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VIDEO: पर्यटन सीजन में भी बदहाल एयर कनेक्टिविटी ! प्रदेश के एक से दूसरे शहर जाने के लिए हवाई सेवा नहीं

VIDEO: पर्यटन सीजन में भी बदहाल एयर कनेक्टिविटी ! प्रदेश के एक से दूसरे शहर जाने के लिए हवाई सेवा नहीं

जयपुर: प्रदेश में पर्यटन सीजन शुरू होने जा रहा है और उसी हिसाब से फ्लाइट्स का विंटर शेड्यूल भी लागू हो जाएगा. 27 अक्टूबर से सर्दियों में फ्लाइट्स का नया शेड्यूल देश के सभी एयरपोर्ट्स पर लागू होगा. हालांकि इस बार प्रदेशवासियों को झटका लगने जा रहा है, क्योंकि इंट्रा स्टेट एयर कनेक्टिविटी की स्थिति काफी खराब होने जा रही है. हालांकि कुलमिलाकर फ्लाइट्स की संख्या में बढ़ोतरी की उम्मीद है. 

प्रदेश के सभी प्रमुख एयरपोर्ट्स के लिए फ्लाइट उपलब्ध नहीं: 
राज्य में एयर कनेक्टिविटी को लेकर हालात बहुत अच्छे नहीं हैं. यहां तक कि पिछले साल जितनी फ्लाइट्स प्रदेश के एक से दूसरे शहर के बीच चल रही थीं, उतनी फ्लाइट भी अब नहीं बचेंगी. राजधानी जयपुर के सांगानेर इंटरनेशनल एयरपोर्ट की ही बात करें तो जयपुर से प्रदेश के सभी प्रमुख एयरपोर्ट्स के लिए फ्लाइट उपलब्ध नहीं हैं. फिलहाल जयपुर से प्रदेश के मात्र 3 शहरों, उदयपुर, जैसलमेर और बीकानेर के लिए ही फ्लाइट चल रही हैं. इनमें से भी बीकानेर की फ्लाइट 27 अक्टूबर को बंद हो जाएगी. जयपुर को छोड़कर प्रदेश के दूसरे एयरपोर्ट्स के बीच आपस में एयर कनेक्टिविटी बिल्कुल भी नहीं है. छोटे शहरों को हवाई सेवा से जोड़ने के लिए केन्द्र सरकार ने उड़ान योजना का तीसरा चरण इसी साल जनवरी माह में घोषित किया था, जिसमें नई फ्लाइट्स शुरू की जानी थी, लेकिन ये फ्लाइट्स अभी तक शुरू नहीं हो सकी हैं. हालांकि उडान योजना से पहले से ही राज्य में इंट्रा स्टेट एयर कनेक्टिविटी के तहत सुप्रीम एयरलाइंस की फ्लाइट चल रही थी, जो कोटा, श्रीगंगानगर, किशनगढ़, बीकानेर आदि शहरों को जोड़ती थी. लेकिन पिछले साल 7 अगस्त को श्रीगंगानगर में एयरलाइन के विमान द्वारा हादसा हो जाने के बाद से फ्लाइट्स का संचालन बंद हो गया है. 

जानिए इंट्रा स्टेट एयर कनेक्टिविटी के हाल-
- जयपुर से उदयपुर के लिए 2 फ्लाइट 9I-685, SG-6632 चल रहीं
- जयपुर से जैसलमेर के लिए फ्लाइट SG-2981 चल रही
- जयपुर से बीकानेर के लिए फ्लाइट 9I-830 चल रही
- बीकानेर के लिए चल रही फ्लाइट 27 अक्टूबर से बंद हो जाएगी
- इसके अलावा प्रदेश में किसी भी शहरों के बीच फ्लाइट नहीं
- सबसे बड़े 2 शहर जयपुर और जोधपुर के बीच फ्लाइट नहीं
- हालांकि पिछले साल सर्दियों में चल रही थी जयपुर-जोधपुर की फ्लाइट
- जोधपुर से उदयपुर, बीकानेर, जैसलमेर, किशनगढ़ के लिए फ्लाइट नहीं
- बीकानेर से जोधपुर, उदयपुर की कनेक्टिविटी नहीं
- कोटा, श्रीगंगानगर एयरपोर्ट से पिछले साल से फ्लाइट्स बंद

