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Budget 2020: गहलोत सरकार के बजट पर टिकी प्रदेशवासियों की निगाहें, सभी वर्गों की उम्मीदें परवान पर

Budget 2020: गहलोत सरकार के बजट पर टिकी प्रदेशवासियों की निगाहें, सभी वर्गों की उम्मीदें परवान पर

जयपुर: वित्त विभाग के अधिकारियों के साथ सीएम गहलोत द्वारा बजट को अंतिम रूप देने पर अब काउंटडाउन शुरू हो गया है. केन्द्रीय बजट के बाद अब प्रदेशवासियों की निगाहें राज्य के बजट पर टिकी हैं. सीएम गहलोत कल सुबह 11 बजे बजट पेश करेंगे. राज्य बजट को लेकर प्रदेश के सभी वर्ग को गहलोत सरकार से काफी उम्मीदें हैं. वहीं सीएम गहलोत ने भी बजट को लोकर पूरी तैयारियां कर ली है जिससे की लोगों को निराशा हाथ नहीं लगे. लोग चुनाव के समय की गई घोषणाओं में से बची हुई घोषणाओं के लिए भी अच्छा होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं.

VIDEO: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बजट को दिया अंतिम रूप, वित्त विभाग अधिकारियों के साथ किया फाइनल

प्रदेश सरकार की ओर से गुड गवर्नेंस पर फोकस रहेगा:
गहलोत सरकार ने भी बजट पर होमवर्क पूरा कर लिया है. बजट से पहले सरकार, औद्योगिक संस्थाओं, एनजीओ, युवाओं, महिलाओं, और आम जनता से अहम सुझाव लिए गए हैं. प्रदेश सरकार की ओर से गुड गवर्नेंस पर फोकस रहेगा. बजट का किसान, स्वास्थ्य, शिक्षा और उद्योग हितैषी रहने की संभावना लगाई जा रही है. गहलोत सरकार का ध्यान मुख्य रूप से रोजगार पर भी रहने का अनुमान लगाया जा रहा है. वहीं राज्य के बजट से केंद्र की योजनाओं को भी गति मिलेगी. जीएसटी के सरलीकरण में भी सरकार कुछ अहम बदलाव कर सकती है.  

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जल संरक्षण के प्रावधानों को भी वरीयता दी जाएगी:
वहीं बजट में शिक्षा नीति को लेकर भी बड़ी घोषणा हो सकती है. इसके साथ ही ग्रामीण आधारभूत ढांचे की संरचना का दायरा भी बढ़ाया जा सकता है. मिलावट खोरी को रोकने के लिए भी कड़े नियम बनाए जा सकते हैं. जल संरक्षण के प्रावधानों को भी वरीयता दी जाएगी. पर्यटन और होटल व्यवसाय को गति दी जाएगी. इसके साथ ही मनरेगा को उद्योगों से जोड़ने की भी घोषणा की जा सकती है.

स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में को मिलेगी गति:
बजट में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में शामिल जयपुर, उदयपुर, कोटा व अजमेर के काम को गति मिल सकती है. पश्चिमी राजस्थान के पेयजल संकट से जूझ रहे जिलों के लोगों को इस बजट से जरूर राहत मिलेगी. जल जीवन मिशन योजना का भी राज्य के कई बड़े शहरों को लाभ मिलेगा. इसमें 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहर शामिल होंगे. 

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कितनी उम्मीदें होंगी पूरी:
प्रदेश के युवा, बुजुर्ग, महिलाएं, नौकरीपेशा, किसान और व्यापारी सभी को उम्मीदें परवान पर हैं. यह अलग बात है कि इनमें से कितनों की उम्मीदें पूरी होती हैं और कितनों की धराशायी. इसका खुलासा तो गुरुवार को बजट का पिटारा खुलने पर ही हो पाएगा. 

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जयपुर: राजस्थान में सियासी सं​कट के बीच मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने गुरुवार दोपहर को प्रेस कॉन्फ्रेंस की. जिसमें खाचरियावास ने एक बार फिर से ​बीजेपी निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि राजस्थान के वोट से चुनी हुई सरकार है. कांग्रेस के निशान पर जीते लोग भाजपा के साथ मिलकर शपथ लेना चाहते है. बागी विधायक जयपुर में रहकर अपनी बात उठाते. AICC में जाकर अपनी बात कहते. वोटों के दम पर चुनी सरकार को नोटों के दम पर गिराना चाहते है. 

