जयपुर VIDEO: लर्निंग लॉस को पूरा करेगा ब्रिज कोर्स, कोरोना काल में छूटी हुई पढ़ाई का निकलेगा हल, देखिए ये खास रिपोर्ट

VIDEO: लर्निंग लॉस को पूरा करेगा ब्रिज कोर्स, कोरोना काल में छूटी हुई पढ़ाई का निकलेगा हल, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: कोरोना काल में बच्चों की पढ़ाई सबसे अधिक प्रभावित हुई. कई बच्चे ऑनलाइन विकल्प नहीं होने के कारण पढाई तक से वंचित हो गए. राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद की ओर से हाल ही कराए गए सर्वे में सामने आई है. सर्वे में शामिल 42 हजार शिक्षकों ने माना है कि 60 फीसदी स्कूली बच्चों में लर्निंग लॉस हुआ है. शिक्षकों ने प्रतिक्रियाएं दी हैं कि पांचवी कक्षा में पढ़ने वाले छात्र का पढ़ाई का स्तर तीसरी कक्षा के बराबर है. अधिकांश बच्चों की भाषीय और गणितीय दक्षता कम हो गई है.हाल ही में सरकार और शिक्षा विभाग ने इस समस्या का हाल निकाला था राजस्थान के शिक्षा में बढ़ते कदम कार्यक्रम लॉन्च हुआ था, जिसमें स्कूली छात्रों को कोरोना काल में हुए पढ़ाई के नुकसान की भरपाई करने में मदद करेगा. चलिए जानते हैं ब्रिज कोर्स आखिर कैसे पढ़ाई के गैप को पूरा करने में मदद करेगा.

लर्निंग लॉस को पूरा करेगा ब्रिज कोर्स:
-राजस्थान में हुई सबसे पहले इस कोर्स की शुरुआत
-विद्यार्थियों के लिए रेमेडिएशन कार्यक्रम राजस्थान के शिक्षा में बढ़ते कदम शुरू
-ब्रिज कोर्स में विद्यार्थियों को दक्षता आधारित, आसान शिक्षण विधि से होगा अध्ययन
-बजट में 75 करोड़ के वित्तीय प्रावधान की भी की थी घोषणा
-नौनिहालों की पढ़ाई की क्षति की भरपाई के लिए वर्ष 2022-23 के बजट में
-75 करोड़ के वित्तीय प्रावधान से ब्रिज कार्यक्रम की थी घोषणा
-ब्रिज कोर्स में रटने की बजाए सीखने पर बल
-वर्ष में तीन बार होगा आंकलन

राजस्थान के शिक्षा में बढ़ते कदम कार्यक्रम के तहत ब्रिज कोर्स में रटने की बजाए सीखने पर बल दिया जाएगा.ब्रिज कोर्स में कक्षा एक से आठ के लिए प्रथम तीन माह में चार कालांश और शेष संपूर्ण सत्र में दो कालांश निर्धारित रहेंगे. योजनान्तर्गत 75 लाख से अधिक विद्यार्थियों के लिए दक्षता आधारित कार्य पुस्तिकाएं तैयार की जाएगी और साल में 3 बार दक्षता का आकलन किया जाएगा. इस कार्यक्रम के तहत नियमित शिक्षक-अभिभावक बैठकों के साथ विद्यार्थियों के दक्षता आधारित होलिस्टिक रिपोर्ट कार्ड बनाए जाएंगे.
 
ब्रिज कोर्स से निकलेगा छूटी हुई पढ़ाया का हल:
-कम समय में पूरा होने वाला कोर्स है. इसे फास्ट लर्निंग कोर्स भी कहते हैं.
-कक्षा एक से 8वीं तक के ब्रिज कोर्स का कोर्स RSCERT ने डिजाइन किया है.
-ब्रिज कोर्स में हिंदी, अंग्रेजी और गणित विषय पढ़ाया जाएगा
-टीचिंगऐड एप की सुविधा मिलेगी
-तीन माह का होगा ब्रिज कोर्स
-शिक्षकों की क्षमता संवर्द्धन के कार्यक्रम संचालित होंगे
-कक्षा तीन से आठ तक के सभी शिक्षकों के लिए टीचिंगऐड एप की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी

RSCERT ने ब्रिज कोर्स के लिए 18 वर्कबुक तैयार की हैं. इनमें पुरानी दो कक्षाओं की पाठ्यसामग्री शामिल की गई है. नए सत्र से स्कूलों में शुरुआती 3 माह तक ब्रिज कोर्स की पढ़ाई करवाई जाएगी. इसके बाद नई कक्षा की पढ़ाई होगी.सरकार द्वारा शिक्षा जारी रखने के लिए किए गए डिजिटल नवाचारों के बावजूद दूर-दराज के क्षेत्रों के बच्चे शिक्षा से जुड़ नहीं पा रहे थे. ब्रिज कोर्स का मुख्य उद्देश्य इन बच्चों का शैक्षणिक स्तर वर्तमान कक्षा के अनुरूप लाना है. इससे उन्हें भविष्य में तकलीफ नहीं आएगी.  

...फर्स्ट इंडिया के लिए डिंपल शर्मा की रिपोर्ट

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