VIDEO: निकायों को आर्थिक तंगी से मिलेगी राहत, बढ़ेगी आमदनी

Abhishek Shrivastava Published Date 2019/06/20 10:17

जयपुर: आर्थिक तंगी से जूझ रहे प्रदेश के निकायों की आमदनी बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने दो बड़े फैसले किए हैं. इन फैसलों से जहां एक ओर निकाय अपने इलाकों में आग बुझाने के लिए सशक्त होंगे और वहीं दूसरी ओर निकायों की आय के नए स्त्रोत भी खुलेंगे. 
प्रदेश भर के निकायों में एकीकृत भवन विनियम लागू हैं. इन भवन विनियमों के तहत प्रमुख सचिव नगरीय विकास की अध्यक्षता में एक विशेषज्ञ समिति गठित है. यह कमेटी भवन निर्माण अनुमति से जुड़े नीतिगत मामलों में फैसला करने के लिए अधिकृत है. हाल ही प्रमुख सचिव भास्कर ए सावंत की अध्यक्षता में विशेषज्ञ समिति की बैठक हुई थी. नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल की ओर से दिए निर्देशों पर समिति की बैठक में विस्तार से चर्चा की गई. बैठक में राज्य के मुख्य नगर नियोजक आरके विजयवर्गीय और अन्य अधिकारी मौजूद थे. आपको बताते हैं कि निकायों की आमदनी बढ़ाने के लिहाज से बैठक में क्या फैसले किए गए और ये फैसले किस तरह लाभदायक साबित होंगे-

- वर्तमान में बहुमंजिला इमारतों के मामलों में फायर सैस की वसूली फील्ड एरिया रेशियो (FAR) के अनुसार की जाती है. 

- इस फायर सैस की वसूली राशि निकाय अपने क्षेत्र में अग्निशमन संसाधनों पर खर्च करते हैं. 

- विशेषज्ञ समिति के ताजा फैसले के अनुसार फायर सैस की गणना बिल्ट अप एरिया (BAR) के अनुसार की जाएगी. 

- FAR में इमारत का खुला क्षेत्र,सीढ़ियां,बॉलकनी,कोरिडोर आदि का निर्मित क्षेत्र नहीं जोड़ा जाता है. 

- जबकि BAR में इमारत के निर्माण का एक-एक इंच शामिल होता है. 

- अधिक निर्माण के अनुसार गणना करने पर फायर सैस भी पहले से अधिक निकायों को मिलेगा. 

- पुराने भवन विनियमों के अनुसार स्वीकृत मामलों में नए भवन विनियमों का लाभ फिलहाल नहीं मिलता है. 

- पुराने भवन विनियमों के अनुसार बनी इमारत को तोड़ने के बाद नए सिरे से निर्माण पर ही नए विनियम लागू होते हैं. 

- विशेषज्ञ समिति के ताजा फैसले के अनुसार इन मामलों में इमारत को तोड़े बिना नए विनियमों का लाभ दिया जा सकेगा. 

- नए भवन विनियमों के अनुसार जितने अतिरिक्त निर्माण का फायदा मिलेगा, उतनी निकायों को आय होगी. 

- अतिरिक्त निर्माण के फायदा लेने के बदले बिल्डर संबंधित निकाय को बेटरमेंट लेवी चुकाएगा. 

प्रदेश के सभी निकायों में ये एकीकृत भवन विनियम लागू किए गए हैं. विशेषज्ञ समिति के इन बड़े फैसलों को लागू करने के लिए जल्द ही नगरीय विकास विभाग की ओर से एक अधिसूचना जारी की जाएगी. 

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