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विधानसभा नियम कायदे से चलती है:
मध्य प्रदेश जैसा एक्ट राजस्थान में करने की कोशिश की. अब नम्बर गेम कम है तो प्लानिंग दूसरी की जा रही है. मंत्री प्रताप सिंह ने कहा कि विधानसभा स्पीकर को सब अधिकार है. विधानसभा नियम कायदे से चलती है. पायलट ग्रुप द्वारा कोर्ट में जाने पर की बात पर उन्होंने कहा कि डर पैदा होने पर अब बागी कदम उठा रहे है. पार्टी का व्हिप मानना पड़ेगा. सरकार गिराने की कोशिश में विपक्ष जुटा है. हमारे बागियों के प्रति अचानक प्रेम जाग गया. 

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भोपाल: अतिक्रमण हटाने गई पुलिस ने मध्य प्रदेश के गुना में मंगलवार को किसान दंपति की लाठियों से पिटाई कर दी. इसके बाद दंपति ने कीटनाशक पीकर आत्महत्या करने का प्रयास किया. इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुना जिले के कलेक्टर और एसपी को तुरंत हटाने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं. 

घटना का वीडियो देखकर व्यथित हूं:
वहीं सूबे के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने घटना का वीडियो जारी करते हुए कहा कि गुना के कैंट थाना क्षेत्र की घटना का वीडियो देखकर व्यथित हूं. इस तरह की दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं से बचा जाना चाहिए. मुख्यमंत्री ने तत्काल अधिकारियों को उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं. भोपाल से जांच दल मौके पर जाकर पूरी घटना की जांच करेगा. इसके बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर कार्रवाई करेंगे. 

कमलनाथ ने शिवराज सरकार को घेरा: 
दूसरी ओर इस घटना पर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शिवराज सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि शिवराज सरकार प्रदेश को कहां ले जा रही है? ये कैसा जंगल राज है? गुना में कैंट थाना क्षेत्र में एक दलित किसान दंपत्ति पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों द्वारा इस तरह बर्बरता पूर्ण लाठीचार्ज. 

उन्होंने कहा कि यदि पीड़ित युवक का जमीन संबंधी कोई शासकीय विवाद है, तो भी उसे कानूनन हल किया जा सकता है, लेकिन इस तरह कानून हाथ में लेकर उसकी, उसकी पत्नी की, परिजनों की और मासूम बच्चों तक की इतनी बेरहमी से पिटाई, यह कहां का न्याय है? क्या यह सब इसलिए कि वो एक दलित परिवार से है, गरीब किसान है?

कमलनाथ ने सवाल करते हुए कहा कि क्या ऐसी हिम्मत इन क्षेत्रों में तथाकथित जनसेवकों व रसूख़दारों द्वारा क़ब्ज़ा की गयी हज़ारों एकड़ शासकीय भूमि को छुड़ाने के लिये भी शिवराज सरकार दिखायेगी ? ऐसी घटना बर्दाश्त नहीं की जा सकती है.  इसके दोषियों पर तत्काल कड़ी कार्यवाही हो, अन्यथा कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी. 

यह है मामला: 
गुना में मॉडल कॉलेज के निर्माण के लिए शासकीय कॉलेज प्रबंधन को जगनपुर चक क्षेत्र में 20 बीघा जमीन आवंटित की गई थी. इस जमीन पर लंबे समय से गब्बू पारदी नाम के व्यक्ति का कब्जा था. कुछ समय पहले राजस्व और पुलिस की टीम ने मिलकर अतिक्रमण हटवा दिया था. हालांकि विभाग की लापरवाही के चलते जमीन पर निर्माण नहीं हो सका. इसकी वजह से अतिक्रमणकारियों ने दोबारा जमीन को घेरना शुरू दिया था. 


 

Rajasthan Political Crisis: बीजेपी को सचिन पायलट के खुले तौर पर फैसला लेने का इंतजार, बनाई रणनीति

जयपुर: वर्तमान के तमाम राजनीतिक घटनाक्रम में भारतीय जनता पार्टी को इंतजार है कि सचिन पायलट खुले तौर पर क्या फैसला लेते हैं. उसके बाद भारतीय जनता पार्टी अपना मंतव्य साफ करेंगी. पायलट कैंप के 19 विधायकों को नोटिस दिए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने अपनी नई रणनीति बनाई है. 