हालांकि इंट्रा स्टेट एयर कनेक्टिविटी से इतर यदि हम इंटर स्टेट कनेक्टिविटी की बात करें तो हालात बेहतर नजर आते हैं. यानी कि प्रदेश के जोधपुर, जैसलमेर और उदयपुर एयरपोर्ट्स से दूसरे राज्यों के शहरों के लिए नई फ्लाइट्स शुरू होने जा रही हैं. जैसलमेर एयरपोर्ट से 27 अक्टूबर से स्पाइसजेट की दिल्ली की नई फ्लाइट शुरू होगी. जोधपुर एयरपोर्ट से 4 नई फ्लाइट शुरू होंगी. जोधपुर से स्पाइसजेट एयरलाइन अहमदाबाद, दिल्ली, मुम्बई और पुणे की नई फ्लाइट्स शुरू होंगी. पिछले महीने भी जोधपुर से इंडिगो एयरलाइन ने अहमदाबाद, दिल्ली, मुम्बई की 3 फ्लाइट शुरू की थीं. इसी तरह उदयपुर एयरपोर्ट से विस्तारा एयरलाइन की नई फ्लाइट शुरू हो चुकी हैं. कुलमिलाकर जैसलमेर, जोधपुर और उदयपुर हवाई अड्डों से फ्लाइट्स की संख्या तो बढ़ेगी, लेकिन प्रदेश में एक से दूसरे शहर के आवागमन की स्थिति और खराब हो जाएगी.

...काशीराम चौधरी, फर्स्ट इंडिया न्यूज, जयपुर

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जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया है. शाम 4 बजे झमाझम बारिश शुरू हुई, जिसके बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई. आपको बता देें कि मानसून प्रदेश में दस्तक दे गया है और सावन माह चल रहा है. ऐसे में यह वक्त बारिश का है. 

उमस और गर्मी से मिली निजात:
लेकिन इन्द्रदेव की बेरुखी की वजह से लोगों को तेज गर्मी से परेशान होना पड रहा है. ऐसे में गुरुवार को हुई बारिश से लोगों को उमस और गर्मी से निजात मिली. आकाश में काली घटाएं जयपुर पर बरस रही है.जिससे मौसम सुहावना हो गया है. जयपुर के कई इलाकों में बारिश का दौर जारी है. 

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कई इलाकों में हुई बारिश:
राजधानी के बाइस गोदाम, सोढाला, टोंक रोड समेत कई इलाकों में बारिश हो रही है. आपको बता दें कि जयपुर में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश हो रही है. राजधानी के कई इलाकों में बारिश हो रही है. 22 गोदाम, रामबाग, JLN मार्ग,टोंक रोड, सिविल लाइंस,सी-स्कीम,सोडाला सहित कई इलाकों में बारिश बारिश हो रही है. जिससे लोगों को उमसभरी गर्मी से राहत मिली है.

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जयपुर: विधानसभा अध्यक्ष के नोटिस के खिलाफ दायर याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई फिलहाल टल गई है.अभिषेक मनु सिंघवी ने गहलोत सरकार की ओर से पैरवी की. एडवोकेट हरीश साल्वे के तर्क को अभिषेक मनु सिंघवी ने नकारा. कहा कि अमेंडमेंट की अर्जी अभी तक पेश नहीं हुई. हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई समाप्त हुई. एडवोकेट हरीश साल्वे को अमेंडमेंट अर्जी पेश करने का समय दिया गया. आपको बता दें कि राजस्थान का सियासी संकट राजस्थान हाईकोर्ट पहुंच गया है. पायलट कैंप की ओर से हाईकोर्ट में याचिका पर दायर की गई है. 

