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VIDEO: निकायों को आर्थिक तंगी से मिलेगी राहत, बढ़ेगी आमदनी

VIDEO: निकायों को आर्थिक तंगी से मिलेगी राहत, बढ़ेगी आमदनी

जयपुर: आर्थिक तंगी से जूझ रहे प्रदेश के निकायों की आमदनी बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने दो बड़े फैसले किए हैं. इन फैसलों से जहां एक ओर निकाय अपने इलाकों में आग बुझाने के लिए सशक्त होंगे और वहीं दूसरी ओर निकायों की आय के नए स्त्रोत भी खुलेंगे. 
प्रदेश भर के निकायों में एकीकृत भवन विनियम लागू हैं. इन भवन विनियमों के तहत प्रमुख सचिव नगरीय विकास की अध्यक्षता में एक विशेषज्ञ समिति गठित है. यह कमेटी भवन निर्माण अनुमति से जुड़े नीतिगत मामलों में फैसला करने के लिए अधिकृत है. हाल ही प्रमुख सचिव भास्कर ए सावंत की अध्यक्षता में विशेषज्ञ समिति की बैठक हुई थी. नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल की ओर से दिए निर्देशों पर समिति की बैठक में विस्तार से चर्चा की गई. बैठक में राज्य के मुख्य नगर नियोजक आरके विजयवर्गीय और अन्य अधिकारी मौजूद थे. आपको बताते हैं कि निकायों की आमदनी बढ़ाने के लिहाज से बैठक में क्या फैसले किए गए और ये फैसले किस तरह लाभदायक साबित होंगे-

- वर्तमान में बहुमंजिला इमारतों के मामलों में फायर सैस की वसूली फील्ड एरिया रेशियो (FAR) के अनुसार की जाती है. 

- इस फायर सैस की वसूली राशि निकाय अपने क्षेत्र में अग्निशमन संसाधनों पर खर्च करते हैं. 

- विशेषज्ञ समिति के ताजा फैसले के अनुसार फायर सैस की गणना बिल्ट अप एरिया (BAR) के अनुसार की जाएगी. 

- FAR में इमारत का खुला क्षेत्र,सीढ़ियां,बॉलकनी,कोरिडोर आदि का निर्मित क्षेत्र नहीं जोड़ा जाता है. 

- जबकि BAR में इमारत के निर्माण का एक-एक इंच शामिल होता है. 

- अधिक निर्माण के अनुसार गणना करने पर फायर सैस भी पहले से अधिक निकायों को मिलेगा. 

- पुराने भवन विनियमों के अनुसार स्वीकृत मामलों में नए भवन विनियमों का लाभ फिलहाल नहीं मिलता है. 

- पुराने भवन विनियमों के अनुसार बनी इमारत को तोड़ने के बाद नए सिरे से निर्माण पर ही नए विनियम लागू होते हैं. 

- विशेषज्ञ समिति के ताजा फैसले के अनुसार इन मामलों में इमारत को तोड़े बिना नए विनियमों का लाभ दिया जा सकेगा. 

- नए भवन विनियमों के अनुसार जितने अतिरिक्त निर्माण का फायदा मिलेगा, उतनी निकायों को आय होगी. 

- अतिरिक्त निर्माण के फायदा लेने के बदले बिल्डर संबंधित निकाय को बेटरमेंट लेवी चुकाएगा. 

प्रदेश के सभी निकायों में ये एकीकृत भवन विनियम लागू किए गए हैं. विशेषज्ञ समिति के इन बड़े फैसलों को लागू करने के लिए जल्द ही नगरीय विकास विभाग की ओर से एक अधिसूचना जारी की जाएगी. 

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6 बसपा विधायकों का कांग्रेस में विलय प्रकरण में बहस पूरी, अब दोपहर दो बजे हाईकोर्ट सुनाएगा अपना फैसला

जयपुर: राजस्थान में चल रहे सियासी संकट के बीच आज 6 बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय प्रकरण पर बसपा और मदन दिलावर की अपील पर राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. CJ इंद्रजीत महांति व जस्टिस प्रकाश गुप्ता की खंडपीठ में दोनों पक्षों की ओर से हाईकोर्ट में बहस पूरी हो गई है. 

BSP मामले पर विधायक संयम लोढ़ा का बड़ा बयान, कहा- किसी को वोट से वंछित करने का अधिकार माननीय न्यायालय को नहीं 

बाड़ेबंदी में विधायकों को नोटिस सर्व नहीं किए जा सकते: 
वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे की बहस पर कोर्ट के कहा कि विधायकों को नोटिस तामील नहीं होना अलग बात है और अंतरिम आदेश देना अलग बात है. हम एकलपीठ को अंतरिम आदेश पारित करने का आदेश दे देते हैं. कोर्ट ने कहा कि हम मानते है कि विधायक बाड़ेबंदी में है और उनको नोटिस सर्व नहीं किए जा सकते हैं. अब दोपहर दो बजे हाईकोर्ट अपना फैसला सुनाएगा. 

