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BWSSB Recruitment: बेंगलुरु जल आपूर्ति और सीवरेज बोर्ड में निकली भर्ती, यहां करें आवेदन 

BWSSB Recruitment: बेंगलुरु जल आपूर्ति और सीवरेज बोर्ड में निकली भर्ती, यहां करें आवेदन 

बेंगलुरु। बेंगलुरु जल आपूर्ति और सीवरेज बोर्ड ने सहायक अभियंता, सहायक, ऑपरेटर और अन्य के विभिन्न पदों पर सीधी भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की है। योग्य अभ्यर्थी 25 सितम्बर 2018 तक विभाग की वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। 

पदों का विवरण

कुल पद : 232 पद 
पद का नाम : ग्रुप-बी कैडर के तहत तकनीकी पद - 49 
ग्रुप-सी कैडर के तहत तकनीकी पद - 39 
गैर-तकनीकी (समूह-सी कैडर) - 144 

शैक्षणिक योग्यता

इन पदों पर आवेदन के लिए अभ्यर्थी के पास बीई, बीटेक / पॉलिटेक्निक डिप्लोमा /आईटीआई  होना आवश्यक है। 

आयु सीमा

इन पदों के लिए अभ्यर्थी की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 35 वर्ष होना आवश्यक है। 

चयन प्रक्रिया

उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा / साक्षात्कार के आधार पर किया जाएगा।

कैसे आवेदन करें

बेंगलुरु जल आपूर्ति और सीवरेज बोर्ड में सहायक अभियंता, सहायक, ऑपरेटर और अन्य के विभिन्न पदों पर उम्मीदवार विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से 25 सितम्बर 2018 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। अन्य किसी भी जानकारी के लिए विभाग द्वारा जारी अधिसूचना देखें। ऑनलाइन आवेदन करने के लिए विभाग की अधिकारिक वेबसाइट http://nemaka.kar.nic.in/bwssb/ पर जाएँ।

विभाग द्वारा जारी अधिसूचना

http://nemaka.kar.nic.in/bwssb/PDF/Non%20HK%202019.pdf
 

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परीक्षाओं की नई तिथि घोषित:
कोरोना संक्रमण की वजह से चल रहे लॉकडाउन की वजह से इस परीक्षा को स्थगित करना पड़ा था. इसके बाद इन परीक्षाओं की नई तिथि घोषित की गई. आवेदन की अंतिम तिथि समाप्त होने के बाद सोमवार से 31 मई तक आवेदन फार्म में करेक्शन कर सकते हैं. जेईई मेन के लिए करीब 9 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है. 

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दो पारियों में होगी परीक्षा:
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लॉकडाउन में ये DM दे रहे हैं ऑनलाइन ...

विषयों का ज्ञान कराने के लिए पढ़ा रहे नए-नए टॉपिक: 
डीएम इंद्र विक्रम सिंह ड्यूटी पूरी करने के बाद शाम को अपनी एक ऑनलाइन पाठशाला शुरू करते हैं. जिसके जरिए वो बच्चों को हर दिन विषयों का ज्ञान कराने के लिए नए-नए टॉपिक पढ़ाते हैं. डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने भारत का संविधान, सुमित्र नंदन पंत की नौका विहार, मैथिलीशण गुप्त की कैकेई का अनुताप, कवितावली वन पथ पर व कबीर के दोहे ऑनलाइन पढ़ा चुके हैं.

shahjahanpur DM Indra Vikram singh Start online classes for class ...

कई अफसर अलग-अलग विषयों को पढ़ा रहे: 
डीएम ने बताया कि लॉकडाउन में स्कूल के बच्चे ना ही कोचिंग जा पा रहे हैं और ना ही स्कूल. इसी को ध्यान में रखते हुए यूट्यूब पर शाहजहांपुर ऑनलाइन पाठशाला अकाउंट शुरू किया गया है. जिस पर जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र सिंह तंवर सहित कई अफसर अलग-अलग विषयों की पाठशाला के जरिए बच्चों को पढ़ा रहे हैं. इस पाठशाला में विशेष तौर पर जिलाधिकारी कक्षा 9वीं, 10वीं और 11वी के बच्चों को पढ़ा रहे हैं.

