लेटर बम प्रकरण: भाजपा नेता रोहिताश्व शर्मा का बड़ा बयान, कहा- जो खुद अनुशासनहीनता की पराकाष्ठाएं पार कर चुका हो वह दूसरों को अनुशासन की क्या सलाह देगा

लेटर बम प्रकरण: भाजपा नेता रोहिताश्व शर्मा का बड़ा बयान, कहा- जो खुद अनुशासनहीनता की पराकाष्ठाएं पार कर चुका हो वह दूसरों को अनुशासन की क्या सलाह देगा

जयपुर: बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया का 22 साल पुराने लेटर बम प्रकरण में अब पार्टी में खींचतान बढ़ गई है. पूर्व मंत्री और बानसूर से विधायक रहे रोहिताश्व कुमार (Rohitashv Kumar) ने एक वीडियो जारी करते हुए कहा कि जो खुद अनुशासनहीनता कर चुका हो, अनुशासन की पराकाष्ठा क्रॉस कर चुका हो वो दूसरे को अनुशासन की क्या सलाह दे सकता है ? यह बड़े खेद की बात है. रोहिताश शर्मा ने वायरल लेटर को आधार बनाकर बिना नाम लिए 16 सेकंड के वीडियो में सतीश पूनिया को निशाने पर लिया है. 

आपको बता दें कि इससे पहले रोहिताश शर्मा को 24 जून को ही पार्टी के खिलाफ बयानबाजी करने के आरोप में नोटिस देकर 15 दिन में जवाब देने को कहा था. इसी को लेकर उन्होंने वीडियो जारी करते हुए यह तंज कसा है. इससे पहले भी उन्होंने कहा था कि नोटिस मिलने के मामले में संगठन महामंत्री चंद्रशेखर से मिलूंगा. मैंने वर्चुअल मीटिंग में अपनी भावना व्यक्त की थी, सावर्जनिक तौर पर अपनी बात नहीं कही थी. ऐसे में भजनलाल मुझे नोटिस नहीं दे सकते हैं. मेरे क्षेत्र में तीनों मंत्रियों का कोई दौरा नहीं हुआ था. मैंने कहा कि bjp को विपक्ष की भूमिका सही नहीं है. 

इसके साथ ही पूर्व मंत्री ने कहा था कि चिट्ठी महामंत्री को लिखने का कोई अधिकार नहीं है. पहले मैं यह जानने की कोशिश करूंगा कि चिट्ठी वैलिड है या नही है. गहलोत और पायलट जैसे नेता कोरोना में घूमकर काम कर रहे हैं तो उनका जवाब देने के लिए बड़े नेताओं को आना चाहिए था. मैंने कोई गाली गलौच की बात नहीं कहीं, हम तो वैष्णव ब्राह्मण है मार्शल कौम नहीं. बता दें कि रोहिताश शर्मा ने अभी तक नोटिस का जवाब नहीं दिया है. 

राजेंद्र राठौड़ ने प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया का बचाव किया:
22 साल पुराने लेटर बम प्रकरण में उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया का बचाव किया है. राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि समय के चक्र के साथ समय काल और परिस्थितियां बदलती रहती है. 22 वर्ष पहले जो स्थितियां थीं वो आज नहीं है. उस वक्त भी पार्टी के प्लेटफॉर्म पर बात को कहा था. आज भी कोई व्यक्ति पार्टी के प्लेटफार्म पर कोई बात करे तो वह गलत नहीं है. परंतु बात जब बयानबाज़ी तक चली जाती है तो वह सही नहीं है. 

हमारे प्रदेशाध्यक्ष जी के पत्र को कुछ लोग ढाल बनाने की कोशिश कर रहे:
उन्होंने कहा कि 22 वर्ष पहले मेरे समेत सभी लोग अपनी राजनैतिक धरती को मजबूत करने में लगे थे. पार्टी में आपस में छोटी मोटी प्रतिस्पर्धा चलती रहती है. हमारे प्रदेशाध्यक्ष जी के पत्र को कुछ लोग ढाल बनाने की कोशिश कर रहे हैं. जो पार्टी से अलग हटकर सियासत करने की कोशिश में लगे हैं. मैं समझता हूं कि ये पार्टी हित की बात नहीं है. 

पूनिया ने लेटर बम को बताया अजब सियासत की ग़ज़ब कहानी: 
वहीं पूनिया ने भी इस बारे में अपनी प्रतिक्रिया देने के बाद आज एक बार फिर ट्वीट करते हुए लिखा कि 22 वर्ष पुराना पत्र इस समय जारी होना अजब सियासत की ग़ज़ब कहानी है; फिर भी; मैं तब भी कार्यकर्ताओं के साथ था अब भी साधारण कार्यकर्ताओं का प्रतिनिधि हूँ; पार्टी के मंच पर कही गयी बात के बाद ही नेतृत्व ने मुझे पार्टी में महत्वपूर्ण दायित्व दिये जिनका मैंने निष्ठा पूर्वक निर्वहन किया.

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