कोर्ट ने विधानसभा स्पीकर को नोटिस जारी कर मांगा था जवाब:  
बता दें कि प्रदेश में चल रहे सियासी संकट के बीच बुधवार को हाईकोर्ट की खंडपीठ ने बसपा के छह विधायकों के कांग्रेस में विलय के मामले में विधानसभा स्पीकर को नोटिस जारी कर एक दिन में जवाब मांगा था. मामले की गुरुवार को फिर सुनवाई हुई. जिसमें दोनों पक्षों की बहस पूरी हो गई है. 

30 जुलाई के आदेश को अब खण्डपीठ में चुनौती दी गयी थी:
गौरतलब है कि बसपा के 6 विधायकों के कांग्रेस में विलय को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट की एकलपीठ के 30 जुलाई के आदेश को अब खण्डपीठ में चुनौती दी गयी थी. अपील पेश करने के साथ बसपा और भाजपा विधायक मदन दिलावर के अधिवक्ताओं की ओर से शीघ्र सुनवाई की अर्जी भी पेश की गयी. इसी के चलते हाईकोर्ट ने दोनों ही अपीलों पर शीघ्र सुनवाई की अर्जी मंजूर करते हुए बुधवार को सुनवाई के लिए रखा. मुख्य न्यायाधीश इन्द्रजीत महांति और जस्टिस प्रकाश गुप्ता की खण्डपीठ बुधवार को इन अपीलों पर सुनवाई हुई. 

विलय को लेकर कोई अंतरिम राहत नहीं: 
बहुजन समाज पार्टी और भाजपा विधायक मदन दिलावर की ओर से अपील पेश कर विलय को रद्द करने की भी गुहार लगायी गयी है. अपील में कहा गया है कि एकलपीठ ने उनकी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए विलय को लेकर कोई अंतरिम राहत नहीं दी है. विधानसभा अध्यक्ष सचिव और बसपा विधायकों को केवल नोटिस ही जारी किये गये है. जबकि वर्तमान हालात में बसपा के सभी 6 विधायक जैसलमेर की एक होटल में है और उन्हे नोटिस सर्व कराना आसान नहीं है. उनके परिजन भी नोटिस प्राप्त कर रहे हैं. गौरतलब है कि 30 जुलाई को जस्टिस महेन्द्र गोयल की एकलपीठ ने मदन दिलावर और बसपा की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए विधानसभा अध्यक्ष, सचिव और बसपा के 6 विधायकों को नोटिस जारी कर 11 अगस्त तक जवाब पेश करने के आदेश दिये है. लेकिन एकलपीठ ने बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय पर कोई अंतरिम राहत नहीं दी. 

क्या है मामला:
18 सितंबर 2019 को बसपा के 6 विधायकों के कांग्रेस में शामिल होने के आदेश जारी हुए थे. जिस पर आपत्ति दर्ज कराते हुए भाजपा विधायक मदन दिलावर ने 16 मार्च 2020 को विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष शिकायत दर्ज कराई. इस शिकायत में बसपा विधायको का कांग्रेस में विलय को अमान्य करार देते हुए रद्द करने की मांग कि गई. 4 माह तक जब शिकायत पर कोई कार्यवाही नहीं की गई तो 17 जुलाई केा पुन: विधानसभा अध्यक्ष को एक पत्र लिखकर कार्यवाही करने की मांग की. विधानसभा अध्यक्ष द्वारा इस पर भी कोई कार्यवाही नहीं करने पर राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका दायर कि गई. 

गुजरात: अहमदाबाद के कोरोना अस्पताल में आग लगने से 8 मरीजों की मौत, PM मोदी ने की मुआवजे की घोषणा 

बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय को अमान्य करार देने की मांग: 
याचिका की सुनवाई के दौरान विधानसभा अध्यक्ष की ओर से जानकारी दी गयी की 24 जुलाई को ही शिकायत खारिज कर दी गयी है. विधानसभा अध्यक्ष के जवाब के आधार पर याचिका को सारहीन मानते हुए हाईकोर्ट ने मदन दिलावर की याचिका को खारिज कर दिया. लेकिन साथ ही मदन दिलावर को मामले में नयी याचिका पेश करने की छूट दी. बाद में सशोधित याचिका पेश कर मदन दिलावर ने बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय को अमान्य करार देने की मांग की. बहुजन समाज पार्टी ने भी इसमें शामिल होते हुए अलग से याचिका दायर की. हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 30 जुलाई को दोनों याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए विधानसभा अध्यक्ष, सचिव और बसपा के 6 विधायकों को नोटिस जारी किये. लेकिन बसपा विधायकों के विलय को अमान्य घोषित करने के मामले में कोई अंतरिम राहत नहीं दी. 


