बहरोड़ एनसीआर क्षेत्र आज फिर स्मॉग के आगोश में समाया, लोग जहरीली सांस लेने को मजबूर

बहरोड़ एनसीआर क्षेत्र आज फिर स्मॉग के आगोश में समाया, लोग जहरीली सांस लेने को मजबूर

बहरोड़(अलवर): एनसीआर क्षेत्र आज फिर से स्मॉग के आगोश में समाया हुआ है. वायुमंडल में स्मॉग घुलने से लोग सुबह जहरीली सांस लेने को मजबूर बने हुए हैं. राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने बहरोड़ क्षेत्र में संचालित काला धुंआ उगलने वाले करीब 2 दर्जन उद्योगों पर रोक नहीं लगाई गई. जिससे उद्योग दिन-रात जहरीली धुंआ उगल रहे हैं. राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल के क्षेत्रीय प्रबंधक ओपी गुप्ता ने तर्क दिया कि बहरोड़ ओर अलवर में AQI में वायु प्रदूषण 100 से 150 है. ऐसे में यहां के उद्योगों पर रोक नहीं लगाई गई. भिवाड़ी में अधिक उद्योग होने और वहां AQI का असर अधिक होने से रोक लगाई गई है. जबकि बहरोड़ का AQI 150 से अधिक है. जो मानव जीवन के स्वास्थ्य पर असर डाल रहा है.

शाम को ही उद्योगों की चिमनियां धुंआ उगलना शुरू कर देती हैं: 
वहीं शाम को ही उद्योगों की चिमनियां धुंआ उगलना शुरू कर देती हैं. जो रातभर चलता रहता है. सोतानाला औद्योगिक क्षेत्र में संचालित मुर्गी दाना बनाने वाली रिलायबल के नाम से फैक्ट्री सबसे अधिक प्रदूषण फैलाकर ग्रामीण क्षेत्र की आबोहवा को दूषित कर रही है. इसमें देशी शराब बनाने के बाद निकले अपशिष्ट को यहां लाकर दाना बनाया जाता है. जिसमें दुर्गंध आने से आसपास के ग्रामीण व उद्यमी ओर श्रमिक परेशान हैं. बहरोड़ एनसीआर क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे स्मॉग को देखते हुए यहां भी प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर रोक लगाने की अतिआवश्यकता है.  

...बहरोड़ से जितेंद्र नरुका की रिपोर्ट 
 

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