जोधपुर में उगाया जा रहा महाराष्ट्र और गुजरात से बेहतर शक्ल का अनार, प्रदेश में बढ़ा उत्पादन

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/10/03 11:10

जोधपुर: अकाल, सूखे और बंजर जमीन के पुराने इतिहास के चलते जिस पश्चिमी राजस्थान को नकारात्मक नजरिए से हिंदुस्तान के कई राज्य देखते आए आज वही पश्चिमी राजस्थान बारिश कम होने या नहीं होने के बावजूद अन्नदाता यानि किसानों की मेहनत के बूते अभिनव प्रयोग कर रहा है. जोधपुर में जिस तरह आधुनिक किसानों द्वारा दिन रात एक कर जिस तरह से अनार उगाया जा रहा है वे आज महाराष्ट्र और गुजरात से बेहतर अनार की शक्ल लिए हुए है जो देखते ही मुंह में पानी लाने को मजबूर कर देते है. 

राजस्थान में अनार का उत्पादन काफी बढ़ गया:  
अनार एक ऐसा फल है जिसकी खेती करने में बहुत ज्यादा पानी की आवश्यकता नही पड़ती ऐसे में बिना ज्यादा पानी खर्च किए ही किसानों को काफी अच्छे रिजल्ट मिल जाते है. अनार का रस स्वाद से भरा होता है. इसमें औषधीय गुण भी होते हैं. अनार सेहत के लिए बहुत फायदेमंद और पोषक तत्त्वों से भरपूर फल माना जाता है. अनार में खासतौर से विटामिन ए, सी, ई, फौलिक एसिड और एंटी आक्सीडेंट पाए जाते हैं. फलों के विकास व पकने के समय गरम व शुष्क जलवायु की आवश्यकता होती है. फल के विकास के लिए सही तापमान 38° सेंटीग्रेड माना जाता है. मगर इन दिनों अगर बात की जाए तो परेशानी यह बनी हुई है कि राजस्थान में इसका उत्पादन काफी बढ़ गया है जिससे इसकी जो मार्केट रेट है वह बहुत ही कम हो चुकी है. जिसको लेकर कृषि विभाग के उपनिदेशक बीके द्धिवेदी ने कहा कि पिछले साल तो अनार के भाव इतने कम थे कि 30 रूपए किलो पर बेचना पड़ रहा था. ऐसे में अनार के उत्पादन को देखते हुए सरकारी स्तर पर अनार को लेकर कई तरह के प्रोडेक्ट्स तैयार होने चाहिए. अनार के छिलके का पाउडर,दाना,छिलका और पल्प पर रिसर्च खूब हो चुकी है इसलिए एक छोटी यूनिट यहां पर डालनी चाहिए जिससे दूसरे लोग इससे सीखे कि इससे बहुत कुछ संभव हो सकता है. 

अनार के लिए शुष्क जलवायु की आवश्यकता: 
भारत में अनार की खेती मुख्य रूप से महाराष्ट्र में की जाती है. राजस्थान, उत्तरप्रदेश, आंध्रप्रदेश, हरियाणा, पंजाब, कर्नाटक, गुजरात में छोटे स्तर में इसके बगीचे देखे जा सकते हैं. इसका रस स्वादिष्ट तथा औषधीय गुणों से भरपूर होता है. अनार उपोष्ण जलवायु का पौधा है. यह अर्द्ध शुष्क जलवायु में अच्छी तरह उगाया जा सकता है. फलों के विकास एवं पकने के समय गर्म एवं शुष्क जलवायु की आवश्यकता होती है. लम्बे समय तक उच्च तापमान रहने से फलों में मिठास बढ़ती है. अनार शुष्क क्षेत्र व कम पानी में पनपने वाला पौधा है.

...फर्स्ट इंडिया के जोधपुर से राजीव गौड़ की रिपोर्ट

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