VIDEO: डॉ. सुबोध अग्रवाल का शानदार काम, राजस्थान की प्र​गति में निभा रहे अहम भूमिका, देखिए ये खास रिपोर्ट

VIDEO: डॉ. सुबोध अग्रवाल का शानदार काम, राजस्थान की प्र​गति में निभा रहे अहम भूमिका, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: खान एवं पेट्रोलियम विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ सुबोध अग्रवाल की प्रशासनिक दक्षता और बेहतर प्रबंधन क्षमता कि इन दिनों प्रशासनिक हलकों में काफी चर्चा है. खान, पेट्रोलियम, गैस और अक्षय ऊर्जा... सभी क्षेत्रों में डॉ अग्रवाल ने कम समय में शानदार सफलता दिलवाई है. यही नहीं कोरोना संकट के दौर में विदेश से ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मंगवाने में उनके ग्लोबल रिलेशन्स काफी काम आए....

अभी तक मुख्यमंत्री गहलोत ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ सुबोध अग्रवाल पर जो विश्वास दिखाया डॉ सुबोध अग्रवाल ने भी सीएम के विश्वास पर खरा उतरने में कोई कसर नहीं छोड़ी. बजरी खनन की लीज जारी करना हो या एमनेस्टी योजना का सफल क्रियान्वयन या फिर कोरोना संकट के दौर में रूस और चीन से ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मंगवा कर प्राण वायु के लिए तड़प रहे लोगों को नया जीवन देना. और तो और पीएम कुसुम कॉम्पोनेन्ट-ए योजना के अन्तर्गत प्रदेश के दूसरे सौर ऊर्जा संयंत्र की चुरू में स्थापना या फिर बंसी पहाड़पुर रेड सेंडस्टोन की केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय से डायवर्जन की अनुमति दिलवाने का प्रकरण. सभी मे डॉ अग्रवाल ने अपने प्रशासनिक कौशल और ग्लोबल रिलेशन्स से नए आयाम स्थापित किए हैं. 

डॉ अग्रवाल के कुछ अचीवमेंट्स से कराते हैं रूबरू:

1.पहला मौका है जब विभागीय एमनेस्टी योजना में वसूली व माफी राशि मिलाकर 144 करोड़ 16 लाख 02 हजार रुपए के 2052 प्रकरणों का निस्तारण किया गया है. योजनावद्व व प्रयासों का ही परिणाम है कि आशा से अधिक बेहतर परिणाम प्राप्त हुए है.

2.डॉ अग्रवाल के निरिगत फैसलों के नतीजा है कि हाइड्रोकार्बन खोज के लिए खातेदारी भूमि 15 वर्षों के लिए सबलेट कर सकेंगे खातेदार, पेट्रोलियम उत्पादों के खोज व उत्पादन में इससे तेजी आएगी और राजस्व भी बढ़ेगा. कच्चे खनिज तेल उत्पादन में राजस्थान देश में दूसरे स्थान पर आ जायेगा.

3.विदेशों से ऑक्सीजन कन्सेन्ट्रेटर मंगवाने में डॉ अग्रवाल ने महति भूमिका निभाई. अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम डाॅ. सुबोध अग्रवाल की अध्यक्षता में डा. प्रीतम वी. यशवंत और टीना ढ़ाबी का उच्च स्तरीय कोर ग्रुप का गठन किया गया था. रुस में भारत के एंबेसेडर डीबी वेंकटेश वर्मा और फर्स्ट सेकेट्री ट्रेड असीम वोहरा के सहयोग व समन्वय से रुस से 1250 ऑक्सीजन कन्सेन्ट्रेटर तत्काल मंगवाए. इसके बाद रूस और चीन से कंसंट्रेटेड की पूरी खेप मंगाई गई जिससे हजारों जिंदगी बच सकी.

4.राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम द्वारा क्रियान्वित पीएम कुसुम कम्पोनेन्ट-ए योजना के अंतर्गत राजस्थान के दूसरे सौर ऊर्जा संयंत्र से चूरू जिले की सरदारशहर तहसील के घडसीसर गांव में 03 जून को ऊर्जा उत्पादन प्रारम्भ हो गया. राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ सुबोध अग्रवाल ने योजना का सफल क्रियान्वयन कराया. इस प्रोजेक्ट से अनुमानित 35 लाख युनिट विद्युत का उत्पादन प्रतिवर्ष होगा. इस योजना के प्रथम चरण मे कुल 722 मेगावाट क्षमता की परियोजनाएं स्थापित करने के लिए 623 सौर ऊर्जा उत्पादकों का चयन किया गया हैं. 

5.अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम डा. सुबोध अग्रवाल के प्रयास सफल रहे. भारत सरकार की स्वीकृति के साथ ही बंशी पहाड़पुर में खनन ब्लाक तैयार कर इनके आक्शन की राह प्रशस्त हो गई है. उन्होंने बताया कि इससे क्षेत्र में वैद्य खनन हो सकेगा वहीं राम मंदिर के लिए सेंड स्टोन वैद्य तरीके से खनन के माध्यम से उपलब्ध हो सकेगा. एक मोटे अनुमान के अनुसार इस क्षेत्र में करीब 70 ब्लाक विकसित होने की संभावना है. बंशी पहाड़पुर में ई-आक्शन से खनन पट्टे जारी होने पर राज्य सरकार को करीब 500 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त होने की संभावना है.

6.साढ़े 3 साल से कानूनी परिजनों में उलझ कर बंद पड़ा बजरी खनन डॉ अग्रवाल के प्रयास से एक बार फिर शुरू हो गया है. खान विभाग ने जालौर जिले में दो एवं भीलवाड़ा जिले में एक बजरी खनन के कुल तीन खनन पट्टे जारी किए हैं. इस कड़ी में पिछले दिनों राज्य में बजरी की वैकल्पिक व्यवस्था के रुप में एमसेंड पॉलिसी भी जारी की गई है. डॉ अग्रवाल के प्रयासों का ही परिणाम है कि बजरी खनन के इन तीन पट्टों से ही प्रदेश की कुल बजारी मांग की करीब 10 प्रतिशत मांग पूरी हो सकेगी. 

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