घुटनों के काम नहीं करने पर भी 230 किलोमीटर पैदल चल कर आया बाबा का परम भक्त

घुटनों के काम नहीं करने पर भी 230 किलोमीटर पैदल चल कर आया बाबा का परम भक्त

रामदेवरा: रामदेवरा में 70 वर्ष की उम्र में घुटने से लाचार, चलने फिरने से मोहताज होने के बावजूद बाबा के प्रति श्रद्धा व जुनून की गजब मिसाल देखने को मिली. बालोतरा से रामदेवरा तक करीब 230 किलोमीटर का सफर बुजुर्ग ने अपने टूटे हुए घुटनों के बल चलते हुए पूरा करके रामदेवरा पहुंचकर बाबा रामदेव की समाधि के दर्शन कर पूजा अर्चना की. 

9 बार आ चुके हैं रामदेवरा:
दरअसल सकाराम पुत्र मगना चौहान, जिनकी उम्र करीब 70 वर्ष की है, बाड़मेर जिले के बालोतरा से प्रति वर्ष घुटनों के बल पर चलकर आते हैं. सकाराम ने बताया कि पिछले दिनों से उनके दोनों घुटने टूटे हुए हैं. जिससे वे चल फिर नहीं सकते, लेकिन बाबा के समाधि के दर्शन करने की चाहत ऐसी कि वे टूटे घुटनो की परवाह किये बिना, यहां तक पहुंच गये. प्रति वर्ष वे घुटनो के बल पर ही चलकर आते है. अब तक 9 बार इस तरह घुटनों के बल चलते हुए रामदेवरा आ चुके हैं. इस बार भी वे अपने आप को रोक नहीं पाए अपना सफर शुरू किया. एक महीने व 4 दिन के लंबे सफर के पश्चात रामदेवरा पहुंच ही गए. 

वीवीआईपी ट्रीटमेंट देकर करवाए दर्शन:
पूर्णिमा के अवसर पर उन्होंने बाबा रामदेव की समाधि के दर्शन कर पूजा-अर्चना की. भक्त की ऐसी भावना देखकर बाबा रामदेव समाधि समिति की तरफ से भी उन्हें विशेष सम्मान देते हुए निज मंदिर के अंदर से वीवीआईपी ट्रीटमेंट देकर दर्शन करवाया गया. वह मंदिर गादीपति राव भोम सिंह तंवर ने उनका माल्यार्पण कर स्वागत किया. इस अवसर पर समंदर सिंह, रावत सिंह तवर, अभय सिंह तंवर, स्वरूप सिंह सहित अन्य तंवर समाज के लोग उपस्थित रहे. अपने इस स्वागत को देखकर भक्त की आंखों से अश्रु धारा बह निकली. बाबा रामदेव ने उनकी मनोकामना भी पूरी पूरी कर दी. आज उन्हें साक्षात् समाधी स्थल के हाथ लगाकर मंदिर के अंदर से दर्शन किये. 

... रामदेवरा से सवांददाता राजेन्द्र सोनी की रिपोर्ट 

और पढ़ें