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कश्मीर दौरे पर EU सांसदों का बड़ा बयान- हम जम्मू-कश्मीर को दूसरा अफगानिस्तान बनते नहीं देखना चाहते

कश्मीर दौरे पर EU सांसदों का बड़ा बयान- हम जम्मू-कश्मीर को दूसरा अफगानिस्तान बनते नहीं देखना चाहते

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के दौरे पर आए यूरोपीय यूनियन के सांसदों ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बड़ा बयान दिया है. सांसदों ने कहा कि भारत शांतिप्रिय देश है और कश्मीर के लोगों को काफी उम्मीदें हैं. यहां के लोग शांति और विकास चाहते हैं. हमने यहां आकर तथ्यों की पड़ताल की है. हमारा मकसद कश्मीर की जनता से मिलना था. इस दौरे को गलत प्रचारित किया गया है. सांसदों ने कहा है कि हम जम्मू-कश्मीर को दूसरा अफगानिस्तान बनते नहीं देखना चाहते. 

हमारे दौरे को राजनीतिक नज़र से देखा गया: 
प्रेस कॉन्फ्रेंस में EU सांसदों ने कहा कि हमारे दौरे को राजनीतिक नज़र से देखा गया, जो बिल्कुल ठीक नहीं है. हम सिर्फ यहां पर हालात की जानकारी लेने आए थे. अनुच्छेद 370 को इन सांसदों ने भारत का आंतरिक मसला बताया और कहा कि भारत-पाकिस्तान को आपस में बात करनी चाहिए.

दौरे पर हमने बेहतर तरीके से वहां के हालातों का जायजा लिया: 
ईयू सांसदों ने कहा कि हम तथ्यों की पड़ताल करने के लिए अलग-अलग देश में जाते हैं. ये दौरा भारतीय सरकार की तरफ से आयोजित किया गया था. इस दौरे पर हमने बेहतर तरीके से वहां के हालातों का जायजा लिया. उन्होंने कहा कि कल रात यहां आतंकी हमले में पांच मासूम लोगों की हत्या कर दी गई. हम इसकी निंदा करते हैं.

हम आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में साथ हैं: 
सांसदों ने आतंकवाद के मसले पर कहा कि हम आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में साथ हैं, आतंकवाद का मसला यूरोप के लिए भी काफी महत्वपूर्ण है. जब उनसे सवाल पूछा गया कि क्या वह इस दौरे की रिपोर्ट यूरोपीय संसद में जमा करेंगे, तो उन्होंने कहा कि वह ऐसा नहीं करेंगे.

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