 

Horoscope Today, 6 August 2020: गुरुवार को चमकेंगे इन पांच राशि वालों के सितारे, करें ये उपाय

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जयपुर: दैनिक राशिफल चंद्र ग्रह की गणना पर आधारित होता है. राशिफल की जानकारी करते समय पंचांग की गणना और सटीक खगोलीय विश्लेषण किया जाता है. दैनिक राशिफल में सभी 12 राशियों के भविष्य के बारे में बताया जाता है. ऐसे में आप इस राशिफल को पढ़कर अपनी दैनिक योजनाओं को सफल बना सकते हैं. 

6 अगस्त 2020: पंचांग से जानें आज का शुभ-अशुभ मुहूर्त, आज के दिन जन्मे जातक होते हैं बुद्धिवान और भाग्यवान 

मेष (Aries): आज अपने दिन को सफ़ल बनाने के लिए कंट्रोल आपके ही हाथ में हो सकता है. सकारात्मक दृष्टिकोण से हर परिस्थिति को अपने अनुकूल करने का प्रयास करें. कारोबार से जुड़े लोगों के लिए समय मिश्रित है. आज के  दिन की सफलता के लिए लाल चन्दन का तिलक लगा कर घर से निकले. 

वृष (Taurus): आज इनकम, खर्चे और पैसों के हर तरह के मामले की बिल्कुल बारीकी से जांच करने  ही कोई फ़ैसला करें. कई दिनों से कार्यों में जो अवरोध आ रहे थे वे आज दूर होंगे. आज के दिन की सफलता के लिए विष्णु मंदिर  मे दूध का दान करें.

मिथुन (Gemini): आज आज किए गए बिजनेस के सौदे फायदेमंद होने के योग बन रहे हैं. कार्यक्षेत्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझें. आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे. सेहत का थोड़ा ध्यान रखे आज के दिन की सफलता के लिए प्रातः पितरों के नाम का घी का दीपक जलाये. 

कर्क (Cancer): आज आप खुद को समय के साथ चलने दें. जो जैसा हो रहा है, उसका विरोध न करें. कोई भी फैसला बिना सोचे-समझे न करें. वर्तमान स्थिति को स्वीकार करें क्योंकि वर्तमान में ही भविष्य का निर्माण होता है. आज के  दिन की सफलता के लिए विष्णु मंदिर में कमल पुष्प अर्पण करें. 

सिंह (Leo): आज आप अपना काम चुपचाप करते रहे तो हर कार्य मे सफल हो जाएंगे. जोश के साथ आज होश के संतुलन को बनाये रखें. जो भी परेशानी हो उसका सामना करें. जल्द ही परिस्थिति अनुकूल हो जाएगी. आज के दिन की सफलता के लिए आज के दिन अनाथाश्रम मे फलों का दान करें. 

कन्या (Virgo): आज आपका दिन मिश्रित फल देने वाला रहेगा. आपके कामों में दूसरे लोगों की दखल अंदाजी हो सकती है. कुछ काम अधूरे रह सकते हैं.  जरूरत से ज्यादा खर्च करने से बचें. आज के दिन की सफलता के लिए अपने माता पिता को कुछ मीठा अवश्य खिलाये. 

तुला (Libra): आज अपने कार्य में तेजी लाएं. आज की जिम्मेदारी कल पर न छोड़ें. आय और व्यय का संतुलन बनाकर चलें. सोच-विचार में समय खराब करने से बचें. आज के दिन की सफलता के लिए छत पर या घर के बाहर पशु-पक्षियों के लिए पीने का पानी रखें. 

वृश्चिक (Scorpio): आज गंभीरता से की गई चर्चा से कुछ खास मामले सुलझने के योग हैं. कार्यक्षेत्र में आप बहुत हद तक सफल हो सकते हैं. किसी काम में संकोच न करें. आप बोलचाल में संयम रखने की कोशिश करें. आज के दिन की सफलता के लिए बंदरो को केले खिलायें.

धनु (Sagittarius): आज व्यापार-व्यवसाय में श्रेष्ठ योग बनेंगे. नए रास्ते खोजने, नए विकल्पों पर विचार करने में संकोच न करें. अपने आत्मसम्मान के साथ कोई समझौता न करें. आज के दिन की सफलता के लिए भगवान शिव की आरधना करके दिन की शुरुआत करें. 

मकर (Capricorn): आज अपने सोचने का तरीका थोड़ा बदल ले तो दिन अच्छा बीत सकता है. कुछ नया और कुछ अलग करने की कोशिश कर सकते हैं. साझेदारी में काम करना आपको फायदेमन्द रहेगा. आज दिन की सफलता के लिए छोटी कन्या को बिस्कुट का पैकेट का दान करें. 

