CM भूपेंद्र पटेल ने पुष्कर सिंह धामी से उत्तराखंड में फंसे गुजराती तीर्थयात्रियों की मदद करने का किया आग्रह

CM भूपेंद्र पटेल ने पुष्कर सिंह धामी से उत्तराखंड में फंसे गुजराती तीर्थयात्रियों की मदद करने का किया आग्रह

CM भूपेंद्र पटेल ने पुष्कर सिंह धामी से उत्तराखंड में फंसे गुजराती तीर्थयात्रियों की मदद करने का किया आग्रह

अहमदाबाद: गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने मंगलवार को उत्तराखंड के अपने समकक्ष पुष्कर सिंह धामी से बातचीत की और उनसे भारी बारिश और भूस्खलन की घटनाओं के बाद फंसे गुजराती तीर्थयात्रियों को हर संभव सहायता मुहैया कराने का आग्रह किया. गुजरात के राजस्व मंत्री राजेंद्र त्रिवेदी ने बताया कि एक आकलन के मुताबिक चारधाम यात्रा के लिए उत्तराखंड गए गुजरात के विभिन्न हिस्सों के करीब 100 तीर्थयात्री भारी बारिश और भूस्खलन की घटनाओं के बाद वहां फंस गए हैं. एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार पटेल ने धामी से फोन पर बातचीत की और उनसे फंसे यात्रियों को हर संभव सहायता पहुंचाने की अपील की. पटेल ने अधिकारियों को भी फंसे लोगों से संपर्क करने के लिए कहा है.

विज्ञप्ति में बताया गया कि पटेल के निर्देश के बाद राज्य आपदा अभियान केंद्र (एसईओसी) ने फंसे तीर्थयात्रियों से संबंधित जानकारियां जुटाने और साझा करने के लिए हेल्पलाइन नंबर-07923251900 - जारी किया. त्रिवेदी ने कहा कि भारी बारिश और विपरीत मौसम की वजह से उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों में अभी गुजरात के 80 से 100 तीर्थयात्री फंसे हैं. उन्होंने बताया कि उनमें से छह केदारनाथ मंदिर के समीप बेहद ऊंचाई पर फंसे हैं. बहरहाल, वे खतरे में नहीं हैं. वहीं अन्य जोशीमठ और अन्य स्थलों के होटल में हैं. फिलहाल फंसे सभी तीर्थयात्री सुरक्षित हैं. मंत्री ने कहा कि मौसम की स्थिति बेहतर हो रही है लेकिन कई सड़कें भूस्खलन की वजह से बंद हैं.

उत्तराखंड में फंसे लोगों में राजकोट के 18 लोगों का समूह, अहमदाबाद के मणिनगर इलाके के छह लोग और शहर के थलतेज इलाके के छह युवक शामिल हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री धामी से बातचीत कर उत्तराखंड की स्थिति की जानकारी ली थी. उत्तराखंड में बारिश से संबंधित घटनाओं में सोमवार को नेपाल के तीन श्रमिक समेत पांच लोगों की मौत हो गई. वहीं दो अन्य व्यक्ति घायल हो गए. उत्तराखंड के अधिकारियों ने चारधाम तीर्थयात्रियों को मौसम बेहतर होने तक हिमालयी मंदिरों की यात्रा के लिए आगे नहीं बढ़ने की सलाह दी है. सोर्स- भाषा
 

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