ट्विटर्स पर हैकर्स का सबसे बड़ा हमला, ओबामा, बिल गेट्स, जेफ बेजोस समेत कई बड़ी हस्तियों अकाउंट हुआ हैक 

हाउस के बाहर व्हीप लागू नहीं होती:
सचिन पायलट ने खुले तौर पर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने पर इंकार कर दिया है. लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने सचिन पायलट कैंप के 19 विधायकों को नोटिस दिए जाने के मामले पर कांग्रेस को फिर से आड़े हाथ लिया है. भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओम प्रकाश माथुर का कहना है कि विधानसभा के अंदर ही व्हीप लागू होती है. हाउस के बाहर व्हीप लागू नहीं होती. सीपी जोशी समझदार है, उन्हें पता होना चाहिए कि संसदीय परंपराओं का उन लोगों ने अपमान किया है. फर्स्ट इंडिया न्यूज़ से खास बातचीत के दौरान ओम प्रकाश माथुर ने कहा कि कोई भी विधायक दल की बैठक करें. उसमें कोई आए या ना आए. उस आधार पर नोटिस देना नियम प्रक्रियाओं में नहीं आता है. व्हीप का फैसला तब होता जब हाउस चल रहा हो. माथुर ने दलील दी कि बहुत से लोग उस बैठक में नहीं गए, उन्हें नोटिस नहीं दिया लेकिन 19 विधायकों को ही नोटिस दिया गया.

कांग्रेस को डर है कि कहीं फ्लोर टेस्ट में फेल ना हो जाए:
सचिन को मनाने की कोशिश की जा रही थी. जब सचिन इतना खुलकर बाहर आ चुके तो इतना मनाने की जरूरत क्या है? कांग्रेस को डर है कि कहीं फ्लोर टेस्ट में फेल ना हो जाए. सचिन ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी से भी मिलने की कोशिश की थी. नहीं मिल पाए तब जाकर यह नौबत आई. जिन विधायकों को नोटिस दिया गया है, उन्हें कानूनी सलाह लेनी चाहिए. माथुर ने सचिन के बीजेपी में शामिल होने के सवाल पर घुमा फिरा कर जवाब देते हुए कहा कि परेशानी है तो वह यहां आ सकते हैं. उनके घर का कलह है एक बड़ा वर्ग आना चाहता है. निर्णय सचिन को करना है. पहले वह निर्णय करें. कांग्रेस अपने घर को नहीं संभाल पाई. अब उन्हें मनाने का प्रयत्न कर रही है. 

यह सरकार ज्यादा नहीं चलने वाली:
वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने नोटिस के मामले पर कहा कि प्रतिपक्ष के नाते हमारी भूमिका क्या हो, इस विषय पर हम लोग चर्चा कर रहे हैं. आज नहीं तो कल रूबरू होना है. लेकिन यह सरकार ज्यादा नहीं चलने वाली. कांग्रेस की पहली नैतिक हार है और तोहमत हम पर लगाई जा रही है. वर्तमान मौजूदा सरकार अल्पमत में है. बहुमत खो चुकी है. 107 में से 20 या 22 लोग सचिन के पास है. निर्दलीय बीटीपी और अन्य 13 में से तीन वापस चले गए. सौ का आंकड़ा भी इन लोगों के पास नहीं है. बीटीपी के विधायको के पीछे पुलिस पड़ी हुई है. नोटिस बेहद हास्यास्पद है. हमारा नोटिस से संबंध नहीं लेकिन लड़ाई लंबी चलेगी. एसओजी का भी काफी दिखाकर विधानसभा नोटिस देकर डरा रहे हैं. इन्हें डिश क्वालीफाई करने की प्लानिंग है. आगे कानूनी व संविधानिक रास्ते खुले हुए हैं. नियमानुसार नोटिस नहीं दिए गए. इस मामले में कानूनी विशेषज्ञों की राय ली गई है. नियमों का अध्ययन करवाया गया है. फ्लोर टेस्ट की मांग को लेकर पूनिया ने कहा कि फिलहाल ऐसी कोई मांग नहीं है. 

