नई दिल्ली: गणतंत्र दिवस हिंसा मामले में लक्खा सिधाना को बड़ी राहत, दिल्ली की अदालत ने गिरफ्तारी पर लगाई रोक

गणतंत्र दिवस हिंसा मामले में लक्खा सिधाना को बड़ी राहत, दिल्ली की अदालत ने गिरफ्तारी पर लगाई रोक

गणतंत्र दिवस हिंसा मामले में लक्खा सिधाना को बड़ी राहत, दिल्ली की अदालत ने गिरफ्तारी पर लगाई रोक

नई दिल्ली: कृषि कानूनों (Agricultural Laws) के खिलाफ गणतंत्र दिवस (Republic Day) पर लाल किले पर हुई हिंसा मामले में लक्खा सिधाना को बड़ी राहत मिली है. दिल्ली कोर्ट (Delhi Court) ने सिधाना की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है.  26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड के दौरान प्रदर्शनकारी किसानों की पुलिस से झड़प हो गई थी, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे. प्रदर्शनकारी लाल किले में घुसे गए थे और उसके गुंबदों पर धार्मिक झंडा (Religious Flag) फहरा दिया था.

अग्रिम जमानत के लिए तीस हजारी अदालत में पेश की थी याचिका:
गिरफ्तारी के डर से सिधाना ने मामले में अग्रिम जमानत का अनुरोध करते हुए दिल्ली की तीस हजारी अदालत (Tis Hazari Adalat) का रुख किया था. सिधाना के वकील ने कहा कि इस घटना में उसकी कोई भूमिका नहीं है. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नीलोफर आबिदा परवीन ने मामले को तीन जुलाई के लिए सूचीबद्ध किया और पुलिस को तब तक उसे गिरफ्तार नहीं करने का निर्देश दिया. सिधाना ने गणतंत्र दिवस हिंसा में अपनी संलिप्तता से इनकार किया था. पंजाब में उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं और वह कई बार जेल भी गया था. सिधाना ने 2012 में राज्य विधानसभा का चुनाव भी लड़ा था, जिसमें उसे हार का सामना करना पड़ा था. 

अभिनेता-कार्यकर्ता दीप सिद्धू और 15 अन्य के खिलाफ दायर हुआ था आरोप पत्र:
गणतंत्र दिवस के अवसर पर लाल किले में हिंसा के मामले में करीब चार महीने बाद मई में दिल्ली पुलिस ने अभिनेता-कार्यकर्ता दीप सिद्धू और 15 अन्य के खिलाफ इस मामले में आरोप पत्र दायर किया था. मामले की जांच कर रही दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट साहिल मोंगा के समक्ष 17 मई को 3,224 पेज अंतिम रिपोर्ट दाखिल की और सिद्धू समेत 16 आरोपियों के खिलाफ अभियोग का अनुरोध किया. पुलिस के अनुसार, सिद्धू, इकबाल सिंह और मोहिंदर सिंह खालसा सहित 16 में से 13 आरोपी जमानत पर हैं, जबकि अन्य तीन आरोपी मनिंदर सिंह, खेमप्रीत सिंह और जबरजंग सिंह अब भी न्यायिक हिरासत में हैं. 

हिंसा में 500 से अधिक पुलिसकर्मी हुए थे घायल: 
गौरतलब है कि 26 जनवरी को हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी किसान अवरोधकों को तोड़ कर राष्ट्रीय राजधानी में दाखिल हो गए थे और आईटीओ सहित अन्य स्थानों पर उनकी पुलिस कर्मियों से झड़पें हुई थीं. कई प्रदर्शनकारी ट्रैक्टर चलाते हुए लाल किला पहुंच गए और ऐतिहासिक स्मारक में प्रवेश कर गए तथा उसकी प्राचीर पर एक धार्मिक झंडा लगा दिया. इस हिंसा में 500 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए थे, जबकि एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई थी.

हिंसा को लेकर विभिन्न व्यक्तियों के खिलाफ 38 मामले दर्ज किए गए हैं. पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 124 ए (राजद्रोह) के तहत मामला दर्ज किया है और पंजाबी अभिनेता दीप सिद्धू और गैंगस्टर से सामाजिक कार्यकर्ता बने लक्खा सिधाना को मुख्य आरोपी बनाया है.  

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