तिहाड़ जेल में महिलाओं के लिए हो बेहतर सुविधाएं, DCW ने की सिफारिश 

तिहाड़ जेल में महिलाओं के लिए हो बेहतर सुविधाएं, DCW ने की सिफारिश 

तिहाड़ जेल में महिलाओं के लिए हो बेहतर सुविधाएं, DCW ने की सिफारिश 

नई दिल्ली: दिल्ली महिला आयोग (DCW) की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने तिहाड़ जेल में बंद महिला कैदियों के लिए कारावास के भीतर कोठरियों के अंदर शौचालयों में दरवाजे लगाने, वकीलों की संख्या बढ़ाने और कोविड-19 के मामले नियंत्रण में रहने तक फिर से ‘मुलाकात’ कार्यक्रम शुरू करने की सिफारिशें की हैं.

तिहाड़ जेल में बंद 276 में से 240 महिलाएं विचाराधीन कैदी:
जेल प्राधिकारियों और सरकार को भेजी गई सिफारिशों में मालीवाल ने फैशन डिजाइनिंग जैसे पाठ्यक्रमों के लिए शिक्षकों की सेवाएं लेने का भी सुझाव दिया है. ये पाठ्यक्रम यहां पहले चलाए जा रहे थे. आयोग की ओर से जारी बयान के अनुसार तिहाड़ जेल में बंद 276 महिलाओं में से 240 विचाराधीन कैदी हैं और 35 को अदालत दोषी ठहरा चुकी है. यहां जेल में बंद महिलाएं कपड़ा, कार्यालय फाइलें, आभूषण, बिस्कुट समेत कई वस्तुएं बनाती हैं, जिसे टीजे ब्रांड के नाम से बेचा जाता है.

सरकारी विभाग तिहाड़ जेल के उत्पादों को प्राथमिकता से खरीदें:
आयोग ने अपनी सिफ़ारिश में कहा है कि इन उत्पादों का व्यापक प्रचार होना चाहिए और सरकारी विभागों को तिहाड़ जेल के उत्पादों को खरीदने के लिए प्रेरित किया जाए क्योंकि इससे इन महिलाओं के पुनर्वास और बदलाव की प्रक्रिया में मदद मिलती है. अध्यक्ष ने कहा कि इन उत्पादों को बेचने के लिए ई-कॉमर्स वेबसाइटों से भी संपर्क करना चाहिए. मालीवाल ने अपनी टीम के साथ महिला जेल का मुआयना किया और उन्होंने अपनी सिफारिशों में कहा कि जेल परिसर में मां के साथ रहनेवाले छोटे बच्चों को सर्वोत्तम देखभाल मिलनी चाहिए.

आयोग ने कहा कि टीम जब कारागार परिसर में पहुंची तो उसकी नजर में पहली चीज जो सामने आई, वह यह थी कि एक संकरे कक्ष में तीन महिलाओं को रखा गया था और कक्ष को शौचालय से अलग करने के लिए वहां दरवाजा भी नहीं था. आयोग ने सिफारिश की है कि कक्ष के भीतर बने शौचालय ठीक से ढके और बंद होने चाहिए और उसमें दरवाजे होने चाहिए.

पैनल ने कहा कि तिहाड़ जेल में बंद महिलाओं की अधिक संख्या को देखते हुए आयोग ने इन्हें बेहतर कानूनी सहायता मुहैया कराने के लिए वकीलों की संख्या को बढ़ाकर पांच करने का सुझाव भी दिया है. मौजूदा समय में दो वकील इसके लिए तैनात हैं.

आयोग ने कोविड-19 की वजह से अभी बंद चल रहे ‘मुलाकात’ कार्यक्रम को राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 के मामले नियंत्रण में रहने तक फिर से शुरू करने की सिफारिश की है. इसमें महिला कैदी अपने परिवार के सदस्यों से मिल सकती हैं.

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