VIDEO: प्रशासन शहरों संग अभियान को लेकर बैठक, ज्यादा से ज्यादा लोगों को पट्टा देने पर हुआ मंथन

VIDEO: प्रशासन शहरों संग अभियान को लेकर बैठक, ज्यादा से ज्यादा लोगों को पट्टा देने पर हुआ मंथन

जयपुर: प्रशासन शहरों के संग अभियान तैयारियों को लेकर आज भरतपुर संभाग के निकायों की भरतपुर में बैठक हुई. नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में अभियान के दौरान लोगों को अधिक से अधिक पट्टा देने को लेकर मंथन किया गया. भरतपुर के रीजेंटा होटल में यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में स्थानीय विधायक और मंत्री सुभाष गर्ग, यूडीएच के सलाहकार जीएस संधू, प्रमुख सचिव कुंजी लाल मीणा, स्वायत्त शासन सचिव भवानी सिंह देथा, डीएलबी दीपक नंदी, संयुक्त सचिव यूडीएच मनीष गोयल, मुख्य नगर नियोजक आरके विजयवर्गीय और भरतपुर संभाग के निकायों के जनप्रतिनिधि और अधिकारियों ने भाग लिया. इस मौके पर यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि अभियान की सफलता के लिए जरूरी है कि निकायों के जनप्रतिनिधि और अधिकारी मिलकर कमिटमेंट के साथ काम करें. अभियान की सफलता के लिए हफ्ते वार कैलेंडर बनाना चाहिए. किसी निकाय ने कैलेंडर स्थानीय निकाय निदेशक को नहीं भेजा तो यह लापरवाही मानी जाएगी.

नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल ने कहा मंदिर माफी की भूमि पर बसी कॉलोनियों के नियमन का मामला संवेदनशील है. इस मामले में कैबिनेट स्तर पर मंथन किया जाएगा. लेकिन निकायों को अपनी तैयारियों के तौर पर ऐसी कॉलोनियों का सर्वे करा लेना चाहिए. धारीवाल ने कहा कि किसी सरकारी विभाग की भूमि पर अगर कॉलोनी बस गई है तो उसका भी नियमन किया जा सकेगा. इस बार अभियान में हम यह प्रावधान करने वाले हैं कि नियमन के लिए संबंधित विभाग से एनओसी लेना जरूरी नहीं होगा.

यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने कहा, पट्टे देने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाए कोई पट्टा अगर लेने नहीं आता है तो उसके परिवार के सदस्यों को इस पट्टे का महत्व समझाया जाए और कोई पट्टा लेने के लिए बिल्कुल नहीं मानता है तो हम इस स्तर पर भी जा सकते हैं कि उसके मकान को सील कर दें. भरतपुर क्षेत्र से विधायक और राज्य मंत्री सुभाष गर्ग ने निकायों में व्याप्त लालफीताशाही पर अपनी पीड़ा जताते हुए कहा कि मैं तो पहली बार ही विधायक बना हूं और मंत्री भी पहली बार बना हूं मेरी यह पीड़ा है कि एक जैसे मामलों में अधिकारियों का डिफरेंट ओपिनियन क्यों होता है? हर प्रकार के निस्तारण के लिए बाकायदा चेक लिस्ट होनी चाहिए. पिक एंड चूज का खेल क्यों किया जाता है जबकि फर्स्ट कम फर्स्ट सर्वे का कॉन्सेप्ट होना चाहिए. आम आदमी पट्टे के लिए निकायों में चक्कर काटता है.

प्रमुख सचिव यूडीएच कुंजीलाल मीणा ने कहा की इस बैठक के बाद सभी जनप्रतिनिधियों को अपने निकायों में बैठक बुलानी चाहिए और इस बैठक में यही मंथन करना चाहिए कि हम अपने क्षेत्र में अधिक से अधिक लोगों को किस तरह से पट्टे दे सकते हैं. पट्टे देने की जिम्मेदारी पार्षदों को दी जानी चाहिए.  स्वायत्त शासन सचिव भवानी सिंह देथा ने कहा की कोरोना की पहली और दूसरी लहर के दौरान शहर वासियों में कोरोना के खिलाफ जन जागरूकता फैलाने का जो काम निकायों ने किया है वह बेमिसाल है इस नाते मुझे इस विभाग का सचिव होने पर गर्व महसूस होता है

उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस अभियान में भरतपुर संभाग के निकाय अच्छा काम करेंगे.प्रशासन शहरों के संग तैयारियों को लेकर आयोजित इस बैठक में सवाल जवाब का सेशन भी हुआ. इस दौरान निकायों के जनप्रतिनिधि और अधिकारियों ने नियमन में आ रही समस्याओं को लेकर सवाल पूछे. यूडीएच के सलाहकार जीएस संधू और अन्य अधिकारियों ने इन सवालों का जवाब दिया.

और पढ़ें