बहरोड़ को बदनाम कर गया 2019, पहलू हत्याकांड-पपला फरारी समेत छाए रहे कई मुद्दे 

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/12/31 16:12

बहरोड़: बहरोड़ को 2019 बदनाम कर गया है. 2017 में पहलू हत्या कांड हो या पुलिस थाने पर फायरिंग कर पपला को हवालात से छुडाकर ले जाने का मामला. बसपा नेता और हिस्ट्रीशीटर जसराम गुर्जर हत्याकांड हो या गोकुलपुर में दूग्ध डेयरी पर अवैध वसूली को लेकर वाहनों में आगजनी तथा फायरिंग मामला. यह सभी वारदातें बहरोड़ को बदनाम कर गई. 

चार बड़ी घटना:
इन चार बड़ी घटनाओं के अलावा छोटी- मोटी विभिन्न वारदातें तो अलग हैं. प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनते ही गौतस्कर पहलू कांड को दोबारा से खुलवाकर जांच शुरु करना और जिला कोर्ट की ओर से पहलू मामले में बरी हुए 6 नामजद लोगों को लेकर विरोध शुरु हो गया. जिसकी जांच एसआईटी कर चुकी है. वहीं बसपा टिकट पर विधानसभा का चुनाव लड़े जसराम गुर्जर की 29 जुलाई को उसी के गांव जैनपुरबास में दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी थी. जिसके बाद क्षेत्र में दहशत फैल गई थी. 6 सितंबर की सुबह पुलिस थाने पर अंधाधुधं फायरिंग पर हवालात में बंद हरियाणा का मोस्टवांटेड बिक्रम उर्फ पपला को छुडाकर ले जाने के मामले में बहरोड़ क्षेत्र बदनाम तो हुआ साथ ही राजस्थान पुलिस की छवि खराब होने के साथ किरकिरी हुई. 30 नवंबर को बहरोड़ के गोकलपुर गांव में अवैध वसूली को लेकर दूध डेयरी पर फायरिंग कर चार गाड़ियों में लगा दी थी. जिस पर खुद जयपुर रेंज आईजी एस सेंगाथिर ने मौके पर पहुंच कर मामले में जल्द से जल्द आरोपी को पकड़ने की बात कही थी. लेकिन अभी तक ना तो पपला पकड़ा गया और ना ही जसराम गुर्जर तथा आगजनी की वारदात का मुख्य षडयंत्रकारी गांव पहाड़ी निवासी हिस्ट्रीशीटर विक्रम उर्फ लादेन. 

अपराध की राजधानी:
बहरोड़ क्षेत्र इस साल 2019 में अपराध की राजधानी बन चुका. अलवर जिले की बात की जाए तो अपराध के क्षेत्र में बहरोड़ में सबसे ज्यादा आपराधिक वारदातों को अंजाम दिया गया. साफतौर पर अलवर जिले का बहरोड़ में 2019 का साल कुछ घटनाओं को लेकर काफी खराब रहा. जिसकी वजह से बहरोड़ का नाम अपराध की दुनिया में प्रथम पायदान पर पहुंच गया. वर्ष 2017 में पहलू हत्याकांड ने बहरोड़ को देश और दुनिया में बदनाम कर दिया. अब वर्ष 2019 में पपला फरारी मामले में खाकी की कमी के कारण बहरोड़ का नाम बदनाम हुआ. हालांकि पपला मामले में जांच कर रही एसओजी ने पपला को हवालात से छुडाकर भागे 13 बदमाशों की प्रमुख सड़क पर अर्ध नग्न परेड़ करवाई और पुलिस का इकबाल बुलंद करने का प्रयास किया. अब पुलिस अपराधों पर लगाने लगाने का भरपुर प्रयास कर रही है. 

क्षेत्र में अपराध कम हुए हैं, लेकिन पूर्णतया खत्म नहीं हो सके. अब उम्मीद करते है कि 2019 की तरह आगामी नए साल 2020 में इस प्रकार की घटनाएं नहीं हो. जिससे राठ क्षेत्र के नाम से पहचान रखने वाला बहरोड़ क्षेत्र बदनाम नहीं होवें. 

... बहरोड़ अलवर से जितेन्द्र नरुका की रिपोर्ट 

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