Shahjahanpur DM teaching Indian Constitution to children on YouTube

तैयार की परिकल्पना:
डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र सिंह तंवर के साथ मिलकर अप्रैल के पहले सप्ताह में ऑनलाइन पाठशाला की परिकल्पना तैयार की. उनके कहने पर जिला विद्यालय निरीक्षक शौकीन सिंह यादव ने यूट्यूब चैनल तैयार कराया. इसके बाद अन्य अधिकारियों से बात कर डीएम ने कहा कि पढ़ाई के दौरान अधिकारी जिस विषय में माहिर थे, वही बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाएं. उसके बाद 11 अप्रैल से यह क्रम अनवरत जारी है.   

 ...शिशिर अवस्थी की रिपोर्ट

 

पीटीआई भर्ती 2018 में नियम से ज्यादा अभ्यर्थियो का किया चयन, हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मांगा जवाब

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जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट ने पीटीआई भर्ती 2018 में नियमों के विपरीत जाकर डेढ़ गुना से अधिक अभ्यर्थियो का चयन करने पर राज्य के प्रारंभिक शिक्षा सचिव और सचिव राजस्थान अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है. यह आदेश जस्टिस प्रकाश गुप्ता ने ममता मीणा की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिये है. याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि भर्ती के लिए विभाग ने 30 अप्रैल 2020 को चयन सूची जारी कि गयी है लेकिन चयन सूची में डेढ़ गुना अभ्यर्थियों के अलावा अन्य अभ्यर्थियों को चयनित किया गया है. 

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अन्य अभ्यर्थियों को शामिल करने के कारण मेरिट नीचे आ गई: 
याचिका में कहा गया कि अंतिम चयन सूची में प्रार्थी सहित उन अभ्यर्थियों का चयन नहीं किया है जिनकी डिग्री दस्तावेज सत्यापन के दौरान आई थी. अन्य अभ्यर्थियों को शामिल करने के कारण मेरिट नीचे आ गई है. जबकि प्रार्थी पूर्व से ही भर्ती में चयनित हो गए थे लेकिन उनके पास भर्ती परीक्षा के समय बीपीएड की डिग्री नहीं होने के कारण उन्हें नियुक्ति से वंचित किया था. इसलिए प्रार्थियों को अंतिम सूची में शामिल कर खाली पदों पर नियुक्ति दी जाए. 

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बुक स्टोर पर अवैध वसूली! निजी स्कूल की किताबों के नाम पर अवैध वसूली, स्टोर संचालक की मनमानी से अभिभावक परेशान

जयपुर: तस्वीरों में आप देख रहे है ये है शर्मा बुक स्टोर्स, जो कि लॉक डाउन के इस दौर में परिजनों से किताबों के नाम पर अवैध बसूली कर रहा है. दरअसल ये बुक स्टोर राजधानी के एक नामी स्कूल की किताबें बेचता है औऱ उसी की आड़ में परिजनों से किताबों के साथ अन्य चार्ज भी लगाकर वसूली कर रहा है, अगर कोई परिजन उस चार्ज को देने पर ऐतराज करता है तो फिर उसको किताबें भी नहीं दी जाती है. इसको लेकर परिजन बेहद परेशान औऱ अवसाद में है.

-शर्मा बुक स्टोर संचालक की खुलेआम अवैध वसूली
-किताबों के साथ लेब टेस्ट की फीस भी ले रहा बुक स्टोर संचालक
-जबकि नियमो के हिसाब से ये है पूरी तरह गलत
-आखिर बुक स्टोर संचालक कैसे ले सकता है लेब टेस्ट की फीस
-फीस लेने का अधिकार सिर्फ स्कूल प्रबंधन को
-ऐसे में कही स्कूल और बुक संचालक की है कोई मिलीभगत
-बुक स्टोर संचालक की मनमानी से परिजन हो रहे परेशान

1 जून से 200 स्पेशल ट्रेनें चलेंगी, उत्तर-पश्चिम रेलवे प्रशासन चलाएगा 9 ट्रेनें, रेलवे प्रशासन ने जारी की ट्रेनों की लिस्ट

परिजनों को थमाये महंगे-महंगे बिल: 
जरा सोचिए आप किसी बुक स्टोर पर किताबें खरीदने जाए और बुक स्टोर संचालक उन किताबों के अलावा आपको अन्य किताबे भी थमा दे जो कि आपके काम की नहीं और उन सभी के पैसे आपसे वसूले तो कैसा रहेगा. कुछ ऐसा ही हो रहा है राजधानी के वैशाली नगर स्थित चित्रकूट के शर्मा बुक स्टोर पर जो कि किताबों के साथ साथ लैब प्रक्टैकिल और टैस्ट सिरीज के नाम से परिजनों को मंहगे मंहगे बिल थमाये जा रहा है.दरअसल ये बुक स्टोर राजधानी के एक नामी स्कूल की किताबें बेचता है और उसी की आड़ मे ये अवेध वसूली कर रहा है. परिजन जब इन अन्य चार्जों को देने से मना करते है तो उन्हे किताबे भी नहीं दी जाती है. मजबूरी में आकर परिजनों को मनमाने दाम शर्मा बुक स्टोर संचालक को देने पड़ रहे है.

