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जेल से रिहा होते ही 'रावण' ने योगी सरकार को घेरा, जताई ये आशंका

जेल से रिहा होते ही 'रावण' ने योगी सरकार को घेरा, जताई ये आशंका

मेरठ। भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण को तय समय से पहले सहारनपुर की जेल से अपनी रिहाई में यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार की साजिश नजर आ रही है।चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण ने अंदेशा जताया की योगी सरकार एक बार फिर उन्हें जेल भेज सकती है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार और पुलिस कुछ दिनों बाद किसी फर्जी मुकदमे में फंसाकर उन्हें फिर जेल भेज सकती है और उनके खिलाफ दोबारा रासुका लगा सकती है। रावण ने कहा कि चुनाव आने वाले है और उनको मुझसे डर लगता है। लेकिन इससे मैं घबराने वाला नहीं हूं।

देश में बहुजनों के खिलाफ होने वाले हर अत्याचार के खिलाफ हम आवाज बुलंद करेंगे। न्याय मिलने तक चुप नहीं बैठेंगे और अन्याय के खिलाफ जंग जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि सरकार जब किसी को फंसाती है तब पुलिस को हथियार बनाती है लेकिन हमारी कोशिश होगी कि सरकार या प्रशासन आगे से हमारे आंदोलनों को हिंसक रूप न दे सके। हम कानून के तहत काम करेंगे। सरकार ईमानदार लोगों से डरती है। 

बीजेपी पर हमला बोलते हुए रावण ने कहा कि साल 2019 के लोकसभा चुनाव में BJP को हराना है। बीजेपी सत्ता में तो क्या विपक्ष में भी नहीं आ पाएगी। बीजेपी के गुंडों से लड़ना है। उन्होंने कहा कि सामाजिक हित में गठबंधन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार एक तरफ हमसे मदद लेती है, क्योंकि हमारे लोग हमारी बात मानते हैं और फिर दूसरी तरफ हमें ही गिरफ्तार भी कर लेती है। सिर्फ जाति के आधार पर उस वक्त लोगों को पकड़ा गया था। बेगुनाह लोग जब जेल में रोते थे, तब मेरा दिल रोता था।

पुलिस के पास कोर्ट में हमें गुनहगार साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं हैं। वह कानूनी लड़ाई हार जाएंगे। सरकार के खिलाफ हम आवाज बुलंद करेंगे। बता दें कि रात 2.37 बजे सहारनपुर जेल से रिहा होने के बाद रावण समथर्कों के साथ पुलिस के पहरे में अपने घर छुटमुलपुर पहुंचे। जेल के बाहर बड़ी संख्या में भीम आर्मी समर्थक उपस्थित थे और जेल से बाहर आने पर रावण का भव्य स्वागत किया। इसके बाद जुलूस निकालते हुए रावण को गांव ले गए।

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फर्जी डिग्री के आधार पर नौकरी, अब तक कर चुका है हजारों ऑपरेशन

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यूपी के सहारनपुर में एक फ़िल्मी वाक़या सामने आया है फिल्म मुन्नाभाई और थ्री इडियट्स की तर्ज़ पर 10 सालों से प्रैक्टिस कर रहे फर्जी डॉक्टर को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है.सहारनपुर (ग्रामीण) के एसपी विद्यासागर मिश्र के अनुसार, 'देवबंद में ओमपाल (50) नामक शख्स यहां के लोकल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में फर्जी डिग्री और फर्जी रजिस्ट्रेशन के आधार पर खुद को डॉक्टर राजेश आर के तौर पर दर्शा कर प्रैक्टिस कर रहा था. वह एक नर्सिंग होम भी चला रहा था। आरोपी अभी तक हजारों ऑपरेशन कर चुका था.इस शख्स ने मैसूरु यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस की पढ़ाई करने वाले एक डॉक्टर के नाम से फर्जी डिग्री बनवा ली.

वह  सहारनपुर में सीएचसी में कॉन्ट्रैक्ट पर जुड़ा हुआ था. आरोपी के फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ, जब फिरौती से जुड़ी एक कॉल के बाद वह पुलिस में शिकायत दर्ज कराने गया.एसपी ने बताया, 'आरोपी पहले मंगलुरु में एयर फोर्स बेस हॉस्पिटल में बतौर पैरामेडिक कार्यरत था, जिसकी पेंशन उसे अभी भी मिलती है. उसके साथ राजेश आर नामक एक डॉक्टर भी काम करते थे, जिसके बाद वह विदेश चले गए.राजेश के विदेश जाने के बाद ओमपाल ने उसकी एमबीबीएस की डिग्री पर अपनी तस्वीर लगाकर फर्जीवाड़ा कर लिया.

आरोपी का खेल तब खत्म हुआ, जब उसे किसी अज्ञात शख्स ने फोन कर असली पहचान का खुलासा करने के एवज में 40 लाख रुपयों की डिमांड की. इसकी शिकायत करने वह पुलिस के पास गया, जहां पर उसकी पोल खुल गई.डिग्री के आधार पर ही उसे सीएचसी में सर्जन की नौकरी मिली और उसने सर्जरी के कई सारे डिप्लोमा और सर्टिफिकेट बनवा लिए.

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