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कोटा ATS और SOG की बड़ी कारवाई, पकड़ में आई नकली गुटखा फैक्ट्री, नामी ब्रांड के गुटखा हो रहे थे पैक

कोटा: प्रदेश के कोटा जिले में सोमवार को ATS और SOG ने बड़ी कारवाई की है. यहां पर ATS और SOG ने नकली गुटखा फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है. इस फैक्ट्री में नामी ब्रांड के गुटखा तैयार कर पैक हो रहे थे. उद्योग नगर थाने के थेकड़ा में ये फैक्ट्री चली रही थी. मशीन और बड़ी मात्रा में नक़ली गुटखा बरामद किया है.

विमल-मानचंदा-मिराज गुटखों के हजारों पाउच जब्त:
ATS के ASP हिम्मत सिंह द्वारा नकली गुटखा फैक्ट्री पर कार्रवाई हुई है. आपको बता दें कि कोटा के उद्योगनगर थाना इलाके के थेगड़ा में फैक्ट्री चल रही थी. विमल-मानचंदा-मिराज गुटखों के हजारों पाउच जब्त किए गए है. नकली गुटखा बनाने की सामग्री और मशीन भी बरामद की गई है. ATS के ASP हिम्मत सिंह के नेतृत्व में छापा मारा गया. जब्त किए नकली गुटखे की लागत करीब 25 लाख बताई जा रही है. 
 

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Nagar Nigam Polls: प्रदेश की 3 नगर निगमों में कुल 60.42 फीसदी मतदान, कोटा उत्तर में हुई सर्वाधिक वोटिंग

जयपुर: राजस्थान में जयपुर हेरिटेज, जोधपुर उत्तर और कोटा उत्तर नगर निगमों में गुरुवार को प्रथम चरण के चुनाव छुटपुट घटनाओं को छोड़कर शांतिपूर्ण संपन्न हुए. प्रदेश की 3 नगर निगमों में कुल 60.42% मतदान हुआ है. इसमें सबसे ज्यादा मतदान कोटा उत्तर नगर निगम में  65.12 प्रतिशत हुआ. इसके बाद जोधपुर उत्तर में 62.64% वोटिंग और जयपुर हेरिटेज में 57.82%  मतदान हुआ. अब दूसरे चरण में जयपुर ग्रेटर, जोधपुर दक्षिण और कोटा दक्षिण में 1 नवंबर को मतदान होगा.जबकि मतगणना 3 नवंबर को होगी.

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16 लाख 54 हजार 592 थे कुल मतदाताः 
16 लाख 54 हजार 592 मतदाताओं में से 9 लाख 99 हजार 691 मतदाताओं ने की अपने मताधिकार का उपयोग किया.बता दें कि पहले चरण में 250 वार्डों के 2761 मतदान केंद्रों पर 16 लाख 54 हजार 547 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया. इसमें जयपुर हैरिटेज के 100 वार्डों के 9 लाख 32 हजार 908 मतदाताओं में 4 लाख 91 हजार 633 पुरुष, 4 लाख 41 हजार 260 महिला व 15 अन्य, जोधपुर उत्तर के 80 वार्डों के 3 लाख 88 हजार 847 मतदाताओं में से 1 लाख 99 हजार 505 पुरुष, 1 लाख 89 हजार 339 महिला व 3 अन्य और कोटा उत्तर के 70 वार्डों के 3 लाख 32 हजार 792 मतदाताओं में से 1 लाख 70 हजार 959 पुरुष, 1 लाख 61 हजार 831 महिला व 2 अन्य मतदाता शामिल हैं.

कोरोना संक्रमितों ने की गई मतदान की व्यवस्थाः
उधर कोटा उत्तर नगर निगम के लिए गुरुवार को हुए प्रथम चरण के मतदान के आखिरी चरण में कोरोना पॉजिटिव मरीजों ने अपने मत का प्रयोग किया. जानकारी के अनुसार कोटा उत्तर नगर निगम में 5 कोरोना संक्रमितों के लिए सकतपुरा, भदाना, डीसीएम डिस्पेन्सरियों पर मतदान की व्यवस्था की गई थी. कुन्हाड़ी के संत तुकाराम सामुदायिक भवन बूथ पर कोरोना संक्रमितों ने पीपीई किट पहनकर मतदान किया. 