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विधायकों को जारी नोटिस की संवैधानिक वैधता नहीं :
जिस पर जस्टिस सतीश कुमार शर्मा की अदालत में सुनवाई हुई. मुख्य सचेतक डॉ.महेश जोशी की ओर से अजीत भंडारी ने पक्ष रखा. पायलट की ओर से एडवोकेट हरीश साल्वे ने बहस करते हुए कहा कि सदन से बाहर हुई कार्यवाही के लिए स्पीकर नोटिस जारी नहीं कर सकते है. विधायकों को जारी नोटिस की संवैधानिक वैधता नहीं है. 

अमेंडमेंट अर्जी पेश करने का दिया समय:
नोटिस को किया जाए रद्द और अवैधानिक घोषित किया जाये. इस मामले पर सुनवाई पूरी हुई. हरीश साल्वे को अमेंडमेंट अर्जी पेश करने का समय दिया है. पायलट और अन्य की ओर याचिका में संशोधन की बात की गई. आज शाम या कल फिर सुनवाई हो सकती है. मुख्य न्यायाधीश इंद्रजीत महांति समय और तारीख तय करेंगे. खंडपीठ में याचिका को पेश करना चाहते है. 

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जयपुर: राजस्थान में सियासी सं​कट के बीच मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने गुरुवार दोपहर को प्रेस कॉन्फ्रेंस की. जिसमें खाचरियावास ने एक बार फिर से ​बीजेपी निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि राजस्थान के वोट से चुनी हुई सरकार है. कांग्रेस के निशान पर जीते लोग भाजपा के साथ मिलकर शपथ लेना चाहते है. बागी विधायक जयपुर में रहकर अपनी बात उठाते. AICC में जाकर अपनी बात कहते. वोटों के दम पर चुनी सरकार को नोटों के दम पर गिराना चाहते है. 

राजस्थान हाईकोर्ट में सचिन पायलट कैंप की याचिका दायर, दोपहर 3 बजे होगी ​हाईकोर्ट में सुनवाई

विधानसभा नियम कायदे से चलती है:
मध्य प्रदेश जैसा एक्ट राजस्थान में करने की कोशिश की. अब नम्बर गेम कम है तो प्लानिंग दूसरी की जा रही है. मंत्री प्रताप सिंह ने कहा कि विधानसभा स्पीकर को सब अधिकार है. विधानसभा नियम कायदे से चलती है. पायलट ग्रुप द्वारा कोर्ट में जाने पर की बात पर उन्होंने कहा कि डर पैदा होने पर अब बागी कदम उठा रहे है. पार्टी का व्हिप मानना पड़ेगा. सरकार गिराने की कोशिश में विपक्ष जुटा है. हमारे बागियों के प्रति अचानक प्रेम जाग गया. 

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राजस्थान हाईकोर्ट में सचिन पायलट कैंप की याचिका दायर, ​हाईकोर्ट में सुनवाई शुरू

जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट में सचिन पायलट की ओर से याचिका दायर की गई है. यह याचिका राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष के नोटिस के खिलाफ दायर की गई है. इस पर आज दोपहर 3 बजे पायलट की याचिका पर सुनवाई होगी. आपको बता दें कि सचिन पायलट कैंप की ओर से हाईकोर्ट में अर्जी लगाई गई है. इस पर आज दोपहर 3 बजे पायलट की याचिका पर सुनवाई होगी. विधानसभा अध्यक्ष के नोटिस के खिलाफ याचिका दायर की है. जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच सुनवाई करेगी. वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे, मुकुल रोहतगी वर्चुअली पैरवी कर सकते है.

विधानसभा स्पीकर ने नोटिस किया जारी:
इससे पहले विधानसभा स्पीकर डॉ. सीपी जोशी ने कांग्रेस के 19 बागी विधायकों को नोटिस जारी किया है. नोटिस में विधायकों से 3 दिन में जवाब मांगा है. जवाब नहीं देने पर स्पीकर विधायकों को अयोग्य घोषित कर सकते हैं. स्पीकर 3 माह तक समय ले सकते हैं. हालांकि मौजूदा परिस्थितियों के तहत लगता यही है कि स्पीकर जल्द ही निर्णय लेंगे. 

