प्रणब मुखर्जी को मिलेगा भारत रत्न, नानाजी देशमुख और भूपेन हजारिका को मरणोपरांत भारत रत्न

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/01/25 09:35

नई दिल्ली। देश के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को भारत रत्न सम्मान से नवाजा जाएगा, उनके साथ ही प्रख्यात समाजसेवी दिवंगत नानाजी देशमुख को भी मरणोपरांत भारत रत्न का सम्मान मिलेगा। राष्ट्रपति भवन की ओर से शुक्रवार को जारी बयान में इस साल तीन हस्तियों को भारत रत्न सम्मान देने की घोषणा की गई। इसमें प्रणब मुखर्जी और नानाजी देशमुख के साथ ही अकादमिक रूप से उदार व्यक्तित्व वाले दिवंगत सिंगर भूपेन हजारिका का भी नाम शामिल है, जिन्हें भी मरणोपरांत भारत रत्न के सम्मान से नवाजा जाएगा।

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखजी को भारत रत्न और नानाजी देशमुख व भूपेन हजारिका को मरणोपरांत भारत रत्न के सम्मान से सम्मानित किए जाने को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक के बाद एक तीन ट्वीट कर खुशी जाहिर की है। पीएम मोदी ने अपने पहले ट्वीट में लिखा है कि 'ग्रामीण विकास के लिए नानाजी देशमुख के महत्वपूर्ण योगदान ने हमारे गांवों में रहने वाले लोगों को सशक्त बनाने के एक नए प्रतिमान की राह दिखाई। वह दलितों के प्रति विनम्रता, करुणा और सेवा का परिचय देते हैं। वह सच्चे अर्थों में भारत रत्न हैं।'

वहीं अपने दूसरे ट्वीट में पीएम मोदी ने भुपेन हजारिका के बारे में लिखा है कि 'श्रीभूपेन हजारिका के गीत—संगीत पीढ़ियों से लोगों द्वारा सराहे जाते हैं, जिनसे न्याय, सौहार्द और भाईचारे का संदेश जाता है। उन्होंने विश्व स्तर पर भारत की संगीत परंपराओं को लोकप्रिय बनाया है। मुझे खुशी है कि भूपेन दा को भारत रत्न से सम्मानित किया गया।' इसके साथ ही पीएम ने अपने तीसरे ट्वीट में लिखा है कि 'प्रणव दा इस समय के महान व्यक्ति हैं। उन्होंने निःस्वार्थ होकर देश की सेवा की। उनको भारतरत्न मिलने पर खुशी है।' 

प्रणब मुखर्जी के बारे में :
प्रणब मुखर्जी देश के पूर्व राष्ट्रपति हैं, जो भारत के 13वें राष्ट्रपति रह चुके हैं। उन्होंने 25 जुलाई 2012 को राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी और इस पद पर 25 जुलाई 2017 तक रहे। 1984 में प्रणव मुखर्जी वित्तमंत्री रह चुके थे। नरसिम्हा राव के मंत्रिमंडल में उन्होंने 1995 से लेकर 1996 तक विदेश मंत्री के रूप में काम किया था। कांग्रेस के अग्रिम कतार के नेताओं में गिने जाने वाले प्रणव मुखर्जी पिछले साल आरएसएस के कार्यक्रम में जाने को लेकर भी सुर्खियों में रहे।

कौन हैं नानाजी देशमुख :
11 अक्टूबर 1916 को जन्मे नानाजी देशमुख का 27 फरवरी 2010 को निधन हो गया। वह समाजसेवी और भारतीय जनसंघ के नेता थे। बताया जाता है कि 1977 में जब जनता पार्टी की सरकार बनी तो उन्हें मोरारजी देसाई मंत्रिमंडल में शामिल किया गया, मगर उन्होंने यह कहकर मंत्रिपद ठुकरा दिया कि 60 वर्ष से अधिक की उम्र के लोग सरकार से बाहर रहकर समाजसेवा का कार्य किए। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय शोध संस्थान के तहत तमाम समाजसेवा से जुड़े कार्यों को विस्तार दिया। अटल विहारी वाजपेयी की सरकार में उन्हें भारत सरकार ने पद्मविभूषण से सम्मानित किया था।  

भूपेन हजारिका के बारे में :
भूपेन हजारिका खुद गीत लिखते थे, संगीत देते थे और उसे गाते भी थे। आठ दिसंबर 1926 को असम में जन्मे भूपेन हजारिका का पांच नवंबर 2011 को निधन हो गया था। भूपेन हजारिका के गीतों ने लाखों को दीवाना बनाया। उन्होंने कई गीतों को जादुई आवाज दी, 'ओ गंगा तू बहती क्यों है...' और 'दिल हूम हूम करे...' जैसे गीतों ने भूपेन हजारिका को प्रशंसकों को दिलों में हमेशा के लिए बसा दिया। असम का निवासी होने के कारण भूपेन असमिया संस्कृति और संगीत से भी जुड़े रहे।

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