कोटा उत्तर नगर निगम चुनाव कल, 70 वार्डों के लिए 555 मतदान बूथों पर होगी वोटिंग,मतदान दलों को दिया गया प्रशिक्षण

कोटा उत्तर नगर निगम चुनाव कल, 70 वार्डों के लिए 555 मतदान बूथों पर होगी वोटिंग,मतदान दलों को दिया गया प्रशिक्षण

कोटा: कोटा नगर निगम आम चुनाव के प्रथम चरण में कोटा उत्तर नगर निगम क्षेत्र में 29 अक्टूबर को होने वाले मतदान के लिए आज कॉमर्स कॉलेज में अंतिम प्रशिक्षण आयोजित किया गया. प्रशिक्षण में जिला निर्वाचन अधिकारी उज्जवल राठौड़,शहर एसपी गौरव यादव व विषय विशेषज्ञों ने ईवीएम सहित कई बिंदुओं पर जानकारी उपलब्ध कराई और शांति पूर्वक और निष्पक्ष मतदान संपन्न करवाने की बात कही.

दलों को प्रशिक्षण के बाद मतदान से जुड़ी सभी सामग्रियां उपलब्ध कराई गई और पोलिंग बूथ के लिए रवानगी दी गई. इस दौरान प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहने वाले कार्मिकों के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई के भी निर्देश दिए गए. कोटा उत्तर नगर निगम के 70 वार्डों के लिए मतदान होगा और 225 प्रत्याशियों के भाग्य के फैसला 3 लाख 31 हज़ार 644 वोटर्स करेंगे.

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मतदान के लिए सभी तैयारियों पूरी हो गई है. उतर नगर निगम क्षेत्र में कल कुल 555 मतदान बूथों पर वोटिंग होगी और जिसमे 55 बूथों को संवेदनशील माना गया है और उस पर शांति पूर्ण मतदान के लिए अतिरिक्त पुलिस जाब्ता तैनात रहेगा.

VIDEO: गंगा की तर्ज पर होगा चंबल का विकास,विलुप्ती की कगार पर पहुंची प्रजातियों को बचाया जाएगा

जयपुर: चंबल नदी को नमामि गंगे प्रोजेक्ट से जोड़ने की राज्य सरकार की मांग को केंद्र ने मान लिया है. अब नमामी गंगे योजना के तहत राजस्थान में चंबल नदी का उद्धार किया जाएगा. गंगा की तर्ज पर राजस्थान में चंबल नदी में बेहद दुर्लभ गंगा डॉल्फिन, घडियाल, ऊदबिलाव समेत विलुप्ती के कगार पर पहुंची प्रजातियों को बचाने की कवायद शुरू होगी. यह राजस्थान की पहली मरीन वाइल्ड लाइफ कंजरवेशन स्कीम होगी. वन विभाग के स्तर पर तमाम प्रस्ताव तैयार हो चुके हैं. गंगा की तर्ज पर राजस्थान में पहली बार किसी नदी में जलीय जीवों को बचाने के लिए योजना शुरू की जाएगी. नमामी गंगे योजना के तहत राजस्थान की चंबल नदी में बेहद दुर्लभ गंगा डॉल्फिन, घडियाल, ऊदबिलाव समेत विलुप्ती के कगार पर पहुंची प्रजातियों को बचाने की कवायद की जाएगी. यह राजस्थान की अब तक की पहली मरीन वाइल्ड लाइफ कंजरवेशन स्कीम होगी. 

इस योजना में गंगा की तर्ज पर चंबल नदी को फिर से जीवनदान देने का बुनियादी काम किया जाएगा. केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय और भारतीय वन्यजीव संस्थान की मदद से राजस्थान की सालभर बहने वाली एक मात्र नदी चंगल को बचाने के लिए सरकार ने योजना बनाई है. किसी भी नदी को बचाने के लिए सबसे पहले उसके ईको सिस्टम को बचाया जाता है. लिहाजा यहां भारतीय वन्य जीव संस्थान और राजस्थान के वन विभाग मिलकर चंबल में संकटकाल से जूझ रहे गंगा डॉल्फिन, घड़ियाल और ऊदबिलाव को बचाया जाएगा. हालांकि यहां गंगा डॉल्फिन और ऊदबिलाव पहले एक लंबे अंतराल तक लुप्त रही हैं, उसके बाद इन दानों जीवों की चंबल में वापसी से इनके संरक्षण की कुछ उम्मीद जगी है. अवैध बजरी खनन और नदी में बढ़ती कैमिकल युक्त और इंसानी गंदगी से यहां जलीय जीव लगातार संकट में आ रहे हैं. मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक राजस्थान अरविंद तोमर ने बताया कि मछलियों की प्रजातियां और तादाद कम हो रही हैं। घड़ियाल जैसे जीव संकट के दौर से गुजर रहे हैं, जबकि इसका असर अब सर्ववाइवल में सबसे माहिर माने जाने वाले मगरमच्छों पर भी पढ़ने लगा है. अब तक जल में रहने वाले इन सभी जीवों की किसी ने सुध नहीं ली थी, न कोई गिनती हुई न बचाने की कोशिश.

