जयपुर गहलोत मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया बड़ा फैसला, राजस्थान में बनेगी विधान परिषद; मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना में आने वालें लोगों से लिया गया पैसा होगा वापस

गहलोत मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया बड़ा फैसला, राजस्थान में बनेगी विधान परिषद; मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना में आने वालें लोगों से लिया गया पैसा होगा वापस

गहलोत मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया बड़ा फैसला, राजस्थान में बनेगी विधान परिषद; मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना में आने वालें लोगों से लिया गया पैसा होगा वापस

जयपुर: गहलोत मंत्रिमंडल की बैठक में सरकार ने बड़ा फैसला लिय है. बैठक में विधान परिषद के गठन के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है. यानी अब राजस्थान में विधान परिषद का गठन किया जाएगा. इसके गठन की प्र​क्रिया जल्द ही शुरू कर दी जाएगी. इसके लिए निर्देश जारी कर दिए गए है. बैठक में मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना पर भी सीएम गहलोत गंभीर नजर आए और इसके प्रोपर तरीके से धरातलीय रूप देने पर जोर दिया. बताया कि मोदी सरकार ने विधान परिषद के गठन को लेकर राजस्थान से राय मांगी थी. ऐसे में जल्द ही प्रस्ताव केंद्र को भेजा जाएगा.

2012 में भी किया था संकल्प पारित: 
राजस्थान में विधान परिषद के गठन को लेकर कांग्रेस सरकार ने 2012 में भी संकल्प पारित किया था. 2012 में विधानसभा में संकल्प पारित किया था. उस समय संसद में प्रस्ताव पारित नहीं हो पाया था. इसी को लेकर 2014 में वसुंधरा राजे की सरकार में भी चर्चा हुई थी. किंतु उस समय भी ये बात आगे नहीं बढ़ पाई थी. ऐसे में आज गहलोत सरकार ने कमाल कर दिया. मंत्रिमंडल अचानक विधान परिषद के प्रस्ताव को पास कर के सभी को चौंका दिया. 

3 घंटे से अधिक समय तक चली बैठक:
गहलोत मंत्रिमंडल की बैठक करीब साढ़े तीन घंटे तक चली. बैठक में सभी मंत्रिगण मौजूद थे. कैबिनेट मीटिंग के दौरान स्कूलों के खोलने पर भी चर्चा हुई. बैठक में मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना पर भी जमकर चर्चा हुई. बैठक में फैसला लिया गया कि जो लोग चि​रंजीवी योजना में आते है और उनसे अस्पताल ने पैसे लिए है तो गहलोत सरकार वो पैसे वापस करवाएगी. मंत्रिमंडल बैठक में कुल 9 प्रजेंटेशन दिए गए. बैठक में स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं पर सरकार का ज्यादा फोकस रहा.

बैठक में इन मुद्दों पर हुई विशेष चर्चा:
बैठक में चिरंजीवी योजना, कोविड वैक्सीनेशन, मुख्यमंत्री किसान मित्र ऊर्जा योजना, इंदिरा गांधी शहरी क्रेडिट कार्ड योजना और इंदिरा रसोई योजना पर सरकार का फोकस रहा. वहीं प्रशासन गांवों के संग अभियान, प्रशासन शहरों के संग अभियान, राजस्थान सरकार हेल्थ स्कीम और राजीव गांधी युवा विकास प्रेरक योजना पर भी मंथन हुआ.

बैठक में प्रदेशवासियों को इलाज के भारी-भरकम खर्च से मुक्त करने के लिए शुरू की गई महत्वाकांक्षी योजना, मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य योजना की प्रगति, बेहतर क्रियान्वयन, और सभी पात्र व्यक्तियों तक इसका लाभ पहुंचाने के संबंध में चर्चा की जाएगी. साथ ही, कोविड वैक्सीनेशन की स्थिति, वैक्सीन की उपलब्धता और इसकी आपूर्ति को लेकर भी गहलोत सरकार मंथन करेगी.

बैठक में मुख्यमंत्री किसान मित्र ऊर्जा योजना लागू करने के संबंध में भी मंत्रणा की गई. गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने ऐसे कृषि उपभोक्ता जिनका बिल मीटरिंग से आ रहा है, उन्हें प्रतिमाह एक हजार तक और प्रतिवर्ष अधिकतम 12 हजार रुपये तक की राशि दिए जाने की बजट में घोषणा की थी.

इस दौरान शहरी क्षेत्रों के स्ट्रीट वेंडर्स और सर्विस सेक्टर के युवाओं, बेरोजगारों को स्वरोजगार और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए इंदिरा गांधी शहरी क्रेडिट कार्ड योजना पर भी चर्चा की गई. योजना में 5 लाख जरूरतमंदों को 50 हजार रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध करवाने की बजट घोषणा की गई है.

इंदिरा रसोई योजना पर भी हुआ मंथन:
बैठक में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की समस्याओं का मौके पर ही निराकरण करने के मकसद से शुरू किए जाने वाले प्रशासन शहरों के संग और प्रशासन गांवों के संग अभियान की तैयारियों पर भी चर्चा की गई. साथ ही, जरूरतमंद लोगों को मात्र 8 रुपये में खाना उपलब्ध करवाने के लिए संचालित इंदिरा रसोई योजना की अब तक की प्रगति और इसके विस्तार पर भी विचार विमर्श किया गया.
 

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