कुंभ (Aquarius): आज अपने मन की आवाज़ अवश्य सुनें. अपनी विचारधारों को अत्यधिक त्यागना ज़रूरी नहीं जब तक की वह आपके और आपके अपनों के लिए हानिकारक न हो. दिन की सफलता के लिए श्री हनुमान जी मंदिर मे एक मीठा पान चढ़ाये. 

मीन (Pisces): आज जो भी काम सामने आए, उसमें आप अपनी पूरी शक्ति लगा दें. इसके अच्छे नतीजे मिलेंगे. फैसले लेने के लिए और योजनाओं पर काम शुरू करने के लिए बहुत अच्छा दिन है. आज आप अपने आपको डिस्टर्ब न होने दें. आज के  दिन की सफलता के लिए किसी भूखे आदमी को भोजन करवाएं. 

सौजन्य - राज ज्योतिषी पंडित मुकेश शास्त्री

6 अगस्त 2020: पंचांग से जानें आज का शुभ-अशुभ मुहूर्त, आज के दिन जन्मे जातक होते हैं बुद्धिवान और भाग्यवान

6 अगस्त 2020: पंचांग से जानें आज का शुभ-अशुभ मुहूर्त, आज के दिन जन्मे जातक होते हैं बुद्धिवान और भाग्यवान

जयपुर: पंचांग का हिंदू धर्म में शुभ व अशुभ देखने के लिए विशेष महत्व होता है. पंचाम के माध्यम से समय एवं काल की सटीक गणना की जाती है. यहां हम दैनिक पंचांग में आपको शुभ मुहूर्त, शुभ तिथि, नक्षत्र, व्रतोत्सव, राहुकाल, दिशाशूल और आज शुभ चौघड़िये आदि की जानकारी देते हैं. तो ऐसे में आइए पंचांग से जानें आज का शुभ और अशुभ मुहूर्त और जानें कैसी रहेगी आज ग्रहों की चाल... 

शुभ मास- भाद्रपद मास कृष्ण पक्ष:-  
शुभ तिथि तृतीया जया संज्ञक तिथि रात्रि 12 बजकर 15 मिनट तक तत्पश्चात चतुर्थी रिक्ता संज्ञक तिथि आरम्भ. तृतीया तिथि मे सभी प्रकार के शुभ और मांगलिक कार्य, विवाह, प्रतिष्ठा, अन्नप्राशन, यज्ञोपवीत, उत्सव, यज्ञादि कार्य विशेष शुभ माने जाते हैं.  तृतीया तिथि मे जन्मे जातक प्रमादी, धनवान, बुद्धिवान, भाग्यवान, पराक्रमी होते हैं.

शुभ नक्षत्र शतभिषा नक्षत्र दोपहर 11 बजकर 18 मिनट तक तत्पश्चात पूर्वा भाद्रपद नक्षत रहेगा. शतभिषा नक्षत्र मे मुंडन, जनेऊ, देव प्रतिष्ठा, वास्तु, वाहन क्रय करना, विवाह ,व्यापर आरम्भ, बोरिंग, शिल्प , विद्या आरम्भ इत्यादि कार्य विशेष रूप से सिद्ध होते हैं.

चन्द्रमा - सम्पूर्ण दिन कुम्भ राशि में संचार करेगा

व्रतोत्सव -  सातुड़ी तीज, कजली तीज, चंद्रोदय समय -रात्रि 9-12 पर 

राहुकाल - दोपहर 1.30 बजे से 3 बजे तक                              

दिशाशूल - गुरुवार को दक्षिण दिशा मे दिशाशूल रहता है. यात्रा को सफल बनाने लिए घर से दही खा कर निकले.

आज के शुभ चौघड़िये - सूर्योदय से प्रातः 7.36 मिनट तक शुभ का, प्रातः 10.54 से दोपहर 3.50 मिनट तक चर, लाभ , अमृत का और सायं 5.29 से सूर्यास्त तक शुभ का चौघड़िया. 

सौजन्य - राज ज्योतिषी पंडित मुकेश शास्त्री 

CM का 151 कर्मचारी संगठनों से संवाद, कहा- कोरोना की जंग में कर्मचारियों का अहम योगदान

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जयपुर: प्रदेश में कोरोना की लड़ाई में राज्य सरकार के कर्मचारी भी कंधे से कंधा मिलाकर लड़ रहे हैं. सरकार के आह्वान पर कर्मचारियों ने हर संभव मदद की है और इसी कारण आज मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेशभर से जुड़े करीब 151 कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों से संवाद किया. मुख्यमंत्री आवास से हुई वीसी में गहलोत ने कहा कि कोविड-19 की विकट चुनौती से निपटने में सरकारी और गैर-सरकारी कार्मिकों का तन-मन-धन से जो सहयोग सरकार को मिला है उसी का परिणाम है कि राजस्थान कोरोना की जंग में देश में सबसे आगे खड़ा है. 

