आहोर विधानसभा क्षेत्र से बसपा ने किया प्रत्याशी घोषित

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/10/15 10:29

आहोर(जालोर)। बहुजन समाज पार्टी ने आहोर विधानसभा क्षेत्र से चुनावी शंखनाद फूंक दिया है । सर्व समाज भाईचारा महासम्मेलन के नाम से आयोजित चुनावी सभा के दौरान बसपा उत्तरप्रदेश से राज्य सभा सांसद बाबू मुमताज़ अली ने आहोर विधान सभा क्षेत्र से पंकज मीना को बसपा का आधिकारिक प्रत्याशी घोषित किया । 

इस अवसर पर अपने चुनावी उद्बोधन ने बसपा प्रत्याशी पंकज मीना ने कहा कि आज़ादी के 70 वर्षो बाद भी देश का दलित अभी तक पिछड़ा और उपेक्षित है । एक बार भाजपा एक बार कांग्रेस की इस सत्ता की बन्दर बांट में विकास कोसो दूर है । आज भी मारवाड क्षेत्र में दलितों के साथ भेदभाव और अत्याचार लगातार कायम है । चाहे वो शंखवाली का प्रकरण हो या फिर अगवरी का प्रकरण, पंकज मीना ने हर उस प्रकरण को चुनावी मुद्दा बनाते हुए अपने पक्ष में मतदान की अपील की । 

पंकज मीना ने वर्तमान भाजपा सरकार पर प्रहार करते हुए कहा कि प्रदेश में गरीबो का मुख्य रोजगार बाजारी से जुडा हुआ । पर प्रदेश की सरकार बजरी पर लगी रोक को हटाने के लिए कोई कारगर कदम नहीं उठा रही । जिससे गरीब और मज़दूर वर्ग के सामने रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया है । पंकज मीना ने 2 अप्रेल की घटनाओं को भी अपने चुनावी मुद्दे में जगह देते हुए कांग्रेस और भाजपा के दलित नेताओं पर जोरदार प्रहार करते हुए कहा कि जब दलित समाज के बंधुओ पर फर्जी मुकद्दमे किये गए, उन्हें जेलों में बंद किया गया तो कोई भी दलित नेता उनकी सुध तक लेने नहीं आया, पर मैंने जेलों से लेकर कोर्ट और प्रशासन तक की लड़ाई लड़कर उन्हें जेलों से रिहा करवाया । पंकज मीना ने कहा कि पिछले ढाई वर्ष से इस क्षेत्र के दलित भाईयो के हक़ के लिए लडाई लड़ रहा हूँ । अब आपको निर्णय करना है कि आपका विधायक कैसा होना चाहिए। 

मुख्य अतिथि और राज्यसभा सांसद बाबू मुमताज़ अली ने कहा कि दलितों के लिए काम करने वाली देश में एकमात्र पार्टी है वो है बहुजन समाज पार्टी । देश में बहुत से नेता है जो दलितों के नाम पर राजनीति तो करते है पर बात जब दलितों के हक़ की आती है तो उन्हें सांप सूंघ जाता है ।  अली ने दलित नेता रामदास अठावले, रामविलास पासवान और उदित राज पर प्रहार करते हुए कहा कि सत्ता में रहते हुए भी वो दलितों को उचित हक़ नही दिला पा रहे है । लेकिन बसपा सुप्रीमो मायावती हमेशा दलितों की भलाई के लिए तत्पर रहती है । बसपा सुप्रीमो मायावती के अविवाहित रहने के निर्णय के पीछे भी समाज की भलाई को जोड़ते हुए अली ने कहा कि मायावती ने स्वयं के हितो को ठुकराते हुए समाज सेवा के लिए अआजिवन अविवाहित रहने का फैसला लिया । 

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