VIDEO: कोरोनाकाल में बेहाल कोटा के किसान की टूटी कमर! बारिश से भामाशाह कृषि उपज मंडी में भीगा हजारों बोरी गेहूं

VIDEO: कोरोनाकाल में बेहाल कोटा के किसान की टूटी कमर! बारिश से भामाशाह कृषि उपज मंडी में भीगा हजारों बोरी गेहूं

कोटा: प्रदेश के कोटा जिले में शुक्रवार दोपहर बाद अचानक शुरू हुई बारिश किसानों के लिए आफत साबित हुई.कोटा जिले की भामाशाह कृषि उपजमंडी सहित अंचल की मंडियों में रखा गेहूं, लहसून और विभिन्न जिन्सों का हजारों बोरी माल भीग गया. किसानों का आरोप हैं कि केवल भामाशाह कृषि उपजमंडी में ही आज करीब 40 हजार बोरी आवक केवल गेहूं की रही और मौसम विभाग का बारिश का अलर्ट पहले से ही था, ऐसे में करीब 15-20 हजार बोरी की आढतियों ने तो अपनी तुलाई मंडी खुलने के शुरू के 2-3 घंटों में ही कर ली, लेकिन एफसीआई की तुलाई टीमें ढीलाई करके बैठी रही और किसानों की अनुनय-विनय की भी एक नहीं सुनी.

बारिश से खुले में पडा माल भीग गया:

यहां तक कि शैड में 2 से 3 घंटे का रेस्ट तो केवल लंच के नाम पर काटा और इसी बीच आई बारिश से खुले में पडा माल भीग गया और जिम्मेदार किसानों को तिरपाल तक उपलब्ध नहीं करा पाए. बहरहाल बारिश-बर्बादी और लपारवाही के मंजर ने किसानों को आक्रोशित कर दिया और किसानों के एक झुंड ने अचानक उग्र होकर किसान एकता जिन्दाबाद के नारे लगाते हुए समर्थन मूल्य तुलाई टीम पर ही हमला बोल डाला.

किसानों का गुस्सा देखकर कार्मिक मौके से भाग छूटे:

इस दौरान किसानों का गुस्सा देखकर कार्मिक मौके से भाग छूटे और वहां मौजूद किसान नेताओं ने उन्हे जैेसे-तैसे बचाया तो वहीं किसानों ने इस बीच समर्थन मूल्य सेन्टर्स पर ही तोड़फोड़ कर डाली. बहरहाल बड़ा सवाल यहीं हैं कि मुंह आया कौर यानि मंडी में सरकारी कांटे पर तुलने आई फसल के भीगने पर भी किसानों का करोड़ों का ये भीगा माल कल कांटे पर तुल जाएगा या कोरोनाकाल में पहले से बेहाल किसान को इस खराबे का दंश झेलने पड़ेगा और उसका माल समर्थन मूल्य कांटे पर ना-पास करके उसे दर-दर भटकने पर छोड़ दिया जाएगा.

...फर्स्ट इंडिया के लिए भंवर सिंह की रिपोर्ट 

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