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बैठक में कई बड़े अधिकारी रहे मौजूद: 
मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक में चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा, मुख्य सचिव राजीव स्वरूप, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह रोहित कुमार सिंह, महानिदेशक पुलिस भूपेन्द्र यादव, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त निरंजन आर्य, अतिरिक्त मुख्य सचिव खान एवं पेट्रोलियम सुबोध अग्रवाल, प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अखिल अरोरा, प्रमुख शासन सचिव कार्मिक रोली सिंह, शासन सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति हेमन्त गेरा तथा सूचना एवं जनसम्पर्क आयुक्त महेन्द्र सोनी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे. 

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सभी अधिकारी और कर्मचारी समर्पण भाव से कार्य करें:
कर्मचारी नेताओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना से लड़ाई अभी लंबी चलेगी, लेकिन आर्थिक गतिविधियों को पटरी पर लाना जरूरी है. इसके लिए सभी अधिकारी और कर्मचारी समर्पण भाव से कार्य करें. करीब 6 माह से हमने जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, उद्यमियों, धर्मगुरूओं सहित समाज के सभी वर्गों से लगातार संवाद कर जो फैसले लिए उससे कोरोना से लड़ने में बड़ी सहायता मिली है। वीसी में चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि कार्यस्थलों पर कोरोना संक्रमण रोकना जरूरी है, वहीं मुख्य सचिव राजीव स्वरूप ने कहा कि कर्मचारी पूरे सुरक्षात्मक उपायों के साथ जिम्मेदारी निभाएं. सरकार कर्मचारियों की वाजिब समस्याओं को हल करेगी. इस बैठक में कर्मचारी नेता आयुदान कविया, गजेंद्र सिंह राठौड़, राजसिंह चौधरी, विजय सिंह धाकड़, मेघराज पंवार व कुलदीप यादव मौजूद थे. 

मैं आज अत्यन्त प्रसन्न हूं, हम राम मंदिर निर्माण के लिए प्रतिबद्ध थे - राज्यपाल कलराज मिश्र

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जयपुर: राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा है कि मैं आज अत्यन्त प्रसन्न हूं. हम मंदिर निर्माण के लिए प्रतिबद्ध थे. आज हमारी प्रतिबद्वता पूर्ण हो रही है. मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान श्री राम का भव्य मंदिर बने, ऐसी हमने कल्पना की थी. आज हमारी कल्पना साकार रूप ले रही है. हम सदैव यह चाहते थे कि मंदिर के निर्माण से भारत की दुनिया में प्रतिष्ठा ओर बढ़े. यह मंदिर सांस्कृतिक एकता, राष्ट्रीय एकता और वसुधैव कुटुम्बकम के प्रतीक के रूप में स्थापित होगा.

बसपा का कांग्रेस में विलय पर हाईकोर्ट का रोक लगाने से इनकार, विधानसभा अध्यक्ष से मांगा जवाब 

आज शाम परिजनों के साथ सुंदरकाण्ड का पाठ करेंगे: 
उन्होंने कहा कि न्यायालय के फैसले, आम सहमति और जनभावना के अनुरूप यह कार्य हो रहा है. मैं राम मंदिर आन्दोलन से जुडे़ करोड़ों संतो, सभी नागरिकों का अभिनन्दन करता हूं तथा प्रधानमंत्री जी को बधाई व धन्यवाद देता हूं. राज्यपाल कलराज मिश्र आज शाम राजभवन में अपने परिजनों के साथ सुंदरकाण्ड का पाठ करेंगे. राज्यपाल मिश्र राजभवन में शाम को 101 दीप प्रज्जवलित कर मर्यादा पुरूषोत्तम श्री राम से देश व प्रदेश की खुशहाली की कामना करेंगे.  

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बसपा का कांग्रेस में विलय पर हाईकोर्ट का रोक लगाने से इनकार, विधानसभा अध्यक्ष से मांगा जवाब

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जयपुर: बसपा के 6 विधायकों का कांग्रेस में विलय को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट ने फिलहाल रोक लगाने से इंकार करते हुए विधानसभा अध्यक्ष को नोटिस जारी किया है. भाजपा विधायक मदन दिलावर और बसपा ने अपील दायर कर विधायकों के कांग्रेस में विलय पर एक्स पार्टी रोक लगाने की मांग की थी. जिसे मुख्य न्यायाधीश इन्द्रजीत महांति और जस्टिस प्रकाश गुप्ता की खण्डपीठ ने इंकार करते हुए ये आदेश दिये है. साथ ही मामले में विधानसभा अध्यक्ष को नोटिस जारी करते हुए गुरूवार सुबह 10.30 बजे तक जवाब पेश करने के आदेश दिये है. 