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अब वन विभाग इन्हें बचाने के लिए एक विशेष अभियान चलाकर पहले इनकी संख्या का एक ऐस्टीमेशन करेगा और उसके बाद इन्हें बचाने के लिए जरूरी कदम उठाएगा. चंबल नदी प्रदूषण कम करने की कोशिश पर मजबूती से ध्यान दिया जाएगा. ऐसे इलाकों में जहां ये जलीय जीव ज्यादा पाए जाते हैं, वहां अवैध खनन से लेकर मछली शिकार पर शिकंजा कसा जाएगा. चंबल नदी अलग-अलग स्थानों पर इन जीवों के लिए खास रेस्क्यू सेंटर स्थापित किये जाएंगे. जहां पर उनके लिए जरूरत पड़ने पर इलाज और रख- रखाव या निगरानी की व्वयस्था हो सके. इसके साथ ही चुनिंदा जगहों पर वन विभाग की ओर से कंजरवेशन ब्रीडिंग सेंटर बनाये जाएंगे, ताकि ऐसे संकटग्रस्त जीवों के प्रजनन को बढ़ावा देकर उनकी तादाद में इजाफा किया जा सके. हालांकि वन विभाग की ओर से किये गए कार्यों की वजह से घड़ियाल की इस साल अच्छी ब्रीडिंग हुई है.ऐसे में ऊदबिलाव और सबसे खास गंगा डॉल्फिन की अगर ब्रीडिंग अच्छी होती है तो इससे उनकी तादाद भी राजस्थान में चंबल में बढ़ सकेगी. 

राष्ट्रीय चम्बल घड़ियाल सैंक्चुअरी तीन प्रदेशों में है राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश। इसमें क्रिटिकली इंडेंज़र्ड घड़ियाल, मगरमछ और कई तरह के कछुए हैं. चम्बल में नदी स्मूथ कोटेड औटर यानी ऊदबिलाव की भी शरणस्थली है. साथ ही साथ ये नदी कई जलीय पक्षियों का भी आशियाना है,  जिसमें स्किमर पक्षी भी बेहद खास है जो चम्बल के रेतीले तटों पर घड़ियाल, मगर व कछुओं की प्रजातियों की तरह ही घोंसला बनाती है. अवैध बजरी खनन के चलते इन सभी प्रजातियों पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं. वहीं हम राजस्थान में घड़ियालों व ऊदबिलाव को नया आशियाना तक नहीं दे पाए हैं. झालावाड़ की काली सिंध नदी इन प्रजातियों के एक नया आशियाना हो सकता है जिसका सर्वे भी हो चुका है, लेकिन मामला आगे नहीं बढ़ पाया. वन्यजीव विशेषज्ञ अनिल रोज़र्स नें बताया कि यदि घड़ियाल व ओटर्स को काली सिंध नदी में री-इंट्रोड्यूस किया जाता है तो इन प्रजातियों को नया आशियाना मिल पाएगा वहीं काली सिंध मुकुन्दरा टाइगर रिज़र्व के बीच से होकर भी गुजरती है जिससे इन प्रजातियों का संरक्षण भी आसानी से हो पाएगा.

नगर निगम चुनाव 2020: फर्जी जातिप्रमाण पत्र से किया नामांकन दाखिल, धारा 420 के तहत मामला दर्ज

नगर निगम चुनाव 2020: फर्जी जातिप्रमाण पत्र से किया नामांकन दाखिल, धारा 420 के तहत मामला दर्ज

कोटा: राज्य में ग्राम पंचायत के चुनावों के खत्म होते ही निगम चुनाव के चर्चे जोर पर है जिससे चुनाव में खड़े हो रहे प्रत्याशियों में भी जोश देखते ही बन रहा है. मगर फर्जीवाड़े का एक ऐसा मामला सामने आया है जहां एक प्रत्याशी ने नकली जातिप्रमाणपत्र से नामांकन दाखिल कर दिया है. जिसके खिलाफ धारा 420 के तहत मामला दर्ज किया गया है. 

