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हिन्दू मंदिर जहां प्रसाद में मिलती है मटन और चिकन 'बिरयानी'

हिन्दू मंदिर जहां प्रसाद में मिलती है मटन और चिकन 'बिरयानी'

मदुरै। भारत अपनी संस्कृति, धर्म और मंदिरों के लिए पुरे विश्व में जाना जाता है। देश के मंदिर अपनी बनावट की शैली, प्राचीनता और चमत्कारिक घटनाओं के चलते मशहूर हैं, लेकिन तमिलनाडु के मदुरै जिले में तिरूमंगलम तालुक में स्थित वाड़ाक्कमपट्टी में स्थित एक मंदिर के बारे में जानकर आप हैरान हो जाएंगे। जहां भक्तों को प्रसाद के रूप में गरमा-गरम मटन और चिकन बिरयानी परोसा जाता है।

गौरतलब है कि इस मंदिर का नाम मूनियाननदी स्वामी मंदिर है जहां साल में एक बार तीन दिनों के लिए एक वार्षिक महोत्सव का आयोजन किया जाता है। इस आयोजन में पिछले 83 सालों से प्रसाद के रूप में बिरयानी बांटी जा रही है। इस साल भी 25 जनवरी से इस महोत्सव का आयोजन किया गया है। तीन दिवसीय वार्षिक महोत्सव में लगभग 2 हजार किलो बिरयानी तैयार की जाएगी। बिरयानी बनाने के लिए लगभग 1000 किलो चावल, 250 बकरे 300 मुर्गियों का उपयोग किया जाता है।  न केवल भक्तों को बल्कि यहां से गुजरने वाले हर एक व्यक्ति को बिरयानी खाने को दिया जाता है।

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गुजरात में 'एक विवाह ऐसा भी', बिना दुल्हन के हुई भव्य शादी 

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अहमदाबाद: हर इंसान का ख्वाब होता है कि उसकी शादी बहुत धूम-धाम से हो, शादी में ऐसे भव्य इंतजाम और धूम-धड़ाका हो कि लोग देखते रह जाएं. ऐसी ही इच्छा थी गुजरात में रहने वाले 20 साल के अजय बरोट की. अजय की इच्छा के अनुरूप उसकी शादी हुई भी, लेकिन एक मलाल रह गया 'दुल्हन'. अजय की शादी हाल ही में बिना दुल्हन के ही संपन्न हुई है.

दरअसल शादी में सैकड़ों की संख्या में लोग जुटे, सारी रस्में निभाई गईं, बारात भी निकली, यहां तक की लोगों ने दूल्हे को आशीर्वाद भी दिया. बगैर दुल्हन के हुई इस 'स्पेशल' वेडिंग चर्चा का विषय बना हुआ है. अजय के पिता के अनुसार अजय 'स्पेशल चाइल्ड' है. उम्र के हिसाब से उसका दिमाग विकसित नहीं हो पाया. इसके बावजूद अजय जब भी किसी शादी में जाता तो वह अपनी शादी की बात करता था, जबकि अजय को देखते हुए कोई भी उसे अपनी लड़की देने को तैयार नहीं था. ऐसे में अपने परिवार वालों से सलाह-मशविरा करने के बाद हमने अजय की शादी करने का निर्णय किया.
 

हिमालय में दिखे हिममानव के पैरों के निशान, भारतीय सेना ने दिखाए सबूत

हिमालय में दिखे हिममानव के पैरों के निशान, भारतीय सेना ने दिखाए सबूत

जयपुर। हिमालयी इलाकों में बर्फ के मानव के होने की जो कहानियां सैंकड़ों सालों से सुनाई जाती है, अब उन कहानियों के सच होने के दावे सामने आ रहे हैं। जी हां भारतीय सेना ने इसी महीने की शुरुआत में मकाउ बेस कैंप के पास हिममानव यानि येति को देखने का दावा किया है। भारतीय सेना की ओर से खास तौर पर इस येती के पैरों के निशान की फोटोग्राफ भी अपनी ट्विटर हैंडल पर पोस्ट की गई है। सेना के मुताबिक उनकी माउंटेरियंग एक्पीडिशन टीम ने पहाड़ों की बर्फ में विशाल मानव येति के पैरों के निशान देखे हैं। हालांकि हिमालय के इलाकों में पहले भी कई बार हिम मानव येति को देखे जाने का दावा किया गया है।