विधान सभा सचिवालय का नोटिस भेजने का कोई क्षेत्राधिकार बनता ही नहीं: 
नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया की दलील है कि विधान सभा सचिवालय का नोटिस भेजने का कोई क्षेत्राधिकार बनता ही नहीं है. पार्टी में बैठक में कौन आया कौन नहीं आया विधान सभा सचिवालय का यह क्षेत्र अधिकार नहीं है. व्हीप की श्रेणी में यह पूरा मामला आएगा ही नहीं. उन्होंने कहा कि जिस किसी राज्य में ऐसे नोटिस का प्रयोग किया गया वह कोर्ट में जाकर स्ट्रक डाउन हुआ. विधानसभा का तब अधिकार बनेगा जब विधानसभा चल रही हो. 

बीजेपी देख रही है सारे दृश्य को:
सचिन पायलट के बीजेपी ज्वाइन करने के सवाल पर कटारिया ने कहा कि हमने नहीं कहा था कि आप बीजेपी ज्वाइन करो. इनका आपस में जो चल रहा है उसमें वर्टिकल डिवीजन हो चुका है. हम बात कर रहे हैं कि आज की सरकार को बहुमत है या नहीं बीजेपी का काम इतना ही है कि बीजेपी देख रही है सारे दृश्य को. इस दौरान कटारिया ने कहा कि जैसे ही सचिन पायलट की कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी कोई रिएक्शन आएगा तब हम मिलकर बैठकर बात करेंगे और वसुंधरा राजे भी बैठक में शामिल होंगी. फिलहाल नेता प्रतिपक्ष की तरफ से विधायक दल के सभी विधायकों को अलर्ट रहने के लिए सूचना भी भेज दी गई है जरूरत पड़ेगी तो उन्हें बुलाया जाएगा. 

राजस्थान विधानसभा की गरिमा को ठेस लगी:  
वहीं दूसरी तरफ उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि विधान सभा के सचिवालय ने जो भी नोटिस जारी किए हैं. वह संवैधानिक रूप से ना केवल अवैधानिक है बल्कि कानूनी प्रक्रिया को भी धता बताया गया है और यह नोटिस जारी कर दिए हैं. संसदीय प्रक्रियाओं में इस प्रकार के नोटिस उस कृत्य के लिए जारी करना जो सदन के अंदर हुआ ही नहीं यह इतिहास में पहली बार हुआ है. राजस्थान विधानसभा की गरिमा को ठेस लगी है ऐसे लगता है कि विधानसभा का सचिवालय सरकार की कठपुतली बन गया है. जबकि विधानसभा का सचिवालय हमेशा निर्विवाद और निष्पक्ष रहता आया है. यह घटना संसदीय कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लगाती है. दूसरी तरफ मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयानों पर पलटवार करते हुए कहा कि अशोक गहलोत के तमाम बयान गुंडों से भरे हैं और अपनी पार्टी का गठन देखकर बहादुरी दिखाई जा रही है. 

जनता सरकार की विदाई के दिन गिन रही: 
केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि सचिन पायलट को अभी उप मुख्यमंत्री और पीसीसी चीफ के पद से हटाया गया है. लेकिन अभी तो उन्हें कांग्रेस से बाहर करने तक लड़ाई लड़ी जा रही है, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का ताजा बयान उसका स्पष्ट संकेत है. केंद्रीय मंत्री ने गहलोत सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि जनता सरकार की विदाई के दिन गिन रही है वो दिन कितने होंगे, ये तो आना वाला समय ही बताएगा. सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के सवाल पर शेखावत ने कहा कि समय आने दीजिए, वो भी हो जाएगा. इसमें किसी को कोई अंदेशा नहीं होना चाहिए. लेकिन, प्रदेश में लोकतंत्र की हत्या के प्रयास हो रहे हैं. एक-एक आवाज को न मानने और विरोध की कीमत चुकानी पड़ रही है. वो हम सब देख रहे हैं. सचिन ने भी कहा है कि मेरा विरोध किसी व्यक्ति से नहीं है, मेरा आग्रह सिर्फ इतना है कि जनता से जो हमने वादे किए थे, वो पूरे होने चाहिए. अब उन वादों को याद दिलाने की सजा अगर ऐसी होती है तो विश्वास जनता का भी टूटा है, उनके अंदर के साथियों का भी टूटेगा. कुछ लोग शायद अंदर उस बाड़े में डरे हुए हो सकते हैं, क्योंकि ये विकास की नहीं, बाड़ेबंदी की सरकार है. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि डंडे के जोर से विधायकों को बांधकर रखा गया है. मुझे आश्चर्य हो रहा है कि इस 21वीं शताब्दी में विधायकों को जबर्दस्ती अगवा करके पुलिस के माध्यम से कैंप में डाला जा रहा है. इससे शर्मनाक शायद कुछ हो नहीं सकता है.

