रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी का खुलासा,  7 आरोपी गिरफ्तार, इंजेक्शनों की खेप जब्त

रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी का खुलासा,  7 आरोपी गिरफ्तार, इंजेक्शनों की खेप जब्त

जयपुरः कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते प्रकोप के बाद पड़ रही जीवन रक्षक दवाओं की जरूरत को देखते हुए राजधानी जयपुर बुधवार को नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन खेप पुलिस ने जब्त की है. वहीं मामले में 7 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. 

54 सौ रुपए के इंजेक्शन के 15 से 16 हजार रुपए वसूल रहे थे कीमतः 
डीसीपी (क्राइम) दिंगत आनन्द कुमार ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि कोरोना के गंभीर मरीजों के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले इंजेक्शनों की जमाखोरी और कालाबाजारी, इंजेक्शनों के मनमाने दाम वसूलने आदि के बारे में कई दिनों से जानकारी मिल रही थी. इसी के तहत सीएसटी क्राइम ब्रांच की मुरलीपुरा व कोतवाली इलाके में कार्रवाई को अंजाम दिया गया. यहां एक मेडिकल की दुकान पर पुलिसकर्मी को बोगस ग्राहक बनाकर भेजा गया. मेडिकल स्टोर के संचालन ने बोगस ग्राहक को बताया कि कंपनी द्वारा निर्धारित 5400 रुपए वाला रेमडेसिविर इंजेक्शन 15 से 16 हजार रुपए की कीमत में यहां मिल जाएगा और बोगस ग्राहक को एक घंटे में आने के लिए कहा. इसके बाद जब मेडिकर स्टोर के पास उसके साथी वो इंजेक्शन लेकर आए तो उन्हे टीम ने गिरफ्तार कर लिया. 
 
6 आरोपी मुरलीपुरा थाने और एक कोतवाली थाना इलाके से गिरफ्तारः
डीसीपी (क्राइम) दिंगत आनन्द कुमार ने बताया कि गिरफ्तार लोगों से कड़ाई से पूछताछ में सामने आया कि जयपुर में कई ऐसे दलाल है जो दिल्ली से इन इंजेक्शनों की खेप लेकर आए है, जिनकी कीमत 2200 रुपए हैं और वो यहां लाकर उसे 15 से 16 हजार रुपए कीमत पर मजबूर ग्राहकों को उपलब्ध करा रहे हैं. मामले में क्राइम ब्राच और स्थानीय थाना पुलिस ने औषधि नियंत्रक विभाग के सहयोग से कार्रवाई करते हुए 6 आरोपी मुरलीपुरा थाने और कोतवाली थाना इलाके से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है. वहीं मौके से चार रेमडेसिविर इंजेक्शन की वायल जब्त की गई है. उन्होंने बताया कि मामले में मुख्य दलाल ने राजधानी के कई छोटे दलालों को इंजेक्शनों की खेप दी है. जिस पर भी कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने बताया कि कंपनी से इन इंजेक्शनों की बेच नंबर का मिलान करने के बाद इनका केमिकल परीक्षण होने के बाद इनके असली या नकली होने का पता चल पाएगा.

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