जयपुर पपला गुर्जर फरारी से जुड़े 12 आरोपियों की जमानत याचिकाए खारिज, हाईकोर्ट ने कहा- राजसत्ता को चुनौती देने जैसा दुस्साहस किया

पपला गुर्जर फरारी से जुड़े 12 आरोपियों की जमानत याचिकाए खारिज, हाईकोर्ट ने कहा- राजसत्ता को चुनौती देने जैसा दुस्साहस किया

पपला गुर्जर फरारी से जुड़े 12 आरोपियों की जमानत याचिकाए खारिज, हाईकोर्ट ने कहा- राजसत्ता को चुनौती देने जैसा दुस्साहस किया

जयपुर: अलवर जिले के बहरोड़ थाने के लॉकअप से एके 147 राइफल से हमला करके कुख्यात अपराधी पपला गुर्जर को फरार कराने के मामले में गिरफ्तार 12 आरोपियों को राजस्थान हाईकोर्ट ने जमानत देने से इनकार कर दिया. जस्टिस सतीश कुमार शर्मा की एकलपीठ ने कहा कि आरोपियों का कृत्यु राजसत्ता को चुनौती देने वाला है इसलिए जमानत पर रिहा नहीं किया जा सकता है. हाईकोर्ट ने आरोपी विनोद स्वामी, अशोक उर्फ मेजर, दीक्षांत, सुभाष, महिपाल, विक्रम सिंह, जगन, सोमदत्त, सुनील कुमार, विनोद कुमार, प्रशांत यादव और कैलाश की जमानत याचिकाए खारिज कर दी है.

बीते करीबन एक साल से जेल में बंद:
आरोपियों की ओर से दायर कि गयी जमानत याचिकाओं पर कहा गया कि पुलिस एफआईआर में केवल विक्रम उर्फ पपला, आकाश यादव, दिक्षांत गुर्जर, राजवीर गुर्जर और राहुल गुर्जर का नाम दर्ज है जबकि अब तक करीबन 24 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं. उन पर किसी तरह का सीधा आरोप नहीं है और बीते करीबन एक साल से जेल में बंद है. 

यह एक तरह से राजसत्ता को चुनौती देने जैसा:  
एक आरोपी ने कहा कि वह बहरोड़ के एक गांव का दो बार लगातार सरपंच रहा है. जमानत याचिकाओं का विरोध करते सरकार की ओर से अधिवक्ता राजेंद्र यादव ने कहा कि किसी भी अभियुक्त को गलत तरीके से या बिना किसी आधार के नहीं पकड़ा है. सभी के खिलाफ पर्याप्त सबूत रिकॉर्ड पर है. पुलिस थाने पर हमला करके एक दुर्दान्त अपराधी को छुड़वाया गया है. न्यायाधीश सतीश कुमार शर्मा ने सभी की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि थाने पर हमला करके पपला को फरार करके ले जाने का दुस्सहास किया गया है. यह एक तरह से राजसत्ता को चुनौती देने जैसा है, ऐसे आरोपियों को जमानत पर नहीं छोड़ा जा सकता है.

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