सबूतों को क्यों छिपाकर रखा गया:
मुख्यमंत्री के ताजा बयान पर कहा कि मैं पूछना चाहता हूं कि क्या ये जानकारी का सूर्य आज ही उदय हुआ या ये सबूत जिनकी चर्चा की जा रही है, ये आज ही बाहर आए हैं. इतने दिन तक उन सबूतों को क्यों छिपाकर रखा गया. कौन-कौन और लोग इसमें लिप्त हैं. किन-किन लोगों के माध्यम से ये किया गया. इस सब की जानकारी आपको पहले से थी तो आपने पहले खुलासा क्यों नहीं किया. ये किसके साथ शेयर किया था, आपको अपना स्टैंड स्पष्ट करना चाहिए. 

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19 विधायक उच्चतम न्यायालय की शरण में जा सकते हैं:
कुल मिलाकर एक बात लगभग तय मानी जा रही है कि आगामी दिनों में यह 19 विधायक उच्चतम न्यायालय की शरण में जा सकते हैं ऐसे में भारतीय जनता पार्टी भले ही खुलेआम स्वीकार नहीं करें लेकिन विधायकों को मोरल सपोर्ट अवश्य देगी. 

...फर्स्ट इंडिया के लिए ऐश्वर्य प्रधान की रिपोर्ट

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जयपुर: राजस्थान में सियासी संकट के बीच कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने मंगलवार को प्रेसवार्ता की. रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि भाजपा का षड्यंत्र औंधे मुंह गिर गया. भाजपा की साजिश फेल हो गई है. भाजपा के सतीश पूनियां की पीसी से साबित हुआ है. साथ ही उन्होंने कहा कि सचिन पायलट और उनके समर्थक विधायकों को AICC ने आने का आग्रह किया. कई बार आग्रह किया. इससे पहले दो विधायक दल की बैठक में हमारे साथियों को बुलाया गया.पार्टी फॉर्म में बात रखने की अपील की थी.

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सोनिया गांधी-राहुल गांधी ने उदार दिल से कहा:
कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि सोनिया गांधी-राहुल गांधी ने उदार दिल से कहा कि घर का व्यक्ति घर में आ जाये तो अच्छा है. अगर कांग्रेस से निष्ठा और प्यार है. तब आप कहिये कि कांग्रेस में संपूर्ण निष्ठा है. भारी दिल से कल कार्रवाई की घोषणा करनी पड़ी.रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि सचिन पायलट जी ने मीडिया से कहा कि वे भाजपा में नहीं जाना चाहते है. अगर वे भाजपा में शामिल नहीं होना चाहते है तो पायलटजी और साथी विधायकों से हमारी है अपील है कि वे जयपुर लौट आएं.

बीजेपी में नहीं होना चाहते शामिल, तो जयपुर लौट आएं:
साथ ही उन्होंने कहा कि अगर भाजपा में नहीं जाना चाहते है, तो हरियाणा सरकार की मेजबानी फौरन अस्वीकार कीजिये. पायलट का बयान आज हमने मीडिया के माध्यम से देखा है. उन्होंने कहा है कि वे BJP में नहीं जाना चाहते है. अगर ऐसा है तो वे खट्टर की मेजबानी अस्वीकार करें. भाजपा के नेता से वार्तालाप और चर्चा बन्द कर दीजिए. दो होटल भाजपा का अड्डा बन गए है, उन सबको हरियाणा पुलिस चंगुल से मुक्त कराए. भाजपा नेता से चर्चा बंद कर दीजिये. परिवार के सदस्य की तरह जयपुर लौट आइए. परिवार से भटका वापस आता है, तो उन्हें गुरेज नहीं करना चाहिए. यही पार्टी के प्रति सच्ची निष्ठा है.

