नेत्रहीन युवक ने आईएएस प्री का एग्जाम किया क्लियर 

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/07/18 11:53

सुजानगढ़ (चूरू)। कहते है किसी लक्ष्य को हासिल करने के लिए मेहनत, लग्न जरूरी है उसी के बदौलत एक नेत्रहीन युवा ने आईएएस प्री का एक्जाम क्लियर किया हैं। सुजानगढ़ के नानूराम राव व प्रदेश के एक अन्य युवा ने आईएएस प्री का पेपर पास कर मेन एक्जाम के लिए चयनीत हुए है। 

गौरतलब है कि सालासर रोड स्थित निकटवर्ती लोढ़सर गांव निवासी नानूराम राव को कक्षा 6 में आंखों से दिखना बंद हो गया था। जिसके बाद वो कलक्टर (आईएएस) बनने के लक्ष्य से पीछे नही हटें और अपनी पढ़ाई जारी रखी। फर्स्ट इंडिया से बातचीत में नानूराम राव ने बताया कि, "मन में विश्वास, परिश्रम, लग्र से ही कठिन से कठिन लक्ष्य हासिल हो सकता है। सार्वजनिक निर्माण विभाग में बेलदार पद पर कार्यरत मेरे पिता टीकूराम राव के सपने को साकार करने के लिए मैं आईएएस परीक्षा की तैयारी कर रहा हूं। उसी के बदौलत ही आज मैनें मेरे आंखें नहीं होने के बावजूद भी आईएएस का प्री एक्जाम क्लीयर कर लिया है।" राव ने कहा कि, "मुझे पुरा भरोसा है कि मैं इस बार मेन एक्जाम क्लीयर कर मेरा व मेरे पिताजी का सपना साकार करूंगा।" 

नेत्रहीन नानूराम ऐसे करते है आईएएस की तैयारी

नानूराम राव ने प्राथमिक शिक्षा गांव के राजकीय स्कूल लोढ़सर से प्राप्त की। इसके बाद कक्षा 10वीं और 12वीं का एक्जाम ओपन बोर्ड से देकर पास किया। नानूराम ने स्नातक सीकर एस.के कॉलेज से किया है। नेत्रहीन नानूराम ने अपने आईएएस बनने के सपने को साकार करने के लिए नियमित दो साल तक सीकर अप-डाउन कर निजी कोचिंग में दो साल तक क्लास ली और सेल्फ स्टडी की। नानूराम की मां अमरी देवी ने बताया कि, "नानूराम की पढ़ाई में अहम योगदान उनकी बहनें पूनम, नीलम, भगवती, मंजू व भाई सुनील का है। जो नानूराम की किताबें पढ़कर उन्हें सीडी में रिकॉर्ड करती थी। जिन्हें नानूराम टेप में सुनता था व याद करता था।" नानूराम अभी ब्रेनलिपी की मदद से पढ़ाई कर रहा है और सीडी में बहनों से नोट्स रिकॉर्ड करवाकर सुनता है।

सिर्फ एक लक्ष्य आईएएस

नानूराम ने बताया कि, "मेरा एक ही लक्ष्य है प्रशासनिक सेवा में जाना वो भी आईएएस पद पर पदोन्नत होना हैं।" इसके लिए नानूराम सिर्फ आईएएस की तैयारी कर रहा है। नानूराम ने अभी तक किसी दूसरी भर्ती में आवेदन नहीं किया है। नानूराम का कहना है कि, "जो लक्ष्य है उसे हासिल करूंगा। मेरे जैसे नेत्रहीन व दिव्यांग देश में बहुत है। जिनमें पढ़, लिख कर कुछ करने की तमन्ना है, लेकिन उनके पास संसाधन नहीं है। उनके लिए अलग से स्कूल, रिकॉर्डर जैसी व्यवस्थाएं करना चाहूंगा। जिससे वे पढ़ लिखकर आगे बढ़ सके।" 

रेडियो और टीवी से नानूराम ने किया जीके मजबूत

नेत्रहीन नानूराम ने बताया कि मैने अपना जीके रेडियो, टीवी न्यूज चैनल और अखबार के माध्यम से मजबूत किया है। जो भी अभ्यर्थी सरकारी जॉब के लिए तैयारी कर रहा है। उसे टीवी, रेडियो को देखना व सुनना चाहिए व अखबार नियमित पढऩा चाहिए।" नानूराम ने सफलता हासिल करने के लिए लग्न से पढ़ाई करना आवश्यक बताया।

ग्रामीण व परिवारजनों में खुशी का माहौल 

आंखों से नहीं दिखने पर भी आईएएस का प्री एक्जाम नानूराम द्वारा क्लीयर करने से परिवारजन व ग्रामीणों का खुशी का ठिकाना नहीं हैं। कैंसर जैसी गम्भीर बीमारी से संघर्ष कर रहे नानूराम के पिता टीकूराम ने अपने पुत्र की इस सफलता पर गर्व महसूस करते हुए आईएएस मैन एक्जाम क्लीयर करने का आर्शीवाद दिया है। 

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