उपचुनाव कराने की तैयारियां शुरू:
वहीं दूसरी ओर सूत्रों के मुताबिक 19 बागी कांग्रेस विधायकों के क्षेत्रों में उपचुनाव कराने की तैयारियां शुरू हो गई है. यह फैसला मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और राजस्थान कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडे ने लिया. इन सभी क्षेत्रों में उपयुक्त उम्मीदवारों की खोज का काम भी शुरू हो गई है. जैसे ही विधानसभा अध्यक्ष द्वारा इनकी सदस्यता समाप्त होने की कार्यवाही पूरी होगी. तो वहां उसी दिन से उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. इन क्षेत्रों के कुछ भाजपा नेता भी कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने के इच्छुक है. इन सभी सीटों पर चुनाव लड़ने वालों की लंबी कतार है. 

2 BTP और 1 CPI विधायक के मानेसर पहुंचने की खबर, जानिए क्या बोले पूरे घटनाक्रम पर विधायक

जयपुर: राजस्थान सियासी संकट थमने का नाम नहीं ले रहा है. इस पर नए नए खुलासे भी हो रहे है. ताजा मामला 2 BTP और 1 CPI विधायक के मानेसर पहुंचने की खबर सामने आई है, लेकिन BTP के दोनों विधायकों ने खबर को भ्रामक बताया. BTP विधायक रामप्रसाद ने कहा कि हम दोनों विधायक कांग्रेस के साथ है. 

Rajasthan Political Crisis: पायलट कैंप के विधायक आज विधानसभा अध्यक्ष के नोटिस को दे सकते हैं चुनौती

बलवान पूनिया ने भी खुद को जयपुर में बताया:
हमारे को लेकर चलाई जा रही खबरें पूरी तरह से गलत है. हम दिल्ली नहीं पहुंचे हैं,जयपुर में ही है,हम कांग्रेस के साथ है. BTP विधायक राजकुमार रोत ने खुद को बताया खुद को चौरासी में. दोनों विधायकों ने फोन पर जयपुर आने बात की कही. CPI विधायक बलवान पूनिया ने भी खुद को जयपुर में बताया.

खबरें व भ्रामक और असत्य:
कहा कि मैं गांधीनगर निवास पर हूं, मेरा साथी विधायक डूंगरगढ़ में है. मेरे बारे में जो भी खबरें व भ्रामक और असत्य है. इससे पहले जयपुर होटल फेयरमाउंट में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और दिल्ली से आए पार्टी पदाधिकारियों के बीच चर्चा की है. विधानसभा से जारी हुए नोटिस को लेकर मंथन चल रहा है. 19 विधायकों को दिए नोटिस की कल अवधि पूरी हो रही है. पायलट खेमे के संभावित स्टैंड को लेकर पार्टी पदाधिकारियों में चर्चा की गई.

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Rajasthan Political Crisis: पायलट कैंप के विधायक आज विधानसभा अध्यक्ष के नोटिस को दे सकते हैं चुनौती

Rajasthan Political Crisis: पायलट कैंप के विधायक आज विधानसभा अध्यक्ष के नोटिस को दे सकते हैं चुनौती

जयपुर: राजस्थान के सियासी घटनाक्रम में एक बड़ी अपडेट सामने आ रही है. सचिन पायलट कैंप के विधायक आज विधानसभा अध्यक्ष के नोटिस को चुनौती दे सकते हैं. इसको लेकर आज राजस्थान हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर कर सकते हैं. याचिका दायर होने पर राजस्थान हाईकोर्ट में विशेष पीठ का गठन किया जा सकता है. कोरोना के चलते 17 जुलाई तक हाईकोर्ट में कार्य स्थगन है. हालांकि अभी तक इस बारे में आधीकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. 

Rajasthan Political Crisis: बीजेपी को सचिन पायलट के खुले तौर पर फैसला लेने का इंतजार, बनाई रणनीति 

विधानसभा स्पीकर ने नोटिस किया जारी:
इससे पहले विधानसभा स्पीकर डॉ. सीपी जोशी ने कांग्रेस के 19 बागी विधायकों को नोटिस जारी किया है. नोटिस में विधायकों से 3 दिन में जवाब मांगा है. जवाब नहीं देने पर स्पीकर विधायकों को अयोग्य घोषित कर सकते हैं. स्पीकर 3 माह तक समय ले सकते हैं. हालांकि मौजूदा परिस्थितियों के तहत लगता यही है कि स्पीकर जल्द ही निर्णय लेंगे. 