-शर्मा बुक स्टोर संचालक की खुलेआम अवैध वसूली
-एक निजी स्कूल की किताबो के नाम पर कर रहा वसूली
-बुक स्टोर से जुड़ा हुआ है राजधानी के एक बड़े स्कूल का नाम
-वसूली के चलते परिजनों में गहरा रोष व्याप्त
-किताबो के अलावा अन्य चार्ज भी वसूल रहा बुक संचालक
-जबकि बुक स्टोर से जुड़े स्कूल प्रबंधन का कहना
-हमारी ओर से नही है इस तरह के कोई दिशा निर्देश

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इस तरह की फीस लेने के कोई दिशा निर्देश नहीं दिए:
लैव टेस्ट और टेस्ट सीरिज के नाम से बुक स्टोर संचालक परिजनों से अवैध वसूली कर रहा  है जो कि नियमों के विपरीत है.सिर्फ स्कूल संचालक ही इस प्रकार की फीस लेने के हकदार है इसके साथ ही परिजनों का कहना है कि उन्होने स्कूल प्रशासन को पहले  ही फीस जमा करा दी है फिर दोबारा फीस क्यो दे और फीस बुक स्टोर संचालक को क्यों.इसको लेकर कई प्रकार के सवाल खड़े होते है.बुक स्टोर्स पर एक परिजन की इसी बात को लेकर तकरार हो गई.आनन फानन में परिजन ने स्कूल संचालक को फोन मिलाया तो जबाव आया उन्होने बुक स्टोर संचालक को इस तरह की फीस लेने के कोई दिशा निर्देश नहीं दिए है. बुक स्टोर संचालक की इस तरह से की जा रही अवैध वसूली के पीछे कोई तो कारण है.आखिर एक नामचीन स्कूल के नाम पर बुक स्टोर संचालक भला कैसै लैब टेस्ट की बसूली कर सकता है.क्या इसके पीछ कोई मिलीभगत तो नहीं.

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12 हजार से अधिक पदों के लिए भर्ती निकाली गयी थी:
याचिकाकर्ताओं की ओर से एडवोकेट तनवीर अहमद ने अदालत को बताया कि एलडीसी भर्ती के लिए सरकार की ओर से 12 हजार से अधिक पदों के लिए भर्ती निकाली गयी थी. जिसमें सामान्य और ओबीसी वर्ग 5303 सामान्य वर्ग के लिए और 2093 ओबीसी वर्ग के लिए विज्ञापित थी. लेकिन अंतिम चयन सूची में सामान्य वर्ग के 4943 और ओबीसी वर्ग के 1866 पद ही मुहैया कराये गये. दोनों ही वर्ग के कुल 587 पद कम दिये गये. एमबीसी वर्ग जो की विज्ञप्ति जारी होने के बाद जोड़ा गया था उनके लिए 5 प्रतिशत आरक्षण दिया गया. 

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26 मई तक जवाब मांगा:
याचिकाकर्ताओं ने कहा कि विज्ञापित सामान्य और ओबीसी वर्ग के पदों में कटौती नहीं कि जा सकती. बहस सुनने के बाद एकलपीठ ने राज्य सरकार और कर्मचारी चयन बोर्ड को नोटिस जारी करते हुए 26 मई तक जवाब मांगा है. वहीं याचिका की प्रति अतिरिक्त महाधिवक्ता एस एस राघव और शीतल मिर्धा को देने के निर्देश दिये है. 
 

237 चिकित्सकों के नियुक्ति आदेश निरस्त, हाल ही में दी गई थी 737 चिकित्सकों को नियुक्ति

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जयपुर: कोरोना महामारी में चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति के बाद अपने कार्य क्षेत्र में ज्वॉइन नहीं करने के मामले को गंभीर मानते हुए चिकित्सा विभाग ने 237 चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति के आदेश निरस्त कर दिए. चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति आदेश निरस्त कर प्रतीक्षा सूची के आधार पर 237 चिकित्सकों को चिकित्सा अधिकारी के पद पर नियुक्ति दे दी है.