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राजस्थान हाईकोर्ट में आज सुनवाई हुई: 
बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय के मामले में बसपा और मदन दिलावर की ओर से दायर अपील पर राजस्थान हाईकोर्ट में आज सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान बसपा की ओर से राष्ट्रीय महासचिव सतीश मिश्रा ने विलय को असंवैधानिक बताते हुए एक्स पार्टी स्टे देने की मांग की. बसपा के साथ साथ भाजपा विधायक मदन दिलावर की ओर से वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने कहा कि बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए 6 विधायक गहलोत कैम्प में बाड़ेबंदी में बंद हैं. ऐसे में उन्हें नोटिस तामील नहीं हो पा रहे हैं. ऐसे में मामले में सुनवाई नहीं हो सकती है. इस पर मुख्य न्यायाधीश इंद्रजीत माहन्ती की खण्डपीठ ने विधानसभा स्पीकर को नोटिस जारी करते हुए गुरुवार को सुबह 10.30 बजे तक जवाब पेश करने के आदेश दिये है. गुरूवार को सुबह फिर से हाईकोर्ट मामले पर सुनवाई करेगी.

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11 अगस्त तक उसका जवाब देने को कहा था:
गौरतलब है कि इस मामले में बसपा और दिलावर दोनों ने एकलपीठ के फैसले को चुनौती दे रखी है. पहले एकलपीठ ने इस मामले में सुनवाई के बाद 30 जुलाई को नोटिस जारी किए थे. लेकिन विलय के फैसले पर स्टे देने से इनकार कर दिया था. गौरतलब है कि इस मामले में बसपा और दिलावर दोनों ने एकलपीठ के फैसले को चुनौती दे रखी है. पहले एकलपीठ ने इस मामले में सुनवाई के बाद 30 जुलाई को नोटिस जारी किए थे. एकलपीठ ने विधानसभा अध्यक्ष, विधानसभा के सचिव और बसपा छोड़ने वाले छह विधायकों को नोटिस जारी कर 11 अगस्त तक उसका जवाब देने को कहा था. लेकिन कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को अंतरिम राहत देने और बसपा के छह विधायकों के कांग्रेस विधायक के तौर पर सदन की कार्यवाही में हिस्सा लेने से रोकने की दलील को स्वीकार नहीं किया.

बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय का मामला, हाई कोर्ट विधानसभा अध्यक्ष को नोटिस जारी कर कल सुबह 10.30 बजे तक मांगा जवाब

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जयपुर: राजस्थान में चल रहे सियासी संकट के बीच बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय मामले पर आज हाई कोर्ट में सुनवाई हुई. मदन दिलावर की ओर से हरीश साल्वे ने बहस की है. हरीश साल्वे लंदन से VC के जरिए जुड़े थे. हाई कोर्ट ने विधानसभा अध्यक्ष को नोटिस जारी कर कल सुबह 10.30 बजे तक जवाब मांगा है. ऐसे में अब इस मामले पर कल सुनवाई होगी. 

रैपिड टेस्ट के बाद अब सवालों के घेरे में एंटीजन टेस्ट! चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा ने फिर उठाए केन्द्र पर सवाल

बता दें कि बसपा के 6 विधायकों के कांग्रेस में विलय को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट की एकलपीठ के 30 जुलाई के आदेश को अब खण्डपीठ में चुनौती दी गयी थी. अपील पेश करने के साथ बसपा और भाजपा विधायक मदन दिलावर के अधिवक्ताओं की ओर से शीघ्र सुनवाई की अर्जी भी पेश की गयी. इसी के चलते हाईकोर्ट ने दोनों ही अपीलों पर शीघ्र सुनवाई की अर्जी मंजूर करते हुए बुधवार को सुनवाई के लिए रखा. मुख्य न्यायाधीश इन्द्रजीत महांति और जस्टिस प्रकाश गुप्ता की खण्डपीठ बुधवार को इन अपीलों पर सुनवाई हुई. 

विलय को लेकर कोई अंतरिम राहत नहीं: 
बहुजन समाज पार्टी और भाजपा विधायक मदन दिलावर की ओर से अपील पेश कर विलय को रद्द करने की भी गुहार लगायी गयी है. अपील में कहा गया है कि एकलपीठ ने उनकी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए विलय को लेकर कोई अंतरिम राहत नहीं दी है. विधानसभा अध्यक्ष सचिव और बसपा विधायकों को केवल नोटिस ही जारी किये गये है. जबकि वर्तमान हालात में बसपा के सभी 6 विधायक जैसलमेर की एक होटल में है और उन्हे नोटिस सर्व कराना आसान नहीं है. उनके परिजन भी नोटिस प्राप्त कर रहे हैं. गौरतलब है कि 30 जुलाई को जस्टिस महेन्द्र गोयल की एकलपीठ ने मदन दिलावर और बसपा की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए विधानसभा अध्यक्ष, सचिव और बसपा के 6 विधायकों को नोटिस जारी कर 11 अगस्त तक जवाब पेश करने के आदेश दिये है. लेकिन एकलपीठ ने बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय पर कोई अंतरिम राहत नहीं दी. 