ट्विटर्स पर हैकर्स का सबसे बड़ा हमला, ओबामा, बिल गेट्स, जेफ बेजोस समेत कई बड़ी हस्तियों अकाउंट हुआ हैक 

उपचुनाव कराने की तैयारियां शुरू:
वहीं दूसरी ओर सूत्रों के मुताबिक 19 बागी कांग्रेस विधायकों के क्षेत्रों में उपचुनाव कराने की तैयारियां शुरू हो गई है. यह फैसला मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और राजस्थान कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडे ने लिया. इन सभी क्षेत्रों में उपयुक्त उम्मीदवारों की खोज का काम भी शुरू हो गई है. जैसे ही विधानसभा अध्यक्ष द्वारा इनकी सदस्यता समाप्त होने की कार्यवाही पूरी होगी. तो वहां उसी दिन से उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. इन क्षेत्रों के कुछ भाजपा नेता भी कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने के इच्छुक है. इन सभी सीटों पर चुनाव लड़ने वालों की लंबी कतार है. 


 

Rajasthan Political Crisis: बीजेपी को सचिन पायलट के खुले तौर पर फैसला लेने का इंतजार, बनाई रणनीति

जयपुर: वर्तमान के तमाम राजनीतिक घटनाक्रम में भारतीय जनता पार्टी को इंतजार है कि सचिन पायलट खुले तौर पर क्या फैसला लेते हैं. उसके बाद भारतीय जनता पार्टी अपना मंतव्य साफ करेंगी. पायलट कैंप के 19 विधायकों को नोटिस दिए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने अपनी नई रणनीति बनाई है. 

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हाउस के बाहर व्हीप लागू नहीं होती:
सचिन पायलट ने खुले तौर पर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने पर इंकार कर दिया है. लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने सचिन पायलट कैंप के 19 विधायकों को नोटिस दिए जाने के मामले पर कांग्रेस को फिर से आड़े हाथ लिया है. भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओम प्रकाश माथुर का कहना है कि विधानसभा के अंदर ही व्हीप लागू होती है. हाउस के बाहर व्हीप लागू नहीं होती. सीपी जोशी समझदार है, उन्हें पता होना चाहिए कि संसदीय परंपराओं का उन लोगों ने अपमान किया है. फर्स्ट इंडिया न्यूज़ से खास बातचीत के दौरान ओम प्रकाश माथुर ने कहा कि कोई भी विधायक दल की बैठक करें. उसमें कोई आए या ना आए. उस आधार पर नोटिस देना नियम प्रक्रियाओं में नहीं आता है. व्हीप का फैसला तब होता जब हाउस चल रहा हो. माथुर ने दलील दी कि बहुत से लोग उस बैठक में नहीं गए, उन्हें नोटिस नहीं दिया लेकिन 19 विधायकों को ही नोटिस दिया गया.

कांग्रेस को डर है कि कहीं फ्लोर टेस्ट में फेल ना हो जाए:
सचिन को मनाने की कोशिश की जा रही थी. जब सचिन इतना खुलकर बाहर आ चुके तो इतना मनाने की जरूरत क्या है? कांग्रेस को डर है कि कहीं फ्लोर टेस्ट में फेल ना हो जाए. सचिन ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी से भी मिलने की कोशिश की थी. नहीं मिल पाए तब जाकर यह नौबत आई. जिन विधायकों को नोटिस दिया गया है, उन्हें कानूनी सलाह लेनी चाहिए. माथुर ने सचिन के बीजेपी में शामिल होने के सवाल पर घुमा फिरा कर जवाब देते हुए कहा कि परेशानी है तो वह यहां आ सकते हैं. उनके घर का कलह है एक बड़ा वर्ग आना चाहता है. निर्णय सचिन को करना है. पहले वह निर्णय करें. कांग्रेस अपने घर को नहीं संभाल पाई. अब उन्हें मनाने का प्रयत्न कर रही है. 

