बारां बेरहम पत्नी की खौफनाक दास्तां, नौकर से प्रेम के आड़े आ रहे पति की साजिश रच कर दी हत्या

बेरहम पत्नी की खौफनाक दास्तां, नौकर से प्रेम के आड़े आ रहे पति की साजिश रच कर दी हत्या

बेरहम पत्नी की खौफनाक दास्तां, नौकर से प्रेम के आड़े आ रहे पति की साजिश रच कर दी हत्या

बारां: जिल के छीपाबड़ौद के आखाखेड़ी गांव में  गुरुवार की रात को प्रेम प्रसंग के चलते एक महिला ने अपने प्रेमी व एक अन्य सहयोगी के साथ मिलकर अपने पति की गला रेतकर हत्या कर दी. पुलिस अधिक्षक ओमेन्द्र सिहं शेखावत ने बताया की एक युवक की हत्या को लेकर हमे सूचना मिली थी. सूचना पर हम मौके पर पहुंचे जहां एक व्यक्ति की लाश पड़ी हुई थी वहां पहुंचकर अनुसंधान किया तो मुखबरी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पता चला कि उस व्यक्ति की हत्या उसकी पत्नी ने दो अन्य युवकों के साथ मिलकर हत्या की है. 

उन्होंने कहा कि शुक्रवार सुबह 7 बजे सूचना मिली कि गांव आखाखेडी मे मीणा मोहल्ले मे  प्रेमनारायण मीणा की रक्त रंजित लाश घर मे पडी हुई है जिसकी अज्ञात लोगो द्वारा हत्या कर दी गई है. इस सूचना पर थानाधिकारी रामस्वरुप मीणा, वृताधिकारी ओमेन्द्र सिंह शेखावत व जय प्रकाश अटल आरपीएस (प्रोबेशनर) मय जाप्ता पहुंचे जहां घटनास्थल पर पहुंचकर देखा तो मृतक प्रेमनारायण मीणा की रक्त रंजित लाश घर मे पड़ी हुई थी. इस पर पुलिस अधीक्षक ने वृताधिकारी ओमेन्द्र सिंह के निर्देशन मे जय प्रकाश आरपीएस (प्रोबेशनर) के नेतृत्व मे एक विशेष टीम का गठन किया गया व इस पर जय प्रकाश अटल आरपीएस ने अपनी टीम के साथ मात्र तीन घण्टों मे घटना का खुलासा कर आरोपियो डिटेन किया. टीम द्वारा विशेष मुखबीरों से प्राप्त सूचनाओ एंव तकनीकी जानकारी के विश्लेषण किया व एफ एस एल टीम व डाक स्वाकयड टीम को मौके पर बुलाया गया, त्वरित कार्यवाही करते हुये घटना का पर्दा फास कर मृतक की पत्नि मुलजिमा रुकमणी देवी एवं मुलजिम जितेन्द्र बैरवा और हंसराज भील को गिरफ्तार करने मे सफलता हांसिल की है. 

नौकर पिछले दो साल से मृतक प्रेमनारायण के घर पर कार्य कर रहा था:
तरीका वारदात मृतक प्रेमनारायण फतेहगढ म0प्र0 मे सरकारी अध्यापक के पद पर था जो अवकाश होने पर घर आखाखेड़ी आता था. मृतक प्रेमनारायण व उसकी पत्नि रुकमणी बाई के आपस मे सम्बन्ध अच्छे नही थे. मृतक प्रेमनारायण ने घरेलु कार्य के लिये जीतेन्द्र बैरवा निवासी परोलिया थाना छीपाबडौद को 65000 रुपये प्रति वर्ष मे लगा रखा था जो पिछले दो साल से मृतक प्रेमनारायण के घर पर कार्य कर रहा था. मृतक प्रेमनारायण की अनुपस्थिति मे जितेन्द्र बैरवा का मृतक की पत्नि रुकमणी बाई से अवैध सम्बन्ध बन गये. रुकमणी बाई व जितेन्द्र बैरवा के प्रेम प्रसंग का शक प्रेमनारायण को था. 

प्रेम-प्रसंग मे मृतक प्रेमनारायण रोड़ा बन रहा था: 
रुकमणी बाई व जितेन्द्र बैरवा के प्रेम प्रसंग मे मृतक प्रेमनारायण रोड़ा बन रहा था इसलिये मृतक प्रेमनारायण की पत्नि रुकमणी बाई व मुलजिम जितेन्द्र बैरवा ने प्रेमनारायण को रास्ते से हटाने की साजिश रची जिसमे रुकमणी बाई व जितेन्द्र बैरवा ने हंसराज भील निवासी रतनपुरा को हत्या मे सहयोग के लिये बीस हजार रुपये मे राजी किया और बीती को रुकमणी बाई, जितेन्द्र बैरवा व हंसराज भील ने प्रेमनारायण की हत्या  का षडयंत्र रचा  और गुरुवार की मध्यरात्रि को जितेन्द्र बैरवा व हंसराज भील हथियार लेकर मृत प्रेमनारायण के मकान के पीछे आये. रुकमणी बाई ने मकान की प्रथम मंजिल पर बने कमरे की पीछे वाली खिड़की से रस्सा नीचे लटकाकर जितेन्द्र बैरवा व हंसराज को मकान मे दाखिल करवाया तथा तीनों ने मकान के बरामदे मे सोते हुये प्रेमनारायण पर तलवार व कुल्हाड़ी से चेहरे व गर्दन पर ताबड़तोड़ वार कर नृसंष हत्या कर दी. हत्या के बाद दोनों मुलजिम जितेन्द्र बैरवा व हंसराज भील रस्सी के सहारे वापस उसी रास्ते फरार हो गये व मृतक की पत्नि मुलजिमा रुकमणी बाई घर पर ही मौजूद रही ताकि किसी को शक नही हो. 

और पढ़ें