भांकरोटा बंधक प्रकरण में बड़ा खुलासा, गैंग ने इसी तरह पहले भी ली 4 करोड़ की फिरौती

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/07/15 07:01

जयपुर: राजधानी के भांकरोटा थाना इलाके में कल एक सनसनीखेज मामला सामने आया. जहां हरियाणा की गैंग ने तीन युवकों का अपहरण कर बंदी बना रखा था. मामले में कल पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया था. वहीं इस प्रकरण में आज बड़ा खुलासा सामने आया है. हरियाणा की इसी गैंग ने इससे पहले भी ऐसी ही वारदात की थी.

पहले के पीड़ितों ने किया पुलिस से संपर्क: 
आज बदमाशों को कोर्ट में पेश किया गया और कोर्ट ने 5 दिन के रिमांड पर पुलिस को सौंपा है. आरोपियों से पूछताछ में बड़ा खुलासा सामने आया है कि इस गैंग ने पहले कोटा के एक व्यापारी को बंधक बनाकर 4 करोड़ रुपये की फिरौती ली थी. व्यापारी को भी इसी प्रकार टॉर्चर किया गया था. इतना ही नहीं गैंग ने आगरा के एक व्यापारी को भी जयपुर बुलाकर ऐसी ही वारदात की. आज गिरफ्तारी की जानकारी मिलने पर दोनों ही पीड़ितों ने पुलिस से संपर्क किया और डीसीपी विकास शर्मा को गैंग के बारे में जानकारी दी. पीड़ितों ने कहा कि गैंग का एक सदस्य टॉर्चर स्पेशलिस्ट है. वो ही बदमाश अलग-अलग तरीके से टॉर्चर करता था.

ऐसे हुआ वारदात का पर्दाफाश:
दरअसल जयपुर पुलिस को शनिवार देर रात सूचना मिली थी कि मालवीय नगर इलाके से कुछ बदमाशों ने एक कार लूटी है. बदमाशों ने कार लूटने के दौरान तीन युवकों का भी अपहरण किया, हालांकि कुछ दूर पहुंचने के बाद बदमाश पीड़ित को रास्ते में उतार कर कार लेकर फरार हो गए. वहीं पीड़ितों का मोबाइल कार में रह गया. बस इसी मोबाइल की लोकेशन को ट्रेस कर पुलिस बदमाशों तक पहुंची. जिन युवकों की कार लूटी गई थी, उन्होंने देर रात पुलिस कंट्रोल रूम पर सूचना दी. जिसके बाद पुलिस ने मोबाइल लोकेशन ट्रेस कर गिरोह तक पहुंची. पुलिस जैसे ही गिरोह तक पहुंची तो मामला कार लूट के साथ एक बड़ी साजिश का निकला. हरियाणा के इसी गिरोह ने आंध्र प्रदेश, मुंबई और बीकानेर से तीन युवकों को अपहरण किया था. गिरोह बगरू टोल के पास स्थित शंकरा रेजिडेंसी के फ्लैट में अपहरण युवकों को कैद करके रखा था. जैसे ही पुलिस मौके पर पहुंची तो इस पूरी वारदात का पर्दाफाश हुआ।

किराए के फ्लैट में गैंग के काले कारनामे:
बगरू टोल के पास शंकरा रेजिडेंसी में पिछले 2.5 महीने से हरियाणा का यह गिरोह किराए के फ्लैट में रह रहा था. 7 दिन पहले ही तीनों अपहरण किए गए युवकों को गिरोह फ्लैट में लेकर आया था और उनसे मारपीट और बर्बरता की जा रही थी. जांच में सामने आया कि पीड़ित के हाथ और पैर के नाखूनों उखाड़े गए. वहीं एक पीड़ित के हाथ पर गोली भी मारी गई. पुलिस ने गिरोह से देशी पिस्टल और हथियार कारतूस बरामद किए. गैंग के कब्जे से बीएमडल्ब्यू, मर्सिडीज, स्कॉर्पियो जैसी लक्जरी कारें बरामद की गई. वहीं अपहृत युवकों में से एक मुंबई, दूसरा कर्नाटक और तीसरा बीकानेर शहर का था. बदमाशों ने पीड़ितों के परिजनों से खातों में रुपये भी डलवा रखे थे. अब तक की जांच में सामने आया कि नौकरी का झांसा देकर गिरोह ने पीड़ितों का अपहरण किया. यानी कि नौकरी का झांसा देकर सभी को बुलाया गया और फिर अपहरण की वारदात को अंजाम दिया गया. तीन पीड़ितों में से दो आपस में एक दूसरे को जानते हैं।

पुलिस को करनी पड़ी काफी मशक्कत:
एडीशनल कमिश्नर क्राइम संतोष चालके ने बताया कि करीब 200 पुलिसकर्मियों की टीम ने सुबह 2:30 बजे से लेकर शाम तक सर्च ऑपरेशन चलाया. सर्च ऑपरेशन में ईआरटी टीम, क्यूआरटी, एटीएस, क्राइम ब्रांच, सहित आसपास के थानों के टीम मौजूद रही. पहले एक बदमाश को गिरफ्तार किया गया, जिसके बाद उनकी निशानदेही पर एक-एक सभी बदमाशो को पकड़ा गया. पुलिस ने 12 घंटे से अधिक समय तक एक-एक फ्लैट में तलाशी अभियान चलाया. वहीं तीन बदमाश पुलिस के डर से पानी की टंकी में छुप गए थे, उन्हें पानी की टंकी से पकड़ा गया. वहीं गिरोह में एक महिला भी शामिल थी. 

... संवाददाता सत्यनारायण शर्मा की रिपोर्ट 

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