूमेंट
तय फॉर्मेट में आवेदन पत्र
क्षेत्रीय वन प्रमंडल अधिकारी के दफ्तर में कर सकते हैं क्लेम
(सोर्स-भाषा)

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