राजस्थान हाईकोर्ट से बड़ी खबर, RAS भर्ती-2018 मुख्य परीक्षा परिणाम निरस्त

राजस्थान हाईकोर्ट से बड़ी खबर, RAS भर्ती-2018 मुख्य परीक्षा परिणाम निरस्त

राजस्थान हाईकोर्ट से बड़ी खबर, RAS भर्ती-2018 मुख्य परीक्षा परिणाम निरस्त

जयपुर/अजमेर: राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से जारी किए गए आरएएस मुख्य परीक्षा 2018 के परिणाम को राजस्थान हाईकोर्ट ने निरस्त कर दिया है. जस्टिस एसपी शर्मा की एकलपीठ ने यह आदेश जारी किया है. आरएएस मुख्य परीक्षा का परिणाम नए संशोधन के आधार पर जारी किया गया था जबकि भर्ती 2018 के विज्ञापन के अनुसार निकाली गई थी. साक्षात्कार में न्यूनतम अर्हता अंक निर्धारित किए बिना डेढ़ गुना अभ्यर्थियों को ही बुलाया गया था. इस पूरे मामले में याचिकाकर्ता कविता गोदारा की ओर से एडवोकेट विज्ञान शाह ने पैरवी की. 

आपको बता दें कि राजस्थान लोक सेवा आयोग की ras परीक्षा 2018 फिर विवादों में आकर अटक गई है. 7 दिसबर से इस भर्ती का अंतिम चरण साक्षात्कार के रूप में शुरू होना था लेकिन उससे ठीक पहले साक्षात्कार पर रोक और आज मुख्य परीक्षा परिणाम को रद्द कर नए सिरे से जारी करने के आदेश ने प्रक्रिया को और लंबा कर दिया है. आयोग की और से जारी मुख्य परिणाम में कुल पदों के मुकाबले 3 गुना अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए नही बुलाये जाने पर दायर याचिका पर फैसला सुनाते हुए हाई  कोर्ट ने मुख्य परीक्षा 2018 के परिणाम को रद्द करते हुए नए सिरे से जारी करने के निर्देश दिए हैं .

आयोग की और से मुख्य परीक्षा 25 और 26 जून 2019 को आयोजित की गई थी जिसका परिणाम 9 जुलाई 2020 को जारी करते हुए कुल 1051 पदों के मुकाबले 1953 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए सफल किया था. आयोग की और से 7 दिसबर से साक्षात्कार का पहला चरण शुरू होना था लेकिन उससे पहले ही यह पूरी भर्ती कानूनी विवाद में फंस गई और अब आज के आदेश के बाद इसमें उलझ गई है. उच्च न्यायालय में राजेश कुमार पिपलोदा ने एक 3 गुना अभ्यर्थी को साक्षात्कार के लिए बुलाने को लेकर याचिका दायर की थी.

इसी याचिका पर पूर्व में उच्च न्यायालय ने साक्षात्कार ओ पर भी रोक लगा दी थी और आज मुख्य परीक्षा के परिणाम को रद्द कर नए सिरे से जार करने के निर्देश दे दिए है. साथ ही जानकार सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आयोग डबल बैंक के लिए याचिका दायर कर सकता है हालांकि उच्च न्यायलय में छुट्टियां शुरू हो जाएगी. जो 4  जनवरी 2021 तक रहेगी तो हो सकता है कि आयोग 4 जनवरी के बाद ही याचिका दायर करे. वही इस फैसले से कई अभ्यर्थियों ने खुशी भी मनाई है. वही अभ्यर्थियों ने लगातार ट्विटर वॉर ओर आयोग को ज्ञापन के जरिये इस बिंदु पर सुधार करने की मांग की थी लेकिन उन्हें जब संतुष्टि नही मिली तो अभ्यर्थियों ने उच्च न्यायालय की शरण ली कर आज उच्च न्यायलय ने आयोग के परिणाम रद्द करने के निर्देश जारी कर दिए.

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