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पीसीसी चीफ बनाए जाने पर बोले डोटासरा, पार्टी ने जो मुझे इज्जत बख्शी है,मैं बहुत आभार व्यक्त करता हूं

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जयपुर: नवनियुक्त प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी का आभार जताया है. डोटासरा ने कहा कि पार्टी ने जो मुझे इज्जत बख्शी है,मैं बहुत आभार व्यक्त करता हूं. प्रदेश कांग्रेस संगठन को मजबूत बनाने की लिए हमेशा तत्पर प्रयास करूंगा. कांग्रेस संगठन के कार्यकर्ताओं ने राजस्थान में कांग्रेस सरकार बनाने में मेहनत की. उनकी भावनाओं के अनुरूप काम करूंगा. साल 2023 में कांग्रेस के को सत्ता में लाने के लिए अभी से रणनीति बनाएंगे.

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3 मंत्रियों को पद से हटाया:
इससे पहले राजस्थान में चल रहे सियासी घटनाक्रम के चलते कांग्रेस विधायक दल की बैठक के बाद केसी वेणुगोपाल, अविनाश पांडे, रणदीप सुरजेवाला और अजय माकन ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने तीन मंत्रियों को बर्खास्त किया है. इसमे सचिन पायलट, विश्वेंद्र सिंह और रमेश मीणा शामिल है. 

पायलट को पीसीसी चीफ से भी हटाया:
वहीं सचिन पायलट को पीसीस चीफ पदे से भी हटाया गया है. उनके स्थान पर  गोविंद सिंह डोटासरा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बने हैं. वहीं मुकेश भाकर को यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष पद से बर्खास्त कर उनके स्थान पर गणेश घूघरा को यूथ कांग्रेस अध्यक्ष बनाया गया है. वहीं हेमसिंह शेखावत सेवादल प्रदेशाध्यक्ष होंगे. 

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जयपुर: कांग्रेस सेवादल के नए अध्यक्ष हेम सिंह शेखावत राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंचे. जहां पर उन्होंने पूर्व PM राजीव गांधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी. हेम सिंह ने कहा कि मैं कांग्रेस का निष्ठावान कार्यकर्ता हूं. सोनिया गांधी जी ने मुझ पर भरोसा किया है. उनका मैं आभार व्यक्त करता हूं. मैं आज से संगठन में कार्य काम करना शुरू कर रहा हूं. कांग्रेस ने हमेशा जनहित के लिए काम किया है. सेवादल के सभी कार्यकर्ता निष्ठावान हैं. हम बहुत अच्छा काम करेंगे, संगठन को और मजबूत बनाएंगे.

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तीन मंत्रियों को किया बर्खास्त:
इससे पहले राजस्थान में चल रहे सियासी घटनाक्रम के चलते कांग्रेस विधायक दल की बैठक के बाद केसी वेणुगोपाल, अविनाश पांडे, रणदीप सुरजेवाला और अजय माकन ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने तीन मंत्रियों को बर्खास्त किया है. इसमे सचिन पायलट, विश्वेंद्र सिंह और रमेश मीणा शामिल है.

पीसीसी चीफ के पद से हटाए गए पायलट:
वहीं सचिन पायलट को पीसीस चीफ पदे से भी हटाया गया है. उनके स्थान पर  गोविंद सिंह डोटासरा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बने हैं. वहीं मुकेश भाकर को यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष पद से बर्खास्त कर उनके स्थान पर गणेश घूघरा को यूथ कांग्रेस अध्यक्ष बनाया गया है. वहीं हेमसिंह शेखावत सेवादल प्रदेशाध्यक्ष होंगे. 

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गुलाबचंद कटारिया बोले, गहलोत सरकार अल्पमत में आ गई है, बहुमत साबित करना चाहिए

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जयपुर: राजस्थान में कांग्रेसी सियासी घमासान के बीच नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि कांग्रेस अपने ही झगड़ों से समाप्ति की ओर जा रही है. उन्होंने कहा कि गहलोत सरकार अल्पमत में आ गई है. अभी यह तय नहीं है कि बहुमत है या नहीं. मंत्री पद बांट कर बहुमत साबित करने का प्रयास करेंगे. इन्हें फ्लोर पर बहुमत साबित करना चाहिए. मंत्री पद बांटने का अधिकार अल्पमत की सरकार को नहीं है. गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि हमने इस पूरे मामले पर वसुंधरा राजे से बात की है. वे कल जयपुर आएंगी. उसके बाद आगामी रणनीति पर चर्चा होगी. राजे कल होने वाली बैठक में शामिल होंगी.