यह सरकार ज्यादा नहीं चलने वाली:
वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने नोटिस के मामले पर कहा कि प्रतिपक्ष के नाते हमारी भूमिका क्या हो, इस विषय पर हम लोग चर्चा कर रहे हैं. आज नहीं तो कल रूबरू होना है. लेकिन यह सरकार ज्यादा नहीं चलने वाली. कांग्रेस की पहली नैतिक हार है और तोहमत हम पर लगाई जा रही है. वर्तमान मौजूदा सरकार अल्पमत में है. बहुमत खो चुकी है. 107 में से 20 या 22 लोग सचिन के पास है. निर्दलीय बीटीपी और अन्य 13 में से तीन वापस चले गए. सौ का आंकड़ा भी इन लोगों के पास नहीं है. बीटीपी के विधायको के पीछे पुलिस पड़ी हुई है. नोटिस बेहद हास्यास्पद है. हमारा नोटिस से संबंध नहीं लेकिन लड़ाई लंबी चलेगी. एसओजी का भी काफी दिखाकर विधानसभा नोटिस देकर डरा रहे हैं. इन्हें डिश क्वालीफाई करने की प्लानिंग है. आगे कानूनी व संविधानिक रास्ते खुले हुए हैं. नियमानुसार नोटिस नहीं दिए गए. इस मामले में कानूनी विशेषज्ञों की राय ली गई है. नियमों का अध्ययन करवाया गया है. फ्लोर टेस्ट की मांग को लेकर पूनिया ने कहा कि फिलहाल ऐसी कोई मांग नहीं है. 

विधान सभा सचिवालय का नोटिस भेजने का कोई क्षेत्राधिकार बनता ही नहीं: 
नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया की दलील है कि विधान सभा सचिवालय का नोटिस भेजने का कोई क्षेत्राधिकार बनता ही नहीं है. पार्टी में बैठक में कौन आया कौन नहीं आया विधान सभा सचिवालय का यह क्षेत्र अधिकार नहीं है. व्हीप की श्रेणी में यह पूरा मामला आएगा ही नहीं. उन्होंने कहा कि जिस किसी राज्य में ऐसे नोटिस का प्रयोग किया गया वह कोर्ट में जाकर स्ट्रक डाउन हुआ. विधानसभा का तब अधिकार बनेगा जब विधानसभा चल रही हो. 

बीजेपी देख रही है सारे दृश्य को:
सचिन पायलट के बीजेपी ज्वाइन करने के सवाल पर कटारिया ने कहा कि हमने नहीं कहा था कि आप बीजेपी ज्वाइन करो. इनका आपस में जो चल रहा है उसमें वर्टिकल डिवीजन हो चुका है. हम बात कर रहे हैं कि आज की सरकार को बहुमत है या नहीं बीजेपी का काम इतना ही है कि बीजेपी देख रही है सारे दृश्य को. इस दौरान कटारिया ने कहा कि जैसे ही सचिन पायलट की कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी कोई रिएक्शन आएगा तब हम मिलकर बैठकर बात करेंगे और वसुंधरा राजे भी बैठक में शामिल होंगी. फिलहाल नेता प्रतिपक्ष की तरफ से विधायक दल के सभी विधायकों को अलर्ट रहने के लिए सूचना भी भेज दी गई है जरूरत पड़ेगी तो उन्हें बुलाया जाएगा. 

राजस्थान विधानसभा की गरिमा को ठेस लगी:  
वहीं दूसरी तरफ उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि विधान सभा के सचिवालय ने जो भी नोटिस जारी किए हैं. वह संवैधानिक रूप से ना केवल अवैधानिक है बल्कि कानूनी प्रक्रिया को भी धता बताया गया है और यह नोटिस जारी कर दिए हैं. संसदीय प्रक्रियाओं में इस प्रकार के नोटिस उस कृत्य के लिए जारी करना जो सदन के अंदर हुआ ही नहीं यह इतिहास में पहली बार हुआ है. राजस्थान विधानसभा की गरिमा को ठेस लगी है ऐसे लगता है कि विधानसभा का सचिवालय सरकार की कठपुतली बन गया है. जबकि विधानसभा का सचिवालय हमेशा निर्विवाद और निष्पक्ष रहता आया है. यह घटना संसदीय कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लगाती है. दूसरी तरफ मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयानों पर पलटवार करते हुए कहा कि अशोक गहलोत के तमाम बयान गुंडों से भरे हैं और अपनी पार्टी का गठन देखकर बहादुरी दिखाई जा रही है. 