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737 पदों के लिए आयोजित हुई थी परीक्षा:
दरअसल 19 जनवरी को चिकित्सा अधिकारी के 737 पदों के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी. परीक्षा में 3547 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था. परीक्षा में 3430 अभ्यर्थी शामिल हुए. 28 जनवरी को परीक्षा का परिणाम घोषित हुआ था. इसके बाद फरवरी माह में अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन किया गया. इनमें 735 अभ्यर्थियों का चयन किया गया। इसके बाद 237 चिकित्सा अधिकारियों को 25 मार्च को प्रदेश के विभिन्न जिलों में नियुक्ति दी गई. चिकित्सा विभाग के अनुसार चिकित्सा अधिकारियों को कार्यग्रहण करने के लिए चार बार एक्सटेंशन दिया गया.

237 चिकित्सकों ने अभी तक नहीं दी ज्वाइनिंग:
लेकिन किसी ने भी अपने कार्य क्षेत्र में ज्वॉइन नहीं किया. विभागीय अधिकारियों का कहना है कि कोरोना महामारी में जहां प्रदेश में चिकित्सकों की कमी को देखते हुए चिकित्सकों की भर्ती की जा रही हैं, वहीं चिकित्सा अधिकारियों का ज्वॉइन नहीं करना गंभीर बात है. इसलिए उनकी नियुक्ति के आदेश निरस्त कर दिए गए हैं. बताया जा रहा है कि अधिकांश अभ्यर्थियों का पीजी में चयन हो गया था. इसलिए पीजी पूरी करने के लिए अभ्यर्थियों ने ज्वॉइन नहीं किया.

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जयपुर: राजस्थान में कोरोना संकट के बीच लंबित और प्रक्रियाधीन भर्तियों के पूरा होने का रास्ता साफ हो गया है. मुख्यमंत्रियों अशोक गहलोत ने रविवार को कहा कि राज्य सरकार इस बात के लिए हरसंभव प्रयास करेगी. सीएम ने लंबित भर्तियां समय पर पूरा करने और प्रक्रियाधीन भर्तियों में जल्द पोस्टिंग देने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वह हरसंभव प्रयास करेगी जिससे भर्तियां समय पर पूरी हों और अभ्यर्थियों को नियुक्ति के लिए इंतजार न करना पड़े. 

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सेवा नियमों में किया जाए संशोधन:
उन्होंने अधिकारियों के साथ वीसी के जरिये वार्ता करते हुए कहा कि जो भर्तियां न्यायालयों में लंबित हैं, उनमें प्रभावी पैरवी कर ऐसे प्रयास करें, जिससे लंबित भर्ती प्रक्रिया पुनः शुरू हो सके. सीएम ने कहा कि भर्तियों के न्यायिक वादों में उलझने के कारण नियुक्ति के लिए अभ्यर्थियों को इंतजार करना पड़ता है, जिसका उनके मनोबल पर विपरीत असर पड़ता है और उनमें व्यवस्था के प्रति नकारात्मक सोच उत्पन्न होती है.

सेवा नियमों में भी संशोधन किया जाए:
सीएम गहलोत ने कहा कि कई बार सेवा नियमों की अड़चनों के कारण भी भर्तियां अटक जाती हैं. इन अड़चनों को दूर करने के लिए आवश्यक हो तो सेवा नियमों में भी संशोधन किया जाए. सभी विभागाध्यक्ष अपने-अपने विभागों में भर्तियों की प्रक्रिया को प्राथमिकता दें.

अब तक दी जा चुकी है 56,523 नियुक्तियां:
बैठक में कार्मिक सचिव रोली सिंह ने बताया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में अब 56,523 नियुक्तियां दी जा चुकी हैं. साथ ही 12,341 पदों के परिणाम जारी किए जा चुके हैं. इसके अतिरिक्त 26 हजार से अधिक पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन प्रकाशित किए जा चुके हैं.

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अभ्यर्थियों की सूची जल्द विभागों को भेजी जाएगी:
राज्य कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. बीएल जाटावत तथा RPSC के सचिव आशीष गुप्ता ने आश्वस्त किया कि, जिन भर्तियों में प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, उनमें नियुक्ति के लिए जल्द से जल्द अभ्यर्थियों की सूची विभागों को भेजवाई जाएगी. अन्य भर्तियों को भी समय पर पूरा करने का प्रयास किया जाएगा.
 

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