VIDEO: NEET पर बड़ा फैसला, जारी रहेगी फ्रेश मॉपअप पर रोक, 22 अगस्त को फिर होगी सुनवाई

Vikas Sharma Published Date 2019/08/19 10:04

जयपुर: राजस्थान में नीट काउंसलिंग प्रक्रिया के "विवाद" मामले को लेकर आज हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. हाईकोर्ट की बेंच चार में जस्टिस आलोक शर्मा ने हर पक्ष की सुनवाई की. इस दौरान सरकार की ओर से काउंसलिंग को लेकर पक्ष भी रखा गया. करीब ढाई घंटे तक चली सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने फ्रेश मॉपअप पर लगाए गए "स्टे" को यथावत रखा है. इस पूरे मामले में अब अगली सुनवाई 22 अगस्त को होगी. 

HC में ढाई घण्टे चली सुनवाई:
इससे पहले कोर्ट में एक ओर जहां उन अभ्यर्थी की ओर से पीड़ा बताई गई, जिन्हें टॉपर होने के बावजूद मनमाफिक सीट नहीं मिली. जबकि दूसरे पक्ष के रूप में वे अभ्यर्थी भी कोर्ट में याचिका लेकर पहुंचे, जिन्होंने मॉपअप राउण्ड में सीट आवंटित हो चुकी है. दोनों ही पक्षों की सुनवाई के दौरान यह सामने आया कि सरकार की ओर से काउंसलिंग को लेकर भेजे पत्र पर MCI की गर्वर्निंग बॉडी की 21 अगस्त को बैठक है. ऐसे में कोर्ट ने फ्रेश मॉपअप पर लगाए गए "स्टे" को यथावत रखते हुए 22 अगस्त की अगली तारीख सुनवाई के लिए तय की. 

नीट काउंसलिंग पर अब स्टूडेंट्स आमने-सामने:
सरकारी प्रक्रिया का विरोधी पक्ष:

—मेरिट के बावजूद मनमाफी कॉलेज नहीं मिलने वालों की पीड़ा ये 
—दूसरी काउंसलिंग में उन बच्चों ने भी आवेदन किया, जो हाई रैंक के चलते एम्स समेत अन्य अच्छे मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लेने वाले थे
—इन बच्चों की मैंपिंग नहीं की जा सकी,जिसके चलते दूसरी काउंसलिंग तक इन बच्चों को सीटें आवंटित की गई, 
—लेकिन उन्होंने ज्वाइनिंग नहीं दी तो वे सीटें मॉप अप राउण्ड तक खाली रह गई. 
—प्रक्रिया की खामी का नतीजा ये रहा कि एसएमएस मेडिकल कॉलेज की 20 सीटों समेत सरकारी मेडिकलों में पहली बार 75 सीटें खाली रह गई
—सभी कॉलेजों में 705 सीटें खाली रही है. 
—आरोप ये है कि इनती सीटें देखकर काउंसलिंग बोर्ड ने मनमाने तरीके से नियमों में बदलाव किया. 
—जो स्टूडेंट दूसरी काउंसलिंग तक ज्वाइनिंग दे चुके थे, उन्हें सीट छोड़ने का विकल्प दिया, वो भी सीट मेट्रिक्स जारी होने से पहले....
—आरोप ये है कि जिन स्टूडेंट ने सीट छोड़ने का विकल्प लिया, उन्हें पहले से पता था कि मॉपअप में सरकारी मेडिकल कॉलेज में काफी सीटें खाली आने वाली है।

सरकारी प्रक्रिया के पक्ष में उतरने वालों का मत:
—एमसीआई और बोर्ड के तय नियमों के हिसाब से ही उन्होंने मॉपअप राउण्ड में भाग लिया 
—रिस्क उठाकर स्टूडेंट्स ने सीटें छोड़ी, जिसका ही फायदा उन्हें मिला है 
—जो स्टूडेंट मेरिट की बात उठा रहे है, वो गलत है....काउंसलिंग में हर राउण्ड में मेरिट बनती है. 
—मॉपअप में भी आवेदनकर्ताओं के हिसाब से ही मेरिट बनी और उसी पैटर्न पर सीटें आवंटित हुई 
—जो स्टूडेंट प्रक्रिया का विरोध कर रहे है, दरअसल, उन्होंने न तो खुद की सीट छोड़ी और जब स्थितियां बदली तो हंगामा शुरू कर दिया.  
—यदि उन्हें भी फायदा लेना था तो सीट छोड़ने का फैसला करके मॉपअप में शामिल होते. 

पिछले नौ दिन से विवादों में फंसी नीट काउंसलिंग को लेकर अब सबकी निगाहें हाईकोर्ट और एमसीआई पर आकर टिक गई है...अब देखना ये होगा कि हजारों स्टूडेंट्स के भविष्य से जुड़े इस विवादित काउंसलिंग को कैसे ट्रेक पर लाया जाता है. 

... संवाददाता विकास शर्मा की रिपोर्ट

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