असल में मामला प्रत्याशी अर्पणा सैनी ने ओबीसी केटेगिरी के जातिप्रमाण के साथ नामांकन भरा था और जैसे ही प्रत्याशी के विपक्षीयों को पता लगा की मामले मे घोटाला किया गया है तो वे तुरंत तहसीलदार और एसडीएम से मिले और प्रशासन से सारे कागजात की तलाशी लेने का आग्रह करने लगे जिसके बाद प्रत्याशी को दोषी पाया गया और इतना ही नहीं उसके खिलाफ मामला भी दर्ज किया जा चुका है और विपक्ष की तर्ज पर सख्त से सख्त कार्यवाही की मांग की जा रही है. 

मामले के सामने आते ही हर कोई चौंकन्ना हाे गया है क्योकि ऐसे में मामले की जांच बैठती भी है तो काफी सारे अधिकारीयों को लपेटे में लेगी क्योकि बिना किसी गॉडफादर के इतना बड़ा घोटाला संभव नहीं है. फिलहाल मामले की सिरे से जांच की जा रही  है. (सोर्स-भाषा)

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पिता को गांव में सहना पड़ा अपमान तो बेटे ने देखा डॉक्टर बनने का सपना, नौवीं बार में मेडिकल प्रवेश परीक्षा में पाई सफलता

पिता को गांव में सहना पड़ा अपमान तो बेटे ने देखा डॉक्टर बनने का सपना, नौवीं बार में मेडिकल प्रवेश परीक्षा में पाई सफलता

कोटा: अपना सपना नहीं, बल्कि उन लोगों को जवाब देने के लिए एक कबाड़ी का काम करने वाले के बेटे ने ऐसा तरीका ढूंढा जिससे सभी हैरान हो गए, कुछ ऐसा ही कर दिखाया 26 वर्षीय अरविंद कुमार ने जिसकी जिसकी जिद ने उसे मेडिकल प्रवेश परीक्षा में आखिरकार उसे शफलता दिला दी.

उनके पिता को गांव वालों से होना पड़ता था अपमानितः
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के निवासी अरविंद का कहना है कि उसका सपना डॉक्टर बनने का था जबकि कबाड़ी का काम करने वाले उसके पिता भिखारी को अपने काम एवं नाम के चलते लगातार गांव वालों से अपमानित होना पड़ता था. हालांकि यह सफलता इतनी आसानी से नहीं मिली. वह पहली बार 2011 में ऑल इंडिया प्री-मेडिकल टेस्ट (एआईपीएमटी) में शामिल हुआ था जिसके स्थान पर अब राष्ट्रीय अर्हता-सह प्रवेश परीक्षा (नीट) आ गयी है. अरविंद ने कहा कि इस साल नौवें प्रयास में उसे यह सफलता मिली है, उसने अखिल भारतीय स्तर पर 11603 रैंक हासिल किया है और अन्य पिछड़ा वर्ग श्रेणी में उसका रैंक 4,392 है. 

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अरविंद ने कहा- नकारात्मकता को सकारात्मकता में बदलने की रखता हूं मंशाः 
अरविंद ने कहा कि वह कभी भी मायूस नहीं हुआ. उसने कहा कि मैं नकारात्मकता को सकारात्मकता में बदलने तथा उससे ऊर्जा एवं प्रेरणा लेने की मंशा रखता हूं. उसने कहा कि उसकी इस सफलता का श्रेय उसके परिवार, आत्मविश्वास और निरंतर कठिन परिश्रम को जाता है. उसके अनुसार उसके पिता भिखारी कक्षा पांचवीं तक पढ़े-लिखे हैं और मां ललिता देवी अनपढ़ हैं.