क्या है मामला:
18 सितंबर 2019 को बसपा के 6 विधायकों के कांग्रेस में शामिल होने के आदेश जारी हुए थे. जिस पर आपत्ति दर्ज कराते हुए भाजपा विधायक मदन दिलावर ने 16 मार्च 2020 को विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष शिकायत दर्ज कराई. इस शिकायत में बसपा विधायको का कांग्रेस में विलय को अमान्य करार देते हुए रद्द करने की मांग कि गई. 4 माह तक जब शिकायत पर कोई कार्यवाही नहीं की गई तो 17 जुलाई केा पुन: विधानसभा अध्यक्ष को एक पत्र लिखकर कार्यवाही करने की मांग की. विधानसभा अध्यक्ष द्वारा इस पर भी कोई कार्यवाही नहीं करने पर राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका दायर कि गई. 

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बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय को अमान्य करार देने की मांग: 
याचिका की सुनवाई के दौरान विधानसभा अध्यक्ष की ओर से जानकारी दी गयी की 24 जुलाई को ही शिकायत खारिज कर दी गयी है. विधानसभा अध्यक्ष के जवाब के आधार पर याचिका को सारहीन मानते हुए हाईकोर्ट ने मदन दिलावर की याचिका को खारिज कर दिया. लेकिन साथ ही मदन दिलावर को मामले में नयी याचिका पेश करने की छूट दी. बाद में सशोधित याचिका पेश कर मदन दिलावर ने बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय को अमान्य करार देने की मांग की. बहुजन समाज पार्टी ने भी इसमें शामिल होते हुए अलग से याचिका दायर की. हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 30 जुलाई को दोनों याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए विधानसभा अध्यक्ष, सचिव और बसपा के 6 विधायकों को नोटिस जारी किये. लेकिन बसपा विधायकों के विलय को अमान्य घोषित करने के मामले में कोई अंतरिम राहत नहीं दी. 

रैपिड टेस्ट के बाद अब सवालों के घेरे में एंटीजन टेस्ट! चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा ने फिर उठाए केन्द्र पर सवाल

रैपिड टेस्ट के बाद अब सवालों के घेरे में एंटीजन टेस्ट! चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा ने फिर उठाए केन्द्र पर सवाल

जयपुर: देशभर में कोरोना स्क्रीनिंग के विवादित रैपिड टेस्ट के बाद अब एंटीजन टेस्ट सवालों के घेरे में है.राजस्थान के चिकित्सा विभाग ने केंद्र सरकार से अधिकृत एंटीजन किट के सैंपल टेस्ट कराया, जिसमें 50 फ़ीसदी से अधिक मरीजों के रिजल्ट डिफरेंट मिले है.सूबे के चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा ने खुद सैंपल टेस्ट का खुलासा करते हुए एंटीजन टेस्ट पर सवाल उठाए हैं. राजस्थान के चिकित्सा विभाग ने रेपिड किट के बाद अब केंद्र सरकार के अधिकृत एंटीजन टेस्ट को भी सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है.चिकित्सा विभाग ने कुछ समय पहले कोरोना से जुड़ी रेपिड टेस्टिंग किट पर सवाल उठाए थे और कहा था कि रैपिड टेस्टिंग किट पॉजिटिव मरीजों को भी नेगेटिव बता रहा है.इसके बाद हरकत में आए आईसीएमआर ने किट के उपयोग पर देशभर में पाबंदी लगाई. यह मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अब आईसीएमआर की ओर से एक कोरियन कंपनी द्वारा उपलब्ध कराई जा रही एंटीजन टेस्टिंग किट पर भी चिकित्सा विभाग ने सवाल उठाए हैं.

आईसीएमआर से इस एंटीजन किट की मांग की:
चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा ने बताया कि हमने आईसीएमआर से इस एंटीजन किट की मांग की लेकिन अभी तक राजस्थान को यह किट उपलब्ध नहीं हुए हैं.ऐसे में विभाग ने फोर्टिस अस्पताल से यह एंटीजन किट बतौर सैंपल टेस्ट के लिए ली.चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा की माने तो 100 पॉजिटिव मरीजों की जांच एंटीजन टेस्टिंग किट द्वारा की गई तो करीब 50% पॉजिटिव मरीजों को भी इस किट ने नेगेटिव बताया है.ऐसे में चिकित्सा विभाग ने कोरियन कंपनी द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे एंटीजन टेस्टिंग किट पर सवाल उठाए हैं हालांकि मंत्री ने कहा है कि करीब 100 मरीजों पर एक बार फिर से इस किट द्वारा टेस्टिंग की जाएगी और अगर इसके बाद भी नतीजे पहले जैसे रहते हैं तो आईसीएमआर को इसके बारे में अवगत कराया जाएगा. 

