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सीएम गहलोत का बड़ा फैसला, मेधावी छात्राओं को मिलने वाली स्कूटी की संख्या बढ़ाने को दी मंजूरी

सीएम गहलोत का बड़ा फैसला, मेधावी छात्राओं को मिलने वाली स्कूटी की संख्या बढ़ाने को दी मंजूरी

जयपुर: बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बड़ा फैसला किया है. सीएम गहलोत ने मेधावी छात्राओं को मिलने वाली स्कूटी की संख्या बढ़ाने को मंजूरी दे दी है. इस फैसले से बालिकाओं को प्रोत्साहन मिलेगा. 

स्कूटी की संख्या बढ़ाकर 6000:
प्रदेश में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए सीएम गहलोत ने जनजाति क्षेत्रीय विभाग की ओर से टीएसपी एवं माड़ा क्षेत्र की मेधावी जनजाति बालिकाओं को वितरित की जाने वाली स्कूटी की संख्या 4000 से बढ़ाकर 6000 कर दी है. गहलोत ने देवनारायण छात्रा स्कूटी योजना के तहत दी जाने वाली स्कूटी की संख्या  भी 1000 से बढ़ाकर 1500 करने को मंजूरी दे दी है. मुख्यमंत्री के इस फैसले से बालिकाएं आगे पढ़ाई करने के लिए प्रोत्साहित होंगी और इससे सीधे तौर पर बालिका शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा. 

अनुसूचित जाति एवं अल्पसंख्यक छात्राओं को भी फायदा:
अनुसूचित जाति एवं अल्पसंख्यक छात्राओं के लिए भी मुख्यमंत्री ने अहम फैसला किया है. अनुसूचित जाति एवं अल्पसंख्यक वर्ग की मेधावी छात्राओं को भी कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना में शामिल किया जाएगा. सीएम गहलोत ने इस फाइल पर मुहर लगा दी है. मुख्यमंत्री के इस फैसले से अब अनुसूचित जाति एवं अल्पसंख्यक वर्ग की मेधावी छात्राओं को स्कूटी मिल सकेगी. कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना में टीएडी विभाग द्वारा संचालित योजना के साथ-साथ उच्च शिक्षा विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, अल्पसंख्यक मामलात विभाग तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा अनुसूचित जाति, ओबीसी, अल्पसंख्यक एवं  सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग (ईबीसी) की मेधावी छात्राओं के लिए संचालित स्कूटी वितरण योजनाओं को समाहित करने को मंजूरी मिल गई है. वहीं  देवनारायण छात्रा स्कूटी योजना पहले की तरह ही अपने नाम से संचालित होगी, जबकि शेष स्कूटी योजनाएं कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना में समाहित हो जायेंगी. टीएडी विभाग द्वारा संचालित स्कूटी योजना में 10वीं कक्षा उत्तीर्ण करने वाली मेधावी छात्राओं को भी पूर्ववत स्कूटी मिलेगी. इससे मेधावी छात्राओं को 11वीं कक्षा में नियमित प्रवेश लेने के लिए प्रोत्साहन मिल सकेगा.  

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