उत्तर प्रदेश स्वामी प्रसाद मौर्य के इस्तीफे के बाद बांदा के विधायक बृजेश प्रजापति और शाहजहांपुर के रोशन लाल वर्मा ने भाजपा से इस्तीफा दिया

स्वामी प्रसाद मौर्य के इस्तीफे के बाद बांदा के विधायक बृजेश प्रजापति और शाहजहांपुर के रोशन लाल वर्मा ने भाजपा से इस्तीफा दिया

स्वामी प्रसाद मौर्य के इस्तीफे के बाद बांदा के विधायक बृजेश प्रजापति और शाहजहांपुर के रोशन लाल वर्मा ने भाजपा से इस्तीफा दिया

बांदा/शाहजहांपुर (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश सरकार के श्रम एवं सेवायोजन मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के इस्तीफे के बाद बांदा जिले के तिंदवारी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) विधायक बृजेश कुमार प्रजापति और शाहजहांपुर जिले के तिलहर से भाजपा विधायक रोशन लाल वर्मा ने भी मंगलवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया. ऐसा माना जाता है कि प्रजापति मौर्य के खेमे के हैं. तिंदवारी विधायक बृजेश कुमार प्रजापति के जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) मनोज कुमार ने मंगलवार को पीटीआई-भाषा को बताया कि तिंदवारी विधायक बृजेश प्रजापति ने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से आज इस्तीफा दे दिया है.

उन्होंने बताया कि प्रजापति ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह को अपना इस्तीफा भेजा है. प्रजापति ने 2012 का चुनाव बसपा के टिकट पर लड़ा था, लेकिन हार गए थे. वह 2017 के विधानसभा चुनाव के पहले मौर्य के साथ ही बसपा से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हुए थे.शाहजहांपुर से मिली सूचना के अनुसार, रोशन लाल वर्मा ने भाजपा पर दलितों, पिछड़ों और वंचितों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए त्यागपत्र दिया है.

वर्मा ने पीटीआई-भाषा से बातचीत में कहा कि मैंने भाजपा से इस्तीफा दे दिया है. मैं स्‍वामी प्रसाद मौर्य के साथ रहूंगा.उन्होंने कहा कि हम लोगों की शिकायतें उठाते थे तो उन्हें नहीं सुना जाता था, हमें नहीं सुना जाता था. हमने मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह से शिकायत की लेकिन कुछ नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि मैं सपा में शामिल हो रहा हूं. वर्मा ने कहा कि भाजपा नीत सरकार में दलित व पिछड़े अल्पसंख्यक कमजोर लोगों की लगातार उपेक्षा हो रही थी. बेरोजगारी बढ़ी है. वर्मा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार दिखा रही है कि रोजगार दिए गए हैं जबकि यह सब फर्जी है, इसी से क्षुब्ध होकर उन्होंने पार्टी छोड़कर सपा का दामन थामा है.(भाषा) 

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