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एंटीजन टेस्ट के सैंपल रिजल्ट पर निराशा:
चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा ने एंटीजन टेस्ट के सैंपल रिजल्ट पर निराशा जाहिर करते हुए कहा कि कोरोना के माहौल में आईसीएमआर द्वारा किए जा रहे यह प्रयोग काफी खतरनाक साबित हो सकते हैं.चिकित्सा मंत्री ने कहा कि जब देश में प्रतिदिन 55 हजार से ज्यादा पॉजीटिव केसेज आ रहे हो, ऐसे में मरीजों पर प्रायोगिक परीक्षण करना उनका जीवन खतरे में डालने जैसा है. उन्होंने कहा कि विदेशी कंपनियों के कम विश्वसनीय टेस्ट को मंजूरी देकर केंद्र सरकार लोगों के जीवन को खतरे में डाल रही है. उन्होंने कहा कि इससे पूर्व भी आईसीएमआर द्वारा मान्यता प्राप्त रैपिड टेस्टिंग किट के नतीजों को लेकर राजस्थान सरकार ने सवाल उठाए थे और आईसीएमआर ने उन्हें सही मानकर देश भर में रैपिड टेस्टिंग किट के इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी.

चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा ने कोरोना के बढ़ते मामलों पर भी चिंता जताई
-चिकित्सा मंत्री ने कहा, अधिकांश केस वर्क प्लेसेज, इण्डस्ट्री, दुकानें, घरेलु नौकर,
-सामाजिक समारोह, पिंकनिक स्पॉट पर लापरवाही के चलते आ रहे है
-रोजाना 30 हजार टेस्ट होने से भी एकाएक बढ़े है कोरोना के केस
-ऐसे में लोगों की सावधानी काफी जरूरी हो गई है कोरोना रोकथाम के लिए 

अब तक 115 लोगों को प्लाज्मा थेरेपी:
डॉ.शर्मा ने बताया कि प्रदेश में अब तक 115 लोगों को प्लाज्मा थेरेपी दी जा चुकी है। इसका शत-प्रतिशत परिणाम रहा है. जयपुर, जोधपुर, कोटा के बाद उदयपुर और बीकानेर में भी प्लाज्मा थेरेपी के जरिए लोगों को जीवनदान दिया जा रहा है. अजमेर में  भी शीघ्र ही प्लाज्मा थेरेपी से इलाज मिलने लगेगा. उन्होंने बताया कि जयपुर के बाद हाल ही कोटा में भी प्लाज्मा बैंक की शुरुआत कर दी गई है. जल्द ही सभी पुरानी मेडिकल कॉलेजों में भी प्लाज्मा बैक खोले जाएंगे, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को राहत मिल सके. उन्होंने कोरोना को हरा चुके लोगों से प्लाज्मा दान देकर लोगों को नया जीवन देने की भी अपील की. 

रिकवरी रेशो को बढ़ाया जाए और मृत्युदर को कम किया जाए:
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश में 40 हजार की लागत के जीवनरक्षक इंजेक्शन (टोसिलीजूमेब व रेमडीसीविर) भी आमजन को मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल के जरिए निशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि अब तक 176 लोगों को ये इंजेक्शन दिए जा चुके हैं, जिनका परिणाम भी सुखद रहा है. उन्होंने कहा कि मरीजों के इलाज के लिए बजट की कोई कमी नहीं है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मंशा है कि प्रदेश के रिकवरी रेशो को बढ़ाया जाए और मृत्युदर को कम किया जाए. उन्होंने कहा कि प्रदेश में 1.57 फीसद मृत्युदर है. प्लाज्मा थेरेपी एवं जीवनरक्षक इंजेक्शन सहित समुचित उपचार के जरिए राज्य में मृत्यु दर को कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं.

मरीजों को होम क्वारंटीन करवाने के निर्देश:
डॉ. शर्मा ने कहा कि राज्य के सभी जिला कलेक्टर्स को ज्यादा कोरोना पॉजीटिव्स आने की स्थिति में स्थानीय लॉकडाउन और रात्रि कर्फ्यू लगाने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं. ज्यादा केसेज आने पर मरीजों को होम क्वारंटीन करवाने के निर्देश भी दिए हैं. उन्होंने कहा कि यदि लोग होम क्वारंटीन का उल्लंघन करते पाए जाएं तो उन्हें संस्थागत क्वारंटीन में रखा जा सकता है.ऐसे में उम्मीद यही है कि लोग भी कोरोना की गंभीरता को समझेंगे और गाइडलाइन की पालना करेंगे. 

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