पिता की इच्छा पूरी करने के लिए डॉक्टर बनने का ख्याल देखाः
अरविंद अपने पिता को असामान्य नाम की वजह से अपमानित होते देख बड़ा हुआ. उसके पिता काम के वास्ते परिवार को छोड़कर दो दशक पहले जमशेदपुर के टाटानगर चले गये थे. कुछ साल पहले अपने तीन बच्चों की अच्छी शिक्षा-दीक्षा के लिए भिखारी अपने परिवार को गांव से कुशीनगर शहर ले आये जहां अरविंद ने महज 48.6 फीसद प्राप्तांक से दसवीं कक्षा पास की. बारहवीं कक्षा में उसे 60 फीसद अंक मिले और तभी उसके अपने पिता की इच्छा पूरी करने के लिए डॉक्टर बनने का ख्याल आया.
सोर्स भाषा

नगर निगम चुनाव: कोटा उत्तर में 35 और दक्षिण में 48 प्रत्याशियों ने लिए नाम वापस 

नगर निगम चुनाव: कोटा उत्तर में 35 और दक्षिण में 48 प्रत्याशियों ने लिए नाम वापस 

कोटा: निकाय चुनाव में नॉमिनेशन वापस लेने का आज अंतिम दिन था. कोटा दक्षिण नगर निगम और कोटा उतर नगर निगम में आज दोनों पार्टियों के वरिष्ठ नेताओं की मान मनुहार का फायदा चुनाव मैदान में पार्टी प्रत्याशियों को मिला. कोटा उत्तर नगर निगम में 35 अभ्यर्थियों ने नाम वापस लिए और अब 70 वार्डों में कुल 225 उम्मीदवार चुनाव मैदान में दमदारी से जमे हुए है. 

कोटा उत्तर नगर निगम:
-वार्ड संख्या 1 से 10 में 5 उम्मीदवारों ने नामांकन वापिस लिए, अब 25 उम्मीदवार मैदान में हैं.
-वार्ड संख्या 11 से 20 में 5 उम्मीदवारों ने नामांकन वापिस लिये अब 38 उम्मीदवार मैदान में हैं.
-वार्ड संख्या 21 से 30 में 5 उम्मीदवारों ने नामांकन वापिस लिये अब 29 उम्मीदवार मैदान में हैं.
-वार्ड संख्या 31 से 40 में 8 उम्मीदवारों ने नामांकन वापिस लिये अब 32 उम्मीदवार मैदान में हैं. 
-वार्ड संख्या 41 से 50 में 2 उम्मीदवारों ने नामांकन वापिस लिये अब 36 उम्मीदवार मैदान में हैं.
-वार्ड संख्या 51 से 60 में 4 उम्मीदवारों ने नामांकन वापिस लिये अब 34 उम्मीदवार मैदान में हैं. 
-वार्ड संख्या 61 से 70 में 6 उम्मीदवारों ने नामांकन वापिस लिये अब 31 उम्मीदवार मैदान में हैं. 

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कोटा दक्षिण नगर निगम:
वहीं कोटा दक्षिण नगर निगम में भी नामांकन वापसी के दिन 48 अभ्यर्थियों ने अपने नाम वापस लिए और अब 80 वार्डों में 289 उम्मीदवार के भाग्य का फैसला जनता करेगी.
-वार्ड संख्या 1 से 10 में 7 उम्मीदवारों ने नामांकन वापिस लिए, अब 44 उम्मीदवार मैदान में हैं. 
-वार्ड संख्या 11 से 20 में 2 उम्मीदवारों ने नामांकन वापिस लिए अब 34 उम्मीदवार मैदान में हैं. 
-वार्ड संख्या 21 से 30 में 5 उम्मीदवारों ने नामांकन वापिस लिए अब 33 उम्मीदवार मैदान में हैं. 
-वार्ड संख्या 31 से 40 में 7 उम्मीदवारों ने नामांकन वापिस लिए अब 48 उम्मीदवार मैदान में हैं. 
-वार्ड संख्या 41 से 50 में 11 उम्मीदवारों ने नामांकन वापिस लिए अब 38 उम्मीदवार मैदान में हैं. 
-वार्ड संख्या 51 से 60 में 3 उम्मीदवारों ने नामांकन वापिस लिए अब 30 उम्मीदवार मैदान में हैं. 
-वार्ड संख्या 61 से 70 में 9 उम्मीदवारों ने नामांकन वापिस लिए अब 31 उम्मीदवार मैदान में हैं. 
-वार्ड संख्या 71 से 80 में 4 उम्मीदवारों ने नामांकन वापिस लिए अब 31 उम्मीदवार मैदान में हैं.

