ठप पड़ी इंट्रा स्टेट रीजनल एयर कनेक्टिविटी को लेकर बुरी खबर, श्रीगंगानगर रूट पर इंट्रा स्टेट रीजनल हवाई सेवा के संचालन मैं केंद्र ने दिखाया ठेंगा

ठप पड़ी इंट्रा स्टेट रीजनल एयर कनेक्टिविटी को लेकर बुरी खबर, श्रीगंगानगर रूट पर इंट्रा स्टेट रीजनल हवाई सेवा के संचालन मैं केंद्र ने दिखाया ठेंगा

ठप पड़ी इंट्रा स्टेट रीजनल एयर कनेक्टिविटी को लेकर बुरी खबर, श्रीगंगानगर रूट पर इंट्रा स्टेट रीजनल हवाई सेवा के संचालन मैं केंद्र ने दिखाया ठेंगा

जयपुर: राज्य में कोरोना में ठप पड़ी इंट्रा स्टेट रीजनल एयर कनेक्टिविटी को लेकर एक और बुरी खबर है. जयपुर से श्रीगंगानगर रूट पर इंट्रा स्टेट रीजनल  हवाई सेवा के संचालन मैं केंद्र ने राज्य को ठेंगा दिखा दिया है. उड़ान योजना के तहत इसके संचालन में केंद्र के राशि देने से इनकार और राज्य की ओर से खुद ही खर्चा उठाने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया है. इससे रीजनल एयर कनेक्टिविटी की महत्वाकांक्षी योजना को करारा झटका लगा है.

केंद्र ने वीजीएफ के तहत 80 फ़ीसदी खर्चा उठाने से किया मना:
रीजनल एयर कनेक्टिविटी के तहत जयपुर से श्री गंगानगर के नए रूट के लिए केंद्र ने वीजीएफ के तहत 80 फ़ीसदी खर्चा उठाने से मना कर दिया है. अभी केंद्र सरकार राज्य में फ्लाइटों के संचालन को लेकर 80 प्रतिशत राशि देती है. इसके तहत जयपुर से जोधपुर,जयपुर से बीकानेर, जयपुर से जैसलमेर और जयपुर से उदयपुर रीजनल कनेक्टिविटी फ्लाइट्स शुरू की गईं. 

कोरोना से पूर्व इनका संचालन बेहतर तरीके से हो रहा लेकिन पर्यटन और सिविल एविएशन को जो झटका लगा उससे यह अहम स्कीम भी अछूती नहीं रही लिहाजा जयपुर से जोधपुर,जयपुर से बीकानेर, जयपुर से जैसलमेर और जयपुर से उदयपुर के लिए शुरू हुई फ्लाइट्स का संचालन अब बंद है क्योंकि इसका संचालन कंपनी की ओर से किया जा रहा था जिसने कोरोना के समय कदम पीछे खींच लिए.

क्या कहा केंद्र ने:
ऐसे में पर्यटन मैं टॉप राज्यों में शुमार राजस्थान में रीजनल एयर कनेक्टिविटी के तहत जयपुर से श्रीगंगानगर फ्लाइट्स के संचालन के लिए राजस्थान केंद्र की ओर मुंह ताक रहा था,लेकिन उसकी उम्मीद  तब चकनाचूर हो गई जब केंद्र ने इसका खर्चा उठाने की जिम्मेदारी पूरी तरह से राजस्थान पर डाल दी. केंद्र ने रीजनल एयर कनेक्टिविटी के पूर्व के करार के तहत खर्चे की 80 फ़ीसदी राशि देने से साफ इनकार कर दिया. इस योजना के तहत तीन चरण सफलतापूर्वक पूरे हुए हैं लेकिन चौथे चरण के लिए केंद्र की ओर से 80:20 के अनुपात में दी जाने वाली राशि से इनकार कर दिया. हाल ही में हुई वीसी में केंद्र ने यह साफ किया कि इस योजना की शुरुआत में राज्यों को संबल देने के लिए उसकी ओर से 80 फीसदी खर्चा उठाया गया था और अब प्रस्तावित रुट पर फ्लाइट संचालन का खर्चा राज्य सरकार खुद उठाए.हालांकि केंद्र सरकार ने कहा है कि राजस्थान में पहले के चरणों में शुरू हुई फ्लाइटों में वीजीएफ स्कीम जारी रहेगी.

क्यों किया केंद्र ने ऐसा:
माना जा रहा है कि कोरोना के बाद बने विकट हालात के तहत केंद्र सरकार भी आर्थिक तंगी से जूझ रही है और इस तंगी को दूर करने के लिए उसने अपना बोझ राज्यों पर डालने की तैयारी शुरू कर ली है. यह भी माना जा रहा है कि केंद्र सरकार अभी पूर्वोत्तर के राज्यों में पर्यटन और सामरिक दृष्टि से हवाई सेवाओं के संचालन पर फोकस कर रही है. ऐसे में उसने पूर्वोत्तर के राज्यों में वीजीएफ स्कीम यानि फ्लाइट संचालन का 80% खर्चा केंद्र की ओर से उठाने की स्कीम जारी  रख सकती है. 

अब क्या होगा:
अब नागरिक उड्डयन विभाग जयपुर से श्रीगंगानगर इंट्रा स्टेट हवाई सेवा शुरू करने का प्रस्ताव वित्त विभाग को भिजवा रहा है जिसकी राय के बाद ही इसे शुरू करने या नहीं करने को लेकर निर्णय होगा. यदि इसे शुरू किया जाता है तो उसका स्वरूप क्या होगा यह भी अभी तय होना बाकी है लेकिन राज्य की मौजूदा माली हालत को देखते हुए यह कदम उठाया जाना अभी दूर की कौड़ी माना जा रहा है.

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