भारतीय सेना की ओर से ट्वीट में बताया गया है कि उनकी माउंटेरियंग टीम ने करीब 35x15 इंच के साइज वाले पैरों के निशान बर्फ में देखे हैं। सेना ने कहा है कि ये घटना 9 अप्रैल की है और मकालू बारून नेशनल पार्क में येति के पैरों के निशाने देखे गए हैं। अपने ट्वीट के सपोर्ट में सेना ने कुछ फोटोग्राफ्स भी पोस्ट की  हैं। आपको बता दें कि मकालू बारून नेशनल पार्क नेपाल में है और इसकी स्थापना 1992 में हुई थी। ये दुनिया का इकलौता ऐसा प्रोटेक्टेड क्षेत्र है जो 8 हजार मीटर की उचाई पर है। 

हालांकि इस बात का फैसला अभी तक दुनिया में कहीं नहीं हो सका है कि येति वाकई दुनिया में होते हैं या ये सिर्फ कहानियों का हिस्सा हैं। कुछ लोगों का दावा है कि उन्होने हिम मानव को देखा है तो वहीं कुछ लोग इसे सिर्फ कल्पनाओं का हिस्सा मानते हैं।

आइए आपको बताते हैं कि आखिर कौन हैं येति?
- दुनिया के सबसे बड़े और रहस्यमय प्राणियों में से एक है
- कुछ रिसर्चर इस ध्रुवीय भालू की नस्ल का मानते हैं
- येति की प्रजाति 40 हजार साल पुरानी मानी जाती है
- दावा है कि येति की शक्ल बंदर जैसी होती है
- इंसानों की तरह दो पैरों पर चलने का भी दावा किया जाता है
- कई बार येति को देखे जाने की बात सामने आई
- लद्दाख के कुछ बौद्ध मठ भी येति को देखने का दावा कर चुके हैं
- नेपाल और तिब्बत के हिमालय क्षेत्र में येति का निवास माना जाता है

जाहिर है येति या हिममानव दुनिया के सबसे रहस्यमयी प्राणियों में से एक है जिसकी कहानियां करीब 100 साल से भी ज्यादा पुरानी है। पहले भी कुछ पर्वतारोहियों, वैज्ञानिकों और बौद्ध मठों की ओर से हिम मानव को देखे जाने का दावा किया जा चुका है। बताया जाता है कि 1950 के दशक में हिममानव येति को पहली बार देखा गया था हालांकि उस वक्त भी इसको साबित करने के लिए सबूत नहीं दिए जा सके थे। देखना है कि इस बार भारतीय सेना के दावों के बाद येति की तलाश में दुनिया कितना आगे बढ़ पाएगी। 

....ब्यूरो रिपोर्ट फर्स्ट इंडिया न्यूज
 

पैसों के बाद अब इलाज भी 'फटाफट', ATM में होगा हेल्थ चेकअप

पैसों के बाद अब इलाज भी 'फटाफट', ATM में होगा हेल्थ चेकअप

नई दिल्ली। अब तक एटीएम मशीन का इस्तेमाल पैसा निकालने और जमा करवाने में होता रहा है, लेकिन अब एक ऐसा एटीएम मशीन आ गया है जिससे कोई भी शख्स डॉक्टर की नसीहत के बाद करीब 40 तरह के चेकअप करा सकता है। NDMC के हेल्थ डिपार्टमेंट से जुड़े एक डॉक्टर के अनुसार इस मशीन को आईआईटी बॉम्बे के छात्रों ने बनाया है।

दरअसल NDMC ने दिल्ली साउथ-वेस्ट में बतौर पायलट प्रोजेक्ट पालिका केंद्र डिस्पेंसरी में हेल्थ एटीएम लगाए हैं। इन हेल्थ एटीएम से कोई भी शख्स डॉक्टर की नसीहत के बाद करीब 40 तरह के चेकअप करा सकता है। इसके अलावा इन हेल्थ एटीएम पर एक नर्स भी उपस्थित रहेगी, जो मशीन चलाने सहित चेकअप में भी पेशेंट की मदद करेगी। ये मशीन ब्लड प्रेशर, हाइट, वजन, बीएमआई, रैपिड टेस्ट के तौर पर डेंगू, मलेरिया, एचआईवी और लिपिड प्रोफाइल जैसी जांच करने में सक्षम है। इसके अलावा यूरीन, प्रेग्नेंसी और ईसीजी जांच भी कर सकते हैं।

बता दें कि ये मशीन वेब कैमरा की मदद से कम्यूनिकेशन करने में भी मदद करती है। इस मशीन की मदद से मरीज डॉक्टर से सीधे बात कर पाएगा। जल्द ही चरक पालिका अस्पताल, धर्म मार्ग पॉली क्लीनिक, पालिका प्रसूति अस्पताल और टीबी पॉलीक्लिनिक में ऐसे स्वास्थ्य एटीएम लगाए जाएंगे।

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