जनता सरकार की विदाई के दिन गिन रही: 
केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि सचिन पायलट को अभी उप मुख्यमंत्री और पीसीसी चीफ के पद से हटाया गया है. लेकिन अभी तो उन्हें कांग्रेस से बाहर करने तक लड़ाई लड़ी जा रही है, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का ताजा बयान उसका स्पष्ट संकेत है. केंद्रीय मंत्री ने गहलोत सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि जनता सरकार की विदाई के दिन गिन रही है वो दिन कितने होंगे, ये तो आना वाला समय ही बताएगा. सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के सवाल पर शेखावत ने कहा कि समय आने दीजिए, वो भी हो जाएगा. इसमें किसी को कोई अंदेशा नहीं होना चाहिए. लेकिन, प्रदेश में लोकतंत्र की हत्या के प्रयास हो रहे हैं. एक-एक आवाज को न मानने और विरोध की कीमत चुकानी पड़ रही है. वो हम सब देख रहे हैं. सचिन ने भी कहा है कि मेरा विरोध किसी व्यक्ति से नहीं है, मेरा आग्रह सिर्फ इतना है कि जनता से जो हमने वादे किए थे, वो पूरे होने चाहिए. अब उन वादों को याद दिलाने की सजा अगर ऐसी होती है तो विश्वास जनता का भी टूटा है, उनके अंदर के साथियों का भी टूटेगा. कुछ लोग शायद अंदर उस बाड़े में डरे हुए हो सकते हैं, क्योंकि ये विकास की नहीं, बाड़ेबंदी की सरकार है. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि डंडे के जोर से विधायकों को बांधकर रखा गया है. मुझे आश्चर्य हो रहा है कि इस 21वीं शताब्दी में विधायकों को जबर्दस्ती अगवा करके पुलिस के माध्यम से कैंप में डाला जा रहा है. इससे शर्मनाक शायद कुछ हो नहीं सकता है.

सबूतों को क्यों छिपाकर रखा गया:
मुख्यमंत्री के ताजा बयान पर कहा कि मैं पूछना चाहता हूं कि क्या ये जानकारी का सूर्य आज ही उदय हुआ या ये सबूत जिनकी चर्चा की जा रही है, ये आज ही बाहर आए हैं. इतने दिन तक उन सबूतों को क्यों छिपाकर रखा गया. कौन-कौन और लोग इसमें लिप्त हैं. किन-किन लोगों के माध्यम से ये किया गया. इस सब की जानकारी आपको पहले से थी तो आपने पहले खुलासा क्यों नहीं किया. ये किसके साथ शेयर किया था, आपको अपना स्टैंड स्पष्ट करना चाहिए. 

अशोक गहलोत-अविनाश पांडे का बड़ा फैसला ! 19 बागी कांग्रेस विधायकों के क्षेत्रों में उपचुनाव कराने की तैयारियां शुरू 

19 विधायक उच्चतम न्यायालय की शरण में जा सकते हैं:
कुल मिलाकर एक बात लगभग तय मानी जा रही है कि आगामी दिनों में यह 19 विधायक उच्चतम न्यायालय की शरण में जा सकते हैं ऐसे में भारतीय जनता पार्टी भले ही खुलेआम स्वीकार नहीं करें लेकिन विधायकों को मोरल सपोर्ट अवश्य देगी. 