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अभी वेट एंड वॉच की स्थिति में भाजपा:
इससे पहले नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने फर्स्ट इंडिया से बातचीत में कहा था कि हम अभी फ्लोर टेस्ट की मांग नहीं कर रहे है, हम अभी बस पूरे मामले पर वॉच कर रहे है.पहले यह तो देख लो कि किस गुट के पास कितने विधायक है. विधायकों की संख्या क्लियर होने के बाद ही बीजेपी अगला स्टेप उठाएगी. तब तक वेट एंड वॉच की स्थिति में भाजपा है. वहीं अविश्वास प्रस्ताव को लेकर गुलाबचंद कटारिया बोले, अविश्वास प्रस्ताव के नियमों को देखते हुए ही बीजेपी आगामी रणनीति बना रही है.

कांग्रेस की विदाई का आ गया समय:
बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने प्रेसवार्ता में कहा कि कांग्रेस की विदाई का समय आ गया है. कांग्रेस आज देश में अप्रासंगिक हो गई है. राजस्थान बड़ा प्रदेश था. पीसीसी चीफ होने के कारण सचिन पायलट का हक था. वरिष्ठ नेताओं की उपेक्षा हुई. युवा नेताओं को दरकिनार किया गया है, जो देश में सत्ता में आना चाहते थे. वो प्रदेश में अपनी सरकार नहीं संभाल पाए. परिस्थिति को देखते हुए आगामी रणनीति बनाई जाएगी.

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Rajasthan Political Crisis: बागियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव पारित, कांग्रेस विधायक दल की बैठक जारी

Rajasthan Political Crisis: बागियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव पारित, कांग्रेस विधायक दल की बैठक जारी

जयपुर: कांग्रेस विधायक दल की बैठक से बड़ी खबर निकल कर सामने आई है. बागियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव पारित हो गया है. मंत्री शांति धारीवाल ने अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव रखा जिसका सभी विधायकों ने दोनों हाथ खड़े करके समर्थन किया. ऐसे में अब पायलट को सभी पदों से बर्खास्त किया जा सकता है. पायलट को प्रदेशाध्यक्ष पद से साथ मंत्रिमंडल से भी बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है. इसके साथ सभी बागी विधायकों को पार्टी से निष्कासित किया जा सकता है.

Rajasthan Political Crisis: कांग्रेस विधायक दल की बैठक शुरू, अपनी बात मनवाने पर अड़ा पायलट गुट!

विधायकों ने अशोक गहलोत को ही अपना नेता करार दिया: 
इससे पहले गहलोत समर्थक विधायकों ने बागियों पर कार्रवाई की मांग उठाई है. कांग्रेस पार्टी पायलट के आने की उम्मीद लगाई बैठी थी लेकिन सचिन पायलट की ओर से बिल्कुल मना कर दिया गया. बैठक में विधायकों ने अशोक गहलोत को ही अपना नेता करार दिया है. सभी विधायक अशोक गहलोत का समर्थन कर रहे हैं. ऐसे में सचिन पायलट गुट को ये बड़ा झटका माना जा रहा है. 

कांग्रेस ने पायलट पर कार्रवाई करने का मन बना लिया: 
वहीं कांग्रेस अब विधायक दल की बैठक में नहीं शामिल हुए विधायकों को नोटिस भेजने की तैयारी में है. पार्टी की ओर से बार-बार विधायकों को चेतावनी दी गई थी, लेकिन कोई भी शामिल नहीं हुआ. वहीं सूत्रों की माने तो अब कांग्रेस आलाकमान ने सचिन पायलट से और कोई बात नहीं करने का मन बना लिया है. उनका मानना है कि पायलट को मनाने की जितनी कोशिश हो सकती थी वो की जा चुकी हैं. ऐसे में अब माना जा सरहा है कि कांग्रेस ने पायलट पर कार्रवाई करने का मन बना लिया है और उनके समर्थक विधायकों पर भी सख्त फैसला लिया जा सकता है. 

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रणदीप सुरजेवाला व अविनाश पांडे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे:
कांग्रेस विधायक दल की बैठक से पहले सीएम अशोक गहलोत ने केसी वेणुगोपाल, रणदीप सुरजेवाला, अविनाश पांडे,अजय माकन और विवेक बंसल से अमह चर्चा की. चर्चा में आगे की रणनीति पर बात हुई. इसके साथ ही विधायक दल की बैठक के बाद रणदीप सुरजेवाला व अविनाश पांडे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. 

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