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VIDEO: नर्मदा नहर परियोजना में घूसखोरी का बड़ा खेल, एसीबी ट्रैप के दौरान हुआ खुलासा
VIDEO: नर्मदा नहर परियोजना में घूसखोरी का बड़ा खेल, एसीबी ट्रैप के दौरान हुआ खुलासा

जालोर: जालोर के सांचौर स्थित नर्मदा नहर परियोजना में घूसखोरी का खेल उजागर हुआ है. दिनेश एमएन जिसे एसीबी में सिंघम के नाम से जाना जाता है, उसी सिंघम ने नर्मदा नहर परियोजना में चल रहे घूसखोरी खेल का पूरा खुलासा कर दिया. अब एसीबी ट्रैप के दौरान बच निकले विभाग के 3 जेईएन पर भी शिकंजा कसने की तैयारी है. इतना ही नहीं सिंघम के नाम से नर्मदा नहर परियोजना में घूसखोर अधिकारी कांपने लगे हैं. एक्सक्लूसिव रिपोर्ट:

फरार जेईएन पर भी शिकंजा कसने की तैयारी:
गुजरात राज्य से सांचौर व बाड़मेर के किसानों को सिंचाई के लिए मीठा पानी उपलब्ध कराने को लेकर नर्मदा नहर परियोजना का विस्तार किया गया, जिसके तहत गुजरात से मुख्य कैनाल बनाकर नर्मदा का मीठा पानी लाया गया. जिससे किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलना शुरू हुआ, लेकिन नर्मदा नहर परियोजना में अधिकारियों की सांठगांठ के चलते भ्रष्टाचार का खेल भी लंबे अरसे से चल रहा था. ऐसे में दिनेश एमएन के एसीबी में आते ही नर्मदा नहर परियोजना में सालों से चल रहे भ्रष्टाचार के खेल का पूरा खुलासा कर दिया. अब एसीबी घूसखोर 3 जेईएन पर भी शिकंजा कसने की तैयारी में हैं.

नर्मदा नहर परियोजना में घूसखोरी का बड़ा खेल
—एसीबी के सिंघम ने प्लानिंग के साथ बिछाया जाल
—28 अगस्त को एसीबी ने शिकायत का करवाया था सत्यापन
—चारों अधिकारियों के खिलाफ एसीबी ने जुटाए सबूत
—विभाग के चारों अधिकारियों ने लाखों में मांगी थी रिश्वत 
—23 सितंबर को हुई ट्रैप की बड़ी कार्रवाई
—सहायक अभियंता जगदीश प्रसाद वर्मा को 1 लाख की रिश्वत लेते किया था ट्रैप
—वर्मा 5.80 लाख की कर रहा था मांग, जबकि 2 लाख की रिश्वत पहले ही ले चुका था वर्मा
—जबकि बड़े घूसखोर तीन जेईएन उस समय भनक लगते ही भाग निकले
—लेकिन अब एसीबी तीनों घूसखोरों पर कसेगी शिकंजा
—एसीबी के पास तीनों घूसखोरों के खिलाफ पुख्ता सबूत
—कनिष्ठ अभियंता रामनिवास मंडा ने 15 लाख रिश्वत की मांग की जिसमें 13 लाख रिश्वत ले चुका
—कनिष्ठ अभियंता बीरबल डूडी ने 3 लाख रिश्वत की मांग की
—कनिष्ठ अभियंता नंद किशोर ने एक लाख रिश्वत की मांग की

23 सितंबर को ट्रैप:
एसीबी के पास ठेकेदार परिवादी ने शिकायत पहुंचाई, जिससे एसीबी को नर्मदा नहर परियोजना में चल रहे बड़े घूसखोरी के खेल की भनक लगी. दिनेश एमएन के नेतृत्व में एसीबी ने पूरा जाल बिछाकर 28 अगस्त को एसीबी ने शिकायत का सत्यापन कराया, जिसमें एसीबी के पास पुख्ता सबूत आ गये. चारों अधिकारी ठेकेदार से लाखों में रिश्वत की मांग कर रहे हैं, इतना ही नहीं चारों अधिकारी इसी ठेकेदार से पहले लाखों की रिश्वत भी ले चुके है. फिर एसीबी ने चारों अधिकारियों को ट्रैप करने का पूरा जाल बिछाकर 23 सितंबर को ट्रैप की कार्रवाई को अंजाम दिया, लेकिन सहायक अभियंता जगदीश प्रसाद वर्मा तो एसीबी के शिकंजे में आ गया. वहीं तीनों कनिष्ठ अभियंता एसीबी की भनक लगते ही भाग निकले. तीनों पर अब एसीबी शिकंजा कसने की तैयारी में है. एसीबी के सूत्रों की मानें तो एसीबी पूरे मामले की जांच के दौरान कभी भी गिरफ्तारी कर सकती हैl 

घूसखोरों को बचाने में लगा विभाग:
नर्मदा नहर परियोजना के तीनों घूसखोर कनिष्ठ अभियंता के एसीबी कार्यवाही के दौरान फरार होने के बाद तीनों अधिकारियों को नर्मदा नहर परियोजना से हटा दिया गया, लेकिन विभाग ने लाखों की खुलेआम रिश्वत मांगने और घूसखोरी के खेल को चलाने वाले तीनों अधिकारियों के खिलाफ विभाग ने अभी तक हटाने के सिवाय कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की है. विभाग भी घूसखोरों को बचाने में लगा हुआ हैं, अभी एसीबी भी पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है. एसीबी के पास तीनों घूसखोरो के खिलाफ पुख्ता सबूत है. ऐसे में तीनों घूसखोरों की एसीबी कभी भी गिरफ्तारी भी कर सकती है. वही एसीबी की नर्मदा नहर परियोजना पर अभी भी पूरी नजर है, ताकी अन्य घूसखोरों पर भी शिकंजा कसा जा सके.

... जालोर से लूणाराम दर्जी की रिपोर्ट 


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