...फर्स्ट इंडिया के लिए ऐश्वर्य प्रधान की रिपोर्ट

Rajasthan Corona Updates: पिछले 24 घंटे में 6 मौत, अब तक के रिकॉर्ड 866 पॉजिटिव केस, जोधपुर में मिले सर्वाधिक 171 संक्रमित

Rajasthan Corona Updates: पिछले 24 घंटे में 6 मौत, अब तक के रिकॉर्ड 866 पॉजिटिव केस, जोधपुर में मिले सर्वाधिक 171 संक्रमित

जयपुर: राजस्थान में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ते जा रहे है. पिछले 24 घंटे में 6 मरीजों की मौत हो गई. जबकि अब तक के रिकॉर्ड 866 पॉजिटिव मरीज सामने आये है. अजमेर में 1, भरतपुर में 1, जयपुर में 2, झुंझुनूं में 1 और उदयपुर में एक कोरोना मरीज की मौत हुई. प्रदेश में मौत का आंकड़ा 530 पहुंच गया है. वहीं कुल पॉजिटिव मरीजों की संख्या 26 हजार 437 पहुंच गई है.

जोधपुर में मिले सर्वाधिक 171 कोरोना पॉजिटिव मरीज: 
जोधपुर में सर्वाधिक 171 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले है. अजमेर- 41, अलवर- 164, बांसवाड़ा- 1, बारां- 1, बाड़मेर- 24 पॉजिटिव, भरतपुर- 9, भीलवाड़ा- 9, बीकानेर- 5, चित्तौडगढ़- 1, चूरू- 11, दौसा- 3 पॉजिटिव, धौलपुर- 5, डूंगरपुर- 2, श्रीगंगानगर- 6, हनुमानगढ़- 3, जयपुर- 95 पॉजिटिव, जैसलमेर- 2, जालोर- 11, झालावाड़- 1, झुंझुनूं- 12 , करौली- 3 पॉजिटिव, कोटा- 33, नागौर- 53, पाली- 138, राजसमंद- 19, सवाई माधोपुर- 5 पॉजिटिव, सीकर- 7, सिरोही- 22,  टोंक- 4, उदयपुर 5 पॉजिटिव मरीज सामने आये है.  

आयकर विभाग की 3 समूहों पर कार्रवाई, कई तरह के दस्तावेज और डिजिटल डेटा किए जब्त

पॉजिटिव से नेगेटिव हुए 19 हजार 502 मरीज:
प्रदेश में 19 हजार 502 मरीज पॉजिटिव से नेगेटिव हुए है. वहीं 18 हजार 930 मरीज इलाज के लिए अस्पताल से डिस्चार्ज किए गए है. अगर बात करें एक्टिव मरीजों की, तो 6405 मरीज अस्पताल में उपचाररत है. कुल कोरोना पॉजिटिव प्रवासियों की संख्या 6 हजार 307 पहुंच गई है.

जयपुर में बढ़ता कोरोना का ख़ौफ़:
जयपुर में लगातार कोरोना का ख़ौफ़ बढ़ता जा रहा है. पिछले 24 घंटे में 2 मरीजों की मौत हो गई. जबकि 95 नए पॉजिटिव केस सामने आये है. सांगानेर में 16, शाहपुरा में 8, मानसरोवर 5 पॉजिटिव, बापूनगर, कोटपुतली, मालवीय नगर, विद्याधर नगर में 4-4 पॉजिटिव, गांधी नगर, घाटगेट, महेश नगर, शास्त्री नगर में 3-3 पॉजिटिव, दुर्गापुरा, झोटवाड़ा, सीतापुरा, एसएमएस, सोडाला में 2-2 पॉजिटिव, आदर्श नगर, अजमेर रोड, ब्रह्मपुरी, ईदगाह, गोपालपुरा, जगतपुरा, जमवारामगढ़, जवाहर नगर, लूनियावास, पानीपेच, पुरानी बस्ती, रामगंज, सेठी कॉलोनी, टोंक रोड, वैशाली नगर में 1-1 केस, इसके अलावा वंदे भारत मिशन में आए प्रवासी के अलावा 11 अन्य पॉजिटिव मिले है. जयपुर में अब तक 178 मरीजों की मौत हो गई. जबकि 4097 पॉजिटिव मरीज मिले है.

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