सभी उम्मीदवारों को कल चुनाव चिन्ह किए जाएंगे आवंटित:
चुनाव मैदान में डटे हुए सभी उम्मीदवारों को कल चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे. बड़े नेताओं के चुनाव में इंटरेस्ट लेने से कोटा यह दोनों निगमों में चुनावी मजा तीखा होता जा रहा है. नामांकन वापसी के अंतिम सैकंड तक मान मनुहार का दौर जारी रहा फिर भी जो टिकट नहीं मिलने से नाराज थे. उन्होंने नामांकन वापस नहीं लिया और अब बगावत के लिए उन पर पार्टी पदाधिकारियों द्वारा कार्रवाई की तैयारियां शुरू हो गई है. 

...फर्स्ट इंडिया के लिए सचिन ओझा की रिपोर्ट

कोटा उत्तर और दक्षिण नगर निगम के लिए हुए नामांकन दाखिल, प्रत्याशियों ने जीत को लेकर किए दावे

कोटा उत्तर और दक्षिण नगर निगम के लिए हुए नामांकन दाखिल, प्रत्याशियों ने जीत को लेकर किए दावे

कोटा: प्रदेश के कोटा जिले में आज नगर निगम चुनाव को लेकर कोटा उत्तर और कोटा दक्षिण नगर निगम के लिए नामाकंन दाखिल हुए. कोटा कलेक्ट्रेट के सहित शहर में करीब 15 स्थानों पर नामाकंन दाखिल हुए. कोटा दक्षिण के 80 वार्डों के लिए तो वहीं कोटा उत्तर के 70 वार्डों के लिये बीजेपी और कांग्रेस सहित अन्य दलों और निर्देलीयों ने नामाकंन पत्र भरे. 

दोपहर 3 बजे तक सभी 15 स्थानों पर बीजेपी, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी सहित अन्य दलों और निर्दलीयों के मिलाकर 632 उम्मीदवारों ने 706 नामांकन भरे. इनमें कोटा उत्तर में 275 उम्मीदवारों ने 291 नामांकन भरे जबकि कोटा दक्षिण में 357 उम्मीदवारों ने 415 नामांकन भरे.

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कोरोना के कारण शहर के अलग अलग सरकारी भवनों में नामाकंन दाखिल कराने की व्यवस्था की गई थी. अब कल यानि 20 अक्टूबर को नामाकंन पत्रों की संवीक्षा होगी और 22 अक्टूबर तक प्रत्याशी अपनी इच्छा से नामांकन वापस ले सकते है. कोटा में आज दिनभर नामांकन दाखिल कराने के लिये बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही दलों के प्रत्याशियों के साथ निर्दलीयों ने चुनावी मैदान में कूदने के लिये ताल ठोकी. वहीं नामाकंन दाखिल कराने आए प्रत्याशियों ने जीत को लेकर अपने अपने दावे और वादे किए.

कोटा में अजय आहूजा नगर का चतर गुर्जर हत्याकांड, पुलिस ने 3 आरोपियों को पकड़ा

 कोटा में अजय आहूजा नगर का चतर गुर्जर हत्याकांड, पुलिस ने 3 आरोपियों को पकड़ा

कोटा: प्रदेश के कोटा जिले के अजय आहुजा नगर में दो दिन पहले दिनदहाड़े हुए चरत गुर्जर हत्याकांड मामले में अनंतपुरा थाना पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने बीती रात आरोपी अमन, विशाल और राजा को गिरफ्तार किया और आज कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया है. हत्याकांड का मुख्य अभियुक्त दिलीप अभी फरार है.

चाकुओं से गोदकर उतारा था मौत के घाट:
दिलीप ने ही आधा दर्जन बदमाशों के साथ मिलकर चरत गुर्जर को उसके घर के बाहर चाकुओं से गौदकर मौत के घाट उतारा था. हत्याकांड के बाद से ही पुलिस टीम आरोपियों की धरपकड़ में लगी थी. पुलिस के मुताबिक मृतक चरत गुर्जर,दिलीप की बहन से प्रेम करता था और शादी करना चाहता था. लेकिन दिलीप के परिवार ने शादी से इनकार करते हुए उसकी दूसरी जगह करनी चाही.

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मुख्य अभियुक्त की तलाश जारी:
दिलीप की बहन नाबालिग होने की वजह से चरत ने ही बाल विवाह रूकवाया था. जिसके बाद से ही दिलीप रंजिश पाले बैठा था. जिसके चलते चरत गुर्जर की हत्या कर दी. फिलहाल पुलिस हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त दिलीप गुर्जर और फरार अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है.