सीकर बाबा श्याम का लक्खी मेला 17 मार्च से होगा शुरू, कोरोना की नेगेटिव रिपोर्ट दिखाने पर ही मिलेगा प्रवेश

बाबा श्याम का लक्खी मेला 17 मार्च से होगा शुरू, कोरोना की नेगेटिव रिपोर्ट दिखाने पर ही मिलेगा प्रवेश

बाबा श्याम का लक्खी मेला 17 मार्च से होगा शुरू, कोरोना की नेगेटिव रिपोर्ट दिखाने पर ही मिलेगा प्रवेश

सीकर: प्रदेश के सीकर जिले के खाटूश्यामजी में लगने वाले बाबा श्याम के वार्षिक फाल्गुनी लक्खी मेले को लेकर तैयारियां लगभग पूर्ण हो गई है. मेले का आयोजन 17 मार्च से 26 मार्च तक किया जाएगा. कोरोना के चलते इस बार बाबा श्याम का वार्षिक फाल्गुनी लक्की मेला प्रशासन के लिए भी एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है. एक अनुमान के अनुसार बाबा श्याम के वार्षिक फाल्गुनी लक्खी मेले में 30 से 40 लाख श्रद्धालु बाबा श्याम के दर्शन करते हैं और कोरोना संक्रमण के बीच इतने यात्रियों को सोशल डिस्टेंसिंग के साथ बाबा श्याम के दर्शन करवाना जिला प्रशासन ही नहीं श्री श्याम मंदिर कमेटी के सामने भी एक बड़ी चुनौती है.

RT PCR टेस्ट में नेगेटिव रिपोर्ट दिखाने पर ही मिलेगा प्रवेश:

17 मार्च से 26 मार्च तक लगने वाले बाबा श्याम के वार्षिक लक्की मेले को लेकर जहां श्री श्याम मंदिर कमेटी और जिला प्रशासन अपनी अपनी तैयारियों में जुट गए हैं वही कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर इस बार चिकित्सा विभाग ने भी अपनी खास तैयारी की है. जिला प्रशासन ने खाटू श्याम जी आने वाले सभी श्याम भक्तों से कोरोना की rt-pcr जांच को अनिवार्य कर दिया है. RT PCR टेस्ट में नेगेटिव रिपोर्ट दिखाने पर ही यात्रियों को खाटूश्यामजी में प्रवेश दिया जाएगा.  इसके लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के द्वारा 350 चिकित्सकों  की ड्यूटी मेले में लगाई गई है. 

बाबा श्याम के मंदिर के अलावा कई स्थानों पर बनाए गए बूथ:

चिकित्सा विभाग की ओर से बाबा श्याम के मंदिर के अलावा कई स्थानों पर बूथ बनाए गए हैं जहां पर श्याम भक्तों की कोरोना की जांच देखी जाएगी और रिपोर्ट नहीं होने पर श्रद्धालुओं को वहीं से वापस लौटा दिया जाएगा. कोरोना के बीच बाबा श्याम के वार्षिक फाल्गुनी लक्खी मेले को सफलतापूर्वक संपन्न करवाने के लिए श्री श्याम मंदिर कमेटी भी खासी तैयारियों में जुट गई है. श्री श्याम मंदिर के व्यवस्थापक संतोष ने जानकारी देते हुए बताया कि इस बार ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बाद ही श्रद्धालुओं को बाबा श्याम के दर्शन करवाए जाएंगे इसके लिए श्याम भक्तों को दर्शन के लिए बनी श्री श्याम मंदिर कमेटी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर खुद को रजिस्टर्ड कराना पड़ेगा इसके बाद ही उन्हें दर्शन हो सकेंगे. साथ ही श्रद्धालुओं को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए इस बार करीब 15 किलोमीटर के जिकजक में भी चलना पड़ेगा. 

दर्शन के लिए बनाई गई लाइनों में भी अलग से व्यवस्था:

श्याम भक्तों को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए मंदिर प्रवेश के दौरान भी दर्शन के लिए बनाई गई लाइनों में भी अलग से व्यवस्था की गई है और सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखा गया है, जिससे कोरोना संक्रमण से बचा जा सके. कोरोना संक्रमण के बीच आयोजित हो रहे बाबा श्याम के वार्षिक फाल्गुनी लक्खी मेले को लेकर जहां चुनौतियां चिकित्सा विभाग व श्री श्याम मंदिर कमेटी के सामने भी हैं तो वहीं सबसे बड़ी चुनौती पुलिस प्रशासन के सामने भी है. जिस तरह श्री श्याम मंदिर कमेटी और जिला प्रशासन ने मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए कोरोना टेस्ट की अनिवार्यता व ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की अनिवार्यता की है तो वहीं संभावना यह भी जताई जा रही है कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु बिना कोरोना जांच के और बिना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के भी खाटू आएंगे. 

300 से अधिक सीसीटीवी कैमरे पूरे मेला ग्राउंड में लगाए:

वहीं प्रशासन द्वारा दर्शन से उनको रोके जाने पर कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने का भी डर है. इसी को लेकर पुलिस प्रशासन ने मेले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जहां  300 से अधिक सीसीटीवी कैमरे पूरे मेला ग्राउंड में लगाए हैं तो वही 3000 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की ड्यूटी भी लगाई गई है. इसके अलावा 17 तारीख से 26 तारीख तक रींगस से खाटू श्याम जी तक के मार्ग को भी वनवे किया जा रहा है, जिससे भीड़ पर नियंत्रण पाया जा सके. फागुन मास में लगने वाले बाबा श्याम के वार्षिक फाल्गुनी लक्खी मेले को लेकर जहां पुलिस प्रशासन व श्री श्याम मंदिर कमेटी ने अपनी अपनी तैयारियां की है तो वहीं लाखों श्रद्धालु फागुन की एकादशी पर बाबा श्याम के दर्शन करने के लिए आने की तैयारी में है ऐसे में देखना यह होगा कि पुलिस प्रशासन और श्री श्याम मंदिर कमेटी द्वारा कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए किए गए इंतजाम इतनी भारी भक्तों की भीड़ के सामने कितने टिक पाते हैं

...फर्स्ट इंडिया के लिए रमेश शर्मा की रिपोर्ट 

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