मुंबई Tata Motors को इलेक्ट्रिक बस निविदा के अयोग्य ठहराना सही- बंबई हाई कोर्ट

Tata Motors को इलेक्ट्रिक बस निविदा के अयोग्य ठहराना सही- बंबई हाई कोर्ट

Tata Motors को इलेक्ट्रिक बस निविदा के अयोग्य ठहराना सही- बंबई हाई कोर्ट

मुंबई: बंबई हाई कोर्ट ने बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (बेस्ट) अंडरटेकिंग की इलेक्ट्रिक बस निविदा में टाटा मोटर्स को अयोग्य ठहराने के फैसले को सही ठहराया है.

बोली के अयोग्य घोषित कर दिया:
न्यायमूर्ति एस वी गंगापुरवाला और न्यायमूर्ति माधव जामदार की पीठ ने मंगलवार को अयोग्यता को चुनौती देने वाली टाटा मोटर्स की याचिका को खारिज कर दिया. पीठ ने कहा कि बेस्ट का टाटा मोटर्स को निविदा के अयोग्य ठहराने का फैसला सही था. मुंबई में बिजली आपूर्ति एवं बसों का परिचालन करने वाली कंपनी बेस्ट ने महानगर में 1,400 इलेक्ट्रिक बसों के परिचालन के लिए निविदा जारी की थी. इसमें टाटा मोटर्स ने भी बोली लगाई थी लेकिन बेस्ट ने तकनीकी व्यवहार्यता मूल्यांकन के बाद उसे बोली के अयोग्य घोषित कर दिया.

इस पर टाटा मोटर्स ने कहा था कि उसकी तकनीकी बोली को मनमाने ढंग से खारिज कर दिया गया ताकि बोली जीतने वाली कंपनी को फायदा पहुंचाया जा सके. बेस्ट प्रबंधन ने सुनवाई के दौरान इन आरोपों को नकारते हुए कहा कि उसने ठेका आवंटित करने में निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया था.

सिरे से निविदा जारी करने के बारे में सोचना चाहिए:
हाई कोर्ट ने बेस्ट के कदम को सही ठहराते हुए कहा कि याची को सही ही अयोग्य घोषित किया गया था. बेस्ट का निर्णय अंतिम एवं बाध्यकारी था. इसके साथ ही न्यायालय ने कहा कि अगर निविदा आवंटित करते समय किसी तरह की अनियमितता हुई है, तो बेस्ट को नए सिरे से निविदा जारी करने के बारे में सोचना चाहिए. सोर्स-भाषा

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